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Saturday, 28 February 2026

"ईरान का करारा प्रहार: बहरीन में अमेरिकी नौसेना मुख्यालय 'स्वाहा' – ड्रोन ने होटल जासूसी लोकेशन को बनाया टारगेट, स्थानीय लोग जश्न में!"

"ईरान का करारा प्रहार: बहरीन में अमेरिकी नौसेना मुख्यालय 'स्वाहा' – ड्रोन ने होटल जासूसी लोकेशन को बनाया टारगेट, स्थानीय लोग जश्न में!"
-Friday World – 1 March 2026
28 फरवरी 2026, मनामा (बहरीन): मध्य पूर्व में छिड़े अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच बड़े संघर्ष में एक नया मोड़ आया है। ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने "ट्रुथफुल प्रॉमिस 4" ऑपरेशन के तहत बहरीन में अमेरिकी नेवी की फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय (Naval Support Activity Bahrain) पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सैनिकों ने अपने बेस से निकलकर आसपास के होटलों में शरण ली थी, लेकिन ईरानी खुफिया तंत्र को इन होटलों की सटीक लोकेशन – यहां तक कि फ्लोर तक – की जानकारी मिल गई। परिणामस्वरूप, ईरानी शाहेद-136 जैसे कमिकेज़ ड्रोनों ने इन टारगेट्स को हिट कर दिया, जिससे आसपास के इलाकों में धमाके और आग लग गई। 

जासूसी से हमले तक: कैसे हुआ टारगेट हिट? अमेरिकी सैनिकों ने बेस को खाली कर आस-पास के होटलों और रिहायशी इमारतों में शिफ्ट किया था, ताकि डायरेक्ट हमलों से बचा जा सके। लेकिन IRGC के सूत्रों का दावा है कि उनकी इंटेलिजेंस ने इन होटलों की सटीक जानकारी जुटा ली – कौन सा होटल, कौन सी मंजिल, और कितने सैनिक ठहरे हुए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक ड्रोन सीधे एक हाई-राइज बिल्डिंग में घुसता दिखा, जहां जोरदार विस्फोट हुआ और आग की लपटें उठीं। बहरीन के जुफैर इलाके में फिफ्थ फ्लीट HQ के पास धुआं और आग के गोले देखे गए। अमेरिकी पक्ष ने कहा कि ज्यादातर हमलों को इंटरसेप्ट कर लिया गया, लेकिन कुछ इम्पैक्ट कन्फर्म हुए – कोई अमेरिकी हताहत नहीं, लेकिन मिनिमल डैमेज रिपोर्ट किया गया। 

बहरीनी जनता का जश्न: 'यह ज़ायोनी हितों के खिलाफ है' हमलों के बाद बहरीन की सड़कों पर कुछ लोग जश्न मना रहे हैं। स्थानीय सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं, जहां लोग ईरानी हमलों को "सहयूनी (ज़ायोनी) इंटरेस्ट्स" के खिलाफ जीत बता रहे हैं। बहरीन में शिया बहुल आबादी अमेरिकी बेस और इज़राइल समर्थक नीतियों से नाराज है। कई लोग कह रहे हैं कि यह हमला क्षेत्रीय संतुलन बदलने वाला है। हालांकि, बहरीन सरकार ने इसे "देश की संप्रभुता पर हमला" बताते हुए कड़ी निंदा की और अमेरिका के साथ एकजुटता जताई। 

फिफ्थ फ्लीट का महत्व: खाड़ी की सुरक्षा का केंद्र बहरीन में स्थित यूएस नेवी फिफ्थ फ्लीट मध्य पूर्व में अमेरिकी नौसेना का मुख्यालय है। यह फारस की खाड़ी, लाल सागर और अरब सागर में सुरक्षा, जहाजों की निगरानी और ऑपरेशंस संभालता है। करीब 8,300 अमेरिकी नौसैनिक यहां तैनात हैं। यह बेस होर्मुज़ स्ट्रेट की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है, जहां से वैश्विक तेल का 20% गुजरता है। ईरान के हमले से इस बेस की कार्यक्षमता प्रभावित हुई है, जिससे खाड़ी में शिपिंग और तेल कीमतों पर असर पड़ सकता है। 

क्षेत्रीय प्रभाव: कुवैत, कतर, UAE भी निशाने पर यह हमला अकेला नहीं था। ईरान ने एक साथ कुवैत (अली अल-सेलेम बेस), कतर (अल उदैद एयर बेस), UAE (अल धफरा) और अन्य जगहों पर भी ड्रोन-मिसाइल हमले किए। बहरीन में रिहायशी इलाकों (जैसे सीफ डिस्ट्रिक्ट और होरा) में भी ड्रोन हिट हुए, जहां एक टावर में आग लग गई। बहरीन सरकार ने रेस्क्यू ऑपरेशंस शुरू किए, और अमेरिकी परिवारों के लिए डिपार्चर फ्लाइट्स रोक दी गईं। हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया, और एयर रेड सायरन बज रहे हैं। 

ईरान का संदेश: 'ऐसा सबक सिखाएंगे जो इतिहास में नहीं सीखा'** IRGC ने कहा कि यह जवाबी कार्रवाई अमेरिका-इज़राइल के "प्रिवेंटिव स्ट्राइक्स" के खिलाफ है। तेहरान ने चेतावनी दी कि अगर हमले जारी रहे तो और बड़े हमले होंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे "ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करने" की कार्रवाई बताया, लेकिन अब क्षेत्र युद्ध की कगार पर है। 

वैश्विक चिंता: तेल कीमतें आसमान छू रही हैं हमलों से तेल बाजार हिल गया है। होर्मुज़ स्ट्रेट पर खतरा बढ़ा है, जहां ईरान ने "असुरक्षित" घोषित कर दिया। क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर के पार जाने की आशंका है। भारत जैसे आयातक देशों पर महंगाई का संकट मंडरा रहा है। 

यह संघर्ष अब सिर्फ दो देशों का नहीं – पूरी खाड़ी और वैश्विक अर्थव्यवस्था का सवाल बन गया है। डिप्लोमेसी की सख्त जरूरत है, वरना यह आग और भड़क सकती है।

 Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World – 1 March 2026