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Sunday, 29 March 2026

लंदन की सड़कों पर एकता की लहर: फार-राइट और इस्लामोफोबिया के खिलाफ Together Alliance का ऐतिहासिक मार्च

लंदन की सड़कों पर एकता की लहर: फार-राइट और इस्लामोफोबिया के खिलाफ Together Alliance का ऐतिहासिक मार्च-Friday World March 29,2026
शनिवार, 28 मार्च 2026 को ब्रिटेन की राजधानी लंदन  की ऐतिहासिक सड़कें एक बार फिर गूंज उठीं। हजारों—बल्कि आयोजकों के अनुसार लाखों—लोग नफरत, नस्लवाद और बढ़ते इस्लामोफोबिया के खिलाफ एकजुट होकर सड़कों पर उतर आए। Together Alliance के बैनर तले निकाले गए इस विशाल मार्च को ब्रिटेन के इतिहास का सबसे बड़ा एंटी-फार-राइट प्रदर्शन बताया जा रहा है। पार्क लेन से शुरू होकर व्हाइटहॉल (Whitehall) तक फैला यह मार्च विविधता, एकता और उम्मीद का प्रतीक बन गया। 

 विविधता का रंगीन समुद्र इस मार्च में देशभर से लोग शामिल हुए—बुजुर्ग, युवा, बच्चे, ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता, एंटी-रेसिज्म कैंपेनर्स, मुस्लिम संगठन, ईसाई समुदाय के सदस्य और अलग-अलग पृष्ठभूमि के आम नागरिक। आयोजकों का दावा है कि करीब 5 लाख लोगों ने हिस्सा लिया, जबकि मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने भीड़ को करीब 5 लाख से ज्यादा बताया। इतनी बड़ी भीड़ को सटीक गिनना मुश्किल था, क्योंकि लोग सड़कों पर फैले हुए थे। 

मार्च में लगभग 500 संगठन शामिल थे, जिनमें मुस्लिम काउंसिल ऑफ ब्रिटेन (MCB), स्टैंड अप टू रेसिज्म, ट्रेड यूनियंस, फेडरेशन ऑफ स्टूडेंट इस्लामिक सोसाइटीज (FOSIS), ब्रिटिश टर्किश एसोसिएशन, पैलेस्टाइन फोरम इन ब्रिटेन और कई अन्य शामिल थे। सेलिब्रिटी भी इस प्रदर्शन का हिस्सा बने, जिन्होंने नफरत के खिलाफ आवाज बुलंद की।

 लोगों ने हाथों में प्लेकार्ड्स थाम रखे थे—“No to Racism, No to Trump”, “Refugees Welcome”, "Migrants Make Our NHS” और “Love, Hope, Unity” जैसे संदेशों वाले। स्लोगन गूंज रहे थे—“Whose streets? Our streets!” और “No to hate, no to division!”। यह सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि ब्रिटिश समाज की बहुलता और सहिष्णुता का जश्न था। 

 मुख्यधारा में घुसती नफरत की चिंता आयोजकों और वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि इस्लामोफोबिया और फार-राइट सोच अब किनारे की घटना नहीं रही। यह धीरे-धीरे मुख्यधारा की राजनीति में जगह बना रही है। ट्रेड यूनियन एक्टिविस्ट आदम मुसे ने अल जजीरा से बात करते हुए कहा कि रेसिज्म और इस्लामोफोबिया फ्रिंज से मुख्यधारा में शिफ्ट हो गया है। 

Dr. Abdullah Faliq, Together Alliance के आयोजक, ने भाषण में कहा: “लंदन में एक मिलियन से ज्यादा मुस्लिम हैं। यह हमारा घर है—चाहे आप इसे पसंद करें या नहीं। ब्रिटेन हमारा घर है। हम इस समाज का अभिन्न हिस्सा हैं।” उन्होंने MCB, MEND, Strive UK और अन्य संगठनों का जिक्र करते हुए मुस्लिम समुदाय का पूर्ण समर्थन बताया। 

Dr. Wajid Akhtar, मुस्लिम काउंसिल ऑफ ब्रिटेन के सेक्रेटरी जनरल, ने भीड़ को संबोधित करते हुए आयोजकों का शुक्रिया अदा किया और एकता का संदेश दिया। ग्रीन पार्टी के नेता जैक पोलांस्की भी शामिल हुए, जबकि लंदन के मेयर सादिक खान ने वीडियो मैसेज भेजा।

