Breaking

यमन ने सऊदी अरब के सामने रखी अजीब शर्त, यमनियों की जाल में फंसा रियाज़...

Monday, 2 November 2026

November 02, 2026

भारत-इजराइल की 8000 करोड़ की महाडील फाइनल! आसमान में ही फाइटर जेट्स को ईंधन भरेंगे IAI के 6 उड़ते टैंकर, चीन-पाकिस्तान की टेंशन बढ़ी

भारत-इजराइल की 8000 करोड़ की महाडील फाइनल! आसमान में ही फाइटर जेट्स को ईंधन भरेंगे IAI के 6 उड़ते टैंकर, चीन-पाकिस्तान की टेंशन बढ़ी
-Friday World Nov 2,2026
नई दिल्ली - भारत और इजराइल के बीच रक्षा क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी डील्स में से एक अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है।

900 मिलियन डॉलर यानी लगभग 7,900 करोड़ रुपये की इस महाडील के तहत इजराइल की सरकारी रक्षा कंपनी इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) भारतीय वायुसेना के लिए 6 हवाई ईंधन भरने वाले विमान (Aerial Refueling Aircraft) सप्लाई करेगी। इसे "फ्लाइंग फ्यूल स्टेशन" भी कहा जाता है - मतलब आसमान में उड़ते हुए ही फाइटर जेट्स को रीफ्यूल करने वाला विमान।

#डील क्या है? 6 यात्री विमान बनेंगे जंगी टैंकर

इस डील की सबसे खास बात इसका मॉडल है। IAI नए विमान नहीं बनाएगी, बल्कि 6 सेकंड-हैंड Boeing 767 पैसेंजर विमानों को खरीद कर उन्हें मिलिट्री टैंकर में बदलेगी।

इसे कहा जाता है #MMTT - Multi-Mission Tanker Transport। IAI की Bedek Aviation Group इसमें एक्सपर्ट है। ये विमान:

- 14 घंटे तक लगातार उड़ सकते हैं
- 11,000 किलोमीटर से ज्यादा रेंज
- एक साथ 2-3 फाइटर जेट्स को ईंधन भर सकते हैं
- साथ में कार्गो, सैनिकों और मेडिकल इवैक्यूएशन का भी काम कर सकते हैं

मीडिया रिपोर्ट्स (Globes, Ctech, Times of India) के मुताबिक IAI इस टेंडर में एकमात्र योग्य बिडर बची है। रूस (Ilyushin) और यूरोप (Airbus A330 MRTT) की कंपनियों के प्रस्ताव तकनीकी और मूल्यांकन मानदंडों में फेल हो गए। अमेरिका का KC-46 Pegasus तो कीमत में दोगुना महंगा था। IAI का कन्वर्टेड टैंकर नए टैंकर से 30% से 50% सस्ता पड़ता है।

#Make in India का बड़ा फायदा - 30% काम भारत में होगा

यह डील सिर्फ खरीद नहीं, बल्कि मेक इन इंडिया की बड़ी जीत है।

समझौते के तहत कम से कम 30% कन्वर्जन का काम भारत में ही होगा। इसके लिए IAI ने 2022 में ही HAL (Hindustan Aeronautics Limited) के साथ MoU साइन किया था। HAL नासिक और बेंगलुरु में वायरिंग, स्ट्रक्चरल अपडेट और लोकल सिस्टम इंटीग्रेशन करेगा। टेक्नोलॉजी ट्रांसफर IAI करेगी।

डिलीवरी 2028 से 2030 के बीच होने की उम्मीद है। अभी यह डील कॉस्ट नेगोशिएशन कमेटी (जनवरी 2026 में बनी) से निकल कर CCS (Cabinet Committee on Security) की मंजूरी के इंतजार में है।

#भारतीय वायुसेना को क्यों चाहिए ये टैंकर?

भारतीय वायुसेना के पास अभी सिर्फ 6 Ilyushin Il-78MKI टैंकर हैं, जो रूस के हैं और 2003 में खरीदे गए थे। वे पुराने हो चुके हैं, मेंटेनेंस में भारी खर्च आता है और उपलब्धता 50% से भी कम है।

भारत को दो मोर्चों पर खतरा है - चीन और पाकिस्तान। ऐसे में:

1. लद्दाख और अरुणाचल में लंबी गश्त: बिना नीचे उतरे फाइटर जेट्स 3-4 घंटे ज्यादा हवा में रह सकते हैं।
2. हिंद महासागर में ताकत: राफेल, सुखोई-30MKI और तेजस को बिना रुके अंडमान से लेकर अदन की खाड़ी तक भेजा जा सकता है।
3. रणनीतिक बढ़त: बालाकोट जैसी स्ट्राइक के समय टैंकर नहीं होने से वायुसेना को मुश्किल हुई थी।

#IAI कौन है? भारत का पुराना दोस्त

इजराइल सरकार के अधीन काम करने वाली IAI दुनिया की टॉप एयरोस्पेस कंपनी है। यह मिलिट्री और सिविल दोनों के लिए एरियल सिस्टम बनाती है।

भारत और IAI की दोस्ती बहुत पुरानी है:
- बराक-8 / MRSAM: DRDO के साथ मिलकर बनाया गया एयर डिफेंस सिस्टम, 2017 में 2 बिलियन डॉलर (1.6 बिलियन का ऑर्डर) की डील हुई थी।
- ड्रोन और रडार: हेरोन ड्रोन, ग्रीन पाइन रडार सब IAI के ही हैं।

इस 900 मिलियन डॉलर की डील के बाद यह 2017 के बाद की सबसे बड़ी डील बन जाएगी। इजराइल ने खुद IAI के टैंकर नहीं खरीदे हैं, वह अमेरिका से KC-46 ले रहा है, लेकिन भारत के लिए यह किफायती और भरोसेमंद सौदा है।

आने वाले दिनों में जब ये 6 उड़ते टैंकर भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल होंगे, तो दुश्मन के हर कोने तक भारतीय फाइटर जेट्स की पहुंच बिना रुके हो जाएगी।

