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Tuesday, 28 April 2026

पूर्व मोसाद प्रमुख तामिर पार्डो का चौंकाने वाला खुलासा: "वेस्ट बैंक में जो देखा, वह पिछली सदी के यहूदियों के खिलाफ अत्याचार याद दिलाता है; अगला 7 अक्टूबर यहीं से आएगा"

पूर्व मोसाद प्रमुख तामिर पार्डो का चौंकाने वाला खुलासा: "वेस्ट बैंक में जो देखा, वह पिछली सदी के यहूदियों के खिलाफ अत्याचार याद दिलाता है; अगला 7 अक्टूबर यहीं से आएगा"
-Friday World – April 28, 2026
इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद* के पूर्व प्रमुख तामिर पार्डो ने चैनल 13 (इजरायली मीडिया) को दिए एक इंटरव्यू और वेस्ट बैंक के दौरे के दौरान एक ऐसा बयान दिया है जिसने इजरायल की सुरक्षा और राजनीतिक गलियारों में तूफान खड़ा कर दिया है। 

पार्डो, जिनकी मां होलोकॉस्ट सर्वाइवर हैं, ने वेस्ट बैंक के उन इलाकों का दौरा किया जहां हाल के महीनों में बसने वाले यहूदी सेटलर्स (settlers) द्वारा फिलिस्तीनियों के खिलाफ हिंसा की कई घटनाएं दर्ज की गई हैं। उन्होंने इन घटनाओं को "यहूदी आतंकवाद" (Jewish terrorism) करार देते हुए कहा कि जो दृश्य उन्होंने देखे, वे पिछली सदी (20वीं सदी) में यहूदियों के खिलाफ हुए अत्याचारों और हिंसा की याद दिलाते हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर इस स्थिति को नहीं रोका गया तो "अगला 7 अक्टूबर" भी वेस्ट बैंक से ही निकल सकता है।

यह बयान इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि तामिर पार्डो 2011 से 2016 तक मोसाद के प्रमुख रहे हैं। वे इजरायल की सबसे संवेदनशील सुरक्षा एजेंसियों में से एक के शीर्ष पद पर रह चुके हैं और इजरायली सुरक्षा प्रतिष्ठान के अंदरूनी व्यक्ति माने जाते हैं।

 पार्डो का दौरा और जो कुछ उन्होंने देखा

चैनल 13 की टीम के साथ वेस्ट बैंक के विभिन्न गांवों और इलाकों में सैर के दौरान पार्डो ने फिलिस्तीनी परिवारों से मुलाकात की, जिन्होंने सेटलर्स द्वारा अपनी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, घरों में आग लगाने, शारीरिक हमले और यहां तक कि यौन हिंसा जैसी घटनाओं का जिक्र किया। 

पार्डो ने कहा, “मेरी मां होलोकॉस्ट से बची हैं। आज यहां जो मैंने देखा, वह मुझे पिछली सदी में यहूदियों के खिलाफ हुई घटनाओं की याद दिलाता है। मैं यह कहने में शर्मिंदा हूं, लेकिन मैं शर्मिंदा महसूस कर रहा हूं।”

उन्होंने इजरायली कानून प्रवर्तन व्यवस्था की भी आलोचना की और कहा कि सुरक्षा एजेंसियां इन घटनाओं से वाकिफ हैं, लेकिन वे जानबूझकर आंखें मूंद लेती हैं या नजरअंदाज कर देती हैं। पार्डो ने इसे इजरायल के लिए "अस्तित्वगत खतरा" (existential threat) बताया।

 "यहूदी आतंकवाद" की बढ़ती समस्या

वेस्ट बैंक में सेटलर हिंसा लंबे समय से विवाद का विषय रही है। इजरायली सुरक्षा बलों (IDF) और शिन बेट के अपने आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2023 के बाद सेटलर हमलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कई रिपोर्ट्स में आगजनी, पत्थरबाजी, गोलीबारी और गांवों से फिलिस्तीनियों को भगाने जैसी घटनाओं का जिक्र है।

कुछ इजरायली विश्लेषक और पूर्व सुरक्षा अधिकारी इन घटनाओं को "price tag" हमलों या "यहूदी आतंकवाद" की श्रेणी में रखते हैं, जबकि दक्षिणपंथी राजनीतिक दल इन्हें "प्रतिरोध" या "व्यक्तिगत घटनाएं" बताते हैं। 

