तेहरान/वाशिंगटन, 31 मई 2026— अप्रैल 2026 में दक्षिण-पश्चिमी ईरान के ऊपर अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान के गिराए जाने के मामले में नया विवाद खड़ा हो गया है। ईरान ने इस सफलता का श्रेय अपनी स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली को दिया था, लेकिन अमेरिकी मीडिया NBC न्यूज ने अनाम अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दावा किया है कि विमान को चीनी निर्मित MANPADS मिसाइल ने मार गिराया, जिसमें चीनी लंबी दूरी के रडार ने सहायता की।
ईरान ने इस रिपोर्ट को तुरंत खारिज कर दिया है और इसे “अमेरिकी प्रोपगैंडा” बताया है।
घटना का विवरण
3 अप्रैल 2026 को अमेरिका-ईरान संघर्ष के दौरान अमेरिकी वायुसेना का F-15E स्ट्राइक ईगल जाग्रोस पर्वतीय क्षेत्र के ऊपर मार गिराया गया। यह दशकों में पहली बार था जब ईरानी आग में अमेरिकी फ्रंटलाइन लड़ाकू विमान गिराया गया। विमान के दोनों चालक सदस्य सफलतापूर्वक ईजेक्ट हो गए थे, जिन्हें बाद में बचाया गया।
ईरानी रक्षा मंत्रालय और एयरोस्पेस फोर्स ने तुरंत बयान जारी कर कहा कि विमान को ईरान की domestically developed air defense system ने निशाना बनाया। ईरानी मीडिया में इसे “स्वदेशी तकनीक की बड़ी जीत” बताया गया था।
NBC न्यूज की रिपोर्ट
NBC न्यूज ने 30 मई को अपनी रिपोर्ट में अनाम अमेरिकी खुफिया और सैन्य अधिकारियों के हवाले से दावा किया कि:
- F-15E को चीनी निर्मित shoulder-fired MANPADS (Man Portable Air Defense System) ने गिराया।
- लक्ष्य को ट्रैक करने और लॉक करने में चीनी लंबी दूरी के रडार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- MANPADS सिस्टम ईरान के पास पहले से मौजूद हो सकता है या हाल ही में सप्लाई किया गया हो।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी जांच अभी जारी है और पूर्ण निष्कर्ष आने में समय लग सकता है।
दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाएं
ईरान का पक्ष:
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने NBC की रिपोर्ट को “बेबुनियाद और राजनीतिक रूप से प्रेरित” बताया। उन्होंने जोर देकर कहा, “ईरान की वायु रक्षा प्रणालियां पूरी तरह स्वदेशी हैं और अमेरिकी विमान को उन्हीं ने नष्ट किया। चीनी मिसाइल का दावा अमेरिका का प्रयास है कि ईरान की तकनीकी क्षमता को कम करके आंका जाए।”
अमेरिका का पक्ष:
अमेरिकी रक्षा विभाग ने अभी तक आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन सूत्रों ने NBC को बताया कि जांच में चीनी हथियारों के इस्तेमाल के सबूत मिले हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अप्रैल में ही घटना को “shoulder-fired missile” से जोड़कर बात की थी।
विशेषज्ञों की राय
कई स्वतंत्र रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि अभी तक दोनों पक्षों की ओर से कोई ठोस सार्वजनिक सबूत — जैसे मिसाइल के मलबे की तस्वीर, रडार डेटा या स्वतंत्र जांच रिपोर्ट — नहीं पेश किया गया है।
कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि:
- MANPADS जैसी छोटी मिसाइलें आधुनिक जेट विमानों को कम ऊंचाई पर उड़ते समय मार गिराने में सक्षम होती हैं।
- ईरान के पास रूस और चीन दोनों से प्राप्त वायु रक्षा प्रणालियां हैं, जिनमें HQ-9, S-300 और स्वदेशी Bavar-373 शामिल हैं।
- यह विवाद चीन-ईरान सैन्य सहयोग की गहराई को उजागर करता है।
व्यापक संदर्भ
यह घटना अमेरिका और ईरान के बीच अप्रैल 2026 में छिड़े सीधे सैन्य संघर्ष का हिस्सा है। इस दौरान दोनों देशों ने एक-दूसरे पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे। F-15E का गिरना अमेरिकी वायुसेना के लिए एक बड़ा झटका था, जबकि ईरान के लिए प्रचार की बड़ी सफलता।
चीन का रुख:
बीजिंग ने किसी भी हथियार सप्लाई के आरोप से इनकार किया है। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा, “हम अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करते हैं और किसी भी संघर्ष में हथियारों की आपूर्ति नहीं करते।”
आगे की संभावनाएं
- अमेरिका इस घटना को लेकर ईरान और चीन पर नए प्रतिबंध लगा सकता है।
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग हो सकती है।
- दोनों पक्ष सूचना युद्ध तेज कर रहे हैं, जिसमें हथियार की असलियत से ज्यादा भू-राजनीतिक संदेश देने की कोशिश दिख रही है।
F-15E के गिराए जाने और इस्तेमाल किए गए हथियार को लेकर अभी अलग-अलग दावे हैं। स्वतंत्र रूप से सत्यापित जानकारी अभी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
यह घटना दर्शाती है कि आधुनिक युद्ध में सैन्य तकनीक, खुफिया जानकारी और मीडिया रिपोर्टिंग कितनी तेजी से एक-दूसरे से जुड़ जाती है।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World 31 May2026