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World Nov 2,2026 

1. #IndiaIsraelDeal
2. #IAI
3. #IndianAirForce
4. #AerialRefueling
5. #Boeing767
6. #MMTT
7. #HAL
8. #MakeInIndia
9. #DefenceDeal
10. #IAFModernization
November 02, 2026

#કલોલ ગૌહત્યા કેસમાં ન્યાયતંત્રની લાલ આંખ: 3 નરાધમોને આજીવન કેદ, ગૌમાતાના સન્માનમાં કોર્ટે ટાંક્યા વેદો અને મનુસ્મૃતિ

#કલોલ ગૌહત્યા કેસમાં ન્યાયતંત્રની લાલ આંખ: 3 નરાધમોને આજીવન કેદ, ગૌમાતાના સન્માનમાં કોર્ટે ટાંક્યા વેદો અને મનુસ્મૃતિ
-Friday World Nov 2,2026
ગાંધીનગર જિલ્લાના કલોલ તાલુકાના જામલા ગામમાં બનેલો ગૌહત્યાનો ચકચારી કેસ હવે ન્યાયના અંતિમ પડાવ પર પહોંચ્યો છે. ગાંધીનગરની સેશન્સ કોર્ટે આ કેસમાં ઐતિહાસિક અને કડક ચુકાદો આપતા ત્રણ આરોપીઓને આજીવન સખત કેદની સજા ફટકારી છે. આ ચુકાદાએ સમગ્ર ગુજરાતમાં ગૌ-રક્ષા કાયદાની કડકાઈનો મજબૂત સંદેશ આપ્યો છે.

પ્રાપ્ત વિગતો અનુસાર, ગત તા. 22 ઓગસ્ટ 2024 ના રોજ કલોલ પોલીસને બાતમી મળી હતી કે જામલા ગામની સીમમાં ગેરકાયદેસર રીતે ગૌવંશની કતલ કરવામાં આવી રહી છે. પોલીસે તાત્કાલિક દરોડો પાડતા સ્થળ પરથી 277 કિલો જેટલું ગૌમાંસ જપ્ત કર્યું હતું. સ્થળ પર કતલના સાધનો પણ મળી આવ્યા હતા. આ અત્યંત ઘૃણાસ્પદ કૃત્ય બદલ પોલીસે કુલ 6 લોકોની ધરપકડ કરી હતી અને ગુજરાત પશુ સંરક્ષણ અધિનિયમ અને ગુજરાત ગૌવંશ હત્યા પ્રતિબંધ કાયદા હેઠળ ગુનો નોંધ્યો હતો.

આ કેસની સુનાવણી ગાંધીનગર કોર્ટમાં ચાલી હતી. સરકારી વકીલે દલીલો દરમિયાન ગૌહત્યા કેટલો ગંભીર ગુનો છે અને સમાજ પર તેની શું અસર પડે છે તે અંગે વિસ્તૃત રજૂઆત કરી હતી. ફોરેન્સિક રિપોર્ટ અને પોલીસના પુરાવાઓને આધારે કોર્ટે વસીમ કુરેશી, મહમદ રફીક કુરેશી અને અશફાક બહેલીમ એમ ત્રણ મુખ્ય આરોપીઓને દોષિત જાહેર કર્યા હતા.

#ન્યાયાધીશે પોતાના ચુકાદામાં ત્રણેય દોષિતોને આજીવન સખત કેદ અને દરેકને 3 લાખ રૂપિયાનો દંડ ફટકાર્યો છે. જો દંડ ન ભરે તો વધુ 2 વર્ષની સજાની પણ જોગવાઈ કરવામાં આવી છે.

આ ચુકાદાની સૌથી મહત્વની વાત એ છે કે ચુકાદા દરમિયાન માનનીય અદાલતે ભારતીય સંસ્કૃતિમાં ગૌમાતાના મહત્વ પર પ્રકાશ પાડ્યો હતો. ચુકાદામાં વેદો, #મનુસ્મૃતિ અને અન્ય ધર્મગ્રંથોમાં ગાયને માતા સમાન ગણવામાં આવી છે અને તેનું રક્ષણ કરવું એ દરેક નાગરિકનું કર્તવ્ય હોવાનો ઉલ્લેખ કરવામાં આવ્યો હતો. કોર્ટે કહ્યું હતું કે ગાય માત્ર પશુ નથી, પરંતુ ભારતીય અર્થવ્યવસ્થા, ખેતી અને સંસ્કૃતિનો આધાર છે.

#ગુજરાતમાં ગૌહત્યા સામે કાયદો ખૂબ જ કડક છે. ગુજરાત સરકારે 2017 માં કાયદામાં સુધારો કરીને ગૌહત્યા માટે આજીવન કેદ સુધીની જોગવાઈ કરી છે. આ કેસમાં તે જ કડક કાયદા હેઠળ સજા આપવામાં આવી છે. આ ચુકાદાથી ગૌહત્યા કરનાર તત્વોમાં ફફડાટ ફેલાયો છે અને ગૌપ્રેમીઓમાં ન્યાયતંત્ર પ્રત્યે વિશ્વાસ વધ્યો છે. પોલીસની સતર્કતા અને કોર્ટના કડક વલણને કારણે ન્યાય મળ્યો છે.

