National News
August 30, 2026
7 हफ्ते की प्रेग्नेंट थी पंजाब की इन्फ्लुएंसर, गर्भपात से इनकार पर जंगल में जिंदा जलाया - माँ बोली, "मेरी बेटी बयान देना चाहती थी पर पुलिस नहीं आई"
7 हफ्ते की प्रेग्नेंट थी पंजाब की इन्फ्लुएंसर, गर्भपात से इनकार पर जंगल में जिंदा जलाया - माँ बोली, "मेरी बेटी बयान देना चाहती थी पर पुलिस नहीं आई"
-Friday World 31 Aug 2026
पंजाब से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है जिसने पूरे सोशल मीडिया को हिला कर रख दिया है। मशहूर पंजाबी इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर की मौत अब एक सामान्य हादसा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश और बर्बर हत्या का मामला बन गई है। 26 अगस्त को PGI में 54 दिन जिंदगी और मौत से लड़ने के बाद मनजीत ने दम तोड़ दिया, लेकिन मरने से पहले जो कहानी सामने आई है वो रूह कंपा देती है।
माँ का सबसे बड़ा आरोप - गर्भपात का दबाव और जिंदा जलाने की साजिश
मृतका की माँ कांता देवी ने पुलिस को दिए बयान में सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी घटना के समय 7 हफ्ते की गर्भवती थी।
माँ के मुताबिक, रिंकू नाम का युवक उनकी बेटी के साथ रिलेशनशिप में था, लेकिन जब प्रेग्नेंसी की बात सामने आई तो वह शादी से मुकर गया और लगातार गर्भपात कराने का दबाव बनाने लगा। मनजीत ने इससे इनकार कर दिया। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ता गया। परिवार ने अमृतसर की एक महिला नेहा पर भी इस साजिश में शामिल होने का शक जताया है, हालांकि नेहा ने खुद को अनजान बताया है। पुलिस अब दोनों से पूछताछ की तैयारी में है।
3 जुलाई की वो काली रात - सेक्टर-34 से मोरिंडा के जंगल तक
पुलिस जांच में अब तक जो टाइमलाइन सामने आई है वो बेहद खौफनाक है:
3 जुलाई की रात को शुभी और पिंदा नाम के दो युवकों ने मनजीत को चंडीगढ़ के सेक्टर-34 में मिलने के लिए बुलाया। आरोप है कि वहां पहले उसके साथ मारपीट की गई, फिर जबरन कार में डालकर अपहरण कर लिया गया।
उसे शहर से दूर मोरिंडा के सुनसान जंगल में ले जाया गया। वहां हाथ-पैर बांधकर एक पेड़ से बांध दिया गया और कथित तौर पर आग लगा दी गई।
किस्मत से उसी दौरान वहां से गुजर रहे मनजीत के एक परिचित ने धुएं को देखा। उसने हिम्मत दिखाकर कंबल से आग बुझाई और बुरी तरह झुलसी मनजीत को पहले मोहाली के मैक्स हॉस्पिटल पहुंचाया, फिर हालत गंभीर होने पर 9 जुलाई को उसे PGI चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया।
पहले गुमराह हुई पुलिस, बयान के इंतजार में चली गई जान?
इस केस में सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई पर भी उठ रहा है। शुरुआत में मनजीत की बहन ने घबराहट में घर में आग लगने की बात कही थी, इसलिए मामला पहले खरड़ सदर थाने में दर्ज हुआ। इस एंगल की भी जांच हो रही है।
लेकिन सबसे गंभीर आरोप अस्पताल से जुड़ा है। PGI में 5 अगस्त को जब मनजीत को 27 दिन बाद होश आया, तो उसने खुद पुलिस को बयान देने की इच्छा जताई। हॉस्पिटल चौकी ने इसकी सूचना जांच अधिकारी ASI कुलविंदर सिंह को भी दी। आरोप है कि इसके बावजूद कोई भी अधिकारी उसका मजिस्ट्रेट के सामने बयान लेने नहीं पहुंचा। अगर समय पर बयान दर्ज हो जाता तो शायद आरोपियों तक पहले पहुंचा जा सकता था।
54 दिन बाद मौत, अब हत्या का केस दर्ज
आखिरकार 54 दिनों तक मौत से जूझने के बाद 26 अगस्त को मनजीत ने PGI में अंतिम सांस ली। माँ कांता देवी के बयान के आधार पर सेक्टर-34 पुलिस स्टेशन के SHO इंस्पेक्टर शादी लाल ने अब शुभी, पिंदा और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण और हत्या का केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), CCTV फुटेज और मनजीत के सोशल मीडिया चैट के आधार पर पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ रही है। आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस की टीमें उनकी तलाश में दबिश दे रही हैं।
यह घटना सिर्फ एक इन्फ्लुएंसर की मौत नहीं है, यह सवाल है कि एक लड़की जो माँ बनना चाहती थी, उसे इसकी कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। सोशल मीडिया पर इंसाफ की मांग तेज हो गई है।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World 31 Aug 2026
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