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Wednesday, 25 February 2026

February 25, 2026

China Backs Iran Strongly: Supersonic Anti-Ship Missiles CM-302 to Be Supplied, Capable of Sinking Enemy Warships at Sea!

China Backs Iran Strongly: Supersonic Anti-Ship Missiles CM-302 to Be Supplied, Capable of Sinking Enemy Warships at Sea!
-Friday World – 26 February 2026 
Beijing–Tehran: As war drums grow louder in the Middle East, Iran has issued a stark warning to the United States. Iran's Deputy Foreign Minister Majid Takht-Ravanchi bluntly stated that any military attack by the Donald Trump administration on Iran would be an extremely dangerous gamble for America. He emphasized that Iran has already prepared comprehensive defense plans, yet stressed that the doors for diplomacy remain open. 

Meanwhile, Iran is rapidly enhancing its military capabilities. According to Reuters reports, amid escalating fears of conflict, Iran has decided to significantly boost its anti-ship strike power — and **China** is fully supporting this effort. Reliable sources indicate that China is preparing to supply Iran with its advanced **supersonic anti-ship missile CM-302. This missile can accurately strike enemy warships from over 290 kilometers away and sink them directly in the water. 

Key Features of the CM-302 Missile

-Supersonic Speed: Exceeds Mach 3 (more than three times the speed of sound) 

- Range: 290+ kilometers

 - Guidance System: Advanced radar + infrared homing for precision targeting 

- Warhead: Heavy high-explosive payload capable of sinking large warships with a single hit 

- Launch Platforms: Can be fired from ships, submarines, or coastal ground batteries

 This weapon poses a serious threat to U.S. Navy aircraft carriers, destroyers, and other capital ships. If Iran acquires the CM-302 in significant numbers, naval operations by the U.S. and its allies in the Persian Gulf and Strait of Hormuz could become far more dangerous and restricted.

 Growing Alarm in the U.S. and Among Allies This potential deal has sent shockwaves through Washington, Tel Aviv, and Gulf capitals. American defense analysts describe the CM-302 as a potential “game changer” in the region — dramatically strengthening Iran's ability to deny sea access and threaten large surface fleets. The Pentagon and White House are reportedly in a state of high alert over the implications of this emerging China–Iran military cooperation. 

Decisive Talks in Geneva Critical negotiations between the United States and Iran are scheduled to take place in Geneva, Switzerland, on February 26 and Thursday. Iran has stated it will participate with full sincerity and aims to reach an agreement as quickly as possible. White House Press Secretary Caroline Leavitt signaled that President Trump’s preferred path is always diplomacy first — but made it clear that military options remain on the table if necessary. 

Shifting Power Dynamics in the Middle East

- Iran–China strategic and military ties are deepening rapidly 

- Russia is already supplying Iran with drones and missile technology

 - U.S.–Israel coordination is intensifying

 - Saudi Arabia, UAE, and other Gulf states are closely watching this development

 If the CM-302 deal is finalized, it could fundamentally alter the balance of power in the Persian Gulf. The ability of the U.S. Navy to operate freely in these vital waters may come under serious question, and regional tensions could escalate further. The eyes of the entire world are now fixed on the Geneva talks — will diplomacy prevail, or will the risk of war move even closer? 

Iran’s New Power: Chinese Supersonic Missiles – A Major Threat to U.S. Naval Dominance!

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World – 26 February 2026 


February 25, 2026

ईरान को चीन का बड़ा साथ: सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल CM-302 मिलने वाली हैं, समुद्र में दुश्मन जहाजों को डुबोने की ताकत!

ईरान को चीन का बड़ा साथ: सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल CM-302 मिलने वाली हैं, समुद्र में दुश्मन जहाजों को डुबोने की ताकत!
-Friday World – 26 February 2026 
बीजिंग-तेहरान: मध्य पूर्व में युद्ध की आहट तेज होने के बीच ईरान ने अमेरिका को खुली चेतावनी दी है। ईरान के उप विदेश मंत्री मजीद तख्त-रवांची ने साफ कहा कि अगर डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ईरान पर हमला करती है, तो यह अमेरिका के लिए बेहद खतरनाक जुआ साबित होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान ने अपनी रक्षा की पूरी योजना तैयार कर ली है, लेकिन बातचीत के दरवाजे अभी भी खुले हैं। 