Sajjadali Nayani ✍️ 
Friday World Nov 2,2026

#KalolCowSlaughterCase #GandhinagarCourtVerdict #GauRaksha #GujaratNews #CowProtectionLaw #JusticeForGauMata #KalolNews #GujaratAnimalPreservationAct #LifeImprisonment #GauHatyaCase
November 02, 2026

ईरान पर हमला किसलिए? नेतन्याहू की कुर्सी बचाने के लिए परमाणु बम तक का प्लान? टकर कार्लसन के धमाके से दुनिया में हड़कंप

ईरान पर हमला किसलिए? नेतन्याहू की कुर्सी बचाने के लिए परमाणु बम तक का प्लान? टकर कार्लसन के धमाके से दुनिया में हड़कंप
-Friday World Nov 2,2026 
वॉशिंगटन/तेल अवीव - हर महीने एक ही कहानी, हर हफ्ते एक ही हेडलाइन - "ईरान पर हमला होने वाला है।"

लेकिन इस बार चर्चा बोझिल से आगे निकल कर खतरनाक हो गई है। अमेरिका के सबसे चर्चित कंजर्वेटिव पत्रकार टकर कार्लसन ने X पर 32 मिलियन से ज्यादा बार देखे गए एक पोस्ट में दावा किया है कि ट्रंप प्रशासन कुछ ही दिनों में ईरान पर परमाणु हमला कर सकता है, और इसके पीछे है इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का दबाव।

सवाल वही है जो आपने पूछा - ईरान पर हमला किसलिए? नेतन्याहू की कुर्सी के लिए किसी भी हद तक होगी जंग?

#टकर कार्लसन का बम - 7 नवंबर तक फैसला, टारगेट है Pickaxe Mountain

टकर कार्लसन ने लिखा, "Under pressure from Israeli prime minister Benjamin Netanyahu, the Trump administration may be within days of launching a nuclear strike on Iran."

उनके मुताबिक टारगेट है ईरान के मध्य में स्थित Pickaxe Mountain (पिकएक्स माउंटेन)। इजरायली खुफिया का दावा है कि ईरान ने यहां नतांज के पास 300 फीट ठोस ग्रेनाइट के नीचे बनी सुरंगों में फिर से यूरेनियम संवर्धन शुरू किया है।

कार्लसन का तर्क है - अमेरिका के पास मौजूद कोई भी पारंपरिक हथियार, यहां तक कि GBU-57 जैसे बंकर बस्टर भी 300 फीट ग्रेनाइट को नहीं तोड़ सकते। तो "The only military option is a nuclear strike."

और फिर वो लाइन जिसने सबसे ज्यादा सनसनी फैलाई - "Bibi calls Trump about it every day" - एक जानकार सूत्र के हवाले से कार्लसन ने लिखा कि नेतन्याहू रोज ट्रंप को फोन करते हैं।

कार्लसन ने चेतावनी दी, "Watch out for November 7. After the first nuclear strike, World War Three is inevitable. That war would be short and final."

#नेतन्याहू की कुर्सी का गणित - क्यों चाहिए जंग?

कार्लसन ने इसे सीधे इजरायल के चुनावी नतीजों से जोड़ा।

27 अक्टूबर 2026 के चुनाव में नेतन्याहू के ब्लॉक को 120 में से सिर्फ 53 सीटें मिली हैं। सरकार बनाने के लिए 61 चाहिए। विपक्षी ब्लॉक के पास 48 और अरब पार्टियों के पास 19 हैं, जो मिलकर 67 हो जाती हैं।

कार्लसन के मुताबिक, "Netanyahu is cornered and desperate. He can’t form a government unless Trump intervenes directly in Israeli politics and brokers a deal... Otherwise he could lose his position and face investigations and possible jail."

यानी नेतन्याहू को सत्ता से हटते ही भ्रष्टाचार के पुराने केसों में जेल का डर है। इसलिए "Netanyahu must stay close to Trump. He needs this war."

इसीलिए आरोप है कि नेतन्याहू ने अपने करीबी सहयोगियों - अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और CENTCOM कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर पर दबाव डाला है कि वे बातचीत नहीं, बल्कि युद्ध फिर शुरू करें। कार्लसन का यह भी दावा है कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो और CIA चीफ जॉन रैटक्लिफ भी उसी लाइन पर हैं।

27 सितंबर को नेतन्याहू गुपचुप अबू धाबी गए थे ताकि UAE को हमले के लिए मनाया जा सके, लेकिन अमीरात ने मना कर दिया।

#ट्रंप क्या चाहते हैं? सीजफायर के बाद दो रास्ते

दिलचस्प यह है कि ट्रंप खुद दो नावों में हैं।

एक तरफ Axios की रिपोर्ट कहती है कि ट्रंप और नेतन्याहू के बीच शनिवार को हुई फोन कॉल टेंस थी। नेतन्याहू चाहते हैं कि अमेरिकी मिडटर्म चुनाव (3 नवंबर) के तुरंत बाद हमला हो, जबकि ट्रंप बातचीत को एक और मौका देना चाहते हैं।

दूसरी तरफ ट्रंप ने खुद मार-ए-लागो में कहा था कि ईरान की एक-दो परमाणु साइटें अभी भी टारगेट पर हैं और सेना उन्हें मिनटों में हिट कर सकती है। लेकिन 16 अक्टूबर को Newsmax को उन्होंने कहा था, "I wouldn't use nuclear. We don't have to."

वहीं उपराष्ट्रपति J.D. वेंस ने ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रेजाई को पत्र लिखकर बातचीत फिर शुरू करने को "positive step" बताया है। कतर के मध्यस्थ भी तेहरान पहुंचे हैं।

सीजफायर 1 सितंबर से लागू है। ट्रंप को लगता है कि अगर जंग फिर शुरू हुई तो तेल के दाम बढ़ेंगे, और मिडटर्म में रिपब्लिकन को नुकसान होगा। लेकिन अगर ईरान परमाणु बम की तरफ बढ़ा, तो उसे मजबूरी में हमला करना पड़ेगा।

#अगर परमाणु हमला हुआ तो क्या होगा? दुनिया विनाश की चपेट में

कार्लसन ने जो सबसे डरावना पहलू बताया वह है परिणाम।

- पर्शियन गल्फ का पानी जहरीला: Pickaxe Mountain पर जमीन पर परमाणु धमाका हुआ तो उसका रेडिएशन पर्शियन गल्फ में जाएगा। इससे 10 करोड़ लोगों की पानी की सप्लाई जहरीली हो सकती है।
- 
- रूस को खुली छूट: कार्लसन के मुताबिक रूस ने दो देशों को बता दिया है कि अगर अमेरिका ईरान पर परमाणु हमला करता है तो उसे भी यूक्रेन में परमाणु हथियार इस्तेमाल करने की आजादी मिल जाएगी।
- 
- नया प्रिसीडेंट:1945 के बाद किसी देश ने युद्ध में परमाणु हथियार इस्तेमाल नहीं किया। अगर अमेरिका ने किया तो यह नया इतिहास होगा।

इसीलिए ईरान के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने भी शनिवार को IRGC को आदेश दिया है कि किसी भी हमले का जवाब "बिना किसी भौगोलिक सीमा के" तुरंत दिया जाए। उन्होंने कहा - ईरान तय करेगा कि जंग कब खत्म होगी।

#निष्कर्ष: जुनून पैदा करने की कोशिश?

