दुनिया के तेल बाजार में इन दिनों तूफान मचा हुआ है। ईरान-अमेरिका-इजराइल संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने की कगार पर पहुंच गया, मिडिल ईस्ट से सप्लाई बाधित हो गई, और ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतें आसमान छू रही हैं। ब्रेंट क्रूड $100 से ऊपर चला गया, कुछ मार्केट में $112 तक पहुंचा, जबकि भारतीय पोर्ट्स पर रूसी Urals क्रूड की डिलिवरी प्राइस $98.93 तक रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि रूस – जिसे भारत "स्ट्रैटेजिक पार्टनर" और "दोस्त" कहता रहा है – अब भारत से पुराने डिस्काउंट की जगह प्रीमियम पर तेल बेच रहा है।
फरवरी 2026 तक रूसी Urals क्रूड भारत को $10-13 प्रति बैरल डिस्काउंट पर मिल रहा था, जो युद्ध (यूक्रेन) के बाद की रियायत थी। लेकिन मार्च 2026 में सब उलट-पुलट हो गया। ईरान युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट सप्लाई रुक गई, भारत को तुरंत तेल की जरूरत पड़ी, अमेरिका ने 30-दिन का वेवर दिया, और रूस ने मौका देखकर कीमतें बढ़ा दीं। अब Urals क्रूड भारत के पोर्ट्स पर ब्रेंट से $4-5 प्रति बैरल प्रीमियम पर बिक रहा है। मतलब, जो पहले सस्ता था, वो अब महंगा हो गया। भारत ने मार्च में रूस से 30 मिलियन बैरल से ज्यादा तेल खरीदा – रिकॉर्ड स्तर पर – लेकिन कीमतें ऑल-टाइम हाई पर!
रूस-भारत तेल व्यापार का नया दौर: डिस्काउंट से प्रीमियम तक 2022 के यूक्रेन युद्ध के बाद रूस पर पश्चिमी प्रतिबंध लगे, तो रूस ने भारत और चीन जैसे देशों को भारी डिस्काउंट पर तेल बेचना शुरू किया। भारत ने इसका फायदा उठाया – रूसी तेल भारत की कुल क्रूड जरूरत का 35-40% तक पहुंच गया। लेकिन फरवरी 2026 में ट्रंप प्रशासन के दबाव में भारत ने रूसी तेल खरीद कम कर दी। ट्रंप ने कहा था कि भारत रूसी तेल बंद करे, तो अमेरिका से व्यापार डील में टैरिफ कम करेगा। भारत ने रूसी तेल कम किया, लेकिन ईरान युद्ध ने सब बदल दिया। अब मार्च में अमेरिका ने 30-दिन का वेवर दिया, ताकि भारत मिडिल ईस्ट की कमी पूरी कर सके। लेकिन रूस ने मौका नहीं छोड़ा। Urals क्रूड अब भारत में ब्रेंट से महंगा बिक रहा है। ट्रेडर्स कहते हैं कि यह पहली बार है जब रूसी तेल भारत में प्रीमियम पर बिका। रूस ने कहा – "अब डिस्काउंट नहीं, फुल प्राइस दो।" भारत के रिफाइनर्स जैसे HPCL, IOCL ने फरवरी में $13 डिस्काउंट पर खरीदा था, लेकिन अब $4-5 प्रीमियम दे रहे हैं। यह बदलाव क्यों? क्योंकि:
- ईरान युद्ध से होर्मुज बंद होने का खतरा, सप्लाई शॉक।
- चीन और भारत दोनों रूसी तेल के लिए कॉम्पिट कर रहे हैं।
- रूस को अब डिस्काउंट देने की जरूरत नहीं – डिमांड ज्यादा है।
- ट्रंप का वेवर शॉर्ट-टर्म है, रूस ने कीमतें बढ़ाईं।
ट्रंप का दबाव और भारत की दुविधा: "भूरा सरपंच" की मानी या दोस्ती बचाई? कई लोग कहते हैं कि भारत ने ट्रंप (भूरा सरपंच) की बात मान ली, रूस-ईरान जैसे "दोस्तों" से बिगाड़ लिया। ट्रंप ने फरवरी 2026 में ट्रेड डील में भारत से रूसी तेल बंद करने को कहा, टैरिफ कम किए। भारत ने खरीद कम की, लेकिन अब ईरान युद्ध में रूस से तेल लेना पड़ा।
अमेरिका "शुद्ध व्यापारी" है – वो किसी का दोस्त नहीं, सिर्फ बिजनेस करता है। लेकिन रूस ने भी दिखा दिया कि दोस्ती में भी बिजनेस पहले। रूस-भारत रिलेशन "स्ट्रैटेजिक" हैं, लेकिन तेल में अब रूस "फ्रेंडली" नहीं रहा। भारत ने रूस से तेल खरीद बढ़ाई (मार्च में 45% तक), लेकिन महंगे दाम पर। यह सिखाता है कि
अंतरराष्ट्रीय राजनीति में दोस्ती स्थायी नहीं होती – हित बदलते हैं, तो रिश्ते बदल जाते हैं।
भारत पर असर: महंगाई, इकोनॉमी और भविष्य
भारत 90% क्रूड इंपोर्ट करता है। रूसी तेल महंगा होने से:
- पेट्रोल-डीजल कीमतें बढ़ सकती हैं।
- इन्फ्लेशन बढ़ेगा।
- रिफाइनर्स का मार्जिन घटेगा।
- लंबे समय में अमेरिका, वेनेजुएला या अन्य सोर्स पर निर्भरता बढ़ सकती है।
ट्रंप ने कहा था – "भारत रूस से तेल बंद करे, अमेरिका से ज्यादा खरीदे।" लेकिन अब रूस से मजबूरी में खरीद रहे हैं, महंगे दाम पर। यह विडंबना है
– कल डिस्काउंट पर मिलता था, आज प्रीमियम पर।
वक्त का फेर और सबक तेल की कीमतें कई साल तक नीचे नहीं आएंगी – ईरान युद्ध, होर्मुज क्राइसिस, ग्लोबल टेंशन से $100+ स्तर बने रहेंगे। रूस ने साबित कर दिया कि "दोस्त" भी बिजनेस में सख्त हो सकता है। भारत को अब बैलेंस्ड पॉलिसी अपनानी होगी – न रूस से पूरी निर्भरता, न अमेरिका की शर्तें माननी।
यह घटनाक्रम बताता है – अंतरराष्ट्रीय रिश्तों में भावनाएं नहीं, हित चलते हैं। रूस "दोस्त" है, लेकिन जब मौका मिला, तो वसूली कर ली। अमेरिका "व्यापारी" है, लेकिन उसका दबाव भी काम नही आया। भारत के लिए सबक – अपनी एनर्जी सिक्योरिटी मजबूत करो, डाइवर्सिफाई करो, ताकि कोई "दोस्त" या "व्यापारी" भविष्य में ब्लैकमेल न कर सके।
कच्चा तेल ऊपर रहेगा, लेकिन भारत की स्मार्ट डिप्लोमेसी नीचे नहीं आएगी – यही उम्मीद है!
Sajjadali Nayani ✍
Friday World March 23,2026