-Friday world 8/2/2026
दिल्ली की व्यस्त सड़कों पर एक बार फिर लापरवाही की भयानक कीमत चुकानी पड़ी है। 5 फरवरी की रात, 25 वर्षीय युवक **कमल ध्यानी** रोहिणी से अपने घर जनकपुरी लौट रहे थे। अचानक उनकी बाइक एक गहरे खुले गड्ढे में जा गिरी, जहां वे कई घंटों तक फंसे रहे और अंततः उनकी मौत हो गई। यह गड्ढा **दिल्ली जल बोर्ड (DJB)** के सीवरेज या पानी की लाइन बिछाने के काम के दौरान खोदा गया था, लेकिन न तो कोई चेतावनी बोर्ड था, न ही पर्याप्त रोशनी, और न ही कोई बैरिकेडिंग। पुलिस जांच में सामने आया कि हादसे की जानकारी ठेकेदार और कुछ अन्य लोगों को रात में ही हो गई थी, लेकिन किसी ने भी तुरंत मदद या सूचना नहीं दी। कमल रात भर गड्ढे में पड़े रहे, जबकि उनका परिवार पुलिस थानों के चक्कर काटता रहा।
परिवार ने आरोप लगाया कि छह अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी देरी हुई, जिसने मामले को और संदिग्ध बना दिया। दिल्ली पुलिस ने उप-ठेकेदार को गिरफ्तार किया, लेकिन AAP ने आरोप लगाया कि असली जिम्मेदार दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारी और ठेकेदार अभी भी बच निकले हैं। पार्टी का कहना है कि घटना में लापरवाही छिपाने की कोशिश की जा रही है और आंकड़ों को कम दिखाने के लिए लीपापोती हो रही है।
श्रद्धांजलि देने पहुंचे AAP नेता, पुलिस ने रोका रास्ता रविवार शाम (8 फरवरी 2026) को आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और विधायक **सौरभ भारद्वाज** अन्य कार्यकर्ताओं के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उनका इरादा शांतिपूर्ण तरीके से मोमबत्ती जलाकर कमल ध्यानी को श्रद्धांजलि अर्पित करने का था। भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, “हमने कहा कोई नारेबाजी नहीं, सिर्फ मोमबत्ती जलाकर चले जाएंगे।” लेकिन पुलिस ने जगह-जगह बैरिकेड लगा दिए और प्रदर्शन को रोक दिया।
सौरभ भारद्वाज ने एएनआई के एक वीडियो में पुलिस वाहन में बैठते हुए कहा, “आप तानाशाही का स्तर देख सकते हैं। किसी ने कोई शिकायत दर्ज नहीं की, जबकि कमल ध्यानी के माता-पिता छह पुलिस स्टेशनों में गए थे। जब हम उन्हें श्रद्धांजलि देने इकट्ठा हुए, तो पुलिस हमें हिरासत में ले रही है।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि अब इतना भी करना अपराध हो गया है। पुलिस ने भारद्वाज सहित कई AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। यह घटना दिल्ली की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
राजनीतिक बयानबाजी और जनता का गुस्सा AAP ने दिल्ली सरकार (बीजेपी शासित) पर तीखा हमला बोला है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि एक तरफ कमल की मां आंसू बहा रही है, दूसरी तरफ सरकार जश्न मना रही है। उन्होंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर और संबंधित मंत्रियों पर कार्रवाई की मांग की। पार्टी का दावा है कि पुलिस और प्रशासन मौत के कारणों को छिपाने में लगे हैं, जबकि आम आदमी की सुरक्षा खतरे में है।
यह घटना दिल्ली में सड़क सुरक्षा, निर्माण कार्यों में लापरवाही और राजनीतिक दबाव के मुद्दों को फिर से उजागर कर रही है। जनकपुरी जैसे घनी आबादी वाले इलाके में ऐसे खुले गड्ढे किसी भी समय किसी की जान ले सकते हैं। परिवार अब इंसाफ की उम्मीद में है, जबकि शहरवासी सवाल पूछ रहे हैं—कब तक चलेगी यह लापरवाही?
कमल ध्यानी जैसी मौतें सिर्फ आंकड़े नहीं, बल्कि व्यवस्था की नाकामी की कहानी हैं। क्या इस बार दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी, या फिर मामला ठंडा पड़ जाएगा? समय बताएगा, लेकिन फिलहाल दिल्ली की सड़कें फिर से खतरनाक साबित हो रही हैं।
Sajjadali Nayani ✍
Friday world 8/2/2026