आपने बिल्कुल सही कहा - ऐसा कोई महीना नहीं जब हमले का माहौल न बनाया जाता हो। अब इस बोझिल चर्चा में परमाणु हमले का एंगल जोड़ कर जुनून पैदा किया जा रहा है।

सीजफायर के बाद ट्रंप जंग के लिए तैयार नहीं लगते, लेकिन नेतन्याहू की कुर्सी का संकट और Pickaxe Mountain जैसी अजेय साइट का बहाना - दोनों मिल कर एक खतरनाक कॉकटेल बना रहे हैं।

अगर यह सिर्फ कुर्सी बचाने की जंग है, तो यह जंग किसी एक देश की नहीं, पूरी दुनिया को लंबे समय के लिए विनाश की चपेट में ले जाएगी। फैसला 7 नवंबर से पहले होना है।

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World Nov 2,2026 

1. #IranWar
2. #TuckerCarlson
3. #Netanyahu
4. #Trump
5. #NuclearStrike
6. #PickaxeMountain
7. #MiddleEastCrisis
8. #WW3Warning
9. #IsraelElections
10. #USIranConflict
November 02, 2026

न कुर्सी चाहिए, न मंत्री पद... फिर भी नेतन्याहू के खिलाफ क्यों खड़े हुए अरब सांसद अहमद तिबी? आइजेनकोट को दिया "राबिन बनो" वाला बड़ा ऑफर!

न कुर्सी चाहिए, न मंत्री पद... फिर भी नेतन्याहू के खिलाफ क्यों खड़े हुए अरब सांसद अहमद तिबी? आइजेनकोट को दिया "राबिन बनो" वाला बड़ा ऑफर!
-Friday World Nov 2,2026 
येरुशलम - इजरायल में चुनावी गतिरोध के बीच सबसे चौंकाने वाला ऑफर अरब पार्टी की तरफ से आया है।

शुक्रवार 30 अक्टूबर 2026 को पुराने अरब सांसद अहमद तिबी ने नेतन्याहू के गठबंधन के खिलाफ विपक्षी नेता गादी आइजेनकोट को जॉइंट लिस्ट का समर्थन देने का प्रस्ताव रखा। लेकिन उन्होंने शर्त रखी - "हम सरकार में शामिल नहीं होंगे।"

चैनल 12 से बात करते हुए तिबी ने कहा, "We won’t be part of the government. I don’t want a ministerial post. I don’t want to be in the cabinet. But without the Arab parties there won’t be change."

यानी, न कुर्सी चाहिए, न मंत्री पद, फिर भी नेतन्याहू को हटाने के लिए हम बाहर से समर्थन देंगे।

#तिबी ने क्यों कहा - "रबिन की तरह बनो आइजेनकोट"?

तिबी ने आइजेनकोट को सलाह दी कि वे दिवंगत प्रधानमंत्री यित्झाक राबिन की तरह बनें। 1993 में राबिन की अल्पमत सरकार के पास सिर्फ 56 सीटें थीं, लेकिन उन्होंने PLO के साथ ओस्लो एग्रीमेंट को पास करने के लिए अरब सांसदों के वोटों पर भरोसा किया था।

तिबी ने कहा, "हम हर उस व्यक्ति की मदद करना चाहते हैं, जो इस खराब सरकार को गिराना चाहता है और इसे बदलकर कोई दूसरी सरकार लाना चाहता है। हम सुधार और उम्मीद का हिस्सा बनना चाहते हैं।"

उन्होंने इसे "सेल्फ डिफेंस" बताया। तिबी के अनुसार अरब वोटरों ने 38% से बढ़कर लगभग 80% मतदान करके यह दिखाया कि यह वोट नेतन्याहू सरकार के खिलाफ आत्मरक्षा है।

#गणित क्या कहता है? 19 सीटें बनीं किंगमेकर

27 अक्टूबर के चुनाव में:

- नेतन्याहू ब्लॉक - 53 सीटें
- विपक्षी ब्लॉक (आइजेनकोट के नेतृत्व में) - 48 सीटें
- अरब पार्टियां - 19 सीटें: जॉइंट लिस्ट को 11 और रा'अम को 8 सीटें

सरकार बनाने के लिए 61 चाहिए। अरब पार्टियों के बिना कोई भी नहीं बना सकता। अगर 48 + 19 मिल जाएं तो 67 सीटें हो जाती हैं, जो बहुमत से 6 ज्यादा है।

इसीलिए तिबी ने कहा कि वे राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग को सलाह देंगे कि सरकार बनाने का अधिकार नेतन्याहू विरोधी जायोनिस्ट पार्टियों के उम्मीदवार, खासकर आइजेनकोट को मिले।

#तिबी का बड़ा आश्वासन - क्या-क्या समर्थन करेंगे?

