World News
September 16, 2026
रियाज़ में काबा की तस्वीर पर डांस पर खामोशी, ताइफ एयरबेस पर हमले को काबा पर हमला बताकर फितना क्यों?
रियाज़ में काबा की तस्वीर पर डांस पर खामोशी, ताइफ एयरबेस पर हमले को काबा पर हमला बताकर फितना क्यों?
-Friday World September 17, 2026
सऊदी अरब और यमन के बीच जारी जंग में अंसारुल्लाह ने जब ताइफ में मौजूद किंग फहद एयरबेस को निशाना बनाया है, तो आले सऊद के समर्थकों द्वारा इसे "मक्का और काबा पर हमला" बताकर मुसलमानों में फितना फैलाने की कोशिश तेज हो गई है। सवाल यह है कि जब निशाना एक सैन्य एयरबेस है जहाँ से यमन पर बमबारी होती है और जहाँ अमरीकी और सऊदी लड़ाकू विमान तैनात हैं, तो उसे बैतुल्लाह पर हमला कैसे कहा जा सकता है?
साल 2023 का वो प्रोग्राम याद है?
आज जिन लोगों की गैरत काबा के नाम पर जाग रही है, उनसे एक सीधा सवाल है। साल 2023 में जब रियाज़ में एंटरटेनमेंट के नाम पर शकीरा समेत कई गायकों के नाच-गाने का इंतजाम आले सऊद ने किया था, तब स्टेज पर बैतुल्लाह शरीफ की शबीह बनाई गई थी और उसी पर चढ़कर डांस किया गया था। वीडियो और तस्वीरें पूरी दुनिया ने देखीं।
उस वक्त कितने रियाली भक्तों ने इसके खिलाफ आवाज उठाई थी? कितनों ने कहा था कि यह मुकद्दस मकाम की तौहीन है? तब सोशल मीडिया पर खामोशी क्यों थी? क्या उस वक्त मुसलमानों की गैरत सो गई थी? जब खुद रियाज़ में काबा की शबीह की बे-हुरमती हो रही थी तब फतवे कहाँ थे?
लेकिन आज जब अंसारुल्लाह उसी एयरबेस पर जवाबी हमला कर रही है जहाँ से यमन के मासूम बच्चों पर बम बरसाए जाते हैं, तो अचानक काबा का नाम लेकर जज्बात भड़काए जा रहे हैं।
असली निशाना क्या है - काबा या किंग फहद एयरबेस?
हकीकत यह है कि अंसारुल्लाह का हमला मक्का शहर पर नहीं, बल्कि ताइफ में स्थित किंग फहद एयरबेस पर है। यह एयरबेस यमन युद्ध का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा है। यहीं से F-15 और टाइफून लड़ाकू विमान उड़ान भरकर मारिब, सादा, हज्जाह और ताइज जैसे इलाकों पर 450 से ज्यादा हवाई हमले कर चुके हैं। इसी बेस पर अमरीकी और सऊदी फौज की मौजूदगी है।
अंसारुल्लाह का कहना साफ है कि उनका निशाना वो सैन्य ठिकाने हैं जहाँ से उनके मुल्क पर हमला होता है। इस्लामी तारीख में अंसारुल्लाह ने कभी भी मक्का और मदीना के मुकद्दस मकामात को निशाना नहीं बनाया। फिर इस हमले को काबा पर हमला बताना सरासर झूठ और फितना फैलाना नहीं तो क्या है?
उम्मत को फितने से होशियार रहने की जरूरत
आले सऊद की हुकूमत ईरान और यमन को बदनाम करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। कई तजियाकार तो यह तक कहते हैं कि ये लोग सऊदी में किसी मुकद्दस जगह के करीब खुद कोई ड्रामा रचकर उसका इल्जाम ईरान और अंसारुल्लाह पर डाल सकते हैं ताकि पूरी उम्मत का ध्यान यमन के मजलूमों से हटाकर फिरकावाराना नफरत की तरफ मोड़ दिया जाए।
आज जरूरत इस बात की है कि उम्मत इस प्रोपेगेंडा को समझे। सवाल पूछे कि ताइफ एयरबेस पर मौजूद अमरीकी F-16 और सऊदी F-15 को क्या काबा कहा जाएगा? क्या एक फौजी अड्डे को बचाने के लिए बैतुल्लाह के नाम का इस्तेमाल करना खुद काबा की तौहीन नहीं है?
अल्लाह पूरी उम्मत को ऐसे फितनों से अपनी हिफ्जो अमान में रखे और हक को पहचानने की तौफीक दे।
Sajjadali Nayani ✍️
Friday World September 17, 2026
#SaudiArabia #Ansarullah #YemenWar #TaifAirbase #KingFahadAirbase #RiyadhSeason #Kaaba #MuslimUmmah #YemenConflict #MediaPropaganda