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Monday, 23 February 2026

February 23, 2026

कनाडा में खालिस्तानी मुद्दे पर 'फील्डिंग सेट'! अजीत डोभाल ने नताली ड्रॉइन के साथ बैठक में की बड़ी डील – भारत-कनाडा संबंधों में नई शुरुआत

कनाडा में खालिस्तानी मुद्दे पर 'फील्डिंग सेट'! अजीत डोभाल ने नताली ड्रॉइन के साथ बैठक में की बड़ी डील – भारत-कनाडा संबंधों में नई शुरुआत
-Friday World 24 February 2026
भारत और कनाडा के बीच सालों से चली आ रही राजनयिक खटास अब तेजी से कम हो रही है। 6-7 फरवरी 2026 को ओटावा में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कनाडा की डिप्टी क्लर्क एवं प्रधानमंत्री की राष्ट्रीय सुरक्षा एवं खुफिया सलाहकार नताली जी. ड्रॉइन से उच्च-स्तरीय बैठक की। इस बैठक में दोनों देशों ने राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून प्रवर्तन, साइबर सुरक्षा, ड्रग तस्करी और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध पर सहयोग बढ़ाने के लिए साझा कार्य योजना (Shared Work Plan) बनाने पर सहमति जताई। 

यह बैठक 2023 में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद आए गंभीर तनाव के बाद पहली बड़ी सफलता है। अब दोनों पक्ष व्यावहारिक सहयोग पर फोकस कर रहे हैं, जिसमें खालिस्तानी गतिविधियों को कानूनी नजरिए से देखा जा रहा है, न कि राजनीतिक समर्थन से। 

बैठक के मुख्य फैसले – क्या-क्या हुआ तय? - सुरक्षा एवं कानून प्रवर्तन लियाजन अधिकारी नियुक्ति दोनों देश एक-दूसरे के यहां विशेष लियाजन अधिकारी तैनात करेंगे। इससे ड्रग तस्करी (खासकर फेंटेनिल पूर्वस्रोत), संगठित अपराध और ट्रांसनेशनल क्रिमिनल नेटवर्क पर जानकारी तेजी से साझा होगी। 

- साइबर सुरक्षा पर मजबूत सहयोग:साइबर खतरों से निपटने के लिए संयुक्त प्रयास बढ़ाए जाएंगे। 

- इमिग्रेशन फ्रॉड और धोखाधड़ी पर फोकस: फर्जी दस्तावेज, इमिग्रेशन धोखाधड़ी और नागरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर डेटा शेयरिंग होगी।

 - एजेंसियों के बीच डायरेक्ट संपर्क: ड्रग्स, संगठित अपराध और अन्य अंतरराष्ट्रीय गैरकानूनी गतिविधियों पर एजेंसियां सीधे संपर्क में रहेंगी।

 - नागरिक सुरक्षा पर प्रगति की सराहना: दोनों पक्षों ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए चल रही पहलों की तारीफ की और इसे आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। 

डोभाल ने कनाडा के पब्लिक सेफ्टी मंत्री गैरी अनंदासंगारी से भी मुलाकात की, जहां समान मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय (MEA) और कनाडाई प्रिवी काउंसिल ऑफिस के आधिकारिक बयानों में इसे "नियमित द्विपक्षीय सुरक्षा संवाद" का हिस्सा बताया गया है। 

तनाव का बैकग्राउंड और अब नई शुरुआत 2023 में निज्जर हत्याकांड के बाद कनाडा के तत्कालीन पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर आरोप लगाए, जिससे संबंध तल्घट गए। दोनों देशों ने राजनयिकों को निकाला, वीजा सेवाएं प्रभावित हुईं। लेकिन 2025 में G7 समिट में पीएम मोदी और नए कनाडाई पीएम मार्क कार्नी की मुलाकात से बर्फ पिघलनी शुरू हुई। राजनयिक स्टाफ बहाल हुआ, वीजा सेवाएं चालू हुईं और अब NSA स्तर की यह बैठक संबंधों को पटरी पर लाने का मजबूत कदम साबित हो रही है। 

कनाडा में खालिस्तानी गतिविधियां अब भी हैं, लेकिन कनाडाई सरकार अब इन्हें "कानून प्रवर्तन" के दायरे में देख रही है। भारतीय पक्ष ने स्पष्ट किया कि चरमपंथी तत्वों को कनाडाई राज्य का कोई समर्थन नहीं है। 

मार्क कार्नी की भारत यात्रा से पहले अहम डील यह बैठक इसलिए भी खास है क्योंकि कनाडाई पीएम मार्क कार्नी 26 फरवरी से 7 मार्च 2026 तक भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान की यात्रा पर जा रहे हैं। भारत में वे पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे, जहां व्यापार, ऊर्जा, AI, क्रिटिकल मिनरल्स और रक्षा सहयोग पर फोकस होगा। NSA डील से पहले विवादित मुद्दों पर समझौता होने से यात्रा और सफल होगी। 


सुरक्षा पहले, राजनीति बाद में यह समझौता दिखाता है कि भारत और कनाडा अब व्यावहारिक सहयोग पर ध्यान दे रहे हैं। ड्रग तस्करी, साइबर क्राइम और संगठित अपराध जैसे वैश्विक खतरे दोनों देशों के लिए आम हैं। खालिस्तानी मुद्दा अब कानूनी ढांचे में सेट है – राज्य समर्थन से दूर। दोनों देश स्थानीय कानूनों और अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों के तहत काम करेंगे। 

यह कदम न सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता भी लाएगा। उम्मीद है कि मार्क कार्नी की यात्रा से व्यापार और रक्षा साझेदारी नई ऊंचाइयां छुएगी। 

भारत-कनाडा: तनाव से समझौते की ओर – एक मजबूत नई शुरुआत! 🇮🇳🇨🇦
Sajjadali Nayani ✍
 Friday World 24 February 2026
February 23, 2026

पाब्लो एस्कोबार से एल मेंचो तक: दुनिया के वो 5 सबसे खतरनाक ड्रग माफिया, जिनके सामने अमेरिका जैसी महाशक्ति भी लाचार हो गई!