तिबी ने सिर्फ समर्थन ही नहीं, बल्कि लॉन्ग-टर्म गारंटी भी दी:

1. स्पीकर हटाने में समर्थन: लिकुड के अमीर ओहाना को नेसेट स्पीकर पद से हटाने के विपक्ष के प्रस्ताव का समर्थन करेंगे। विपक्ष 10 नवंबर को शपथ के दिन ही यह वोट कराना चाहता है।

2. 7 अक्टूबर की जांच: 7 अक्टूबर 2023 को हमास हमले की जांच के लिए स्टेट कमीशन बनाने का समर्थन।

3. सरकार गिराएंगे नहीं: जॉइंट लिस्ट किसी भी होने वाली नई सरकार के खिलाफ लिकुड के अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन नहीं करेगी और न ही नेसेट को भंग करने की कोशिश करेगी। यानी, एक बार सरकार बन गई तो सेफ्टी नेट देंगे।

तिबी ने कतर से फंडिंग के आरोपों को भी खारिज किया।

पेंच कहां फंसा है? #विपक्ष में ही असमंजस

हालांकि, याशर, बी याचद (नफ्ताली बेनेट) और इसराइल बेयतेनु (लिबरमैन) जैसी पार्टियों ने अरब पार्टियों के साथ गठबंधन से इनकार कर दिया है। बेनेट और लिबरमैन ने कहा है कि वे अरब पार्टियों पर निर्भर सरकार, चाहे बाहर से ही क्यों न हो, का हिस्सा नहीं बनेंगे।

वहीं जॉइंट लिस्ट के चेयरमैन यूसेफ जबरीन ने अपनी शर्तें भी रखीं - फिलिस्तीनी राज्य के लिए राजनयिक प्रक्रिया, अरब समुदाय में अपराध रोकने के लिए फंडेड प्लान, और बेडौइन घरों को तोड़ने पर रोक।

राम पार्टी के नेता मंसूर अब्बास ने कहा है कि आइजेनकोट की 4 शर्तें (जियोनिस्ट और राष्ट्रवादी मूल्यों पर आधारित सरकार) उनके लिए रुकावट नहीं हैं।

अब सबकी नजर 4 नवंबर पर है, जब राष्ट्रपति हर्जोग सभी गुटों से सलाह के बाद सरकार बनाने का न्योता देंगे। क्या आइजेनकोट राबिन की तरह "बहादुर" बनकर इतिहास दोहराएंगे? या नेतन्याहू का 53 वाला आंकड़ा ही सबसे बड़ा रह जाएगा? फैसला अरब वोटों की इसी "बिना कुर्सी वाली" ताकत पर टिका है।

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World Nov 2,2026 

 #AhmedTibi
 #GadiEisenkot
 #JointList
 #IsraelElections2026
 #Netanyahu
 #Knesset
 #YitzhakRabin
 #RaamParty
 #IsraelPolitics
 #MinorityGovernment

Sunday, 1 November 2026

November 01, 2026

ईरान के नए सुप्रीम लीडर की सबसे बड़ी धमकी - IRGC को "खुली छूट", कहा - हमला बिना किसी रोक-टोक के, बिना किसी सीमा के होना चाहिए!

ईरान के नए सुप्रीम लीडर की सबसे बड़ी धमकी - IRGC को "खुली छूट", कहा - हमला बिना किसी रोक-टोक के, बिना किसी सीमा के होना चाहिए!
- Friday World Nov 1,2026 
तेहरान - मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है।

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने शनिवार को ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की है। यह मुलाकात 8 महीने के युद्ध के बाद पहली बार हुई ऐसी सार्वजनिक बैठक है। इस मुलाकात में उन्होंने इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को ईरान पर किसी भी हमले का जवाब देने की खुली छूट दे दी।

ईरान की अर्ध-सरकारी नूर न्यूज एजेंसी और आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर छपे बयान के अनुसार खामेनेई ने कहा कि हमला बिना किसी रोक-टोक के, तुरंत और जोरदार होना चाहिए।

#खामेनेई ने क्या कहा? 4 बड़े आदेश

बैठक में सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अली अब्दोल्लाही, आर्मी कमांडर अमीर हातमी और IRGC कमांडर अहमद वाहिदी मौजूद थे। खामेनेई ने उन्हें 4 स्पष्ट निर्देश दिए -

 1. तत्काल और बिना भौगोलिक सीमा के जवाब: खामेनेई ने कहा, "Any level or type of threat must be met with an immediate, impactful, and geographically unrestricted response" - यानी दुश्मन किसी भी स्तर का, किसी भी प्रकार का खतरा पैदा करे तो जवाब तुरंत, असरदार और बिना किसी भौगोलिक सीमा के होना चाहिए। इसी से अधिकतम प्रतिरोध (Maximum Deterrence) हासिल होगा।

 2. टारगेट बैंक को अपडेट करो: उन्होंने कहा कि "टारगेट बैंक को अपडेट किया जाए, ताकि अमेरिकी-जायोनी (इजरायल) दुश्मन की सभी प्रकार की भौतिक और गैर-भौतिक संपत्तियां सशस्त्र बलों की पहुंच में आ सकें।" इसका मतलब है कि अब सिर्फ इजरायल या खाड़ी में मौजूद अमेरिकी बेस ही नहीं, बल्कि दुनिया में कहीं भी मौजूद अमेरिकी और इजरायली संपत्ति, साइबर इंफ्रास्ट्रक्चर, पानी के नीचे के केबल, शिपिंग लाइन सब निशाने पर होंगी।

 3. ईरान तय करेगा जंग कब खत्म होगी: खामेनेई ने कहा, "अगर दुश्मन फिर से कोई सैन्य या आतंकवादी हमला करता है, तो यह तय करने का काम इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के सशस्त्र बलों और ईरानी राष्ट्र का होगा कि ये हमले कब और किन शर्तों पर खत्म होंगे।" f823

 4. नए हथियार और नए फ्रंट: IRGC के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेबी ने कहा कि सुप्रीम लीडर के आदेश ने "जंग में एक नया अध्याय खोल दिया है।" अब "एक विशाल ऑपरेशनल थिएटर" तैयार किया गया है। ईरान ऐसे हथियारों का इस्तेमाल करेगा जो "दुनिया को हैरान कर देंगे"।

