February 20, 2026
राहुल गांधी के आवास पर बीजेपी युवा मोर्चा का हंगामा: प्रदर्शनकारियों ने जलाया पुतला, पुलिस ने की हिरासत में कार्रवाई !
राहुल गांधी के आवास पर बीजेपी युवा मोर्चा का हंगामा: प्रदर्शनकारियों ने जलाया पुतला, पुलिस ने की हिरासत में कार्रवाई !
-Friday World 20th Feb 2026
नई दिल्ली: राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर हलचल मच गई है। गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन उस घटना की प्रतिक्रिया में था, जिसमें यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने एआई इम्पैक्ट समिट में टी-शर्ट उतारकर विरोध जताया था। बीजेपी ने इसे 'भारत की छवि को दुनिया के सामने खराब करने वाला कृत्य' करार दिया है। प्रदर्शन के दौरान भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी का पुतला फूंका और नारे लगाए, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। यह घटना कांग्रेस और बीजेपी के बीच बढ़ती राजनीतिक दुश्मनी को और उजागर करती है, जहां दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का खेल खेल रही हैं।
प्रदर्शन की पृष्ठभूमि: एआई समिट में यूथ कांग्रेस का विरोध यह पूरा विवाद उस घटना से शुरू हुआ, जो कुछ दिन पहले एआई इम्पैक्ट समिट में घटी। समिट में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने टी-शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि यह विरोध केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ था, खासकर एआई और तकनीकी क्षेत्र में युवाओं की बेरोजगारी और अन्य मुद्दों को लेकर। लेकिन बीजेपी ने इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बदनामी का प्रयास बताया। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, "यह शर्मनाक है कि कांग्रेस के युवा कार्यकर्ता दुनिया के सामने भारत की छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं। राहुल गांधी के इशारे पर यह सब हो रहा है।"
बीजेपी का आरोप है कि यूथ कांग्रेस का यह कदम राहुल गांधी के निर्देश पर उठाया गया था। पार्टी ने दावा किया कि राहुल गांधी लगातार केंद्र सरकार को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं, और एआई समिट जैसा वैश्विक आयोजन इसका ताजा उदाहरण है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकार बताया। यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा, "हमारा विरोध शांतिपूर्ण था और यह युवाओं की आवाज को उठाने का माध्यम था। बीजेपी इसे राजनीतिक रंग देकर अपनी असफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रही है।"
भाजयुमो का प्रदर्शन: नारे, पुतला दहन और पुलिस की कार्रवाई गुरुवार सुबह भाजयुमो के दर्जनों कार्यकर्ता राहुल गांधी के आवास के बाहर जमा हो गए। उन्होंने हाथों में प्लेकार्ड लिए हुए थे, जिन पर 'राहुल गांधी माफी मांगो' और 'भारत की छवि से खिलवाड़ बंद करो' जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी का पुतला जलाया और जोरदार नारेबाजी की। एक कार्यकर्ता ने कहा, "राहुल गांधी ने देश को बदनाम करने की साजिश रची है। हम उनके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।"
दिल्ली पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तुरंत कार्रवाई की। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी, लेकिन जब वे नहीं माने तो कई को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन बिना अनुमति के किया गया था, और इससे कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती थी। हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को बाद में चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। बीजेपी ने पुलिस की इस कार्रवाई को 'कांग्रेस की साजिश' बताया, जबकि कांग्रेस ने इसे 'बीजेपी की गुंडागर्दी' करार दिया।
बीजेपी के बड़े नेताओं की प्रतिक्रियाएं बीजेपी ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है। पार्टी के आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा गया, "कांग्रेस का यह विरोध शर्मनाक है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस भारत को दुनिया के सामने बदनाम कर रही है।" बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा, "कांग्रेस की राजनीति अब देशद्रोह की हद तक पहुंच गई है। एआई समिट में युवा कांग्रेस का कृत्य अस्वीकार्य है।" केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी ट्वीट कर कहा, "राहुल गांधी को जवाब देना चाहिए कि क्यों उनकी पार्टी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि खराब कर रही है?"