पाब्लो एस्कोबार से एल मेंचो तक: दुनिया के वो 5 सबसे खतरनाक ड्रग माफिया, जिनके सामने अमेरिका जैसी महाशक्ति भी लाचार हो गई!
-Friday World 23 February 2026
मेक्सिको में एक बड़ा हादसा हुआ है – जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) के सबसे खूंखार सरगना नेमेसियो ओसेगुएरा सर्वांतेस, जिन्हें एल मेंचो के नाम से जाना जाता है, की मौत हो गई। मेक्सिकन सेना के स्पेशल ऑपरेशन में उन्हें मार गिराया गया, जिसके बाद देश के कई राज्यों में हिंसक विरोध प्रदर्शन, सड़कों पर आगजनी और ब्लॉकेड शुरू हो गए। अमेरिका लंबे समय से मेक्सिको पर ड्रग तस्करी रोकने के लिए दबाव बना रहा था। एल मेंचो की मौत ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। लेकिन एल मेंचो अकेले नहीं – इतिहास में ऐसे कई ड्रग लॉर्ड्स रहे हैं, जिन्होंने अमेरिका जैसी सुपरपावर को चुनौती दी, अरबों की कमाई की और सरकारों को झुकाया। यहां हैं दुनिया के टॉप-5 सबसे शक्तिशाली और कुख्यात ड्रग माफिया, जिनकी कहानी आज भी सिहरन पैदा करती है! 

1. पाब्लो एस्कोबार – कोकीन का बादशाह (कोलंबिया) पाब्लो एमिलियो एस्कोबार गाविरिया को "कोकीन का राजा" कहा जाता था। 

1 दिसंबर 1949 को जन्मे इस शख्स ने **मेडेलिन कार्टेल** की कमान संभाली और 1980 के दशक में वैश्विक कोकीन व्यापार का 80% हिस्सा कंट्रोल किया। फोर्ब्स मैगजीन ने 1989 में उन्हें दुनिया के 7वें सबसे अमीर शख्स घोषित किया – उनकी संपत्ति करीब 30 बिलियन डॉलर (आज के हिसाब से 59 बिलियन डॉलर से ज्यादा) थी। 

एस्कोबार ने कोलंबिया की राजनीति में घुसपैठ की कोशिश की, गरीबों के लिए स्कूल-हॉस्पिटल बनवाए (रॉबिन हुड स्टाइल), लेकिन विरोध करने वालों को "प्लाटा ओ प्लोमो" (चांदी या सीसा – रिश्वत या गोली) का विकल्प दिया। उसने हजारों लोगों की हत्या कराई, प्लेन उड़ाए और कोलंबियाई सरकार को युद्ध की चुनौती दी। आखिरकार 2 दिसंबर 1993 को अमेरिका की मदद से कोलंबियाई पुलिस ने उसे छत पर मार गिराया। आज भी वह ड्रग लॉर्ड्स का "गॉडफादर" माना जाता है! 

2. जोआकिन "एल चापो" गुजमान – जेल से भागने का बादशाह (मेक्सिको) 

विश्व का सबसे कुख्यात ड्रग लॉर्ड – जोआकिन आर्किवाल्डो गुजमान लोएरा, उर्फ एल चापो। 4 अप्रैल 1957 को सिनालोआ में जन्मे, उन्होंने सिनालोआ कार्टेल बनाया, जो अमेरिका में कोकीन, हेरोइन, मेथ और फेंटेनिल की सबसे बड़ी सप्लायर बनी। DEA ने उन्हें "सभी समय का सबसे कुख्यात ड्रग लॉर्ड" कहा।

 एल चापो ने जटिल सुरंगों से ड्रग्स भेजे, प्राइवेट जेट इस्तेमाल किए और दो बार हाई-सिक्योरिटी जेल से भाग निकले – एक बार लॉन्ड्री कार्ट में! उनकी नेटवर्थ 1-3 बिलियन डॉलर बताई जाती है। अमेरिका पर अरबों डॉलर का ड्रग्स पहुंचाने के कारण उन्होंने सुपरपावर को चुनौती दी। 2019 में अमेरिका में लाइफ इम्प्रिजनमेंट की सजा सुनाई गई। उनकी कहानी नेटफ्लिक्स सीरीज "नार्कोस" और "एल चापो" में भी दिखाई गई है! 

3. अमादो कैरिलो फ्यूएंटेस – आसमान का स्वामी (मेक्सिको) 

अमादो कैरिलो फ्यूएंटेस, उर्फ "एल सेनोर डे लॉस सिएलोस" (आसमान का स्वामी)। 1956 में जन्मे इस मेक्सिकन ड्रग लॉर्ड ने जुआरेज कार्टेल की कमान संभाली। उन्होंने 22 प्राइवेट बोइंग 727 जेट्स से कोलंबियाई कोकीन को मेक्सिको के एयरपोर्ट्स और डर्ट स्ट्रिप्स पर उतारा – इससे वह अन्य ट्रैफिकर्स से 4 गुना ज्यादा कोकीन अमेरिका पहुंचाते थे।

 उनकी नेटवर्थ 25 बिलियन डॉलर से ज्यादा बताई जाती है। 1997 में प्लास्टिक सर्जरी के दौरान उनकी मौत हो गई, लेकिन DEA ने उन्हें अपने समय का सबसे शक्तिशाली ट्रैफिकर माना। उन्होंने अमेरिकी बॉर्डर पर ड्रग रूट्स को पूरी तरह बदल दिया! 