 IRGC ने जारी किया धमकी भरा वीडियो

खामेनेई के बयान के तुरंत बाद IRGC ने एक थ्रेट वीडियो सर्कुलेट किया है। http://News.co.il के मुताबिक इस वीडियो का संदेश है - अमेरिका और इजरायल के खिलाफ बिना किसी भौगोलिक सीमा के जवाब की तैयारी करो और टारगेट की लिस्ट बढ़ाओ।

IRGC चीफ अब्दोल्लाही ने कहा, "We will respond to the enemy with great force and intensity, without geographical limits" और "अकल्पनीय जवाब" दिया जाएगा।

क्यों अहम है यह बयान? मिडटर्म के बाद हमले की आशंका

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका में 3 नवंबर को मिडटर्म चुनाव हैं। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका और इजरायल ने चुनाव के बाद ईरान पर हमले फिर शुरू करने की योजना बनाई है। युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था जिसमें अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे और उनके बेटे मोजतबा खामेनेई ने मार्च में सुप्रीम लीडर का पद संभाला था। तब से वह सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं।

1 सितंबर से युद्ध में अस्थायी विराम है। लेकिन दोनों पक्ष तैयारी कर रहे हैं। Axios के अनुसार यह मीटिंग ठीक उसी तरह की है जैसे ट्रंप व्हाइट हाउस में अपने जनरलों से मिल रहे हैं - दोनों एक-दूसरे को डिटरेंस सिग्नल दे रहे हैं।

दिलचस्प बात यह है कि इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति J.D. वेंस के पत्र को "शांति वार्ता की तरफ सकारात्मक कदम" बताया है। कतर का एक प्रतिनिधिमंडल भी 30 अक्टूबर को तेहरान पहुंचा है।

लेकिन खामेनेई के इस सख्त बयान ने कूटनीति पर युद्ध की तलवार लटका दी है। ईरान के कट्टरपंथी सांसद महमूद नबवियान ने तो अब खुलकर परमाणु बम बनाने की मांग भी कर दी है।

ईरान ने साफ कर दिया है - अगर हमला हुआ तो इस बार जंग सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगी।

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World Nov 1,2026 

 #MojtabaKhamenei
. #IRGC
 #Iran
 #MiddleEastTension
 #GeographicallyUnrestricted
 #USIranWar 
 #MaximumDeterrence
 #NourNews 
 #IsraelIranConflict
#BreakingNews
November 01, 2026

રાજકોટ સરાઝા હોટેલ દારૂ પાર્ટીમાં MLA કનેક્શન! પ્રકાશ વરમોરાના કૌટુંબિક ભાઈ મનીષ વરમોરા ઉર્ફે મનીષ પટેલનું નામ 38 આરોપીઓની લિસ્ટમાં

રાજકોટ સરાઝા હોટેલ દારૂ પાર્ટીમાં MLA કનેક્શન! પ્રકાશ વરમોરાના કૌટુંબિક ભાઈ મનીષ વરમોરા ઉર્ફે મનીષ પટેલનું નામ 38 આરોપીઓની લિસ્ટમાં
-Friday World Nov 1,2026 
રાજકોટ - દારૂબંધી વાળા ગુજરાતમાં રાજકોટની સરાઝા હોટેલમાં થયેલી હાઈ-પ્રોફાઈલ દારૂ પાર્ટીનો મામલો હવે રાજકીય રંગ પકડી રહ્યો છે.

રાજકોટના કાલાવડ રોડ પર આવેલી નામાંકિત સરાઝા હોટેલમાં બર્થડે પાર્ટીના નામે ચાલતી દારૂની મહેફિલ પર LCB એ દરોડો પાડ્યો હતો. હવે આ કેસમાં સૌથી મોટો ખુલાસો થયો છે - આ પાર્ટીમાં ધારાસભ્ય પ્રકાશ વરમોરાના કૌટુંબિક ભાઈ અને મોરબીના જાણીતા વરમોરા ગ્રુપના માલિક મનીષ વરમોરા ઉર્ફે મનીષ પટેલનું નામ પણ સામે આવ્યું છે. પોલીસે નોંધેલી 38 આરોપીઓની ફરિયાદમાં તેમનું નામ પણ સામેલ છે.

શું છે #સમગ્ર મામલો?

મળતી માહિતી મુજબ, આ પાર્ટી ચિરાગ પટેલના જન્મદિવસ નિમિત્તે યોજવામાં આવી હતી. દિવાળીના દિવસોમાં લોકો હાજર ન રહી શકે તેથી અગાઉથી પાર્ટીનું આયોજન કરવામાં આવ્યું હતું. પાર્ટીમાં શહેરના નામાંકિત ડોક્ટર્સ, બિલ્ડરો, ઉદ્યોગપતિઓ અને તેમના પરિવારજનો સહિત અનેક લોકો હાજર હતા.

બાતમીના આધારે રાજકોટ LCB એ દરોડો પાડતાં અંદર વિદેશી દારૂની બોટલો, બિયર અને હુક્કા સાથે મહેફિલ ચાલતી મળી આવી હતી. પોલીસે 92થી વધુ લોકોના બ્લડ સેમ્પલ લીધા હતા અને 35 ગેસ્ટ અને 3 હોટલ સ્ટાફ સામે નામજોગ ગુનો નોંધ્યો હતો. સત્તાવાર આંકડા મુજબ 38 લોકો સામે ફરિયાદ નોંધાઈ છે.

તપાસમાં સામે આવ્યું છે કે આ 38 લોકોની યાદીમાં મનીષ વરમોરા ઉર્ફે મનીષ પટેલનું નામ પણ છે.

#કોણ છે મનીષ વરમોરા ઉર્ફે મનીષ પટેલ?

મનીષ વરમોરા મોરબીના સૌથી મોટા સિરામિક જૂથોમાંથી એક વરમોરા ગ્રુપ (વરમોરા ગ્રેનિટો) સાથે સંકળાયેલા છે. તેઓ વરમોરા સિરામિક્સ પ્રાઇવેટ લિમિટેડના ડાયરેક્ટર છે. આ ગ્રુપ ભારતમાં ટાઇલ્સ અને બાથવેરનું ટોચનું બ્રાન્ડ છે અને હાલમાં જ તેમની કંપનીનો IPO પણ આવ્યો હતો, જેમાં કંપનીનો નફો 498% વધ્યો હોવાનું સામે આવ્યું હતું.