दूसरी ओर ईरान अपनी सैन्य क्षमता को लगातार बढ़ा रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, बढ़ते युद्ध के खतरे के बीच ईरान ने समुद्री हमलों की ताकत बढ़ाने का फैसला किया है और इसमें **चीन** उसका पूरा साथ दे रहा है। सूत्रों के मुताबिक, चीन ईरान को अपनी उन्नत **सुपरसोनिक एंटी-शिप मिसाइल CM-302** की आपूर्ति करने वाला है। यह मिसाइल 290 किलोमीटर से अधिक दूरी से दुश्मन के युद्धपोतों को सटीक निशाना बना सकती है और समुद्र में ही उन्हें डुबो सकती है। 

CM-302 मिसाइल की खासियतें

 - सुपरसोनिक स्पीड: मैक 3 से अधिक (ध्वनि की गति से तीन गुना तेज)

 - रेंज: 290+ किलोमीटर

 - गाइडेंस सिस्टम: उन्नत रडार और इन्फ्रारेड होमिंग

 - वारहेड: भारी विस्फोटक, जहाजों को एक ही प्रहार में डुबोने में सक्षम 

- लॉन्च प्लेटफॉर्म: जहाज, पनडुब्बी और तटीय बैटरी से लॉन्च हो सकती है 

यह मिसाइल अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक पोतों और विध्वंसकों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। अगर ईरान को यह मिसाइल मिल जाती है, तो फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की नौसेना की आवाजाही पर बड़ा असर पड़ेगा। 

अमेरिका और सहयोगियों की बढ़ती चिंता यह संभावित सौदा अमेरिका, इजराइल और खाड़ी देशों के लिए बड़ी चुनौती है। अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि CM-302 जैसी मिसाइलें ईरान की समुद्री रक्षा को कई गुना मजबूत कर देंगी। अमेरिकी नौसेना के लिए यह एक "गेम चेंजर" साबित हो सकती है। पेंटागन और व्हाइट हाउस में इस खबर से हड़कंप मचा हुआ है। 

जिनेवा में निर्णायक बातचीत 26 फरवरी और गुरुवार को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में अमेरिका और ईरान के बीच अहम वार्ता होने वाली है। ईरान ने कहा है कि वह पूरी ईमानदारी से इन वार्ताओं में शामिल होगा और जल्द से जल्द समझौते पर पहुंचना चाहता है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लीविट ने भी संकेत दिए हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप का पहला विकल्प हमेशा कूटनीतिक रास्ता ही रहेगा। लेकिन अगर जरूरी हुआ तो सैन्य विकल्प भी खुला रहेगा। 

मध्य पूर्व में बदलते समीकरण

- ईरान-चीन की नजदीकी बढ़ रही है 

- रूस पहले से ही ईरान को ड्रोन और मिसाइल तकनीक दे रहा है 

- अमेरिका और इजराइल के बीच भी तालमेल बढ़ रहा है 

- सऊदी अरब और UAE जैसे देशों की नजर इस डील पर टिकी है 

यह डील अगर पूरी हुई तो मध्य पूर्व के रक्षा समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। फारस की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना की ताकत पर सवाल उठ सकते हैं और क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है। पूरी दुनिया की नजर अब जिनेवा की इन वार्ताओं पर है कि क्या कूटनीति जीतेगी या युद्ध का खतरा और करीब आएगा? 

ईरान की नई ताकत: चीन से सुपरसोनिक मिसाइल, अमेरिका के लिए बड़ा खतरा!🚀🌊

 Sajjadali Nayani ✍
 Friday World – 26 February 2026 
February 25, 2026

कनाडा के पीएम मार्क कार्नी की भारत यात्रा में बड़ा युरेनियम डील होने की पूरी संभावना: 2.8 बिलियन कनाडाई डॉलर का 10 साल का सौदा, न्यूक्लियर एनर्जी को मिलेगी मजबूती

कनाडा के पीएम मार्क कार्नी की भारत यात्रा में बड़ा युरेनियम डील होने की पूरी संभावना: 2.8 बिलियन कनाडाई डॉलर का 10 साल का सौदा, न्यूक्लियर एनर्जी को मिलेगी मजबूती
-Friday World – 26 February 2026 
टोरंटो-नई दिल्ली: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की इस सप्ताह होने वाली भारत यात्रा के दौरान युरेनियम सप्लाई का एक बड़ा और महत्वपूर्ण सौदा होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। कार्नी के साथ एक मजबूत व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भारत आ रहा है, जिसमें दुनिया की सबसे बड़ी युरेनियम उत्पादक कंपनी **कैमेको (Cameco)** के सीईओ टिम गिट्ज़ेस और बिजनेस काउंसिल ऑफ कनाडा के सीईओ एवं प्रेसिडेंट गोल्डी हाइडर भी शामिल हैं। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक विशेष बयान में गोल्डी हाइडर ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि युरेनियम सप्लाई इस यात्रा का एक प्रमुख एजेंडा होगा। 

