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Monday, 23 March 2026

भारत में "मार्च में बेमौसम बारिश और तूफान का कहर, फिर लौट रही है भीषण गर्मी

भारत में "मार्च में बेमौसम बारिश और तूफान का कहर, फिर लौट रही है भीषण गर्मी
-Friday World March 23,2026 
भारत का मौसम इन दिनों अजीबोगरीब रंग दिखा रहा है। जहां एक तरफ 15 से ज्यादा राज्यों में आंधी-तूफान, भारी बारिश, गरज-चमक और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी है, वहीं दूसरी तरफ तापमान में तेजी से बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मजबूत वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से उत्तर भारत से लेकर पूर्व और दक्षिण भारत तक एक साथ मौसमी उथल-पुथल मची हुई है। आगामी 4-5 दिनों तक यह सिस्टम सक्रिय रहेगा, जिससे कई इलाकों में 50-70 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वातावरण में नमी का स्तर बढ़ने से बादल तेजी से बन रहे हैं और अचानक मौसम पलट रहा है। 

देशभर में मौसम का मिजाज: बारिश और तूफान का दौर 

IMD के ताजा अपडेट के मुताबिक, पूरे देश में मौसम का मिजाज बदल रहा है। उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से अप्रैल जैसी सर्दी महसूस हो रही है, जबकि दक्षिण और पूर्व में साइक्लोनिक सिस्टम सक्रिय है। कई राज्यों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 

- दिल्ली-एनसीआर: आज हल्की बारिश और बादल छाए रहेंगे। दिनभर मौसम बदलता रहेगा। अधिकतम तापमान 28-30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। हल्की बारिश के साथ गरज-चमक संभव है। आने वाले दिनों में तापमान में तेज उछाल आएगा। 

- उत्तर प्रदेश: सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य। कई जिलों में आंधी-तूफान, बारिश और ओले गिर रहे हैं। 60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। अगले कुछ दिनों तक यह सिलसिला जारी रहेगा। 

- पहाड़ी राज्य (उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश): भारी बारिश और तूफान का अलर्ट। 40-50 किमी/घंटा की हवाएं। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी संभव। हिमाचल में कई जगहों पर **ऑरेंज अलर्ट** है। भूस्खलन और हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया है।

 - बिहार: 24 से 28 मार्च तक बारिश, आंधी और ओले। 40-50 किमी/घंटा की हवाएं। कई जिलों में बिजली गिरने और ओलावृष्टि की चेतावनी। 

- पंजाब और हरियाणा: पिछले कुछ दिनों से मौसम बदला हुआ है। तूफान, बारिश और ओलों से तापमान गिरा है। सुबह-शाम ठंडक महसूस हो रही है, जैसे फिर से सर्दी लौट आई हो। यह स्थिति अगले 3 दिनों तक बनी रह सकती है।

 - राजस्थान: जयपुर, बीकानेर और जोधपुर में तूफान और हल्की बारिश का अलर्ट। वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से बदलाव। 30-40 किमी/घंटा की हवाएं। रेगिस्तानी इलाकों में धूल की आंधी से परेशानी बढ़ सकती है। 

- पूर्वोत्तर भारत: 24 मार्च से मौसम और खराब। असम, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा में तूफान और बारिश का अलर्ट। 70-80 किमी/घंटा की तेज हवाएं। पेड़ गिरने, बिजली गुल होने का खतरा। पश्चिम बंगाल में अगले 5 दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट।

 - दक्षिण भारत: साइक्लोनिक सर्कुलेशन से तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के तटीय इलाकों में बारिश और तेज हवाएं। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में कुछ जगहों पर हीटवेव की स्थिति। दक्षिण में मिश्रित मौसम रहेगा।

 यह सब वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की संयुक्त असर से हो रहा है। IMD के अनुसार, यह सिस्टम 4-5 दिनों तक सक्रिय रहेगा। अलग-अलग राज्यों में तीव्रता अलग होगी – कहीं भारी बारिश, कहीं तेज हवाएं, कहीं बिजली-ओले। तापमान में गिरावट से गर्मी से राहत मिल रही है, लेकिन अनिश्चितता से चिंता बढ़ गई है। 

 गुजरात में मौसम: गर्मी का वापसी दौर शुरू जबकि देश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश और तूफान का दौर है, गुजरात में उलटा मंजर है। IMD के अनुसार, राज्य में आने वाले दिनों में गर्मी का पारा चढ़ेगा। अगले 2 दिनों में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी होगी। इसके बाद तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। दिन में गर्मी बढ़ेगी और रात में ठंडक कम होगी। 

अहमदाबाद के मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पश्चिम राजस्थान में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन इस बदलाव का मुख्य कारण है। राज्य में सूखा मौसम रहेगा, जिससे गर्मी और बढ़ेगी। कई जिलों में तापमान 35-38 डिग्री तक पहुंच सकता है। लोगों को सावधानी बरतनी होगी, खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए। 

आगे क्या होगा? IMD का लंबी अवधि का पूर्वानुमान

 IMD के एक्सटेंडेड फोरकास्ट के अनुसार, मार्च के अंत तक उत्तर और मध्य भारत में तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा। अप्रैल-मई में हीटवेव के दिन ज्यादा होंगे। हालांकि, मार्च में कुछ इलाकों में बारिश सामान्य से ज्यादा रही है, जिससे गर्मी थोड़ी राहत दे रही है। लेकिन कुल मिलाकर, 2026 का गर्म मौसम सीजन सामान्य से ज्यादा गर्म रहने की संभावना है। 

 सावधानियां और सलाह - तेज हवाओं और बारिश के दौरान बाहर निकलने से बचें। 

- ओले और बिजली गिरने पर खुले में न रहें। 

- पेड़ों के नीचे या ऊंची जगहों पर न खड़े हों।

 - गुजरात जैसे गर्म इलाकों में पानी ज्यादा पिएं, धूप से बचें। 

- किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए एहतियात बरतनी चाहिए। 

- ट्रैवल प्लानिंग करते समय मौसम अपडेट चेक करें।

 यह मार्च का मौसम भारत की जलवायु परिवर्तन की अनिश्चितता को दर्शाता है – जहां एक तरफ बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान का खतरा है, वहीं दूसरी तरफ गर्मी की लहर से स्वास्थ्य जोखिम। IMD की सतर्कता और समय पर अलर्ट से हम इस दौर से सुरक्षित गुजर सकते हैं। 

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World March 23,2026