બીજી તરફ, પ્રકાશ વરમોરા સુરેન્દ્રનગર જિલ્લાની ધ્રાંગધ્રા બેઠક પરથી ભાજપના ધારાસભ્ય છે. તેઓ 2022ની ચૂંટણીમાં 1,02,844 મત મેળવીને જીત્યા હતા. તેઓ FIA (Federation of Industry Associations) ના પૂર્વ પ્રમુખ પણ રહી ચૂક્યા છે. તેઓ મનીષ વરમોરાના કૌટુંબિક ભાઈ હોવાનું કહેવાય છે.

તેમના ભાઈનું નામ આ દારૂ પાર્ટીમાં સામે આવતાં રાજકીય વર્તુળોમાં ભારે ચર્ચા શરૂ થઈ છે.

#MLA પ્રકાશ વરમોરા પહેલાથી જ વિવાદોમાં

ઉલ્લેખનીય છે કે પ્રકાશ વરમોરા આ પહેલા પણ એક વિવાદાસ્પદ નિવેદનને કારણે ચર્ચામાં આવ્યા હતા. 7 મહિના પહેલા તેમણે એક જાહેર કાર્યક્રમમાં કહ્યું હતું કે "ગાંધીજી પણ ખરાબ સંગતના કારણે દારૂ પીવા લાગ્યા હતા." આ નિવેદન બાદ મોરબીમાં કોંગ્રેસે તેમના રાજીનામાની માંગ સાથે વિરોધ પ્રદર્શન કર્યું હતું.

હવે ફરી એકવાર તેમના પરિવારનું નામ દારૂ પાર્ટીમાં સામે આવતાં વિપક્ષને વધુ એક મુદ્દો મળી ગયો છે.

#પોલીસ તપાસમાં શું સામે આવ્યું?

DCP ઝોન-2 રાકેશ દેસાઈના જણાવ્યા અનુસાર, પાર્ટીમાં હાજર તમામ લોકોની ભૂમિકા તપાસવામાં આવી રહી છે. FSL રિપોર્ટ આવ્યા બાદ સ્પષ્ટ થશે કે કોણે દારૂ પીધો હતો.

પોલીસે સરાઝા હોટેલના સ્ટાફની પણ પૂછપરછ કરી છે, જેમણે દારૂ સપ્લાય કરવામાં મદદ કરી હતી. હોટલનું લાયસન્સ રદ કરવા સુધીની કાર્યવાહી થઈ શકે છે.

રાજકોટમાં દારૂબંધી હોવા છતાં આટલી મોટી હાઈ-પ્રોફાઈલ પાર્ટી કેવી રીતે યોજાઈ? દારૂ ક્યાંથી આવ્યો? આ તમામ સવાલોના જવાબ પોલીસ શોધી રહી છે.

રાજકીય કનેક્શન સામે આવ્યા બાદ આ કેસમાં પોલીસ પર કોઈ દબાણ આવશે કે કાયદા મુજબ કડક કાર્યવાહી થશે, તે જોવું રહ્યું.

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World Nov 1,2026 

1. #RajkotLiquorParty
2. #SarazaHotel
3. #PrakashVarmora
4. #ManishVarmora
5. #VarmoraGroup
6. #GujaratMLA
7. #RajkotLCB
8. #LiquorRaidGujarat
9. #MorbiConnection
10. #DryGujaratScandal

Saturday, 31 October 2026

October 31, 2026

દારૂબંધી વાળા ગુજરાતમાં દારૂની મહેફિલના ધજાગરા - રાજકોટની સરાઝા હોટલમાં હાઈ-પ્રોફાઇલ દારૂ પાર્ટી પર LCBની રેડ, 33 મહિલા સહિત 81 ઝડપાયા!

દારૂબંધી વાળા ગુજરાતમાં દારૂની મહેફિલના ધજાગરા - રાજકોટની સરાઝા હોટલમાં હાઈ-પ્રોફાઇલ દારૂ પાર્ટી પર LCBની રેડ, 33 મહિલા સહિત 81 ઝડપાયા!
-Friday World Nov 1,2026
રાજકોટ - ગાંધીના ગુજરાતમાં દારૂબંધી છે, પણ રાજકોટના કાલાવડ રોડ પર આવેલી લક્ઝુરિયસ સરાઝા હોટલમાં જે થયું તેનાથી આખું ગુજરાત સ્તબ્ધ થઈ ગયું છે.

રાજકોટ LCB (લોકલ ક્રાઈમ બ્રાન્ચ) એ બાતમીના આધારે સરાઝા હોટલમાં ચાલતી હાઈ-ફાઈ દારૂ પાર્ટી પર મધરાતે દરોડો પાડ્યો છે. જન્મદિવસની ઉજવણીના નામે ચાલતી આ પાર્ટીમાં પોલીસે 33 હાઈ-પ્રોફાઇલ મહિલાઓ અને 48 ઉદ્યોગપતિઓ સહિત કુલ 81 લોકોની અટકાયત કરી છે. 92થી વધુ લોકોના બ્લડ સેમ્પલ લેવામાં આવ્યા છે. આ ઘટનાએ દારૂબંધીના કાયદાની પોલ ખોલી નાખી છે.

#કેવી રીતે થયો પર્દાફાશ? LCBનું ઓપરેશન

પ્રાપ્ત માહિતી મુજબ, રાજકોટ LCB ને બાતમી મળી હતી કે સરાઝા હોટલના બેન્ક્વેટ હોલમાં એક મોટા બિલ્ડરના દીકરાના જન્મદિવસની પાર્ટીના નામે દારૂની મહેફિલ ચાલી રહી છે. DCP ઝોન-2 રાકેશ દેસાઈ અને LCB PI ના માર્ગદર્શન હેઠળ ટીમે રાત્રે 11:30 વાગ્યે દરોડો પાડ્યો.

