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Sunday, 8 February 2026

जापान में बेलेट पेपर से ऐतिहासिक जीत: सनाए तकाइची की LDP को भारी बहुमत, पहली महिला पीएम ने दांव जीता!

जापान में बेलेट पेपर से ऐतिहासिक जीत: सनाए तकाइची की LDP को भारी बहुमत, पहली महिला पीएम ने दांव जीता! -Friday world 8/2/2026

टोक्यो: जापान की राजनीति में एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। 8 फरवरी 2026 को हुए स्नैप आम चुनाव में मतदान समाप्त हो चुका है, और एग्जिट पोल तथा शुरुआती परिणाम बताते हैं कि प्रधानमंत्री **सनाए तकाइची** की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) को भारी जीत मिली है। यह जीत न केवल पार्टी के लिए बल्कि जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री तकाइची के लिए भी एक बड़ा दांव जीतने जैसी है, जिन्होंने सिर्फ चार महीने पहले पद संभाला था। 

बेलेट पेपर से मतदान, टेक्नोलॉजी के आगे भी पारंपरिक तरीका दुनिया की सबसे उन्नत तकनीकी शक्तियों में शुमार जापान ने एक बार फिर पारंपरिक **बेलेट पेपर** से मतदान करवाया। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों या डिजिटल सिस्टम के बजाय कागजी मतपत्रों का इस्तेमाल किया गया, जो जापान की चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता का प्रतीक है। ठंडे मौसम और रिकॉर्ड बर्फबारी के बावजूद मतदाताओं ने उत्साह से हिस्सा लिया। 465 सदस्यीय हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (निचला सदन) के लिए हुए इस चुनाव को तकाइची की लोकप्रियता का रेफरेंडम माना जा रहा था। 

 स्नैप चुनाव का जोखिम भरा फैसला और धमाकेदार नतीजा सनाए तकाइची ने अक्टूबर 2025 में LDP की लीडरशिप संभालने के बाद अचानक स्नैप चुनाव का ऐलान किया। यह फैसला जोखिम भरा था क्योंकि LDP पहले से ही संसद के दोनों सदनों में बहुमत खो चुकी थी, और उसका पुराना गठबंधन कोमेईतो पार्टी से टूट गया था। कई विशेषज्ञों ने इसे "गैंबल" कहा, लेकिन तकाइची की व्यक्तिगत लोकप्रियता और उनकी "जापान फर्स्ट" नीतियों ने कमाल कर दिया। एग्जिट पोल (NHK, Reuters, Nikkei आदि के अनुसार):

 - LDP अकेले 274 से 328 सीटें जीतने की राह पर (पहले 198 सीटें थीं)। 

- 233 सीटें बहुमत के लिए जरूरी हैं, लेकिन LDP ने आसानी से इसे पार कर लिया। 

- गठबंधन पार्टनर Japan Innovation Party (Ishin) के साथ मिलाकर **302 से 366 सीटें** (सुपरमेजॉरिटी, यानी दो-तिहाई बहुमत) संभव।

 - LDP अकेले ही सिंगल-पार्टी मेजॉरिटी हासिल कर सकती है, जो 2017 के बाद सबसे बड़ी जीत होगी। 

यह परिणाम तकाइची को मजबूत जनादेश देता है। अब वे अपनी कंजर्वेटिव एजेंडा – जैसे मिलिट्री मजबूत करना, इमिग्रेशन पर सख्ती, चीन के खिलाफ मजबूत रुख, आर्थिक सुधार और टूरिज्म कंट्रोल – को बिना ज्यादा बाधा के लागू कर सकेंगी। ऊपरी सदन (हाउस ऑफ काउंसलर्स) में अभी भी बहुमत नहीं है, लेकिन लोअर हाउस में सुपरमेजॉरिटी से कई कानून पास करना आसान हो जाएगा। 

तकाइची की लोकप्रियता का राज 64 वर्षीय सनाए तकाइची को "आयरन लेडी" कहा जा रहा है। उनकी अप्रूवल रेटिंग ज्यादातर समय 70% से ऊपर रही। युवा मतदाताओं में "Sanamania" जैसा क्रेज देखा गया। उनकी नीतियां – महंगाई से निपटना, नेशनल सिक्योरिटी मजबूत करना, और जापान को वैश्विक चुनौतियों (खासकर चीन) से बचाना – ने मतदाताओं को लुभाया। चुनाव को उनके नेतृत्व पर रेफरेंडम माना गया, और जनता ने उन्हें स्पष्ट समर्थन दिया। 

विपक्ष की कमजोरी और LDP की मजबूती जापान में LDP की सरकार ज्यादातर समय रही है क्योंकि मजबूत विपक्ष नहीं उभर पाया। इस बार भी मुख्य विपक्षी पार्टियां बिखरी रहीं। तकाइची की जीत से LDP का पुराना वर्चस्व फिर स्थापित हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नतीजा जापान की राजनीति को अगले कई सालों तक स्थिर रखेगा। 

आगे क्या? तकाइची ने कहा है कि वे फिस्कल सस्टेनेबिलिटी को प्राथमिकता देंगी। बाजारों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, क्योंकि उनकी कंजर्वेटिव पॉलिसी चीन और अन्य पड़ोसियों को प्रभावित कर सकती है। लेकिन घरेलू स्तर पर यह जीत जापान के लिए नई ऊर्जा लेकर आई है। 

जापान की यह चुनावी कहानी बताती है कि तकनीक के युग में भी पारंपरिक मूल्य और मजबूत लीडरशिप कितनी अहम हैं। सनाए तकाइची अब जापान की सबसे ताकतवर नेता बनकर उभरी हैं – एक ऐतिहासिक जीत जो आने वाले सालों की दिशा तय करेगी! 

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday world 8/2/2026