4. ओसिएल कार्डेनास गुइलेन – गल्फ कार्टेल का क्रूर सरगना (मेक्सिको)

 18 मई 1967 को जन्मे ओसिएल कार्डेनास गुइलेन ने गल्फ कार्टेल की कमान संभाली। शुरू में मैकेनिक थे, फिर ड्रग तस्करी में आए। 1997 में एक राइवल ड्रग लॉर्ड की हत्या कर लीडर बने। उन्होंने मेक्सिकन आर्मी के स्पेशल फोर्सेस के कुछ सदस्यों को अपने साथ मिलाकर "लॉस जेटास" नाम की सशस्त्र ब्रांच बनाई – जो बेहद क्रूर थी।

 1999 में उन्होंने अमेरिका के खिलाफ खुला मोर्चा खोला। 2003 में मेक्सिको में गिरफ्तार हुए और अमेरिका एक्सट्राडाइट कर दिए गए। उनकी कमान में कार्टेल ने हजारों हत्याएं कीं और अमेरिकी ड्रग मार्केट पर कब्जा जमाया। 

5. जॉर्ज अल्बर्टो रोड्रिग्ज – डॉन चोलिटो, कैली कार्टेल का क्रूर चेहरा (अर्जेंटीना/कोलंबिया/अमेरिका) 

जॉर्ज अल्बर्टो रोड्रिग्ज, उर्फ डॉन चोलिटो। अर्जेंटीना में जन्मे, न्यूयॉर्क में पले-बढ़े। उनके पिता गिल्बर्टो रोड्रिग्ज कैली कार्टेल के लीडर थे। 12 साल की उम्र में ड्रग्स में आए, 14 में घर छोड़ा और पिता का बिजनेस संभाला। उन्होंने 400 क्रिमिनल ऑर्गनाइजेशन बनाई – कैली कार्टेल की सीक्रेट सेल।

 केवल 6 साल में कोलंबिया से अमेरिका के लगभग सभी राज्यों में ड्रग्स पहुंचाए और 30 करोड़ डॉलर से ज्यादा कमाए। बेहद क्रूर और चालाक – सरकारी एजेंसियों से बचते रहे। 6 जुलाई 1990 को फ्लोरिडा के टallahassee से गिरफ्तार हुए और 25 साल की सजा काटी। 

ये 5 ड्रग लॉर्ड्स ऐसे थे जिन्होंने न सिर्फ अरबों कमाए, बल्कि सरकारों को चुनौती दी, राजनीति में दखल दिया और लाखों जिंदगियां बर्बाद कीं। एल मेंचो की मौत से साफ है – ड्रग एम्पायर कितने भी मजबूत हों, आखिरकार कानून की जीत होती है। लेकिन ड्रग्स का यह काला कारोबार आज भी जारी है – सतर्क रहें, जागरूक रहें! **नशा छोड़ो, जिंदगी जियो!** 🚫💉
Sajjadali Nayani ✍
 Friday World 23 February 2026
February 23, 2026

बेरिंग सागर में 6.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप: अलास्का-रूस में हड़कंप, सुनामी का कोई अलर्ट नहीं

बेरिंग सागर में 6.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप: अलास्का-रूस में हड़कंप, सुनामी का कोई अलर्ट नहीं
-Friday World 24 February 2026
23 फरवरी 2026 को सुबह करीब 10:41 बजे (IST) बेरिंग सागर में 6.1 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसने अमेरिका के अलास्का और रूस के साइबेरिया इलाकों में लोगों को डरा दिया। भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने इसकी पुष्टि की है।

 भूकंप का केंद्र 52.81°N अक्षांश और 170.08°W देशांतर पर था, और यह 45 किलोमीटर की गहराई में आया। NCS ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया: "EQ of M: 6.1, On: 23/02/2026 10:41:52 IST, Lat: 52.81 N, Long: 170.08 W, Depth: 45 Km, Location: Bering Sea."

 यह भूकंप अलास्का के निकोल्स्की (Nikolski) से लगभग 93 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में आया, जो एल्यूशियन द्वीप समूह के पास है। USGS (यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे) के अनुसार, गहराई कुछ रिपोर्टों में 14-20 किमी बताई गई है, लेकिन NCS की रिपोर्ट 45 किमी की है। भूकंप के झटके अलास्का के दूरस्थ इलाकों और रूस के पूर्वी हिस्सों तक महसूस किए गए, हालांकि कोई बड़ा नुकसान या हताहत की खबर नहीं है। सुनामी का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया, क्योंकि भूकंप की गहराई और स्थान के कारण सुनामी का खतरा कम था। 

बेरिंग सागर: सामान्यतः शांत, लेकिन 'रिंग ऑफ फायर' का हिस्सा! 

