गुजरात के भावनगर शहर में माहे मुबारक रमज़ान का आगमन हर साल की तरह इस बार भी शिया मुस्लिम समुदाय के लिए आध्यात्मिक उमंग और इबादत का महीना लेकर आया है। यहां की प्रमुख शिया मस्जिदों में रमज़ान की पहली तारीख से ही कुरान ख्वानी, दर्स-ए-हिकमत और नसीहत के मजलिसों का सिलसिला जारी है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होकर रूहानी ताज़गी हासिल कर रहे हैं।
खास तौर पर मौलाना शेख अबुल हसन कश्मीरी साहब की मौजूदगी ने इस रमज़ान को और भी खास बना दिया है। मौलाना साहब, जो नजफ ए अशरफ मे इल्म हासिल हैं,
अपनी मधुर तिलावत और गहन इल्म के लिए जाने जाते हैं। भावनगर की शिया मस्जिद में उन्होंने रमज़ान की शुरुआत में तिलावत-ए-कुरआन की खूबसूरत महफिल सजाई, जहां उनकी आवाज़ में कुरआन की आयतें सुनकर श्रद्धालुओं के दिल सुकून और आंसुओं से भर उठे। यूट्यूब पर उपलब्ध उनके तिलावत वीडियो (जैसे 01st Ramzan Tilawat E Quran) ने दूर-दूर तक लोगों को आकर्षित किया है, और भावनगर में यह सिलसिला जमकर चल रहा है।
मौलाना शेख अबुल हसन कश्मीरी साहब ने अपने दर्स में खास तौर पर "आमाले हिकमत और नसीहत" पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "कुरआन ख्वानी और दर्स को इत्मीनान से अंजाम दें। जल्दबाजी न करें, क्योंकि कुरआन का हर लफ्ज़ दिल में उतरकर अमल की ताकत देता है। रमज़ान सिर्फ रोज़ा और इबादत का महीना नहीं, बल्कि खुद को बेहतर बनाने, हिकमत अपनाने और दूसरों को नसीहत देने का मौका है।" मौलाना साहब ने समझाया कि कुरआन की तिलावत में गहराई और यकीन के साथ जुड़ना चाहिए, ताकि यह सिर्फ जुबानी न रहे, बल्कि दिल-ओ-दिमाग पर असर करे।
मौलाना साहब की नसीहतों में एक खास बात यह थी कि रमज़ान में इबादत को जल्दबाजी में न करें। उन्होंने फरमाया, "रोज़े की तैयारी से लेकर नमाज और दर्स तक, सब कुछ इत्मीनान और खुलूस से करें। जल्दबाजी शैतान की तरफ ले जाती है, जबकि सुकून अल्लाह की रहमत है।" यह संदेश आज के तेज़-रफ्तार दौर में बहुत मायने रखता है, जहां लोग अक्सर इबादत को भी रूटीन बना देते हैं।
भावनगर की इस शिया मस्जिद में रमज़ान की महफिलें न सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए, बल्कि आसपास के इलाकों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। यहां की माहौल में कुरआन की आवाज़, दुआओं की गूंज और भाईचारे की मिसाल हर किसी को छू जाती है। मौलाना शेख अबुल हसन कश्मीरी साहब की मौजूदगी से यह रमज़ान समुदाय के लिए यादगार बन रहा है।
अल्लाह तआला इस मुबारक महीने की बरकतों से सबको नवाज़े, और हमें कुरआन पर अमल करने की तौफीक दे। आमीन!
Sajjadali Nayani ✍
Friday World 20th Feb 2026