-Friday World-April 20,2026
राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स में सोमवार दोपहर को अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना ऐसे समय हुई जब कल यानी 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस परियोजना का औपचारिक उद्घाटन करने वाले थे। आग लगने से आसमान में काले धुएँ के घने गोले उठने लगे, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया।
आग मुख्य रूप से रिफाइनरी की क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) में लगी। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, दोपहर करीब 2 बजे आग भड़की और तेजी से फैलने लगी। घटनास्थल पर तुरंत 16 से 24 फायर टेंडर पहुंचे, साथ ही रिफाइनरी की अपनी फायर सेफ्टी सिस्टम भी सक्रिय हो गई। हाइड्रेंट सिस्टम और इमरजेंसी टीमों ने त्वरित कार्रवाई की। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।
अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, हालांकि कुछ यूनिटों से कर्मचारियों को सुरक्षित निकाल लिया गया। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्तावित दौरे और उद्घाटन समारोह को सुरक्षा कारणों से स्थगित कर दिया गया है।
पचपदरा रिफाइनरी: भारत की ऊर्जा महत्वाकांक्षा का प्रतीक
पचपदरा रिफाइनरी भारत की पहली ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स है। यह हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार का संयुक्त उद्यम है। HPCL का इसमें 74% हिस्सा है, जबकि राजस्थान सरकार का 26%। कुल निवेश 79,450 करोड़ रुपये से अधिक है।
रिफाइनरी की वार्षिक क्षमता 90 लाख टन (9 MMTPA) है। इसमें पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता 24 लाख टन प्रति वर्ष है। नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स 17.0 है, जो वैश्विक स्तर पर काफी उच्च माना जाता है। पेट्रोकेमिकल उत्पादन का हिस्सा 26% से अधिक है। यह प्लांट BS-6 मानकों अनुरूप इंधन उत्पादन करेगा और राजस्थान की पहली आधुनिक रिफाइनरी है।
यह परियोजना बारमेर जिले के पचपदरा क्षेत्र में बसी है। इसे देश का पहला ऐसा प्रोजेक्ट माना जाता है जिसमें रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को एक साथ विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य भारत की **ऊर्जा सुरक्षा** को मजबूत करना, पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाना और राजस्थान में औद्योगिक विकास को नई गति देना है। परियोजना पर करीब 13 वर्षों की मेहनत लगी है।
आग लगने के कारण और जांच
अभी आग लगने का सटीक कारण स्पष्ट नहीं है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, CDU यूनिट में किसी तकनीकी खराबी या रखरखाव संबंधी मुद्दे से आग भड़क सकती है। विशेषज्ञ टीम घटनास्थल पर पहुंचकर जांच कर रही है। रिफाइनरी प्रबंधन ने कहा है कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है।
ऐसी बड़ी औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाता है, फिर भी कभी-कभी अप्रत्याशित घटनाएं हो जाती हैं। इस घटना ने औद्योगिक सुरक्षा, फायर सेफ्टी सिस्टम और इमरजेंसी रिस्पॉन्स की तैयारियों पर फिर से चर्चा छेड़ दी है।
राजस्थान और देश के लिए महत्व
पचपदरा रिफाइनरी राजस्थान के पश्चिमी इलाके को औद्योगिक नक्शे पर नई पहचान देने वाली परियोजना है। यह क्षेत्र पहले मुख्य रूप से कृषि और खनन पर निर्भर था। अब यहां हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। रिफाइनरी से पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और विभिन्न पेट्रोकेमिकल उत्पादों का उत्पादन शुरू होने से देश की आयात निर्भरता कम होगी और ऊर्जा क्षेत्र में मजबूती आएगी।
प्रधानमंत्री मोदी के उद्घाटन के दौरान LPG टैंकरों को हरी झंडी दिखाने का कार्यक्रम भी था, जो अब स्थगित हो गया है। सरकार ने कहा है कि स्थिति सामान्य होते ही उद्घाटन की नई तारीख घोषित की जाएगी।
आगे की राह
इस घटना के बावजूद पचपदरा रिफाइनरी भारत की ऊर्जा महत्वाकांक्षा का मजबूत स्तंभ बनी रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी आधुनिक सुविधाओं में सुरक्षा प्रोटोकॉल को और अधिक मजबूत करने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
राजस्थान सरकार और HPCL दोनों ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने के बाद सभी जरूरी सुधार किए जाएंगे। देश की पहली इंटीग्रेटेड रिफाइनरी जल्द ही पूरी क्षमता से काम करना शुरू कर देगी और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में अपना योगदान देगी।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World-April 20,2026