Breaking

यमन ने सऊदी अरब के सामने रखी अजीब शर्त, यमनियों की जाल में फंसा रियाज़...

Saturday, 22 February 2025

डोनाल्ड ट्रंप के भारत को 21 मिलियन डॉलर देने वाले बयान पर कांग्रेस ने क्या कहा?

डोनाल्ड ट्रंप के भारत को 21 मिलियन डॉलर देने वाले बयान पर कांग्रेस ने क्या कहा?
            कांग्रेस नेता पवन खेड़ा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत में 'वोटर टर्नआउट' बढ़ाने के लिए 2.10 करोड़ डॉलर की कथित फंडिंग के मामले पर दिए गए नए बयान पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है.

कांग्रेस के नेता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, "आज मोदी के दोस्त डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ये 21 मिलियन डॉलर हमने हमारे दोस्त नरेंद्र मोदी को दिए हैं."

"आज चारों तरफ चुप्पी है."

पवन खेड़ा ने सवाल किया, "क्यों चुप हो गए, सन्नाटा क्यों है?"

उन्होंने कहा, '' हम जानना चाहते हैं कि ये 21 मिलियन डॉलर कहां गए.''

पवन खेड़ा ने कहा, "ट्रंप के कहने से ये साबित हो गया है कि ये 21 मिलियन डॉलर दोस्त नरेंद्र मोदी को चुनावों को प्रभावित करने और वोटर टर्नआउट बढ़ाने के लिए दिए गए."

"हम जो बार-बार बोलते हैं कि शाम को पांच बजे वोटिंग बंद होनी चाहिए. पांच से छह बजे के बीच में महाराष्ट्र में जो दस से 12 फ़ीसदी वोटिंग बढ़ जाती है तो क्या टर्नआउट इसी पैसे से बढ़ रहा है. हम ये जानना चाहते हैं."

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मेरे मित्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत में 'वोटर टर्नआउट' के लिए 21 मिलियन डॉलर दिए जा रहे हैं.

इस पूरे मामले पर शुक्रवार को भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन की ओर से भारत में चुनावी फंडिंग के बारे में दी गई जानकारी से देश के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप को लेकर गंभीर चिंता पैदा हुई है.

विवाद क्या है?

ये विवाद टेस्ला स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क के नेतृत्व में सरकारी खर्चों में कटौती के लिए बने डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी यानी (डीओजीई) के फैसले से जुड़ा है.

डोनाल्ड ट्रंप ने यूएसएड को बंद करके उसे विदेश मंत्रालय में शामिल करने का घोषणा की थी.

इसने फंडिंग से कटौती के जो फ़ैसले लिए उसमें "कंसोर्टियम फॉर इलेक्शन एंड पॉलिटिकल प्रोसेस स्ट्रेंथनिंग" यानी दुनिया भर में चुनाव और वोटिंग के जरिये लोकतंत्र को मजबूत करने का प्रोजेक्ट भी शामिल था.

इस प्रोग्राम को मिलने वाले फंड में से 486 मिलियन डॉलर की कटौती कर दी गई. कहा जा रहा है कि इसी फंडिंग में से 2.10 करोड़ डॉलर भारत के हिस्से का था.