पार्डो जैसे अनुभवी खुफिया अधिकारी का बयान इस मुद्दे को मुख्यधारा की बहस में ला रहा है। उन्होंने दार्शनिक येशायाहु लिबोविट्ज़ का हवाला देते हुए कहा कि लाखों फिलिस्तीनियों पर नियंत्रण रखने की कोशिश इजरायल को भारी नुकसान पहुंचा सकती है और एक नया 7 अक्टूबर पैदा कर सकती है।

 7 अक्टूबर 2023 का संदर्भ और सबक

7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले ने इजरायल को भारी झटका दिया था, जिसमें 1200 से ज्यादा लोग मारे गए और सैकड़ों को बंधक बनाया गया। उस घटना के बाद इजरायल ने गाजा में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाया। 

पार्डो का इशारा है कि अगर वेस्ट बैंक में सेटलर हिंसा और कट्टरपंथी तत्वों को नहीं रोका गया, तो फिलिस्तीनी समाज में गुस्सा और प्रतिरोध बढ़ेगा, जिससे एक और बड़ा हमला हो सकता है — इस बार वेस्ट बैंक से। उन्होंने चेतावनी दी कि यह इजरायल की सुरक्षा के लिए घातक साबित हो सकता है।

इजरायल के अंदर विभाजन

पार्डो का बयान इजरायल की आंतरिक राजनीति को भी उजागर करता है। इजरायल में दक्षिणपंथी सरकार (खासकर इटामर बेन-ग्विर और बेजालेल स्मोत्रिच जैसे मंत्रियों की मौजूदगी में) वेस्ट बैंक में बसावट और सुरक्षा नीतियों को सख्त बनाने की पक्षधर है। वहीं, पूर्व सुरक्षा अधिकारी, बुद्धिजीवी और कुछ डायस्पोरा यहूदी समुदाय इन नीतियों को नैतिक और रणनीतिक रूप से खतरनाक मानते हैं।

हाल ही में 1000 से ज्यादा डायस्पोरा यहूदी नेताओं ने इजरायली राष्ट्रपति को पत्र लिखकर सेटलर हिंसा को "नैतिक रूप से शर्मनाक और इजरायल के भविष्य के लिए रणनीतिक खतरा" बताया था।

 क्या कहते हैं आंकड़े और वास्तविकता?

- IDF और शिन बेट के आंकड़ों में 2025 में सेटलर हिंसा में 27% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि फिलिस्तीनी आतंकवादी हमलों में कमी आई।
- कई मामलों में हमलावरों पर कार्रवाई न होने या हल्की सजा दिए जाने के आरोप लगते रहे हैं।
- अंतरराष्ट्रीय संगठन और मानवाधिकार समूह भी वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के घरों पर कब्जा, भूमि हड़पने और हिंसा की रिपोर्ट जारी करते रहते हैं।

दूसरी ओर, इजरायली दक्षिणपंथी तर्क देते हैं कि वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी आतंकवाद अभी भी सक्रिय है और सेटलर्स खुद को बचाने के लिए कार्रवाई करते हैं। वे "यहूदी आतंकवाद" शब्द को अतिरंजित और पक्षपाती मानते हैं।

 आगे क्या?

तामिर पार्डो का बयान इजरायल के लिए आत्म-चिंतन का मौका है। क्या सेटलर हिंसा को नियंत्रित करने में इजरायली राज्य की नाकामी सुरक्षा को कमजोर कर रही है? क्या कब्जे की नीति और बसावट लंबे समय में इजरायल को अंदर से तोड़ रही है? 

पार्डो जैसे अनुभवी लोगों का मानना है कि सुरक्षा सिर्फ सैन्य ताकत से नहीं, बल्कि नैतिकता, कानून के शासन और राजनीतिक समझदारी से भी आती है। अगर "यहूदी आतंकवाद" को नजरअंदाज किया गया तो यह इजरायल की खुद की सुरक्षा को नुकसान पहुंचा सकता है।

यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष जटिल है। दोनों तरफ हिंसा और कट्टरपंथ मौजूद हैं। लेकिन जब इजरायल के पूर्व मोसाद प्रमुख खुद अपनी सरकार और समाज की आलोचना करते हैं, तो इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

सच्ची सुरक्षा तब आएगी जब दोनों पक्षों में शांति, न्याय और सह-अस्तित्व की भावना विकसित होगी। जब तक "आतंकवाद" को सिर्फ एक तरफ देखा जाएगा, चक्रव्यूह जारी रहेगा।

Sajjadali Nayani ✍
Friday World – April 28, 2026