कैमेको का बड़ा दांव और सस्कैचेवान का साथ** कैमेको का मुख्यालय कनाडा के सस्कैचेवान प्रांत की राजधानी सस्कैटून में स्थित है। सस्कैचेवान के प्रीमियर स्कॉट मो भी इस डेलिगेशन का हिस्सा होंगे। प्रीमियर मो ने स्पष्ट रूप से कहा है कि “युरेनियम सप्लाई भारत के साथ चर्चा का केंद्र बिंदु रहेगा।” अगर यह डील फाइनल होती है तो यह **कनाडाई डॉलर 2.8 बिलियन** (लगभग 1.7-1.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर) की होगी और यह सौदा **10 साल** तक चलने वाला होगा। यह भारत की न्यूक्लियर एनर्जी महत्वाकांक्षाओं के लिए बहुत बड़ा कदम साबित होगा। 

पिछले समझौते और 2020 में खत्म हुई डील यह पहली बार नहीं है जब भारत और कैमेको के बीच युरेनियम का सौदा होने जा रहा है। भारत के परमाणु ऊर्जा विभाग (Department of Atomic Energy) ने पहले भी कैमेको के साथ युरेनियम खरीद समझौता किया था, जो 2020 में समाप्त हो गया था। उससे पहले 2013 में कनाडा और भारत के बीच परमाणु सहयोग समझौता हुआ था। 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कनाडा यात्रा के दौरान तत्कालीन कनाडाई पीएम स्टीफन हार्पर के साथ द्विपक्षीय चर्चा में युरेनियम सप्लाई को लेकर सहमति बनी थी। उस समझौते के तहत कनाडा ने शांतिपूर्ण उपयोग (विद्युत उत्पादन) के लिए युरेनियम सप्लाई करने की सहमति दी थी। 

भारत की बढ़ती न्यूक्लियर जरूरतें भारत तेजी से अपनी न्यूक्लियर एनर्जी क्षमता बढ़ा रहा है। छोटे-छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर (Small Modular Reactors) विकसित किए जा रहे हैं, जिनके लिए उच्च गुणवत्ता वाला युरेनियम जरूरी है। भारत का लक्ष्य 2030 तक न्यूक्लियर पावर क्षमता को 22,480 MW तक पहुंचाना है और 2047 तक इसे और भी बढ़ाना है। कनाडा दुनिया का सबसे बड़ा युरेनियम उत्पादक देशों में से एक है और कैमेको वैश्विक स्तर पर सबसे भरोसेमंद सप्लायर है। ऐसे में यह डील भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा में मील का पत्थर साबित हो सकती है। 

→ **पिछले महीने की तैयारी** इस डील की नींव पिछले महीने ही रखी गई थी। कनाडा के एनर्जी मंत्री टिम हॉग्सन ने पिछले महीने भारत का दौरा किया था और भारत के ऊर्जा मंत्री तथा परमाणु ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत की थी। उस दौरान दोनों पक्षों ने युरेनियम सप्लाई चेन, सुरक्षा मानकों और लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट पर विस्तृत चर्चा की थी। अब पीएम कार्नी की यात्रा के दौरान इस पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है। 

क्यों महत्वपूर्ण है यह सौदा?

- भारत को स्थिर और भरोसेमंद युरेनियम सप्लाई मिलेगी। - कनाडा को भारत जैसे बड़े बाजार में लंबे समय तक व्यापारिक मौका मिलेगा।

 - दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी। 

- भारत की नेट-जीरो और स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को बल मिलेगा। 

→ **दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया** कनाडाई अधिकारियों ने इस सौदे को “सकारात्मक और पारस्परिक लाभकारी” बताया है। भारतीय पक्ष ने अभी आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार दोनों देशों के बीच बातचीत अंतिम चरण में है। अगर यह डील सफल होती है तो यह भारत-कनाडा संबंधों में नया अध्याय खुलेगा। 

भारत-कनाडा के बीच युरेनियम डील: न्यूक्लियर भविष्य की नई शुरुआत

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World – 26 February 2026 


February 25, 2026

કચ્છમાં પ્રેમનો લોહિયાળ અંત: ગાંધીધામ હોટેલમાં પ્રેમીએ પ્રેમિકાની ગળેટૂંપો આપી હત્યા કરી, ચારિત્ર્યની શંકાએ લીધો ખૂની વળાંક!

