-Friday World 21 Aug 2026
अरब सागर और हॉर्न ऑफ अफ्रीका के समुद्री इलाकों में चांचियगीरी की घटनाओं ने एक बार फिर वैश्विक समुद्री सुरक्षा और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चिंता बढ़ा दी है। यमन और सोमालिया के तटीय क्षेत्रों में अलग-अलग घटनाओं में चांचियाओं ने दो वाणिज्यिक जहाजों का अपहरण कर लिया है। इन जहाजों पर कुल 22 भारतीय नागरिक सवार हैं। भारतीय अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और नवीनतम जानकारी के अनुसार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं।
यमन तट के पास तेल टैंकर M.T. Sibu 1 का अपहरण
20 अगस्त 2026 को अदन की खाड़ी में यमन तट से करीब 30 नॉटिकल मील दूर इरिट्रिया के झंडे वाला तेल उत्पाद टैंकर M.T. Sibu 1 (जिसे सीमल या सीगल के नाम से भी जाना जाता है) चांचियाओं के कब्जे में आ गया। जहाज पर कुल 20 क्रू सदस्य थे, जिनमें 16 भारतीय नागरिक शामिल हैं। बाकी सदस्यों में सीरिया, सूडान और इराक के नागरिक तथा एक अज्ञात राष्ट्रीयता का नाविक है। छह सशस्त्र चांचियाओं ने जहाज पर चढ़कर नियंत्रण कर लिया और इसे सोमालिया की ओर मोड़ दिया। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) और अन्य समुद्री एजेंसियों ने इसकी पुष्टि की है। शिपिंग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार नवीनतम जानकारी के मुताबिक भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित हैं। यह जहाज पहले अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में भी रहा है।
सोमालिया के पुंटलैंड तट पर कार्गो जहाज M/V LUTUF
इससे तीन दिन पहले 17 अगस्त को सोमालिया के पुंटलैंड तट के पास कैमरून के झंडे वाला सामान्य कार्गो जहाज M/V LUTUF चांचियाओं के कब्जे में आ गया। जहाज पर 10 सदस्यीय क्रू था, जिसमें 6 भारतीय नागरिक शामिल हैं। बाकी में तुर्की, जॉर्जियाई और सर्बियाई सुरक्षा गार्ड थे। करीब आठ सशस्त्र चांचियाओं ने दो स्किफ से हमला कर जहाज पर कब्जा जमाया और इसे नूगल तट की ओर ले गए। रिपोर्ट्स के अनुसार जहाज तुर्की के हथियार, संचार और सैटेलाइट उपकरण लेकर मोगादिशु स्थित तुर्की सैन्य प्रशिक्षण केंद्र जा रहा था। तुर्की पक्ष ने निगरानी बढ़ाई है और कुछ रिपोर्ट्स में ड्रोन या हेलीकॉप्टर गतिविधि का भी जिक्र है।
सरकार और एजेंसियों की कार्रवाई
इन घटनाओं के बाद डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग और संबंधित भर्ती एजेंसियों से तुरंत रिपोर्ट मांगी गई है। भारतीय नौसेना और सुरक्षा एजेंसियां दोनों जहाजों तथा भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने भी पुष्टि की है कि सभी 22 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं।
ये घटनाएं समुद्री मार्गों पर बढ़ते खतरे को रेखांकित करती हैं। हॉर्न ऑफ अफ्रीका और अदन की खाड़ी लंबे समय से चांचियगीरी के लिए संवेदनशील रहे हैं। हाल के वर्षों में क्षेत्रीय तनाव और अन्य कारकों के कारण ऐसी घटनाओं में फिर से वृद्धि देखी जा रही है। भारतीय नाविक दुनिया के कई वाणिज्यिक जहाजों पर बड़ी संख्या में काम करते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा भारत सरकार की प्राथमिकता बनी रहती है।
साथ ही एक पुराना वीडियो भी चर्चा में है, जिसमें अप्रैल में होर्मुज की खाड़ी में ईरानी नौकाओं द्वारा एक पनामा झंडे वाले कंटेनर जहाज (21 भारतीय क्रू सहित) को घेरने और फायरिंग की घटना दिखाई गई थी। हालांकि वह अलग संदर्भ की घटना थी, लेकिन वर्तमान हाईजैक ने समुद्री खतरों की याद दिला दी है।
भारतीय अधिकारी नाविकों की सुरक्षित रिहाई और जहाजों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुद्री सहयोग और सतर्कता से ही ऐसे खतरों से निपटा जा सकता है। सभी भारतीय नाविकों की सुरक्षा और शीघ्र सुरक्षित वापसी की कामना के साथ एजेंसियां सक्रिय हैं।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World 21 Aug 2026
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