बेरिंग सागर का मध्य भाग सामान्य रूप से भूकंपों से मुक्त माना जाता है (aseismic region), लेकिन यह क्षेत्र प्रशांत महासागर की "रिंग ऑफ फायर" (Ring of Fire) के प्रभाव क्षेत्र में आता है। यहां टेक्टॉनिक प्लेट्स की गतिविधियां अक्सर भूकंप पैदा करती हैं। 

- उत्तरी हिस्सा: बेरिंग माइक्रोप्लेट की उत्तरी सीमा से जुड़ा, जहां प्लेट्स स्लिप (strike-slip) गतिविधियां होती हैं।

 - दक्षिणी हिस्सा: एल्यूशियन आर्क (Aleutian Arc) से प्रभावित, जहां सबडक्शन (एक प्लेट दूसरी के नीचे सरकना) प्रमुख कारण है। 

वैज्ञानिकों के अनुसार, यह क्षेत्र बेरिंग माइक्रोप्लेट की सीमा दर्शाता है, जहां उत्तर-पश्चिम दिशा में एक्सटेंशन और पूर्व-पश्चिम में कम्प्रेशन होता है। अलास्का यूनिवर्सिटी के अध्ययनों से पता चलता है कि यहां की संरचना जेमचुग कैन्यन (Zhemchug Canyon) जैसी विशाल सबमरीन कैन्यन से जुड़ी हो सकती है, जो दुनिया की सबसे बड़ी सबमरीन कैन्यन मानी जाती है। 

इतिहास में पहले भी आए हैं ऐसे भूकंप यह क्षेत्र पूरी तरह शांत नहीं है। अतीत में भी मध्यम-तेज भूकंप आ चुके हैं: 

- 1991: 6.6 तीव्रता का भूकंप, जो वर्तमान घटना से लगभग 210 किमी दक्षिण-पूर्व में आया था।

 - 2010 (30 अप्रैल): 6.5 और 6.3 तीव्रता के भूकंप, जो जेमचुग कैन्यन के हेडवॉल क्षेत्र की ग्रेबेन संरचना से जुड़े थे। इनमें स्ट्राइक-स्लिप मैकेनिज्म था।

 ये घटनाएं दर्शाती हैं कि क्षेत्र में प्लेट्स की गतिविधियां जारी हैं, हालांकि बड़े पैमाने पर विनाशकारी नहीं होतीं। 2026 का यह भूकंप भी इसी पैटर्न का हिस्सा लगता है। 

अमेरिका और रूस में अलर्ट: क्या खतरा अभी बाकी है? भूकंप के बाद अलास्का और रूस के पूर्वी इलाकों में सतर्कता बढ़ गई। दूरस्थ द्वीपों और तटीय इलाकों में झटके महसूस होने से स्थानीय लोग घबरा गए। हालांकि, कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ क्योंकि इलाका कम आबादी वाला है। USGS को कुछ रिपोर्ट्स मिलीं कि लोगों ने हल्के झटके महसूस किए।

 वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे क्षेत्रों में आफ्टरशॉक्स (पराभूकंप) आ सकते हैं, लेकिन सुनामी का जोखिम कम है। "रिंग ऑफ फायर" में ऐसे भूकंप आम हैं, लेकिन यह घटना क्षेत्र की टेक्टॉनिक जटिलता को फिर से उजागर करती है।

  प्रकृति की चेतावनी! यह भूकंप याद दिलाता है कि पृथ्वी की प्लेट्स कभी शांत नहीं बैठतीं। बेरिंग सागर जैसे "शांत" दिखने वाले इलाके भी कभी-कभी सक्रिय हो जाते हैं। वैज्ञानिक निगरानी और अलर्ट सिस्टम की वजह से बड़े नुकसान से बचा जा सकता है। 

धरती मां की थरथराहट हमें सतर्क रहने की याद दिलाती है – तैयार रहें, सुरक्षित रहें!
Sajjadali Nayani ✍
 Friday World 24 February 2026
February 23, 2026

T20 વર્લ્ડ કપ 2026માં ધમાકેદાર ઉલટફેર! નાની ટીમોના બહાદુર પ્રદર્શને મોટા દિગ્ગજોને ધ્રુજાવી દીધા – નેપાળે ઈંગ્લેન્ડને છેલ્લા બોલ સુધી લડાવી!

T20 વર્લ્ડ કપ 2026માં ધમાકેદાર ઉલટફેર! નાની ટીમોના બહાદુર પ્રદર્શને મોટા દિગ્ગજોને ધ્રુજાવી દીધા – નેપાળે ઈંગ્લેન્ડને છેલ્લા બોલ સુધી લડાવી!
-Friday World 23 February 2026
T20 વર્લ્ડ કપ 2026ની શરૂઆત જ ધમાકેદાર રહી છે! જ્યાં લોકો મોટી ટીમોની સરળ જીતની અપેક્ષા રાખતા હતા, ત્યાં એસોસિયેટ નેશન્સે (Associate Teams) પોતાની તાકાત બતાવીને ક્રિકેટ જગતને હલાવી દીધું છે. ખાસ કરીને નેપાળ vs ઈંગ્લેન્ડની મેચે તો ઈતિહાસ રચી દીધો – એક એવી થ્રિલર જેમાં નેપાળે વર્લ્ડ ચેમ્પિયન ઈંગ્લેન્ડને છેલ્લા બોલ સુધી લડાવીને લગભગ હરાવી દીધું હતું! 