કચ્છમાં પ્રેમનો લોહિયાળ અંત: ગાંધીધામ હોટેલમાં પ્રેમીએ પ્રેમિકાની ગળેટૂંપો આપી હત્યા કરી, ચારિત્ર્યની શંકાએ લીધો ખૂની વળાંક!
-Friday World – 25 February 2026 
કચ્છ જિલ્લામાં ફરી એક વખત પ્રેમ સંબંધનો ભયાનક અને લોહિયાળ અંત જોવા મળ્યો છે. ગાંધીધામના ખન્ના માર્કેટ વિસ્તારમાં આવેલી એક હોટેલના રૂમમાં શનિવારે (21 ફેબ્રુઆરી 2026) એક યુવકે પોતાની પ્રેમિકાની ગળું દબાવીને હત્યા કરી દીધી. આ ઘટનાએ આખા વિસ્તારમાં ભારે ખળભળાટ મચાવી દીધો છે. પોલીસે ગણતરીના કલાકોમાં જ આરોપી પ્રેમીને ધરપકડ કરી લીધી છે અને તેણે ગુનો કબૂલી લીધો છે. 

હોટેલ રૂમમાં મળ્યો યુવતીનો મૃતદેહ મળતી માહિતી અનુસાર, ગાંધીધામના ખન્ના માર્કેટમાં આવેલી એક પ્રાઇવેટ હોટેલમાં શનિવારે બપોરે એક યુવક અને યુવતી રૂમ લઈને રોકાયા હતા. સાંજના સમયે યુવક એકલો જ હોટેલમાંથી બહાર નીકળી ગયો. થોડા કલાક પછી જ્યારે હોટેલ સ્ટાફે રૂમ તપાસવા માટે ખોલ્યો તો અંદર યુવતીનો મૃતદેહ પડેલો મળ્યો. ગળામાં દબાવાના નિશાન અને શરીર પર સંઘર્ષના ઘા જોવા મળ્યા હતા. ગાંધીધામ એ-ડિવિઝન પોલીસે તાત્કાલિક ઘટનાસ્થળે પહોંચીને મૃતદેહને પોસ્ટમોર્ટમ માટે મોકલ્યો. પોસ્ટમોર્ટમ રિપોર્ટમાં મૃત્યુનું કારણ ગળું દબાવવાથી થયું હોવાનું સ્પષ્ટ થયું છે. 

આરોપીની ધરપકડ અને ચોંકાવનારી કબૂલાત પોલીસે તપાસ શરૂ કરતાં જ યુવતી સાથે રોકાયેલા યુવક દિલીપ રાઠોડને ટ્રેસ કરી લીધો અને કડક પૂછપરછ કરી. પ્રારંભિક તપાસમાં દિલીપે હત્યાનો ગુનો કબૂલી લીધો. તેણે પોલીસને જણાવ્યું કે તેને ભાવના પર ચારિત્ર્યની શંકા હતી. તેને લાગતું હતું કે ભાવના અન્ય પુરુષો સાથે પણ સંબંધો ધરાવે છે. આ બાબતે બંને વચ્ચે હોટેલના રૂમમાં ઉગ્ર ઝઘડો થયો. ઝઘડા દરમિયાન ઉશ્કેરાઈને દિલીપે ભાવનાના ગળું દબાવી દીધું અને તેણે દમ તોડી નાખ્યો. પોલીસે આરોપી વિરુદ્ધ IPC કલમ 302 (હત્યા) હેઠળ ગુનો નોંધીને ધરપકડ કરી છે. 

મૃતક ભાવના લોંચાનું જીવન અને સંબંધ મૃતક ભાવના લોંચા એકાકી જીવન જીવતી હતી. તેના અગાઉ બે લગ્ન થયા હતા. પ્રથમ પતિના અવસાન બાદ બીજા પતિ સાથે છૂટાછેડા થયા હતા. ત્યારબાદ તે સ્વતંત્ર રીતે રહેતી હતી અને કામધંધો કરતી હતી. આરોપી દિલીપ રાઠોડ પણ પોતાની પત્નીથી અલગ થઈને એકલો રહેતો હતો. બંને વચ્ચે લગભગ બે વર્ષથી પ્રેમ સંબંધ હતો. આ સંબંધમાં શરૂઆતમાં બધું સારું ચાલતું હતું, પરંતુ છેલ્લા કેટલાક મહિનામાં દિલીપને ભાવના પર વારંવાર શંકા થવા લાગી હતી. આ શંકાએ બંને વચ્ચે વારંવાર ઝઘડા કરાવ્યા અને આખરે તો ખૂની વળાંક લીધો. 

