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Friday, 14 August 2026

स्वतंत्रता दिवस पर CJP का इंस्टाग्राम ब्लॉक: अभिजीत दीपके ने कहा- ‘डरपोकों ने हटाया पेज’, गांव से शुरू होगा ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान

स्वतंत्रता दिवस पर CJP का इंस्टाग्राम ब्लॉक: अभिजीत दीपके ने कहा- ‘डरपोकों ने हटाया पेज’, गांव से शुरू होगा ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान
-Friday World 15 Aug 2026
१५ अगस्त २०२६ की सुबह। देश आज़ादी की ८०वीं वर्षगांठ मना रहा था। लाल किले से लेकर गांव-गांव तक तिरंगे लहरा रहे थे। लेकिन महाराष्ट्र के एक युवा सामाजिक कार्यकर्ता अभिजीत दीपके के लिए यह सुबह अलग मायने रखती थी। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज को अचानक ब्लॉक कर दिया गया। इस खबर ने सोशल मीडिया पर चर्चा का नया मोड़ पैदा कर दिया।

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने खुद एक्स (पूर्व ट्विटर) पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए गुस्से में लिखा, “उन्होंने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल हटा दिया। कितने बड़े डरपोक हैं!” स्वतंत्रता दिवस की सुबह की गई इस पोस्ट ने उनके समर्थकों में आक्रोश पैदा कर दिया। कई लोगों ने पूछा कि आखिर क्यों एक राजनीतिक-सामाजिक पेज को अचानक हटा दिया गया।

स्वतंत्रता दिवस पर साझा की गई तस्वीर ने बढ़ाया अर्थ 
पेज ब्लॉक होने से पहले अभिजीत दीपके ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए एक खास तस्वीर शेयर की थी। तस्वीर में दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का दृश्य था। तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा था, “स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं। यह तस्वीर हमें याद दिलाती है कि हमें अभी भी बहुत लंबा अग्निपथ तय करना बाकी है।”  

यह तस्वीर सिर्फ एक याद नहीं थी। यह उनके आंदोलन की जड़ों को दर्शाती थी। नीट पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में छात्रों पर हुई कार्रवाई ने पूरे देश में चर्चा पैदा की थी। अभिजीत दीपके ने उसी आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए CJP के बैनर तले आवाज उठाई थी।

कैसे शुरू हुई कॉकरोच जनता पार्टी?
CJP की शुरुआत मुख्य न्यायधीश (CJI) सूर्यकांत के एक बयान के जवाब में हुई थी। अभिजीत दीपके ने उस बयान के खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए यह सोशल मीडिया पेज और बाद में आंदोलन खड़ा किया। कम समय में एक्स और इंस्टाग्राम पर CJP को भारी लोकप्रियता मिली। लाखों लोग इससे जुड़ गए। इसके बाद अभिजीत दीपके अमेरिका से भारत लौटे और नीट पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन तेज किया। जंतर-मंतर पर हजारों छात्रों और आम नागरिकों ने धरना दिया। यह आंदोलन युवा आक्रोश का प्रतीक बन गया था।

अब पेज ब्लॉक होने के बाद अभिजीत दीपके ने साफ कह दिया है कि आंदोलन रुकेगा नहीं। बल्कि अब वे शिक्षा के बुनियादी मुद्दों पर फोकस करने वाले हैं।

*स्कूल ठीक करो’ अभियान: गांव से शुरू होगी नई लड़ाई

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ही अभिजीत दीपके ने बड़ा ऐलान किया है। CJP महाराष्ट्र के हिंगोली जिले स्थित उनके गांव से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत करेगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं में सुधार लाना है। बेंच, पीने का पानी, शौचालय, छत की मरम्मत और अन्य बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करने पर जोर दिया जाएगा।  

अभिजीत दीपके ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “मैं अपने गांव से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू करूंगा। वहां के सरपंच से अनुरोध करूंगा कि स्थानीय सरकारी स्कूलों की मरम्मत कराएं और बेंच तथा पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करें।” उन्होंने बताया कि CJP ने कई टीमें बनाई हैं जो गांव-गांव जाकर लोगों और सरपंचों के सहयोग से स्कूलों की स्थिति सुधारने का काम करेंगी।  

यह अभियान सिर्फ शिकायत नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने का माध्यम बनेगा। ग्रामीण इलाकों में सरकारी स्कूलों की बदहाली लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। कई स्कूलों में बच्चे फर्श पर बैठकर पढ़ते हैं, पीने का साफ पानी उपलब्ध नहीं होता और इमारतें जर्जर हालत में हैं। ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान इन्हीं मुद्दों को केंद्र में रखकर आगे बढ़ेगा।

सोशल मीडिया से मैदान तक का सफर
अभिजीत दीपके का सफर सोशल मीडिया से शुरू होकर जमीनी आंदोलन तक पहुंचा है। अमेरिका से लौटकर उन्होंने नीट मुद्दे पर आवाज उठाई और अब शिक्षा के बुनियादी ढांचे पर फोकस कर रहे हैं। इंस्टाग्राम पेज ब्लॉक होने के बावजूद उन्होंने एक्स पर अपनी बात रखी और समर्थकों को संदेश दिया कि डरने की जरूरत नहीं।  

स्वतंत्रता दिवस पर यह घटना कई सवाल खड़े करती है। अभिव्यक्ति की आजादी, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी और युवा आंदोलनों के भविष्य को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वहीं दूसरी तरफ ‘स्कूल ठीक करो’ जैसा अभियान शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत को रेखांकित करता है।  

अभिजीत दीपके और CJP का मानना है कि असली आजादी तभी मिलेगी जब गांव के स्कूल ठीक होंगे, छात्रों को लाठीचार्ज का सामना नहीं करना पड़ेगा और व्यवस्था जवाबदेह बनेगी। स्वतंत्रता दिवस की सुबह ब्लॉक हुआ इंस्टाग्राम पेज अब उनके लिए नई लड़ाई का प्रतीक बन गया है।  

अब देखना यह होगा कि ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान कितना प्रभावी साबित होता है और ग्रामीण शिक्षा की तस्वीर बदलने में कितनी भूमिका निभाता है। अभिजीत दीपके के शब्दों में, अग्निपथ अभी बाकी है। और वे इसे तय करने के लिए तैयार दिख रहे हैं।

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World 15 Aug 2026

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