-Friday World-April 22,2026
वाशिंगटन/तेहरान, 22 अप्रैल 2026 – अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे नाजुक सीजफायर को आखिरी घड़ी में बढ़ा दिया गया है, लेकिन इस फैसले ने दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ट्रुथ सोशल पर घोषणा की कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की अनुरोध पर युद्धविराम अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया गया है।
हालांकि, ईरान ने इस प्रस्ताव को सख्त शब्दों में ठुकरा दिया है और कहा है कि “हारने वाला पक्ष कभी शर्तें नहीं थोप सकता।”
ईरानी संसद के स्पीकर के सलाहकार महदी मोहम्मदी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “ट्रंप का यह एकतरफा विस्तार कोई मायने नहीं रखता। जो पक्ष हार चुका है, वह शर्तें कैसे तय कर सकता है? अमेरिका अभी भी ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन तेहरान अपने राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।”
अमेरिका मे ट्रंप के विरुद्ध भारी प्रदर्शन ओर कांग्रेस मे महाभियोग प्रस्ताव लाने का एलान
यह फैसला 8 अप्रैल को शुरू हुए दो सप्ताह के सीजफायर को बढ़ाता है, जो मूल रूप से 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला था। युद्ध फरवरी के अंत में शुरू हुआ था और लगभग छह सप्ताह तक चला था। पाकिस्तान की मध्यस्थता में पहले दौर की बातचीत हुई थी, लेकिन उसमें कोई ठोस नतीजा नहीं निकला था।
ईरान की सख्त प्रतिक्रिया: नाकाबंदी को ‘युद्ध का कार्य’ बताया
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी को “एक्ट ऑफ वॉर” (युद्ध के समान कार्य) बताया है। उन्होंने कहा कि नाकाबंदी खुद सीजफायर का उल्लंघन है और ईरान ऐसे दबाव के सामने झुकने को तैयार नहीं है। ईरान ने दूसरे दौर की शांति वार्ता में भाग लेने से भी इनकार कर दिया है।
हॉर्मुज की खाड़ी विश्व के तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा नियंत्रित करती है। अमेरिकी नाकाबंदी के कारण वैश्विक तेल की कीमतों में उछाल आया है और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान एकीकृत प्रस्ताव नहीं देगा तो बमबारी फिर से शुरू हो सकती है।
जेडी वेंस की पाकिस्तान यात्रा स्थगित
इस विकास के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की इस्लामाबाद यात्रा को अस्थायी रूप से टाल दिया गया है। व्हाइट हाउस ने बताया कि ईरान की ओर से स्पष्ट जवाब न मिलने तक बातचीत के नए दौर के लिए समय चाहिए। पाकिस्तान अभी भी मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और दोनों पक्षों को बातचीत के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।
वैश्विक प्रतिक्रिया और प्रभाव
- पाकिस्तान: प्रधानमंत्री शरीफ और आर्मी चीफ ने ट्रंप का आभार जताया है और कहा कि इस फैसले से कूटनीतिक प्रयासों को और समय मिलेगा।
- ईरान: तेहरान में आंतरिक मतभेदों की खबरें हैं, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि वे अमेरिकी दबाव के सामने अडिग रहेंगे।
- वैश्विक अर्थव्यवस्था: हॉर्मुज खाड़ी में तनाव के कारण तेल की कीमतें अस्थिर हैं। यूरोप, एशिया और चीन जैसे देश इस स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति “न तो युद्ध, न शांति” जैसी है। दोनों पक्ष बड़े पैमाने पर युद्ध टालना चाहते हैं, लेकिन कोई भी पक्ष स्पष्ट रूप से पीछे हटने को तैयार नहीं है। अमेरिका आंतरिक विभाजन का फायदा उठा रहा है, जबकि ईरान अपने संप्रभुता और क्षेत्रीय प्रभाव को मजबूत करना चाहता है।
आगे क्या होगा?
अब देखना यह है कि ईरान एकीकृत प्रस्ताव तैयार करके बातचीत की मेज पर आता है या फिर हॉर्मुज खाड़ी में तनाव बढ़कर फिर से युद्ध की स्थिति बन जाती है। ट्रंप ने बार-बार “बड़ी जीत” के बयान दिए हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि कूटनीति और समझौते के बिना यह तनाव लंबे समय तक नहीं चल सकता।
यह घटना अंतरराष्ट्रीय राजनीति की जटिलता को दर्शाती है – जहां एकतरफा फैसले, मध्यस्थता और आंतरिक विभाजन के बीच संतुलन बनाना बेहद मुश्किल है। वैश्विक शांति और अर्थव्यवस्था के लिए इस समय दोनों पक्षों की जिम्मेदारी बढ़ गई है।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World-April 22,2026