સમાજમાં વધતા પ્રેમ હત્યાના કિસ્સા કચ્છ જિલ્લામાં છેલ્લા થોડા વર્ષોમાં પ્રેમ સંબંધોને કારણે હત્યાના કિસ્સા વધી રહ્યા છે. ઈર્ષ્યા, ચારિત્ર્યની શંકા, સંબંધોમાં અસમાનતા અને એકલતાની લાગણી જેવા કારણોને લીધે આવા ઘટનાઓ વધી રહી છે. આ ઘટના ફરી એક વખત સમાજને ચેતવણી આપે છે કે પ્રેમના નામે થતા સંબંધોમાં વિશ્વાસ અને સમજણની કેટલી મોટી જરૂર છે. શંકા અને ગુસ્સાને કાબૂમાં ન રાખવાથી કેટલી નાની ઝઘડો મોટી ત્રાસદીમાં ફેરવાઈ શકે છે તેનું આ ઉદાહરણ છે. 

પોલીસની તપાસ અને આગળના પગલાં ગાંધીધામ પોલીસે આરોપીની પૂછપરછ ચાલુ રાખી છે. તેના મોબાઈલ, કોલ ડિટેલ્સ અને સોશિયલ મીડિયા ચેટ્સની તપાસ કરવામાં આવી રહી છે. હોટેલના CCTV ફૂટેજ અને આસપાસના વિસ્તારના કેમેરા ફૂટેજ પણ ચકાસવામાં આવી રહ્યા છે. આરોપીને કોર્ટમાં રજૂ કરીને રિમાન્ડ મેળવવાની પ્રક્રિયા ચાલુ છે. પોલીસે આ ઘટનાને ગંભીરતાથી લઈને તમામ પુરાવા એકત્ર કરવાનું કામ હાથ ધર્યું છે. 

સમાજ માટે ચેતવણી અને પ્રાર્થના આ ઘટના દર્શાવે છે કે પ્રેમના નામે થતા સંબંધોમાં વિશ્વાસનો અભાવ કેટલો ખતરનાક બની શકે છે. ઈર્ષ્યા અને શંકાને કાબૂમાં ન રાખવાથી જીવનનો અંત આવી શકે છે. આવા કિસ્સાઓને રોકવા માટે સમાજમાં જાગૃતિ અને કાઉન્સેલિંગની જરૂર છે. 

દુઆ છે કે ભગવાન મૃતક ભાવનાની આત્માને શાંતિ આપે અને તેના પરિવારને આ દુઃખ સહન કરવાની તાકાત આપે. **પ્રેમમાં વિશ્વાસ જરૂરી છે, શંકા ખતરનાક! 💔🕊️

 Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World – 25 February 2026 


February 25, 2026

अमेरिकी 125.87% ड्यूटी से सोलर सेक्टर में भूकंप: वारी एनर्जीज और प्रीमियर एनर्जीज के शेयर 15% तक टूटे, बाजार में हाहाकार!

अमेरिकी 125.87% ड्यूटी से सोलर सेक्टर में भूकंप: वारी एनर्जीज और प्रीमियर एनर्जीज के शेयर 15% तक टूटे, बाजार में हाहाकार!
-Friday World – 25 February 2026
अमेरिका ने भारत से सोलर सेल्स और पैनल्स पर 125.87% की प्रारंभिक काउंटरवेलिंग ड्यूटी (CVD) लगाने का ऐलान किया है। इस खबर ने भारतीय सोलर इंडस्ट्री को सीधा झटका दिया और शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। प्रमुख सोलर कंपनियों वारी एनर्जीज लिमिटेड और प्रीमियर एनर्जीज लिमिटेड के शेयर आज 15% तक गिर गए, जिससे निवेशकों में खलबली मच गई। यह फैसला अमेरिकी वाणिज्य विभाग द्वारा जारी किया गया, जिसमें आरोप लगाया गया कि भारत, इंडोनेशिया और लाओस की कंपनियों को सरकारी सब्सिडी मिल रही है, जिससे वे अमेरिकी बाजार में सस्ते दाम पर उत्पाद बेच पा रही हैं। 

