-Friday World March 23, 2026
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब खुली जंग में बदल चुका है। हाल ही में ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी F-15 फाइटर जेट को मार गिराया है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मध्य पूर्व का पूरा क्षेत्र युद्ध की आग में जल रहा है। ईरान ने इस घटना का एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें रडार पर अमेरिकी जेट को लॉक करने और फिर विस्फोट होने की तस्वीरें साफ दिख रही हैं। ईरानी सेना का कहना है कि यह अमेरिकी विमान ईरानी हवाई क्षेत्र में घुसपैठ कर रहा था, जिसके बाद चेतावनी के बावजूद उसे निशाना बनाया गया।
यह दावा ईरान के लिए बड़ा मनोबल बढ़ाने वाला है, क्योंकि इससे पहले भी उसने F-35 स्टेल्थ फाइटर को निशाना बनाने का दावा किया था। हालांकि, अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने इन दावों को बार-बार खारिज किया है और कहा है कि कोई भी अमेरिकी फाइटर जेट ईरान द्वारा नहीं गिराया गया। फिर भी, वीडियो और ईरानी मीडिया की रिपोर्ट्स ने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है।
होर्मुज स्ट्रेट: दुनिया का सबसे खतरनाक जलमार्ग बन गया होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है। यहां से रोजाना लाखों बैरल क्रूड ऑयल और गैस गुजरती है। ईरान ने कई बार धमकी दी है कि अगर अमेरिका या इजरायल ने हमला किया तो यह मार्ग बंद कर दिया जाएगा। फरवरी 2026 के अंत से शुरू हुए इस संघर्ष में ईरान ने होर्मुज के आसपास अमेरिकी जहाजों और विमानों पर हमले तेज कर दिए हैं।
ईरानी जॉइंट एयर डिफेंस कमांड के अनुसार, दक्षिणी तट के पास रडार ने एक अज्ञात फाइटर जेट को पकड़ा। चेतावनी देने के बाद जब जेट ने दिशा नहीं बदली, तो सरफेस-टू-एयर मिसाइल से उसे लॉक कर गिरा दिया गया। वीडियो में रडार स्क्रीन पर टारगेट दिखता है, फिर आकाश में बड़ा विस्फोट होता है और धुआं उठता है। ईरानी मीडिया ने इसे "सार्वभौमिकता की रक्षा" का सबूत बताया है।
F-35 के बाद F-15: ईरान की बढ़ती हवाई ताकत का दावा इससे पहले मार्च 2026 की शुरुआत में ईरान ने अमेरिकी F-35 स्टेल्थ फाइटर को निशाना बनाने का दावा किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, F-35 को ईरानी एयर डिफेंस ने हिट किया था, जिसके बाद वह इमरजेंसी लैंडिंग करने को मजबूर हुआ। अमेरिका ने इसे "क्षति" माना लेकिन पूरी तरह खारिज नहीं किया। अब F-15 का दावा ईरान की एयर डिफेंस सिस्टम की क्षमता को और मजबूत दिखाता है।
F-15 ईगल अमेरिका का क्लासिक फाइटर जेट है, जो लंबे समय से सेवा में है। यह हवाई हमलों और ग्राउंड अटैक दोनों में माहिर है। ईरान का कहना है कि उसकी आधुनिक एयर डिफेंस (जैसे S-300 या घरेलू सिस्टम) ने इसे आसानी से गिरा दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह सच है, तो अमेरिकी एयर सुपीरियरिटी पर बड़ा सवाल उठता है।
ट्रंप की चेतावनी और ईरान का पलटवार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने कहा था कि अगर होर्मुज स्ट्रेट में तेल-गैस की आवाजाही रोकी गई तो ईरान की पूरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर भयानक हमला किया जाएगा। ईरान ने इसे चुनौती मानते हुए F-15 को गिराने का दावा किया। यह पलटवार ट्रंप की धमकी का सीधा जवाब माना जा रहा है।
ट्रंप ने ऑपरेशन "एपिक फ्यूरी" के तहत ईरान पर बड़े हमले शुरू किए थे, जिसमें अमेरिकी फाइटर जेट्स और क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ। ईरान ने जवाब में ड्रोन, मिसाइल और अब फाइटर जेट्स को निशाना बनाने का दावा किया है।
अमेरिका की चुप्पी और CENTCOM का खंडन अमेरिकी डिफेंस डिपार्टमेंट और CENTCOM ने अभी तक F-15 गिरने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। CENTCOM ने X पर पोस्ट कर कहा कि "ईरान द्वारा कोई अमेरिकी फाइटर जेट नहीं गिराया गया। अमेरिकी सेना ईरान के बड़े इलाकों पर एयर सुपीरियरिटी बनाए हुए है।" इससे पहले भी ईरान के F-35 दावे को अमेरिका ने झूठा बताया था।
कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि मार्च की शुरुआत में तीन F-15E स्ट्राइक ईगल कुंवेत में "फ्रेंडली फायर" से गिरे थे, लेकिन ईरान ने उन्हें अपना हमला बताया। यह विवाद अभी भी जारी है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भारी असर: तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं इस युद्ध से क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी उछाल आया है। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की आशंका से दुनिया भर में महंगाई बढ़ रही है। भारत, चीन, यूरोप और अमेरिका जैसे देशों को तेल आयात में दिक्कत हो रही है। अगर युद्ध लंबा चला तो वैश्विक रिसेशन का खतरा मंडरा रहा है।
खाड़ी देशों में स्थिति और विकट हो गई है। सऊदी अरब, UAE जैसे देश अमेरिका के साथ हैं, जबकि ईरान हूती और अन्य ग्रुप्स के साथ मिलकर हमले कर रहा है।
दुनिया के लिए बड़ा सबक और खतरा ईरान का यह दावा (चाहे सही हो या प्रोपेगैंडा) दिखाता है कि मध्य पूर्व का संघर्ष अब नियंत्रण से बाहर हो सकता है। अगर अमेरिका ने बड़े पैमाने पर जवाबी हमला किया तो तीसरा विश्व युद्ध का खतरा बढ़ जाएगा। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों पक्षों को संयम बरतना होगा, वरना पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा दांव पर लग जाएगी।
ईरान की बढ़ती मिसाइल और एयर डिफेंस क्षमता अब अमेरिका के लिए चुनौती बन चुकी है। होर्मुज स्ट्रेट अब सिर्फ तेल का मार्ग नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन का केंद्र बन गया है।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World March 23, 2026