 प्रदर्शनकारियों का कहना था कि हाल के वर्षों में फार-राइट की बढ़ती लोकप्रियता, इमिग्रेशन पर बहस और कुछ राजनीतिक दलों (जैसे रिफॉर्म यूके) की बढ़ती ताकत ने समाज में बंटवारा पैदा किया है। कई लोगों ने पैलेस्टाइन समर्थन और एंटी-वार संदेश भी दिए, जो इस्लामोफोबिया से जुड़े मुद्दों को और व्यापक बनाते हैं। 
 शांतिपूर्ण प्रदर्शन और छोटे काउंटर-प्रोटेस्ट पुलिस की भारी तैनाती के बावजूद मार्च शांतिपूर्ण रहा। कुछ जगहों पर छोटे स्तर पर काउंटर-प्रोटेस्ट देखने को मिले, लेकिन उनकी संख्या नगण्य थी। पुलिस ने बताया कि पूरे दिन कुछ गिरफ्तारियां हुईं, लेकिन कुल मिलाकर स्थिति नियंत्रण में रही। शाम 5 बजे के आसपास व्हाइटहॉल क्षेत्र खाली होने लगा। 

यह मार्च सितंबर 2025 के “Unite the Kingdom” रैली का जवाब भी माना जा रहा है, जिसमें फार-राइट समर्थक बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे थे। Together Alliance ने इसे “नफरत के खिलाफ उम्मीद का जवाब” बताया। 

क्यों मायने रखता है यह मार्च? ब्रिटेन में आजकल राजनीतिक माहौल काफी ध्रुवीकृत है। फार-राइट विचारधारा का उदय, सोशल मीडिया पर फैलती नफरत और कुछ घटनाओं ने मुस्लिम समुदाय समेत अल्पसंख्यकों में असुरक्षा बढ़ाई है। इस संदर्भ में Together Alliance का मार्च एक मजबूत संदेश देता है—कि ब्रिटेन की बहुसांस्कृतिक पहचान अभी भी जिंदा है और आम लोग नफरत की राजनीति को स्वीकार नहीं करते। 

आयोजक केविन कोर्टनी ने व्हाइटहॉल में कहा: “हमारा अनुमान है कि यहां आधा मिलियन लोग हैं—फार-राइट के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन।” यह आंकड़ा चाहे कितना भी हो, संदेश साफ है: एकता मजबूत है, नफरत कमजोर।

आगे की राह: संवाद और समावेश यह प्रदर्शन सिर्फ एक दिन की घटना नहीं। यह ब्रिटेन के समाज को सोचने पर मजबूर करता है—कैसे हम नस्लवाद, इस्लामोफोबिया और विभाजनकारी राजनीति से निपटें? ट्रेड यूनियंस और सिविल सोसाइटी ग्रुप्स का एक साथ आना दिखाता है कि मुद्दा सिर्फ मुस्लिम समुदाय का नहीं, बल्कि पूरे समाज का है। 

कई वक्ताओं ने जोर दिया कि शिक्षा, संवाद और समावेशी नीतियां ही लंबे समय में नफरत को कम कर सकती हैं। युवाओं की बड़ी भागीदारी ने उम्मीद जगाई कि नई पीढ़ी पुरानी विभाजनकारी सोच से ऊपर उठकर एक बेहतर ब्रिटेन का सपना देख रही है। 

एकता की जीत लंदन का यह मार्च इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाएगा। चाहे संख्या पर बहस हो, लेकिन तस्वीर साफ है—हजारों लोग हाथों में हाथ डाले, नफरत के खिलाफ खड़े हुए। Together Alliance ने साबित कर दिया कि जब समाज एकजुट होता है, तो अंधेरी ताकतें पीछे हट जाती हैं। 

यह मार्च सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि प्यार, आशा और एकता का जश्न था। ब्रिटेन की सड़कों पर गूंजा यह संदेश दूर-दूर तक जाएगा: हम साथ हैं, हम मजबूत हैं, और हम नफरत नहीं, एकता चुनते हैं। 

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World March 29,2026