शेयर बाजार पर तुरंत असर: वारी एनर्जीज में 15% तक का भारी गिरावट अमेरिकी ड्यूटी की खबर आते ही वारी एनर्जीज लिमिटेड के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली शुरू हो गई। NSE पर पिछले क्लोजिंग प्राइस ₹3,023.50 से स्टॉक ओपन होते ही ₹2,819 पर आया और इंट्राडे लो ₹2,570 तक छू गया — यानी एक दिन में लगभग 15% की गिरावट। बाद में कुछ रिकवरी हुई और ट्रेडिंग के दौरान यह ₹2,674-₹2,708 के आसपास बंद हुआ, जो पिछले क्लोज से 11-12% नीचे था। कंपनी का बड़ा हिस्सा अमेरिकी एक्सपोर्ट से जुड़ा है (ऑर्डर बुक का 65% तक), इसलिए इस ड्यूटी से प्रॉफिट मार्जिन और फ्यूचर ऑर्डर्स पर सीधा असर पड़ने की आशंका है। 

प्रीमियर एनर्जीज भी नहीं बची: 14% तक का कड़वा झटका प्रीमियर एनर्जीज लिमिटेड के शेयर भी इस सेक्टरियल नेगेटिव सेंटिमेंट से बुरी तरह प्रभावित हुए। पिछले क्लोजिंग के आसपास ₹777-₹780 से स्टॉक 14% तक गिरकर ₹666-₹681 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया कि उसका अमेरिकी एक्सपोर्ट अब लगभग नगण्य है और ऑर्डर बुक ज्यादातर घरेलू है, फिर भी बाजार की बिकवाली से बच नहीं पाई। इंट्राडे में यह ₹699 तक नीचे गया और बाद में कुछ सुधार के साथ ₹729 के आसपास ट्रेड कर रहा था। 

अन्य सोलर स्टॉक्स पर भी असर: विक्रम सोलर, सोलेक्स आदि में गिरावट इस खबर का असर सिर्फ वारी और प्रीमियर तक सीमित नहीं रहा। विक्रम सोलर के शेयर 7-8% तक गिरे, जबकि सोलेक्स एनर्जी, स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी जैसे अन्य स्टॉक्स में भी 5-10% की गिरावट दर्ज की गई। पूरा सोलर सेक्टर नेगेटिव सेंटिमेंट में डूब गया, क्योंकि अमेरिका भारतीय सोलर प्रोडक्ट्स का बड़ा बाजार है। 2024 में भारत से अमेरिका में सोलर इम्पोर्ट्स $792 मिलियन तक पहुंच चुके थे, जो 2022 के मुकाबले 9 गुना ज्यादा है। 

क्यों आई इतनी भारी गिरावट? मुख्य कारण

- अमेरिका भारत से सोलर इम्पोर्ट्स पर 125.87% की CVD लगा रहा है, जो प्रोडक्ट्स को वहां महंगा कर देगा। 

- वारी एनर्जीज जैसी कंपनियों का बड़ा रेवेन्यू और ऑर्डर बुक अमेरिकी बाजार पर निर्भर है। - निवेशक डर रहे हैं कि इससे फ्यूचर एक्सपोर्ट ऑर्डर्स रद्द हो सकते हैं या मार्जिन कम हो सकता है। 

- हालांकि कुछ कंपनियां (जैसे प्रीमियर) कह रही हैं कि उनका एक्सपोर्ट अब कम है और यूएस मैन्युफैक्चरिंग से असर कम होगा, लेकिन बाजार ने पहले ही रिएक्ट कर लिया। 

- यह प्रारंभिक फैसला है; फाइनल डिसीजन जुलाई 2026 में आएगा, लेकिन तब तक अनिश्चितता बनी रहेगी। 

कंपनियों की प्रतिक्रिया: असर सीमित बताते हुए वारी एनर्जीज ने कहा कि उसकी यूएस मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ रही है, जो ड्यूटी के असर को कम करेगी। प्रीमियर एनर्जीज ने भी स्पष्ट किया कि एक्सपोर्ट अब नगण्य है और कोई बड़ा फाइनेंशियल इंपैक्ट नहीं होगा। फिर भी बाजार की प्रतिक्रिया तेज रही।

 भविष्य की राह: चुनौतियां और अवसर** यह फैसला भारत-अमेरिका ट्रेड रिलेशंस पर असर डाल सकता है। भारतीय सोलर कंपनियों को अब यूरोप, अफ्रीका, एशिया और घरेलू बाजार पर ज्यादा फोकस करना होगा। PLI स्कीम और डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग से लंबे समय में मजबूती आएगी, लेकिन शॉर्ट टर्म में प्रेशर बना रहेगा। 

