Breaking

यमन ने सऊदी अरब के सामने रखी अजीब शर्त, यमनियों की जाल में फंसा रियाज़...

Friday, 23 January 2026

इज़राइली सूत्रों के हवाले से: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा व्यवस्था के शीर्ष कमांडरों के साथ आपातकालीन उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई

इज़राइली सूत्रों के हवाले से: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा व्यवस्था के शीर्ष कमांडरों के साथ आपातकालीन उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई
-Friday World 23 January 2026
नेतन्याहू की मध्यरात्रि बैठक: इज़राइल में क्या छिपा है 'आपातकालीन संकट'?
तेल अवीव से मिली ताज़ा खबरों के अनुसार, इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस समय देश की सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठतम कमांडरों के साथ एक अत्यंत गोपनीय और आपातकालीन बैठक में शामिल हैं। इज़राइली सूत्रों ने इस बैठक को "उच्च-स्तरीय सुरक्षा परामर्श" करार दिया है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर खतरों की आशंका को दर्शाता है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब मध्य पूर्व में तनाव का पारा लगातार बढ़ रहा है, और इज़राइल-ईरान के बीच छिपी हुई जंग नए मोड़ पर पहुंच चुकी है। 

सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक प्रधानमंत्री कार्यालय या किर्या (इज़राइल के सैन्य मुख्यालय) में हो रही है। इसमें रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़, आईडीएफ चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल ज़मीर, मोसाद प्रमुख, शिन बेट के प्रमुख और अन्य खुफिया एजेंसियों के टॉप अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं। बैठक की प्रकृति इतनी संवेदनशील है कि इसमें फोन या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की बजाय व्यक्तिगत उपस्थिति पर जोर दिया गया है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि बैठक मध्यरात्रि के बाद शुरू हुई, जो इसकी गंभीरता को और बढ़ाता है। 

संभावित एजेंडा क्या हो सकता है? हाल के दिनों में इज़राइल और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंचा हुआ है। अमेरिकी प्रशासन की ओर से ईरान पर "मैक्सिमम प्रेशर" नीति को फिर से लागू करने के संकेत मिले हैं, और रिपोर्ट्स के अनुसार इज़राइल को अमेरिका से संकेत मिले हैं कि तेहरान पर संभावित हमला निकट भविष्य में हो सकता है। इज़राइल ने हाल ही में ईरान के परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल फैक्टरियों और एयर डिफेंस सिस्टम्स को निशाना बनाने वाली कार्रवाइयों को अंजाम दिया है। ऐसे में यह बैठक ईरान से जुड़े नए खुफिया इनपुट्स, संभावित जवाबी हमलों की तैयारी या क्षेत्रीय गठबंधनों पर चर्चा के लिए बुलाई गई मानी जा रही है। 

इसके अलावा, गाजा में चल रहे ऑपरेशन, लेबनान बॉर्डर पर हिज़्बुल्लाह की गतिविधियां और यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर में जहाजों पर हमले भी सुरक्षा चिंताओं का हिस्सा बने हुए हैं। आईडीएफ ने हाल ही में मैनपावर की कमी की चेतावनी दी है, जिससे सेना की तैयारियों पर असर पड़ सकता है। नेतन्याहू की यह बैठक शायद इन सभी मोर्चों पर एक समग्र रणनीति तय करने के लिए हो। 

 राजनीतिक पृष्ठभूमि नेतन्याहू की सरकार पहले से ही आंतरिक दबावों से जूझ रही है। गठबंधन में दरारें, विपक्ष की आलोचनाएं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इज़राइल की छवि को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। ऐसे में कोई बड़ा सुरक्षा फैसला उनकी राजनीतिक स्थिति को मजबूत या कमजोर दोनों कर सकता है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ हाल की चर्चाओं का नतीजा हो सकती है, जहां गाजा, लेबनान और ईरान पर नीतिगत फैसले लिए गए हों। 

इज़राइल की सुरक्षा रणनीति में बदलाव? इज़राइल ने हाल के वर्षों में अपनी डिफेंस टेक्नोलॉजी में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। आयरन बीम लेजर डिफेंस सिस्टम का ऑपरेशनल इस्तेमाल शुरू हो चुका है, जो ड्रोन और मिसाइलों को रोकने में सक्षम है। बैठक में शायद इन नई तकनीकों के इस्तेमाल, ईरान के परमाणु ठिकानों पर संभावित स्ट्राइक और क्षेत्रीय सहयोगियों (जैसे ग्रीस, साइप्रस) के साथ संयुक्त ऑपरेशंस पर विचार-विमर्श हो रहा हो।

 यह बैठक इज़राइल के लिए एक निर्णायक क्षण साबित हो सकती है। यदि कोई बड़ा ऑपरेशन शुरू होता है, तो मध्य पूर्व का नक्शा बदल सकता है। फिलहाल, इज़राइली सरकार ने आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि बैठक कई घंटों तक चल सकती है। 

दुनिया की निगाहें अब तेल अवीव पर टिकी हैं। क्या यह बैठक सिर्फ एक रूटीन सुरक्षा समीक्षा है, या कोई बड़ा ऐलान होने वाला है? समय ही बताएगा।

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World 23 January 2026