 વાનખેડેમાં થયું ઐતિહાસિક રોમાન્સ! રવિવારે મુંબઈના વાનખેડે સ્ટેડિયમમાં રમાયેલી આ મેચમાં ઈંગ્લેન્ડે ટોસ જીતીને પહેલા બેટિંગ કરી અને 20 ઓવરમાં 184/7નો મજબૂત સ્કોર બનાવ્યો. જેકબ બેથેલ (55) અને હેરી બ્રુક (53)ની અડધી સદીઓએ ઈંગ્લેન્ડને આગળ વધાર્યું, જ્યારે વિલ જેક્સના અંતિમ ઓવરોના ફટકાએ સ્કોરને 184 સુધી પહોંચાડ્યો. 

પરંતુ નેપાળના ખેલાડીઓએ જવાબમાં બેખોફ બેટિંગ કરી! દીપેન્દ્ર સિંહ ઐરી (44), રોહિત પૌડેલ (39) અને લોકેશ બામ (39*) જેવા યુવા ખેલાડીઓએ ઈંગ્લેન્ડના સ્ટાર બોલર્સ – જોફ્રા આર્ચર, લ્યુક વુડ અને આદિલ રશીદ – સામે બિનડર રમત બતાવી. છેલ્લી ઓવરમાં 10 રનની જરૂર હતી, અને છેલ્લા બોલ પર 6 રન જોઈતા હતા. સેમ કુરનના સટીક યોર્કર પર નેપાળનો બેટ્સમેન મોટો શોટ રમી શક્યો નહીં, અને ઈંગ્લેન્ડ 4 રને જીતી ગયું. પરંતુ સ્કોરબોર્ડ પર જીત ઈંગ્લેન્ડની હતી, તો ચર્ચા અને તાળીઓ નેપાળના બહાદુર પ્રદર્શનની! 

 નાની ટીમોનો મોટો ધડાકો – એસોસિયેટ્સનો ઉદય! 

આ મેચ એકલી નથી – આખા ટુર્નામેન્ટમાં એસોસિયેટ ટીમોએ મોટા દેશોને પડકાર આપ્યો છે: 

- યુએસએ vs ભારત: અમેરિકાએ ભારતને જીત માટે છેલ્લી ઘડી સુધી મહેનત કરાવી. ભારતે 77/6 જેવી મુશ્કેલ સ્થિતિમાંથી સ્કોર બનાવ્યો, પરંતુ અમેરિકાની બોલિંગ અને ફિલ્ડિંગે બતાવ્યું કે તેઓ હવે 'મિનો' નથી રહ્યા.

 - નેધરલેન્ડ vs પાકિસ્તાન: નેધરલેન્ડે પાકિસ્તાનને 148ના ટાર્ગેટ પર 114/7 પર ધકેલી દીધું હતું! પાકિસ્તાનને છેલ્લી ઓવરોમાં મહામહેનત કરવી પડી, અને તેઓ માંડ જીત્યા. નેધરલેન્ડના બોલર્સે પુરાવ્યું કે તેઓ કોઈપણને હરાવી શકે છે. 

- 10 એસોસિયેટ ટીમો આ વખતે ટુર્નામેન્ટમાં છે, અને તેમના પ્રદર્શને સાબિત કર્યું છે કે T20 ફોર્મેટમાં કોઈ ટીમ નબળી નથી. 

 T20 ફોર્મેટ અને ફ્રેન્ચાઈઝી લીગની અસર એક્સપર્ટ્સ કહે છે કે T20ની ઝડપી રમત અને ફ્રેન્ચાઈઝી લીગ્સ (IPL, Big Bash, વગેરે)માં એસોસિયેટ ખેલાડીઓની ભાગીદારીએ આ અંતર ઘટાડ્યું છે. નેપાળના ખેલાડીઓ IPLમાં રમી ચૂક્યા છે, અમેરિકા અને નેધરલેન્ડના સ્ટાર્સે વિવિધ લીગ્સમાં અનુભવ મેળવ્યો છે. આનાથી તેઓ મોટા મંચ પર દબાણમાં પણ શાંત રહીને રમી શકે છે. 

નેમિબિયાના કેપ્ટન ગેરહાર્ડ ઈરાસ્મસે કહ્યું છે કે "હવે 'મિનો' અને 'એસોસિયેટ' જેવા ટેગ્સ હટાવવાનો સમય આવી ગયો છે." આ વાત સાચી પણ લાગે છે – કારણ કે આ ટુર્નામેન્ટમાં ગ્રુપ સ્ટેજ પણ 'ઔપચારિક' નથી રહ્યો. દરેક મેચ નોકઆઉટ જેવી લાગે છે! 

આગળ શું? એસોસિયેટ ટીમનો ખિતાબ ક્યારે? આ ટુર્નામેન્ટે સ્પષ્ટ કરી દીધું છે કે મોટી ટીમોનો દબદબો હવે ખતમ થઈ રહ્યો છે. સવાલ એ નથી કે એસોસિયેટ ટીમો મુકાબલો કરી શકશે કે નહીં – સવાલ એ છે કે પહેલી એસોસિયેટ ટીમ ક્યારે T20 વર્લ્ડ કપનો ખિતાબ જીતશે!

 નેપાળ, યુએસએ, નેધરલેન્ડ જેવી ટીમોએ બતાવ્યું છે કે ક્રિકેટ હવે ખરેખર વૈશ્વિક રમત બની ગઈ છે. આવા પ્રદર્શનથી યુવા ખેલાડીઓને પ્રેરણા મળે છે અને ક્રિકેટનો વિસ્તાર વધે છે. 

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World 23 February 2026
February 23, 2026

ભાવનગર પોલીસની ઐતિહાસિક મેગા રેડ: સિહોરના સખાવદર ગામ પાસે ₹10.50 કરોડથી વધુનો લીલો ગાંજો અને અફીણનું વાવેતર ઝડપાયું!