सोलर सेक्टर के लिए यह झटका है, लेकिन चुनौती से अवसर भी निकल सकता है। ☀️📉 

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World – 25 February 2026

 
February 25, 2026

Tragic F-16 Crash in Turkey Amid Rising Iran Tensions: Pilot Major Ibrahim Bolat Martyred

Tragic F-16 Crash in Turkey Amid Rising Iran Tensions: Pilot Major Ibrahim Bolat Martyred -Friday World – 25 February 2026 
In the early hours of February 25, 2026, a heartbreaking accident struck the Turkish Air Force in Balıkesir province. A Turkish F-16 Fighting Falcon fighter jet crashed shortly after takeoff during a routine mission flight. The pilot, Major Ibrahim Bolat, was martyred in the incident. The crash comes at a highly sensitive time when tensions in the Middle East — particularly involving Iran, Israel, and the United States — are at a peak, and NATO air forces are on heightened alert. 

Full Sequence of the Crash The F-16 took off from the 9th Main Jet Base Command in Balıkesir at approximately 00:56 local time (early morning of February 25). Within moments of becoming airborne, radar and radio contact with the aircraft was lost. The jet came down near the Istanbul–İzmir highway in the vicinity of the Naplı area. The impact was catastrophic — wreckage was scattered over a wide area, followed by a massive explosion and fireball that lit up the night sky. Fortunately, no civilians on the highway were injured.

 Dashcam Footage Captures Final Moments Several dashcams from vehicles traveling on the highway recorded the terrifying sequence. The videos clearly show the jet descending rapidly before a violent explosion engulfs the scene in flames and thick black smoke. Turkish Ministry of National Defense immediately confirmed that the pilot could not be saved. Rescue and recovery teams reached the site within minutes and began operations. 

Martyr Pilot: Major Ibrahim Bolat Turkish Defense Minister Yaşar Güler issued a heartfelt condolence message: “Our brave comrade Major Ibrahim Bolat was martyred in an F-16 accident on February 25, 2026. May Allah grant him the highest place in Jannah and give patience to his family.” Major Bolat was an experienced pilot with significant flight hours and had participated in multiple NATO missions. His martyrdom has deeply shaken the Turkish Armed Forces and the nation.

 F-16 Fighting Falcon: Backbone of Turkish Air Power The F-16 is a fourth-generation multi-role fighter manufactured by General Dynamics (now Lockheed Martin). 

- Top speed: Over 2,400 km/h (Mach 2+)

 - Capabilities: Air-to-air combat, air-to-ground strikes, reconnaissance, electronic warfare

 - Turkish inventory: More than 200 F-16s — forming the core of the Turkish Air Force and playing a key role in NATO operations 

Turkey operates one of the largest F-16 fleets in the world. However, the air force has faced several accidents involving these aircraft in recent years. 

Cause of the Crash: Investigation Underway The exact reason behind the crash remains unknown at this stage. The Turkish Ministry of National Defense and the accident investigation board are examining multiple possibilities, including:

 - Engine failure 

- Technical malfunction 

- Weather-related factors 

- Pilot error

 A formal crash investigation team has already begun work. A detailed report is expected in the coming weeks or months. This loss is a significant blow to the Turkish Air Force, especially during a period of elevated regional tensions. 

Why This Crash Matters Amid Iran Tensions The Middle East is currently witnessing sharp escalation between Iran, Israel, and the United States. Turkey, as a key NATO member with strategic importance in the region, maintains a strong military posture. F-16s are integral to NATO’s collective air defense capabilities. Any reduction in operational readiness — even temporarily — can have broader implications for regional security dynamics.

 Condolences and Prayers The President of Turkey, the Defense Minister, and the entire nation have expressed deep sorrow and solidarity with the family of Major Ibrahim Bolat. We pray that Allah grants the martyr the highest ranks in paradise and gives strength and patience to his grieving family. May the Turkish Air Force continue to remain strong and may such tragedies never repeat. 

