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Saturday, 15 August 2026

आईआरजीसी की चेतावनी: “युद्ध वर्षों चले तो भी ईरान आखिरी दिन तक मिसाइलें दागता रहेगा”

आईआरजीसी की चेतावनी: “युद्ध वर्षों चले तो भी ईरान आखिरी दिन तक मिसाइलें दागता रहेगा”
- Friday World 15 Aug 2026
मध्य पूर्व की अशांत हवाओं में एक बार फिर तेज बयान गूंजा है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के एक वरिष्ठ सलाहकार ने साफ चेतावनी दी है कि भले ही युद्ध कई वर्षों तक चले, ईरान अपने दुश्मनों पर मिसाइलें दागना बंद नहीं करेगा।

मोहम्मद रेजा नकदी, जो आईआरजीसी कमांडर-इन-चीफ के वरिष्ठ सलाहकार हैं, ने हालिया बयान में कहा कि अगर संघर्ष लंबा खिंचता है तो भी इस्लामिक रिपब्लिक दुश्मन ठिकानों पर मिसाइलें बरसाता रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान ने पिछले कई महीनों के संघर्ष में अमेरिकी सैन्य क्षमता की वास्तविक तस्वीर देख ली है और वह उतनी मजबूत नहीं लगती जितनी पहले समझी जाती थी।

नकदी के अनुसार, युद्ध जितना लंबा चलेगा, ईरान को उतना ही अधिक अनुभव और मजबूती मिलेगी। उन्होंने दावा किया कि मिसाइलों और ड्रोन का उत्पादन जारी है और उत्पादन दर उनके इस्तेमाल से अधिक है। इसलिए स्टॉक खत्म होने का कोई खतरा नहीं है। यहां तक कि अगर मौजूदा भंडार कम भी हो जाए तो औद्योगिक क्षमता और मानवीय संसाधन उत्पादन को जारी रखने के लिए पर्याप्त हैं।

यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में तनाव लंबे समय से जारी है। ईरान और उसके विरोधियों के बीच संघर्ष में बैलिस्टिक मिसाइलें, ड्रोन और अन्य हथियार प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। आईआरजीसी का यह रुख स्पष्ट संदेश देता है कि तेहरान थकान या संसाधनों की कमी के आधार पर पीछे हटने वाला नहीं है। बल्कि वह लंबे संघर्ष के लिए तैयार है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान की मिसाइल क्षमता का बड़ा हिस्सा पहाड़ी इलाकों में छिपे भूमिगत ठिकानों और मोबाइल लॉन्चरों पर आधारित है। यह “मोज़ेक डिफेंस” रणनीति दुश्मन के लिए ठिकानों को नष्ट करना मुश्किल बनाती है। नकदी ने यह भी इशारा किया कि कई क्षमताएं अभी तक पूरी तरह इस्तेमाल नहीं की गई हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस बयान ने चिंता बढ़ा दी है। लंबे संघर्ष का मतलब क्षेत्रीय अस्थिरता, तेल आपूर्ति में बाधा और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव हो सकता है। अमेरिकी और सहयोगी देशों के आर्थिक हितों पर भी निशाना साधने की बात कही गई है।

ईरानी अधिकारी लगातार यह दावा करते रहे हैं कि वे युद्ध नहीं चाहते, लेकिन अगर हमला होता है तो जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। आईआरजीसी का ताजा बयान उसी रुख को और मजबूती से दोहराता है। नकदी ने यहां तक कहा कि अगर कभी मिसाइलें खत्म भी हो जाएं तो वह समय अमेरिका के लिए और ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है।

यह बयान सिर्फ सैन्य क्षमता का प्रदर्शन नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक युद्ध का भी हिस्सा लगता है। लंबे संघर्ष की तैयारी का दावा दुश्मन पक्ष पर दबाव बढ़ाने और अपनी घरेलू जनता को आश्वस्त करने का माध्यम भी है।

मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति बताती है कि तनाव जल्दी खत्म होने वाला नहीं। दोनों पक्ष अपनी-अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं। आईआरजीसी की यह चेतावनी याद दिलाती है कि क्षेत्रीय संघर्ष कितना जटिल और लंबा खिंच सकता है। विश्व समुदाय की नजरें अब इस पर हैं कि क्या कूटनीतिक रास्ते खुलेंगे या संघर्ष और गहराएगा।

ईरान की मिसाइल शक्ति और उसकी उत्पादन क्षमता पर बहस जारी रहेगी। लेकिन आईआरजीसी का संदेश साफ है—आखिरी सांस तक लड़ने का इरादा।

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World 15 Aug 2026

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