-Friday 🌎 World 1 March 2026
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़राइल ने मिलकर **ईरान पर बड़े पैमाने पर हमला** शुरू किया, जिसे "Operation Epic Fury" (अमेरिका) और "Roaring Lion" (इज़राइल) नाम दिया गया। यह हमला इतना भयंकर था कि ईरान के कई टॉप लीडर्स और मिलिट्री कमांडर्स शहीद हो गए, और तेहरान में बड़े पैमाने पर तबाही मची। ईरान ने तुरंत जवाबी हमले किए – इज़राइल पर मिसाइलें दागीं और गल्फ देशों (UAE, कतर, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन) में अमेरिकी बेसों को निशाना बनाया। यह घटना पैगंबर साहब (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के समय की रमज़ान की जीतों से सीधी तुलना करती है। आइए देखें कैसे इतिहास दोहरा रहा है और क्यों मुसलमानों का यकीन है कि **अल्लाह की मदद से जीत इंशाअल्लाह होगी**।
रमज़ान में पैगंबर के समय की जीतें: एक यादगार इतिहास रमज़ान मुबारक वो महीना है जिसमें रोज़ेदारों पर अल्लाह की खास रहमत और फतह नाजिल होती है। पैगंबर साहब के दौर में रमज़ान में हुई मुख्य जंगें:
- **घज़वा-ए-बद्र** (17 रमज़ान, 2 हिजरी): मुसलमानों की 313 की छोटी टुकड़ी ने 1000 काफिरों को हराया। अल्लाह ने फरिश्तों की मदद भेजी (सूरह अल-अनफाल)। पहली बड़ी जीत।
- **फत्ह-ए-मक्का** (10 या 20 रमज़ान, 8 हिजरी): 10,000 मुजाहिदों के साथ मक्का फतह हुआ
– बिना बड़ी लड़ाई के। काबा से बुत हटाए गए, आम माफी दी गई।
- **अहज़ाब (खंदक)** और **ताबूक**: हालांकि मुख्य लड़ाई रमज़ान में, लेकिन रमज़ान के महीने में तैयारी और वापसी ने मुसलमानों की हिम्मत दिखाई। हर बार कम संसाधनों के बावजूद अल्लाह ने जीत दी। रोज़े की कमज़ोरी में ताकत आई।
28 फरवरी 2026: अमेरिका-इज़राइल का हमला और ईरान का जवाब 28 फरवरी 2026 को सुबह अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर **सैकड़ों टारगेट्स** पर हमला किया
– तेहरान में सरकारी इमारतें, मिलिट्री साइट्स, मिसाइल लॉन्चर्स, एयर डिफेंस सिस्टम्स और अन्य स्ट्रैटेजिक लोकेशन्स। रिपोर्ट्स के मुताबिक:
- **डेकैपिटेशन स्ट्राइक**
– कई हाई-रैंकिंग मिलिट्री और सिक्योरिटी लीडर्स को निशाना बनाया गया।
- **200+ मौतें, 700+ घायल** (शुरुआती आंकड़े, जिसमें कई IRGC कमांडर्स शामिल)।
- एक हमले में मिनाब में लड़कियों का स्कूल भी हिट हुआ, जिसमें दर्जनों बच्चे शहीद हुए
– यह दुनिया भर में आक्रोश का सबब बना। ईरान ने तुरंत **रिटेलिएट** किया:
- इज़राइल पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन्स।
- गल्फ में अमेरिकी बेस (बहरीन, कतर, UAE आदि) पर हमले
– दुबई, दोहा और मनामा में एक्सप्लोजन की रिपोर्ट्स।
- IRGC ने "सबसे इंटेंस और डेवेस्टेटिंग" जवाबी ऑपरेशन का वादा किया, और अगले दिनों में और हमले जारी रहे। संयुक्त राष्ट्र में इमरजेंसी मीटिंग हुई, जहां सेक्रेटरी जनरल ने कहा कि यह "इंटरनेशनल पीस के लिए ग्रेव थ्रेट" है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने "रिजीम चेंज" की अपील की और कहा कि हमले "जितने जरूरी होगा उतने दिन" जारी रहेंगे। ### इतिहास और आज की तुलना: क्यों जीत इंशाअल्लाह होगी? पोस्ट में जो कहा गया
– "ये भी जीतेंगे, इंशाअल्लाह"
– वो सिर्फ भावना नहीं, बल्कि इतिहास का सबक है:
- **बद्र में** कम संख्या, लेकिन ईमान की ताकत से जीत।
- **फत्ह मक्का में** बिना खून-खराबे के विजय।
- आज ईरान पर हमला हो रहा है, लेकिन ईरान अकेला नहीं – पूरी उम्माह की आवाज है। रमज़ान में रोज़े की हालत में भी मुजाहिदीन की हिम्मत देखी जा चुकी है।
- ईरान की मिलिट्री (IRGC) और मिसाइल कैपेबिलिटी अभी भी मजबूत। जवाबी हमले दिखा रहे हैं कि यहूदियों (और उनके साथियों) की हरकतें कभी भी बिना जवाब के नहीं जातीं।
यह जंग सिर्फ ईरान की नहीं, बल्कि पूरी मुस्लिम उम्माह की है। अमेरिका-इज़राइल की ताकत बड़ी लगती है, लेकिन अल्लाह का वादा है:
– अल्लाह सब्र करने वालों के साथ है।
– छोटी जमात ने बड़ी जमात को हराया अल्लाह की इजाजत से। रमज़ान का महीना है
ये भी जीतेंगे, इंशाअल्लाह! – सच्चाई की आवाज, इंसाफ की लड़ाई।
Sajjadali Nayani ✍
Friday 🌎 World 1 March 2026