ढाका में इंटरकॉन्टिनेंटल होटल के बैलरूम में 14 फरवरी 2026 को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के चेयरमैन **तारिक़ रहमान** ने चुनावी जीत के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की। बीएनपी ने 13वीं संसदीय चुनाव में दो-तिहाई से ज्यादा सीटें जीतकर ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया है। यह जीत 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन के बाद शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद पहली बड़ी राजनीतिक घटना है। तारिक़ रहमान, जो 17 साल के स्व-निर्वासन के बाद दिसंबर 2025 में वापस लौटे थे, अब बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री बनने की कगार पर हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेशी और स्थानीय पत्रकारों की मौजूदगी में तारिक़ रहमान ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर बात की। लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं उनकी **विदेश नीति** से जुड़ी टिप्पणियों ने, खासकर पड़ोसी भारत के साथ संबंधों पर। भारतीय मीडिया में यह खबर छाई हुई है कि जब बांग्लादेश का कोई नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस करता है, तो भारत में हेडलाइंस बनती हैं—और इस बार भी यही हुआ। "बांग्लादेश फर्स्ट" का नारा गूंज रहा है!
विदेश नीति: "बांग्लादेश और उसकी जनता के हित सर्वोपरि" एक विदेशी पत्रकार के सवाल पर तारिक़ रहमान ने स्पष्ट कहा, "बांग्लादेश की विदेश नीति बांग्लादेश और बांग्लादेश की जनता के हितों को ध्यान में रखकर तय की जाएगी।" उन्होंने जोर देकर कहा कि "बांग्लादेशी लोगों के हित पहले आते हैं" (Bangladesh and its people come first)। यह बयान भारत के साथ संबंधों के संदर्भ में आया, जहां सवाल था कि नई सरकार दिल्ली के साथ कैसे रिश्ते रखेगी।
रहमान ने आगे कहा, "हमने अपनी विदेश नीति को स्पष्ट कर दिया है—यह बांग्लादेश के हित में होगी। हम किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहेंगे। हमारी नीति बहुआयामी (multifaceted), लचीली (flexible) और राष्ट्रीय हित पर आधारित होगी।" बीएनपी के स्थायी समिति सदस्य **अमीर खसरू महमूद चौधरी** ने भी समर्थन करते हुए कहा, "बांग्लादेश की विदेश नीति किसी एक देश के प्रति वफादारी पर नहीं, बल्कि आपसी सम्मान, समानता और विश्वास पर टिकी होगी।"
यह बयान पिछले दौर की तुलना में बड़ा बदलाव दर्शाता है। शेख हसीना की सरकार को भारत-समर्थक माना जाता था, लेकिन बीएनपी ने "नॉट दिल्ली, नॉट पिंडी—बांग्लादेश फर्स्ट" का नारा दिया था। तारिक़ रहमान ने संतुलित रुख अपनाते हुए चीन को "विकास का मित्र" बताया और कहा कि सभी पड़ोसियों—भारत, चीन, पाकिस्तान—के साथ संतुलित संबंध बनाए रखेंगे।
चुनौतियों का सामना: अर्थव्यवस्था, कानून-व्यवस्था और एकता प्रेस कॉन्फ्रेंस में तारिक़ रहमान ने देश की मौजूदा स्थिति को "फासीवादियों के छोड़े गए हालात" बताया। उन्होंने कहा, "हम एक नाजुक अर्थव्यवस्था, कमजोर संवैधानिक और वैधानिक संस्थाओं, और बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति में यात्रा शुरू कर रहे हैं।" उनकी प्राथमिकताएं साफ हैं—अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना, अच्छी治理 (good governance) सुनिश्चित करना, और कानून-व्यवस्था बहाल करना।
उन्होंने बीएनपी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे उकसावे के बावजूद शांत और सतर्क रहें। "कहीं कोई अप्रिय घटना न हो, ताकि कोई बुरी ताकत इसका फायदा न उठा सके।" उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या कमजोर पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा—चाहे वह किसी राजनीतिक दल, धर्म या जाति से जुड़ा हो। "चुनावी मतभेद बदले की भावना में नहीं बदलने चाहिए," उन्होंने जोर दिया।
भारतीय मीडिया में क्यों छाई खबर? भारत के पड़ोसी देश का प्रधानमंत्री-चुनिंदा प्रेस कॉन्फ्रेंस करता है, तो स्वाभाविक है कि भारतीय मीडिया में हेडलाइंस बनें। NDTV, इंडियन एक्सप्रेस, हिंदुस्तान टाइम्स, टाइम्स ऑफ इंडिया जैसे मीडिया हाउस ने इसे प्रमुखता दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जीत पर बधाई दी और मजबूत द्विपक्षीय संबंधों की प्रतिबद्धता जताई। लेकिन तारिक़ रहमान का "बांग्लादेश फर्स्ट" बयान दिल्ली में चर्चा का विषय बन गया है। क्या यह रिश्तों में नया अध्याय खुलेगा या तनाव बढ़ेगा? समय बताएगा।
आगे का रास्ता: उम्मीद और चुनौतियां यह प्रेस कॉन्फ्रेंस बीएनपी के लिए न सिर्फ जीत का जश्न थी, बल्कि नए युग की शुरुआत का संकेत भी। तारिक़ रहमान ने एकता, शांति और राष्ट्रीय हित पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "यह जीत बांग्लादेश की है, लोकतंत्र की है, उन लोगों की है जिन्होंने लोकतंत्र के लिए बलिदान दिया। आज से हम सब आजाद हैं।"
बांग्लादेश अब एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखना—ये सब चुनौतियां हैं। लेकिन तारिक़ रहमान का संदेश साफ है: बांग्लादेश पहले, बाकी सब बाद में।
क्या भारत-बांग्लादेश संबंध मजबूत होंगे या नई चुनौतियां आएंगी? फैंस और विश्लेषक दोनों इंतजार कर रहे हैं। लेकिन फिलहाल, "बांग्लादेश फर्स्ट" की गूंज पूरे दक्षिण एशिया में सुनाई दे रही है!
Sajjadali Nayani ✍
Friday World 15th Feb 2026