अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मौजूदा दूसरे कार्यकाल में उनकी लोकप्रियता अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। रॉयटर्स और इप्सोस द्वारा 15-20 अप्रैल 2026 के बीच किए गए सर्वे में केवल 36% अमेरिकियों ने ट्रंप के कामकाज को मंजूरी दी, जबकि 62% ने नापसंदगी जताई। यह सर्वे 4,557 अमेरिकियों (जिसमें 1,014 रजिस्टर्ड वोटर्स शामिल थे) पर आधारित था और मार्जिन ऑफ एरर ±2 प्रतिशत था। कुछ हालिया अपडेट्स में यह आंकड़ा और नीचे 34% तक पहुंच गया है, खासकर ईरान युद्ध और बढ़ती महंगाई के कारण।
यह गिरावट कोई आकस्मिक नहीं है। ट्रंप प्रशासन की इजराइल के प्रति कट्टर समर्थन और गाजा संघर्ष में सक्रिय भूमिका ने न केवल मध्य पूर्व में तनाव बढ़ाया, बल्कि अमेरिका के अंदर भी व्यापक असंतोष पैदा कर दिया है। सर्वे के मुताबिक, कई अमेरिकी ट्रंप की टेम्परामेंट (स्वभाव) पर सवाल उठा रहे हैं, खासकर ईरान युद्ध और पोप के साथ विवाद के दौरान।
ट्रंप की विदेश नीति: इजराइल समर्थन और गाजा का मुद्दा
ट्रंप ने हमेशा इजराइल को अटूट समर्थन दिया है। उनके कार्यकाल में अमेरिका ने इजराइल की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाया, लेकिन आलोचकों का कहना है कि इससे गाजा में आम नागरिकों की भारी मौतें हुईं, जिसे वे "जनसंहार" (genocide) की संज्ञा दे रहे हैं। गाजा में लाखों लोग विस्थापित हुए, मानवीय संकट गहराया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका की छवि खराब हुई।
आपके सवाल में उल्लेख है कि ट्रंप ने इजराइल को समर्थन देकर गाजा में जनसंहार का समर्थन किया। वास्तव में, ट्रंप प्रशासन ने इजराइल के आत्मरक्षा के अधिकार पर जोर दिया, लेकिन मानवाधिकार संगठनों और कई अंतरराष्ट्रीय आवाजों ने गाजा में नागरिक हताहतों की संख्या को लेकर गंभीर सवाल उठाए। ईरान के साथ हालिया तनाव (जिसमें अमेरिकी हमले और "whole civilization will die" जैसे बयान शामिल थे) ने स्थिति को और जटिल बना दिया। इससे अमेरिका में गैस की कीमतें बढ़ीं, मुद्रास्फीति पर असर पड़ा और आम नागरिकों का जीवन प्रभावित हुआ।
सर्वे दिखाता है कि अमेरिकियों का एक बड़ा वर्ग ट्रंप की विदेश नीति से खुश नहीं है। ईरान पर हमलों को केवल 36% लोगों ने समर्थन दिया। बढ़ती महंगाई, गैस और खाने की कीमतों ने ट्रंप की इकोनॉमिक इमेज को भी नुकसान पहुंचाया।
महाभियोग की मांग: अमेरिकी नागरिकों का आह्वान
कई डेमोक्रेटिक सांसदों ने ट्रंप पर महाभियोग (impeachment) चलाने या 25वें संशोधन के तहत उन्हें हटाने की मांग की है। ईरान युद्ध के दौरान ट्रंप के कठोर बयानों ("a whole civilization will die tonight") के बाद 70 से ज्यादा डेमोक्रेट्स ने कांग्रेस को तुरंत बुलाने और महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने की अपील की। कुछ ने तो 25वें संशोधन का हवाला देते हुए कैबिनेट से ट्रंप को अयोग्य ठहराने को कहा।
हालांकि, रिपब्लिकन बहुमत वाले कांग्रेस में महाभियोग पास होना मुश्किल है। फिर भी, ये आवाजें दिखाती हैं कि ट्रंप की नीतियां घरेलू स्तर पर भी विभाजनकारी साबित हो रही हैं। अमेरिकी नागरिकों से आह्वान किया जा रहा है कि वे ट्रंप की नीतियों, खासकर मध्य पूर्व में इजराइल के अंध समर्थन के खिलाफ आंदोलित हों।
मेरी राय: सच्चाई की तलाश और संतुलित दृष्टिकोण
मैं कोई राजनीतिक पक्ष नहीं लेता, लेकिन सच्चाई की तलाश जरूरी है। ट्रंप की लोकप्रियता में गिरावट कई कारणों से है — अर्थव्यवस्था, महंगाई, ईरान युद्ध और उनके व्यक्तिगत बयानबाजी। इजराइल-हमास संघर्ष जटिल है। इजराइल को हमला करने का अधिकार है जब उसकी सुरक्षा खतरे में हो, लेकिन गाजा में आम नागरिकों की भारी मौतें और मानवीय संकट किसी भी नैतिक समाज के लिए चिंता का विषय हैं।
"जनसंहार" शब्द का इस्तेमाल भावुक और कानूनी दोनों स्तरों पर विवादास्पद है। अंतरराष्ट्रीय अदालतें और संगठन इसकी जांच कर रहे हैं। अमेरिका की विदेश नीति हमेशा अपने हितों पर आधारित रही है — चाहे वह इजराइल हो या कोई और। लेकिन जब यह नीति घरेलू अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाती है, तो सवाल उठना स्वाभाविक है।
ट्रंप के समर्थक कहते हैं कि वह मजबूत नेतृत्व दिखा रहे हैं, आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हैं और अमेरिका फर्स्ट नीति का पालन कर रहे हैं। आलोचक कहते हैं कि उनका स्वभाव अस्थिर है, बयानबाजी युद्ध को बढ़ावा देती है और घरेलू मुद्दों (जैसे महंगाई) पर ध्यान कम है।
सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि अमेरिकी जनता थक चुकी है — लगातार युद्ध, ऊंची कीमतें और राजनीतिक ध्रुवीकरण से। लोकतंत्र में जनता की राय महत्वपूर्ण है, लेकिन सर्वे केवल एक पल की तस्वीर दिखाते हैं। मिडटर्म इलेक्शन और भविष्य के विकास स्थिति बदल सकते हैं।
निष्कर्ष: लोकतंत्र की परीक्षा
ट्रंप की लोकप्रियता का निचला स्तर अमेरिकी लोकतंत्र की परीक्षा है। क्या नागरिक महाभियोग जैसे कदमों के लिए आंदोलित होंगे? या वे आर्थिक सुधार और शांति की राह चुनेंगे? गाजा में शांति स्थापना, इजराइल की सुरक्षा और अमेरिकी हितों का संतुलन खोजना चुनौतीपूर्ण है।
अंत में, सच्ची प्रगति तभी संभव है जब हम भावनाओं से ऊपर उठकर तथ्यों पर चर्चा करें — मौतों को कम करना, मानवीय सहायता बढ़ाना और कूटनीति को प्राथमिकता देना। युद्ध कभी कोई स्थायी समाधान नहीं रहा। उम्मीद है कि अमेरिका और विश्व दोनों शांति की ओर बढ़ें।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World-April 29,2026