ભાવનગર પોલીસની ઐતિહાસિક મેગા રેડ: સિહોરના સખાવદર ગામ પાસે ₹10.50 કરોડથી વધુનો લીલો ગાંજો અને અફીણનું વાવેતર ઝડપાયું!
-Friday World 23 February 2026
ભાવનગર જિલ્લામાં નશાના કાળા કારોબાર પર પોલીસનો કડક પ્રહાર! જિલ્લાના ઇતિહાસમાં અત્યાર સુધીની સૌથી મોટી અને સફળ કાર્યવાહીમાં પોલીસે સિહોર તાલુકાના સખાવદર ગામની સીમાડે આવેલા વાડી વિસ્તારમાંથી **કરોડો રૂપિયાનું નશીલું પાક** કબ્જે કર્યું છે. આ ઘટના એક બાજુ ગુજરાતમાં વધતા ગેરકાયદેસર ડ્રગ્સના વાવેતરની ગંભીરતા દર્શાવે છે, તો બીજી બાજુ પોલીસની સતર્કતા અને ત્વરિત કાર્યવાહીનું ઉદાહરણ પણ બને છે. 

 શું થયું? વિગતવાર જાણો... સિહોર પોલીસને બાતમી મળી હતી કે સખાવદર ગામ નજીકના "મરબી ધોરાવાળી" નામના વિસ્તારમાં, કરકોલિયા રોડ પાસે, એક વાડીમાં ગેરકાયદેસર રીતે લીલા ગાંજા (કેનાબિસ) અને અફીણનું મોટા પાયે વાવેતર કરવામાં આવ્યું છે. આ બાતમીના આધારે પોલીસની ટીમે અંધારા પહોરે જ દરોડો પાડ્યો. તપાસ દરમિયાન પોલીસને જે દેખાયું તેનાથી તેઓ પણ ચોંકી ઉઠ્યા! 

- લીલો ગાંજો: અંદાજે 1100 કિલોગ્રામ (લગભગ 1,087 કિલો લીલો ગાંજો + અન્ય) 

- અફીણ: લીલી અને સૂકી અફીણનો જથ્થો (લગભગ 26 કિલો સૂકી અફીણ સહિત) 

- કુલ અંદાજિત બજાર કિંમત ₹10.50 કરોડથી વધુ (કેટલાક અહેવાલ મુજબ ₹10.92 કરોડ સુધી!) 

આ જથ્થો ભાવનગર જિલ્લામાં અત્યાર સુધીનો સૌથી મોટો ડ્રગ્સ વાવેતર કેસ ગણાય છે. આ પહેલાં જિલ્લામાં આટલા મોટા પાયે ગાંજા-અફીણની ખેતી પકડાઈ હોવાનું નોંધાયું નથી. 

આરોપીઓ કોણ? બે ભાઈઓની ધરપકડ! દરોડા દરમિયાન સ્થળ પરથી બોઘા ચૌહાણ અને સંજય ચૌહાણ (ઉર્ફે મનુ/સંઘા) નામના બે સગા ભાઈઓને અટકાયત કરવામાં આવી. આ બંનેએ આ વાડીમાં ગેરકાયદેસર રીતે નશીલા પદાર્થોનું વાવેતર કર્યું હતું. પોલીસે તેમની સામે NDPS એક્ટ (નાર્કોટિક ડ્રગ્સ એન્ડ સાયકોટ્રોપિક સબ્સ્ટન્સ એક્ટ) હેઠળ ગુનો નોંધીને કાયદેસર કાર્યવાહી શરૂ કરી છે. 

ગુજરાતમાં વધતું નશાનું સામ્રાજ્ય: ચિંતાજનક વલણ આ કાર્યવાહી ગુજરાતમાં છેલ્લા કેટલાક વર્ષોમાં વધી રહેલા ગેરકાયદેસર ગાંજા અને અફીણના વાવેતરના વલણને રોકવાના પ્રયાસોનો ભાગ છે. રાજ્યમાં છેલ્લા ત્રણ વર્ષમાં અફીણ અને ગાંજાની 16,000 કિલોથી વધુ ખેતી પકડાઈ છે, જેમાં કેસોની સંખ્યા બમણી થઈ છે. પોલીસ અને SOG ટીમો વારંવાર બાતમી આધારિત દરોડા પાડીને આવા કાળા કારોબારને નિષ્ક્રિય કરી રહી છે. 

આવી કાર્યવાહીઓ યુવાનોને નશામાંથી બચાવવા અને સમાજને સુરક્ષિત રાખવા માટે અત્યંત મહત્વની છે. ભાવનગર પોલીસની આ સફળતા એક મિસાલ બની રહી છે કે જ્યારે બાતમી અને તૈયારી હોય તો કોઈપણ મોટો નેટવર્ક તોડી શકાય છે. 

