-Friday World – 1 March 2026
"आकाश से आग: ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों ने Iron Dome को चीर डाला – तेल अवीव से हैफा तक धराशायी इमारतें, दहशत और तबाही का मंजर!"
1 मार्च 2026, तेल अवीव: ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा छोड़ी गईं सैकड़ों बैलिस्टिक और क्रूज़ मिसाइलों ने इज़राइल की विश्व-प्रसिद्ध मल्टी-लेयर डिफेंस सिस्टम को गंभीर चुनौती दी है। Iron Dome, David's Sling और Arrow-3 जैसी उन्नत रक्षा प्रणालियां, जो अब तक "अजेय" मानी जाती थीं, इस बार कई जगहों पर नाकाम साबित हुईं। तेहरान ने "ट्रुथफुल प्रॉमिस 4" नामक ऑपरेशन के तहत इज़राइल पर अब तक का सबसे बड़ा मिसाइल हमला किया, जिसमें फतेह-110, खोर्रमशहर, सेज्जिल और हाइपरसोनिक मिसाइलें शामिल थीं।
Iron Dome का भयंकर फेलियर: क्या हुआ जब कवच टूटा? Iron Dome, जो छोटी दूरी की रॉकेट्स और मोर्टार को रोकने के लिए डिज़ाइन की गई है, इस बार हाई-स्पीड बैलिस्टिक मिसाइलों और स्वार्म अटैक (एक साथ सैकड़ों मिसाइलें) के सामने कमजोर पड़ गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, तेल अवीव के ऊपर दर्जनों मिसाइलें आयरन डोम के इंटरसेप्टर्स से बच निकलीं और शहर के रिहायशी इलाकों में गिरीं। रामत गान, गिवातायिम और बट याम जैसे इलाकों में इमारतें धराशायी हो गईं। एक 12-मंजिला अपार्टमेंट ब्लॉक पूरी तरह ढह गया, जिसमें दर्जनों लोग फंसे हुए हैं। हैफा के पोर्ट क्षेत्र और इंडस्ट्रियल जोन में भी बड़े विस्फोट हुए, जहां एक केमिकल प्लांट में आग लग गई और काला धुआं आसमान छूने लगा।
Arrow-3 भी नहीं बचा सका: हाइपरसोनिक मिसाइलों का कहर Arrow-3, जो लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को अंतरिक्ष में ही नष्ट करने के लिए बनी है, इस हमले में भी कई जगह फेल रही। ईरान ने "फत्ताह" हाइपरसोनिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया, जो मैक 13-15 की स्पीड से उड़ती हैं और मिसाइल डिफेंस सिस्टम्स को चकमा दे सकती हैं। जेरूसलम के पास एक Arrow-3 बैटरी पर डायरेक्ट हिट की रिपोर्ट आई, जबकि अशदोद और अशकेलोन में मिसाइलें गिरने से बंदरगाह सुविधाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। इज़राइली सेना ने माना कि 30-40% मिसाइलें इंटरसेप्ट नहीं हो सकीं – यह अब तक का सबसे बड़ा फेलियर है।
तबाही का मंजर: मौत, आग और दहशत
- तेल अवीव में कम से कम 15 बड़े इम्पैक्ट साइट्स, जहां इमारतें जलीं और कारें उड़ गईं।
- हैफा में पोर्ट पर विस्फोट से जहाजों को नुकसान, आग बुझाने में घंटों लगे।
- सायरन की लगातार आवाज, लोग बंकरों में छिपे, लेकिन कई जगह बंकर भी सुरक्षित नहीं रहे।
- स्वास्थ्य मंत्रालय के शुरुआती आंकड़े: 50+ मौतें, 400+ घायल, लेकिन संख्या बढ़ने की आशंका।
- रिहायशी इलाकों में मलबे के ढेर, लोग चीखते-रोते सड़कों पर भागते दिखे।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: दुनिया में हड़कंप
- अमेरिका ने इज़राइल का साथ दिया, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने "पूर्ण युद्ध" से चेतावनी दी।
- रूस और चीन ने इज़राइल की "आक्रामकता" की निंदा की, ईरान को "सेल्फ-डिफेंस" बताया।
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की इमरजेंसी बैठक बुलाई गई।
- तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार, होर्मुज़ स्ट्रेट पर खतरा बढ़ा।
क्या यह युद्ध का नया चरण है? ईरान की मिसाइलों ने इज़राइल की डिफेंस मिथक को तोड़ दिया है। Iron Dome और Arrow सिस्टम्स पर अरबों डॉलर खर्च के बावजूद, स्वार्म अटैक और हाइपरसोनिक हथियारों ने उन्हें चुनौती दी। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मध्य पूर्व में "नई सामान्य स्थिति" की शुरुआत हो सकती है – जहां दोनों तरफ से लगातार मिसाइलें दागी जाएंगी।
यह हमला सिर्फ सैन्य नहीं – यह मनोवैज्ञानिक युद्ध भी है। इज़राइल में दहशत का माहौल है, जबकि ईरान में जश्न मनाया जा रहा है। दुनिया अब सांस थामे देख रही है कि अगला कदम क्या होगा – शांति या और बड़ी तबाही?
Sajjadali Nayani ✍
Friday World – 1 March 2026