आकाश में काले बाज़ की उड़ान: दक्षिण कोरियाई 'ब्लैक ईगल्स' ने जामनगर एयरबेस पर भरा ईंधन, भारतीय वायुसेना ने दिखाया दोस्ताना रुख – सऊदी वर्ल्ड डिफेंस शो 2026 की तैयारी!
दुनिया भर में अपनी एरोबेटिक उड़ानों के लिए मशहूर दक्षिण कोरिया की वायुसेना की प्रतिष्ठित टीम **'ब्लैक ईगल्स' (Black Eagles)** ने हाल ही में भारत के जामनगर एयर फोर्स स्टेशन पर एक महत्वपूर्ण ठहराव लिया। यह घटना न केवल तकनीकी सहयोग का प्रतीक है, बल्कि भारत और दक्षिण कोरिया के बीच बढ़ते रक्षा और सैन्य संबंधों को भी रेखांकित करती है।
क्या हुआ था?
31 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक, दक्षिण कोरियाई वायुसेना (Republic of Korea Air Force - ROKAF) के ब्लैक ईगल्स एरोबेटिक टीम के नौ T-50B गोल्डन ईगल फाइटर जेट्स और एक **C-130** ट्रांसपोर्ट विमान ने जामनगर एयरबेस पर ट्रांजिट हॉल्ट (वचगाळा का विराम) लिया। ये विमान सऊदी अरब के रियाद में होने वाले वर्ल्ड डिफेंस शो 2026 (World Defense Show 2026) में भाग लेने के लिए जा रहे थे, जहां वे 8 से 12 फरवरी तक शानदार एरियल डिस्प्ले प्रस्तुत करेंगे।
यह लंबी यात्रा (करीब 11,300 किलोमीटर) कई पड़ावों से होकर गुजरी – जापान के नाहा एयर बेस से शुरू होकर फिलीपींस, वियतनाम, थाईलैंड, भारत (कोलकाता, नागपुर, जामनगर), और ओमान तक। जामनगर में भारतीय वायुसेना (IAF) ने पूरी टीम को उतारने, ईंधन भरने, तकनीकी सहायता, कस्टम्स और इमिग्रेशन** में पूर्ण सहयोग दिया। दक्षिण पश्चिमी वायु कमान (SWAC) ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि की और टीम को सुरक्षित उड़ान की शुभकामनाएं दीं।
ब्लैक ईगल्स कौन हैं?
ब्लैक ईगल्स दक्षिण कोरिया की आधिकारिक एरोबेटिक टीम है, जो ROKAF के 53rd स्पेशल एयर स्क्वाड्रन से जुड़ी हुई है। ये **T-50B** सुपरसोनिक ट्रेनर जेट्स पर उड़ान भरते हैं, जो दक्षिण कोरिया में ही विकसित हुए हैं। टीम अपनी सटीकता, टीमवर्क और उच्च-स्तरीय मैन्यूवर्स (जैसे मुगुंघवा फॉर्मेशन) के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यह उनकी मिडिल ईस्ट में पहली भागीदारी है, जहां वे 24 से अधिक शानदार एरियल मूवमेंट्स दिखाएंगे।
भारत का योगदान क्यों महत्वपूर्ण? T-50 जैसे हल्के फाइटर जेट्स लंबी दूरी की लगातार उड़ान नहीं भर सकते, इसलिए रास्ते में कई जगह ईंधन भरना जरूरी होता है। जामनगर में भारतीय वायुसेना ने न केवल ईंधन और तकनीकी मदद दी, बल्कि आराम और लॉजिस्टिक्स भी सुनिश्चित किए। इससे पहले नागपुर एयरपोर्ट पर भी टीम ने ठहराव लिया था।
यह घटना भारत-दक्षिण कोरिया के बढ़ते रक्षा सहयोग का मजबूत संकेत है। दोनों देश पहले से ही संयुक्त सैन्य अभ्यास और तकनीकी आदान-प्रदान कर रहे हैं। साथ ही, जापान के साथ भी सुधार हुए – जहां पहली बार ब्लैक ईगल्स को जापान में रिफ्यूलिंग सपोर्ट मिला (पिछले साल दुबई एयर शो में जापान की मना करने से टीम नहीं जा पाई थी)।
वर्ल्ड डिफेंस शो 2026 क्या है? सऊदी अरब का यह प्रमुख अंतरराष्ट्रीय डिफेंस एक्जिबिशन 8 से 12 फरवरी 2026 तक रियाद कन्वेंशन सेंटर में होगा। यहां दुनिया भर के डिफेंस कंपनियां, हथियार सिस्टम, एयरोस्पेस टेक्नोलॉजी और एयर शो प्रदर्शित होंगे। ब्लैक ईगल्स का प्रदर्शन सऊदी अरब और दक्षिण कोरिया के बीच भी नए रक्षा सौदों का रास्ता खोल सकता है।
यह छोटा-सा ठहराव सिर्फ ईंधन भरने का मामला नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय दोस्ती, विश्वास और रक्षा सहयोग की मिसाल है। जब 'काले बाज़' भारतीय आसमान में उतरे, तो उन्होंने न सिर्फ अपनी उड़ान दिखाई, बल्कि भारत की उदारता और मजबूत सैन्य साझेदारी को भी उजागर किया। आकाश में ये बाज़ अब सऊदी रेगिस्तान में अपनी चमक बिखेरेंगे – और भारत गर्व से कह सकता है कि हमने उनकी इस यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई!
Sajjadali Nayani ✍
Friday world 4/2/2026