In memory of our fallen hero✈️🇹🇷 

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World – 25 February 2026 


February 25, 2026

ईरान तनाव के बीच तुर्की में बड़ी विमान दुर्घटना: अमेरिकी F-16 फाइटर जेट क्रैश, पायलट मेजर इब्राहिम बोलात शहीद

ईरान तनाव के बीच तुर्की में बड़ी विमान दुर्घटना: अमेरिकी F-16 फाइटर जेट क्रैश, पायलट मेजर इब्राहिम बोलात शहीद
-Friday World – 25 February 2026 
तुर्की के बालिकेसिर प्रांत में 25 फरवरी 2026 की देर रात एक दर्दनाक हादसा हुआ है। तुर्की वायुसेना का एक F-16 फाइटर जेट मिशन फ्लाइट के दौरान टेकऑफ के कुछ ही मिनटों बाद क्रैश हो गया। इस भयानक दुर्घटना में पायलट मेजर इब्राहिम बोलात शहीद हो गए। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मध्य पूर्व में ईरान के साथ तनाव चरम पर है और NATO देशों की सैन्य तैयारियां बढ़ रही हैं।

 हादसे का पूरा विवरण तुर्की की 9वीं मुख्य जेट बेस (9th Main Jet Base Command) बालिकेसिर से F-16 जेट ने स्थानीय समयानुसार रात करीब 12:56 बजे (25 फरवरी की आधी रात) उड़ान भरी। टेकऑफ के तुरंत बाद रडार और रेडियो संपर्क टूट गया। विमान इस्तांबुल-इजमीर हाईवे के पास नैपली इलाके में गिरा। क्रैश इतना जबरदस्त था कि विमान का मलबा दूर-दूर तक बिखर गया और जोरदार विस्फोट के साथ आग का गोला उठा। हाईवे पर कोई आम नागरिक घायल नहीं हुआ, जो एक बड़ी राहत की बात है। 

डैशकैम में कैद हुए अंतिम पल हाईवे पर चल रही कई कारों के डैशकैम में यह भयावह दृश्य रिकॉर्ड हो गया। वीडियो में साफ दिखता है कि जेट तेजी से नीचे की ओर गिर रहा है और फिर भीषण विस्फोट होता है। आग और धुआं आसमान में फैल गया। तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि पायलट को बचाया नहीं जा सका। तलाशी और बचाव टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। 

शहीद पायलट: मेजर इब्राहिम बोलात तुर्की रक्षा मंत्री याशार गुलर ने शोक संदेश में कहा, "हमारे बहादुर साथी मेजर इब्राहिम बोलात 25 फरवरी 2026 को F-16 दुर्घटना में शहीद हो गए। अल्लाह उन्हें जन्नत नसीब करे और उनके परिवार को सब्र दे।" मेजर बोलात तुर्की वायुसेना के अनुभवी पायलट थे और NATO मिशनों में भी हिस्सा ले चुके थे। उनकी शहादत ने पूरे देश को सदमा पहुंचाया है। 

F-16 फाइटिंग फाल्कन: तुर्की की हवाई ताकत का मजबूत स्तंभ

F-16 फाइटिंग फाल्कन एक चौथी पीढ़ी का मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जिसे अमेरिकी कंपनी जनरल डायनेमिक्स (अब लॉकहीड मार्टिन) ने बनाया है। 

- अधिकतम गति: 2,400 किमी/घंटा (मैक 2 से ज्यादा) 

- क्षमता: हवा से हवा, हवा से जमीन हमले, रेकी और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर में माहिर 

- तुर्की के पास: 200 से ज्यादा F-16 जेट, जो तुर्की वायुसेना की रीढ़ हैं और NATO अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 

तुर्की के पास दुनिया के सबसे बड़े F-16 फ्लीट में से एक है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में कई दुर्घटनाएं हुई हैं।

 दुर्घटना का कारण: जांच जारी अभी तक हादसे का सटीक कारण सामने नहीं आया है। तुर्की रक्षा मंत्रालय और जांच टीम इंजन फेलियर, तकनीकी खराबी, मौसम संबंधी समस्या या पायलट एरर जैसी संभावनाओं की जांच कर रही है। क्रैश जांच टीम ने काम शुरू कर दिया है और रिपोर्ट आने में समय लगेगा। यह घटना तुर्की वायुसेना के लिए बड़ा झटका है, खासकर जब क्षेत्रीय तनाव बढ़ रहा है। 

ईरान तनाव के बीच यह हादसा क्यों महत्वपूर्ण? मध्य पूर्व में ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच तुर्की जैसे NATO सदस्य देश की सैन्य तैयारियां अहम हैं। F-16 जैसे जेट NATO की हवाई ताकत का हिस्सा हैं। इस दुर्घटना से सैन्य संसाधनों पर असर पड़ सकता है और जांच के नतीजे क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी असर डाल सकते हैं।

 शोक और प्रार्थना तुर्की सरकार और जनता ने शहीद पायलट के परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई है। राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री ने संवेदना व्यक्त की। 

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World – 25 February 2026