बीजेपी का मानना है कि यह घटना 2024 लोकसभा चुनावों के बाद की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। पार्टी ने दावा किया कि राहुल गांधी विपक्ष के नेता बनने के बाद से सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, बीजेपी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने कहा, "हम युवाओं की आवाज हैं। कांग्रेस की हर साजिश का जवाब देंगे।"
कांग्रेस का पलटवार: 'बीजेपी की साजिश' कांग्रेस ने इस प्रदर्शन को बीजेपी की 'सस्ती राजनीति' बताया। राहुल गांधी ने खुद कोई बयान नहीं दिया, लेकिन कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "बीजेपी युवा मोर्चा का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि वे कितने हताश हैं। यूथ कांग्रेस का विरोध लोकतांत्रिक था, लेकिन बीजेपी इसे मुद्दा बनाकर ध्यान भटका रही है।" यूथ कांग्रेस ने भी बयान जारी कर कहा, "हमारा विरोध बेरोजगारी और युवाओं की समस्याओं पर था। बीजेपी इसे राजनीतिक रंग देकर अपनी नाकामियां छिपा रही है।"
कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी सरकार युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है। पार्टी ने कहा कि एआई समिट में विरोध इसलिए किया गया क्योंकि सरकार एआई तकनीक का फायदा आम लोगों तक नहीं पहुंचा रही है। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, "बीजेपी के कार्यकर्ता हमारे नेता के घर पर हमला बोल रहे हैं। यह लोकतंत्र की हत्या है।"
राजनीतिक निहितार्थ: बढ़ती दुश्मनी और भविष्य की चुनौतियां यह घटना कांग्रेस और बीजेपी के बीच बढ़ती दुश्मनी को दर्शाती है। 2024 लोकसभा चुनावों के बाद राहुल गांधी विपक्ष के नेता बने हैं, और उन्होंने सरकार पर लगातार हमले किए हैं। बीजेपी का मानना है कि राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' और अन्य अभियान सरकार को बदनाम करने के लिए हैं। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे प्रदर्शन राजनीतिक माहौल को और गर्माएंगे। दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. संजय कुमार कहते हैं, "यह युवा संगठनों के बीच टकराव है। दोनों पार्टियां युवाओं को लुभाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन ऐसे प्रदर्शन से समाज में नकारात्मक संदेश जाता है।" उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई सही थी, क्योंकि बिना अनुमति के प्रदर्शन कानून का उल्लंघन है।
सोशल मीडिया पर बहस: जनता की प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया पर यह मुद्दा ट्रेंड कर रहा है। #RahulGandhiProtest और #BJYMVsCongress जैसे हैशटैग के साथ यूजर्स अपनी राय जाहिर कर रहे हैं। कुछ यूजर्स बीजेपी के प्रदर्शन को सही ठहरा रहे हैं, जबकि अन्य कांग्रेस के विरोध को जायज बता रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "बीजेपी युवा मोर्चा ने सही किया। राहुल गांधी देश को बदनाम कर रहे हैं।" वहीं, दूसरे ने कहा, "कांग्रेस का विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है। बीजेपी गुंडागर्दी कर रही है।"
राजनीति में बढ़ती कटुता यह घटना दर्शाती है कि भारतीय राजनीति में कटुता बढ़ रही है। जहां एक तरफ युवा संगठन अपनी-अपनी पार्टियों की रक्षा में उतर आए हैं, वहीं जनता को ऐसे प्रदर्शनों से कोई फायदा नहीं हो रहा। राजनीतिक दलों को चाहिए कि वे मुद्दों पर बहस करें, न कि व्यक्तिगत हमलों पर। राहुल गांधी के आवास पर हुआ यह प्रदर्शन आने वाले दिनों में और विवादों को जन्म दे सकता है। फिलहाल, दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या इससे देश का भला होगा?
इस पूरे प्रकरण में पुलिस की भूमिका सराहनीय रही, जिसने स्थिति को बिगड़ने से रोका। अब देखना होगा कि कांग्रेस और बीजेपी इस मुद्दे को कितना आगे बढ़ाते हैं। राजनीतिक पर्यवेक्षक मानते हैं कि 2029 लोकसभा चुनावों से पहले ऐसे टकराव बढ़ेंगे, क्योंकि दोनों पार्टियां युवा वोटरों को साधने की कोशिश में हैं।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World 20th Feb 2026