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World 23 February 2026
February 23, 2026

प्रधानमंत्री मोदी का ऐतिहासिक इजरायल दौरा: नेतन्याहू बोले - 'प्रिय मित्र' मोदी यरूशलम आ रहे हैं, पीएम मोदी ने दिया गर्मजोशी भरा जवाब

प्रधानमंत्री मोदी का ऐतिहासिक इजरायल दौरा: नेतन्याहू बोले - 'प्रिय मित्र' मोदी यरूशलम आ रहे हैं, पीएम मोदी ने दिया गर्मजोशी भरा जवाब
-Friday World 23 February 2016
नई दिल्ली/यरूशलम, 23 फरवरी 2026: भारत और इजरायल के बीच दोस्ती का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को कैबिनेट बैठक की शुरुआत में बड़ी घोषणा की कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार, 25 फरवरी 2026 को इजरायल पहुंच रहे हैं। यह दौरा दो दिवसीय होगा और मोदी की 2017 के बाद इजरायल की दूसरी आधिकारिक यात्रा होगी। नेतन्याहू ने इसे 'ऐतिहासिक' करार देते हुए कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक, कूटनीतिक और सुरक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। 

नेतन्याहू ने कैबिनेट में कहा, "इस हफ्ते इजरायल और भारत के बीच विशेष संबंधों को अभिव्यक्ति मिलेगी। भारत एक वैश्विक शक्ति है और प्रधानमंत्री मोदी मेरे व्यक्तिगत मित्र हैं। हम फोन पर अक्सर बात करते हैं और एक-दूसरे के देशों में आते-जाते हैं।" उन्होंने मोदी को 'प्रिय मित्र' बताते हुए कहा, "बुधवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां पहुंचेंगे। वे नेसेट (इजरायल की संसद) को संबोधित करेंगे और मैं यकीन करता हूं कि आप सभी वहां मौजूद रहेंगे।" 

नेतन्याहू ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया, "इजरायल और भारत के बीच संबंधों का आधार दो वैश्विक नेताओं के बीच मजबूत गठबंधन है। हम इनोवेशन, सुरक्षा और साझा रणनीतिक दृष्टिकोण में साझेदार हैं। हम ऐसे देशों का गठबंधन बना रहे हैं जो स्थिरता और प्रगति के लिए प्रतिबद्ध हैं। एआई से लेकर क्षेत्रीय सहयोग तक, हमारी साझेदारी लगातार नई ऊंचाइयों तक पहुंच रही है। प्रधानमंत्री मोदी, यरूशलम में आपसे मुलाकात का इंतजार है!"

 इस पोस्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, "धन्यवाद, मेरे मित्र प्रधानमंत्री नेतन्याहू। मैं भारत और इजरायल के बीच के बंधन और हमारे द्विपक्षीय संबंधों की विविधता पर आपसे पूरी तरह सहमत हूं। भारत इजरायल के साथ मजबूत और स्थायी दोस्ती को बहुत महत्व देता है। यह दोस्ती आपसी भरोसे, इनोवेशन और शांति व प्रगति की साझा आकांक्षा पर आधारित है। आगामी इजरायल यात्रा के दौरान हमारी चर्चाओं का इंतजार है।"

 यह जवाब दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत और पेशेवर गर्मजोशी को दर्शाता है। मोदी ने तारीख का जिक्र नहीं किया, लेकिन इजरायली पक्ष ने स्पष्ट किया कि यात्रा 25-26 फरवरी को होगी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन दोनों पक्षों के बयानों से यह साफ है कि दौरा तय है। 

 दौरा का एजेंडा और महत्व इस यात्रा में मोदी नेसेट को संबोधित करेंगे, यरूशलम में इनोवेशन इवेंट में हिस्सा लेंगे और यद वाशेम (होलोकॉस्ट स्मृति स्थल) का दौरा करेंगे। दोनों नेता द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें उच्च तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, रक्षा, काउंटर-टेररिज्म और व्यापार जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। नेतन्याहू ने 'हेक्सागन ऑफ अलायंस' का जिक्र किया, जिसमें भारत को सेंट्रल पिलर बताया गया है। यह गठबंधन मध्य पूर्व में 'रेडिकल सुन्नी और शिया अक्षों' के खिलाफ स्थिरता के लिए बनाया जा रहा है। 

यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। इजरायल-हमास संघर्ष जारी है और क्षेत्रीय गठबंधन की चर्चा तेज है। भारत की ओर से यह यात्रा रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का संकेत है। 2017 में मोदी की पहली यात्रा ऐतिहासिक थी, जब वे पहले भारतीय पीएम बने जिन्होंने इजरायल का दौरा किया। 2018 में नेतन्याहू ने भारत का दौरा किया था। 

भारत-इजरायल संबंधों की मजबूती दोनों देशों के बीच रक्षा सौदे, तकनीकी सहयोग और खुफिया जानकारी साझा करना प्रमुख हैं। इजरायल भारत को ड्रोन, मिसाइल सिस्टम और साइबर सुरक्षा में मदद करता है। वहीं भारत इजरायल के लिए बड़ा बाजार और रणनीतिक साथी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा दोनों देशों के बीच 'ट्रस्ट-बेस्ड' पार्टनरशिप को और गहरा करेगा। 

नेतन्याहू ने कहा, "हम आर्थिक, कूटनीतिक और सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देंगे।" मोदी के जवाब से साफ है कि भारत इस दोस्ती को 'स्थायी' मानता है। यह दौरा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करेगा। 

जैसे-जैसे तारीख नजदीक आ रही है, दुनिया की नजरें यरूशलम पर टिकी हैं। क्या यह यात्रा मध्य पूर्व की राजनीति में नया मोड़ लाएगी? समय बताएगा, लेकिन फिलहाल दोनों नेताओं की गर्मजोशी से साफ है कि भारत-इजरायल की दोस्ती नई ऊंचाइयों को छूने वाली है। 

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World 23 February 2016
February 23, 2026

IDFC फर्स्ट बैंक में ₹590 करोड़ का भयंकर घोटाला: शेयर 20% टूटे, निवेशकों में हड़कंप, बैंक ने 4 अधिकारियों को सस्पेंड किया