અંદરનું દ્રશ્ય જોઈને પોલીસ પણ ચોંકી ગઈ - વિદેશી બ્રાન્ડની દારૂની બોટલો, ડીજે મ્યુઝિક, હુક્કા અને હાઈ-પ્રોફાઇલ ભીડ. પોલીસે તાત્કાલિક તાલુકા પોલીસ સ્ટેશનમાં ગુનો નોંધ્યો છે.

અત્યાર સુધીની સત્તાવાર માહિતી મુજબ 35 ગેસ્ટ અને આયોજકો સહિત 3 હોટલ સ્ટાફ વિરુદ્ધ ગુનો નોંધાયો છે, પરંતુ તપાસમાં કુલ 92 લોકો હાજર હોવાનું સામે આવ્યું છે. પોલીસ સૂત્રો કહે છે કે વાસ્તવિક આંકડો 81 છે, જેમાં 33 મહિલાઓ છે.

પોલીસે 12 લાખથી વધુ કિંમતનો વિદેશી દારૂ, 15 લક્ઝરી કાર અને 80થી વધુ મોબાઈલ ફોન જપ્ત કર્યા છે.

#કોણ હતા આ હાઈ-પ્રોફાઇલ મહેમાનો?

પોલીસે નામ જાહેર કર્યા નથી, પરંતુ સૂત્રો કહે છે કે પકડાયેલા લોકોમાં -

-33 મહિલાઓ: જેમાં સૌરાષ્ટ્રના જાણીતા બિલ્ડરો, ડાયમંડ વેપારીઓની પત્નીઓ અને ઈન્ફલુએન્સર યુવતીઓ સામેલ છે. કેટલીક મહિલાઓ અમદાવાદ અને સુરતથી ખાસ પાર્ટી માટે આવી હતી.

48 ઉદ્યોગપતિઓ: રાજકોટના સિરામિક, ઓટો પાર્ટ્સ અને રિયલ એસ્ટેટના મોટા વેપારીઓ, કેટલાક રાજકીય અગ્રણીઓના નજીકના સંબંધીઓ.

આ બધા લોકો મોંઘી બ્રાન્ડના કપડાં અને ઘરેણાંમાં પાર્ટી કરી રહ્યા હતા. પોલીસની એન્ટ્રી થતાં જ ભાગદોડ મચી ગઈ હતી. કેટલાક લોકોએ બાથરૂમમાં દારૂની બોટલો ફેંકી દેવાનો પણ પ્રયાસ કર્યો હતો.

હોટલ સ્ટાફ પણ પીધેલી હાલતમાં મળી આવ્યો હોવાનો પોલીસે દાવો કર્યો છે.

#દારૂબંધી વાળા ગુજરાતમાં દારૂ ક્યાંથી આવે છે?

ગુજરાતમાં 1960થી દારૂબંધી છે, પરંતુ આ ઘટના બતાવે છે કે બુટલેગરોનું નેટવર્ક કેટલું મજબૂત છે. સરાઝા જેવી ફાઈવ સ્ટાર હોટલમાં ખુલ્લેઆમ દારૂ પીરસાઈ રહ્યો હતો.

પ્રાથમિક તપાસમાં સામે આવ્યું છે કે આ દારૂ દીવ અને રાજસ્થાનથી મંગાવવામાં આવ્યો હતો અને હોટલ મેનેજમેન્ટની મિલીભગતથી સપ્લાય થતો હતો. એક બોટલ જેની કિંમત બહાર 5000 રૂપિયા છે, તે હોટલમાં 15000 રૂપિયામાં વેચાતી હતી.

રાજકોટ રેન્જ IG નિર્લિપ્ત રાયે તાજેતરમાં જ દારૂ અને જુગારના અડ્ડાઓ પર કડક કાર્યવાહીનો આદેશ આપ્યો હતો. તેના જ ભાગરૂપે આ રેડ કરવામાં આવી છે.

#કાયદો શું કહે છે?

ગુજરાત પ્રોહિબિશન એક્ટ હેઠળ દારૂ પીવો, પીવડાવવો અને રાખવો એ ત્રણેય ગુનો છે. પકડાયેલા તમામ લોકોના બ્લડ સેમ્પલ FSL માં મોકલવામાં આવ્યા છે. જો દારૂ પીધેલો સાબિત થશે તો 3 વર્ષ સુધીની જેલ અને દંડ થઈ શકે છે.

હોટલનું લાયસન્સ પણ રદ થઈ શકે છે. હાલ સરાઝા હોટલના માલિક અને મેનેજરની પૂછપરછ ચાલી રહી છે.

આ પહેલા પણ રાજકોટમાં રાષ્ટ્રીય શાળા અને મિઠાપુરમાં દારૂ પાર્ટીઓ ઝડપાઈ હતી, પરંતુ આટલી મોટી હાઈ-પ્રોફાઇલ પાર્ટી પહેલી વાર પકડાઈ છે.

#સોશિયલ મીડિયામાં ચર્ચા

રેડ બાદ સોશિયલ મીડિયામાં લોકો કહી રહ્યા છે - "ગરીબ પીશે તો ગુનેગાર, અમીર પીશે તો બર્થડે પાર્ટી!" દારૂબંધી ફક્ત કાગળ પર છે કે ખરેખર અમલ થાય છે, તે સવાલ ફરી ઉઠ્યો છે.

પોલીસે કહ્યું છે કે આ કેસમાં કોઈને છોડવામાં આવશે નહીં, પછી ભલે તે ગમે તેટલો મોટો ઉદ્યોગપતિ કેમ ન હોય.

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World Nov 1,2026

 #RajkotLiquorParty
 #SarazaHotelRaid
 #GujaratProhibition
#RajkotPolice
#LCBRaid
 #DryGujarat
 #HighProfileParty
 #LiquorRaid
 #RajkotNews
 #GujaratPolice
#Fridayworld