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Tuesday, 28 April 2026

बंगाल vs गुजरात? पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में मतदान शुरू: क्या पहले चरण का 93.19% का रिकॉर्ड टूटेगा?

बंगाल vs गुजरात? पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में मतदान शुरू: क्या पहले चरण का 93.19% का रिकॉर्ड टूटेगा?
-Friday World-April 29,2026
पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर पूरे देश की नजरों में है। आज बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को सुबह 7 बजे से विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान शुरू हो गया है। राज्य की 142 विधानसभा सीटों पर वोटिंग चल रही है, जहां लगभग 3 करोड़ 21 लाख 73 हजार 837 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। 

पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर 93.19% का ऐतिहासिक रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया था, जो स्वतंत्र भारत के इतिहास में पश्चिम बंगाल का सर्वाधिक मतदान प्रतिशत है। अब सवाल यह है कि दूसरे चरण में भी यह रिकॉर्ड टूटेगा या नहीं? सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जो उच्च मतदान की संभावना जता रही हैं।

 उच्च मतदान का कारण: राजनीतिक जुनून या वोटर लिस्ट का डर?

पहले चरण में 93.19% मतदान को कई लोग वोटर लिस्ट संशोधन (SIR) से जोड़कर देख रहे हैं। बड़ी संख्या में नाम कटने की आशंका के कारण मतदाताओं में भारी उत्साह और urgency दिखाई दी। दूसरे चरण में भी कोलकाता, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, हुगली, पूर्व बर्धमान और नदिया जैसे जिलों में इसी तरह का माहौल है।

मौसम विभाग ने दक्षिण बंगाल में अगले 5 दिनों के लिए **वावाझोड़ा और भारी बारिश** की चेतावनी जारी की है, जो मतदान प्रतिशत पर असर डाल सकता है। फिर भी, राजनीतिक दलों की जोरदार तैयारियों और मतदाताओं के जोश को देखते हुए विशेषज्ञ 90% से ऊपर का मतदान होने की उम्मीद जता रहे हैं।

 दिग्गज नेता मैदान में, प्रतिष्ठा दांव पर

दूसरे चरण की सबसे चर्चित सीट भवानीपुर है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी परंपरागत सीट से चुनाव लड़ रही हैं। उनकी सीधी टक्कर भाजपा के राज्यसभा सांसद और विपक्ष के प्रमुख चेहरे शुभेंदु अधिकारी से है। यह मुकाबला न सिर्फ स्थानीय, बल्कि पूरे राज्य की राजनीति के लिए अहम माना जा रहा है।

इस चरण में अन्य प्रमुख उम्मीदवार:
- सुजीत बोस (बिधाननगर)
- फिरहाद हकीम (कोलकाता पोर्ट)
- ब्रात्य बसु (दम दम)
- अर्जुन सिंह (नोआपाड़ा, भाजपा)
- स्वपन दासगुप्ता (राशबिहारी)
- वामपंथी उम्मीदवार मीनाक्षी मुखर्जी
- ISF के नौशाद सिद्दीकी

ये सभी नेता अपनी-अपनी प्रतिष्ठा बचाने और अपनी पार्टी के लिए सीटें जीतने की कोशिश में जुटे हैं।

 लोहे जैसी सुरक्षा व्यवस्था

चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए हैं। 
- केंद्रीय सुरक्षा बलों की 2,321 कंपनियां तैनात की गई हैं।
- इनमें से सबसे ज्यादा 273 कंपनियां केवल कोलकाता में हैं।
- कुल 41,001 मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग के जरिए सीधा निगरानी।
- ड्रोन कैमरों से संवेदनशील इलाकों पर नजर।
- 142 जनरल ऑब्जर्वर और 95 पुलिस ऑब्जर्वर की नियुक्ति।

इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद, बंगाल की चुनावी हिंसा की पुरानी परंपरा को देखते हुए हर किसी की नजर शांतिपूर्ण मतदान पर टिकी हुई है।

 बंगाल vs गुजरात: क्या है तुलना?

पश्चिम बंगाल में लगातार दो चरणों में 90% से ऊपर का मतदान भारतीय लोकतंत्र के लिए अनोखा उदाहरण है। कई राजनीतिक विश्लेषक इसे **गुजरात** से तुलना कर रहे हैं, जहां मतदान प्रतिशत आमतौर पर अपेक्षाकृत कम रहता है। बंगाल में मतदाताओं की भागीदारी राजनीतिक जागरूकता, ध्रुवीकरण और स्थानीय मुद्दों (जैसे वोटर लिस्ट संशोधन, TMC vs BJP की जंग) का परिणाम मानी जा रही है।

गुजरात की तुलना में बंगाल की चुनावी संस्कृति ज्यादा उग्र और भावुक है। यहां हर वोट को “अस्तित्व की लड़ाई” के रूप में देखा जाता है। पहले चरण का 93.19% मतदान इस बात का सबूत है कि बंगाल के मतदाता चुनाव को सिर्फ एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि अपनी आवाज उठाने का मौका मानते हैं।

 क्या कहते हैं विश्लेषक?

- TMC का दावा है कि इतना उच्च मतदान उनके पक्ष में “लहर” का संकेत है।
- भाजपा इसे “परिवर्तन” की चाहत और वोटर लिस्ट साफ-सफाई के खिलाफ प्रतिरोध बताती है।
- वामपंथी और कांग्रेस छोटे दलों के साथ गठबंधन की रणनीति पर भरोसा जता रहे हैं।

मौसम की चुनौती के बावजूद, अगर दूसरे चरण में भी 90%+ मतदान होता है तो यह पूरे चुनाव को ऐतिहासिक बना देगा। मतगणना 4 मई 2026 को होगी, जिसके नतीजे राज्य की सत्ता के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति को भी प्रभावित करेंगे।

निष्कर्ष

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 लोकतंत्र का महोत्सव साबित हो रहा है। पहले चरण के 93.19% रिकॉर्ड मतदान ने बार उठा दी है। अब देखना यह है कि दूसरे चरण में मतदाता कितना उत्साह दिखाते हैं। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सत्ता बचाने की जंग लड़ रही है, तो भाजपा सत्ता परिवर्तन का सपना देख रही है। 

चाहे मौसम हो या सुरक्षा, बंगाल के मतदाता आज फिर साबित कर रहे हैं कि भारतीय लोकतंत्र की असली ताकत मतदान केंद्रों पर खड़ी लंबी कतारों में छिपी है। 

क्या दूसरे चरण में पहला रिकॉर्ड टूटेगा? शाम तक के आंकड़े इस सवाल का जवाब देंगे।

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World-April 29,2026