IDFC फर्स्ट बैंक में ₹590 करोड़ का भयंकर घोटाला: शेयर 20% टूटे, निवेशकों में हड़कंप, बैंक ने 4 अधिकारियों को सस्पेंड किया
-Friday World 23 February 2026
नई दिल्ली/मुंबई, 23 फरवरी 2026: शेयर बाजार में सप्ताह की शुरुआत तेजी के साथ हुई, सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार उछाल देखा गया, लेकिन IDFC फर्स्ट बैंक के निवेशकों के लिए यह दिन काला साबित हुआ। बैंक की चंडीगढ़ शाखा में हरियाणा सरकार से जुड़े खातों में करीब ₹590 करोड़ का संभावित घोटाला सामने आने के बाद बैंक का शेयर सोमवार को 20% तक गिरकर लोअर सर्किट पर पहुंच गया। निवेशकों की करीब ₹14,000 करोड़ की संपत्ति एक झटके में स्वाहा हो गई, जबकि बैंक का मार्केट कैप घटकर लगभग ₹50,000 करोड़ के आसपास आ गया। 

घोटाले का खुलासा कैसे हुआ? यह पूरा मामला तब सामने आया जब हरियाणा सरकार की कुछ संस्थाओं ने अपने खातों में बैलेंस की जांच की। 18 फरवरी 2026 को हरियाणा सरकार ने एक सर्कुलर जारी कर IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक को सरकारी कामकाज से डी-एम्पैनल कर दिया था। विभागों को निर्देश दिए गए कि वे इन बैंकों में जमा सरकारी फंड्स को तुरंत ट्रांसफर या खाते बंद करें। इसी दौरान खातों के वास्तविक बैलेंस और रिकॉर्ड में दिखाए गए बैलेंस के बीच बड़ा अंतर सामने आया। 

बैंक की जांच में पता चला कि चंडीगढ़ शाखा के कुछ कर्मचारियों ने बाहरी व्यक्तियों के साथ मिलीभगत कर फर्जी लेन-देन किए। मुख्य रूप से फर्जी फिजिकल चेक के जरिए अनधिकृत ट्रांसफर किए गए, जिससे हरियाणा सरकार से जुड़े खातों में ₹590 करोड़ (लगभग ₹490 करोड़ की रिकॉन्सिलिएशन से + ₹100 करोड़ आंतरिक जांच से) की गड़बड़ी हुई। बैंक ने इसे 'लोकलाइज्ड इश्यू' बताया है, यानी यह केवल एक शाखा और कुछ खातों तक सीमित है, पूरे बैंक में नहीं फैला।

 बैंक की त्वरित कार्रवाई घोटाले के खुलासे के तुरंत बाद IDFC फर्स्ट बैंक ने सख्त कदम उठाए: - चार संदिग्ध अधिकारियों को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया। 

- पुलिस में शिकायत दर्ज की गई।

 - स्वतंत्र फोरेंसिक ऑडिट के लिए KPMG को नियुक्त किया गया, जिसकी रिपोर्ट 4-5 हफ्तों में आने की उम्मीद है।

 - अनुशासनात्मक, सिविल और क्रिमिनल कार्रवाई की जाएगी, जिसमें बाहरी शामिल लोगों पर भी सख्ती बरती जाएगी। 

बैंक के एमडी और सीईओ वी. वैद्यनाथन ने कहा कि यह बैंक के 10 साल के इतिहास में पहला बड़ा ऑपरेशनल झटका है। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि बैंक की गवर्नेंस मजबूत है, कैपिटल पर्याप्त है और बड़े निवेशक जैसे Warburg Pincus साथ हैं। अंतिम नुकसान रिकवरी, इंश्योरेंस और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। 

बाजार पर असर और विशेषज्ञों की राय सोमवार को बैंक का शेयर पिछले बंद भाव ₹83.51 से टूटकर ₹75.16 पर खुला और फिर ₹66.80 तक गिर गया। यह छह साल का सबसे बुरा सेशन रहा। ब्रोकरेज फर्मों का अनुमान है: 

- FY26 के प्री-टैक्स प्रॉफिट पर 20% तक असर। 

- पोस्ट-टैक्स प्रॉफिट का 22% तक प्रभाव। 

- नेटवर्थ पर सिर्फ 0.9-1% का असर, इसलिए सॉल्वेंसी पर कोई बड़ा खतरा नहीं।

 आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने स्पष्ट किया कि इस घटना से बैंकिंग सिस्टम में कोई सिस्टेमिक रिस्क नहीं है। फिर भी, यह घटना बैंकिंग सेक्टर में इंटरनल कंट्रोल्स और गवर्नेंस की कमजोरियों पर सवाल उठा रही है। 

 क्या सीख मिलेगी? यह घोटाला एक बार फिर साबित करता है कि सरकारी खातों की निगरानी कितनी जरूरी है। हरियाणा सरकार ने तुरंत दोनों बैंकों को डी-एम्पैनल कर खाते बंद करने के आदेश दिए, जबकि कांग्रेस ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। IDFC फर्स्ट बैंक अब अपने सिस्टम्स को और मजबूत करने का वादा कर रहा है।

 निवेशकों के लिए सबक साफ है – बाजार की तेजी में भी किसी भी कंपनी के फंडामेंटल्स पर नजर रखनी चाहिए। यह घटना बैंकिंग सेक्टर की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है, लेकिन बैंक का त्वरित रिस्पॉन्स और लोकलाइज्ड नेचर से उम्मीद है कि असर सीमित रहेगा। 

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World 23 February 2026