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Wednesday, 8 April 2026

रूस-चीन का डबल वीटो: होर्मुज स्ट्रेट पर संयुक्त राष्ट्र में बहरीन के प्रस्ताव को रोका, ईरान को बड़ा समर्थन

रूस-चीन का डबल वीटो: होर्मुज स्ट्रेट पर संयुक्त राष्ट्र में बहरीन के प्रस्ताव को रोका, ईरान को बड़ा समर्थन
-Friday World-April 8,2026
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 7 अप्रैल 2026 को एक महत्वपूर्ण और नाटकीय घटना घटी। रूस और चीन ने बहरीन द्वारा पेश किए गए मसौदा प्रस्ताव को वीटो कर दिया। इस प्रस्ताव का मकसद होर्मुज स्ट्रेट में वाणिज्यिक जहाजरानी की सुरक्षा के लिए देशों के बीच समन्वय को बढ़ावा देना और ईरान द्वारा स्ट्रेट बंद करने के प्रयासों को रोकना था।

यह वीटो ऐसे समय में आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए अल्टीमेटम दिया था और युद्धविराम की घोषणा से ठीक पहले वैश्विक तनाव चरम पर था। वोटिंग में 15 सदस्यों वाले परिषद में 11 देशों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि रूस और चीन ने विरोध में वोट डाला। पाकिस्तान और कोलंबिया ने मतदान से दूर रहकर abstention किया।

 प्रस्ताव का सफर: कई बार पतला किया गया मसौदा

बहरीन के प्रस्ताव की शुरुआत काफी मजबूत थी। शुरू में इसमें अध्याय 8 के तहत सैन्य बल के उपयोग की अनुमति देने की बात थी, जिसका मतलब “all necessary means” (सभी जरूरी साधनों) का उपयोग करके स्ट्रेट की सुरक्षा करना था। खाड़ी देशों (गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल) का मानना था कि ईरान के शत्रुतापूर्ण व्यवहार को रोकने के लिए सख्त कदम जरूरी हैं।

लेकिन चीन और रूस के विरोध के कारण प्रस्ताव को कई बार कमजोर (watered down) किया गया। अंतिम संस्करण में सैन्य बल की स्पष्ट अनुमति हटा दी गई और केवल “रक्षात्मक प्रयासों को मजबूती से प्रोत्साहित” करने की भाषा रखी गई। फिर भी रूस और चीन ने इसे ईरान के खिलाफ “biased” बताते हुए वीटो कर दिया।

चीन ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को “आग में घी डालने” वाला कोई कदम नहीं उठाना चाहिए, जबकि रूस ने इसे क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाला बताया।

बहरीन के विदेश मंत्री का सख्त संदेश

बैठक की अध्यक्षता बहरीन के विदेश मंत्री **डॉ. अब्दुललतीफ बिन राशिद अल-जयानी** ने की। मतदान से पहले उन्होंने परिषद के सदस्यों को चेतावनी दी कि यह प्रस्ताव कोई नई हकीकत नहीं बना रहा, बल्कि ईरान के बार-बार होने वाले शत्रुतापूर्ण व्यवहार का जवाब है।

अल-जयानी ने कहा, “अगर सुरक्षा परिषद इस महत्वपूर्ण जलमार्ग का दुरुपयोग करके दबाव बनाने के प्रयास पर प्रतिक्रिया नहीं देती, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।” उन्होंने चेतावनी दी कि अगर होर्मुज जैसे स्ट्रेट में धमकी दी जा सकती है, तो दुनिया भर के अन्य जलमार्ग भी प्रभावित हो सकते हैं और “दुनिया एक जंगल में बदल जाएगी।”

बहरीन के अलावा सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, कतर और जॉर्डन जैसे खाड़ी देशों ने भी प्रस्ताव का समर्थन किया।

 वीटो का समय और वैश्विक संदर्भ

यह वीटो ट्रंप की डेडलाइन से ठीक पहले आया। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज स्ट्रेट न खुला तो “पूरी सभ्यता को नुकसान” पहुंच सकता है। प्रस्ताव पर वोटिंग 7 अप्रैल को हुई और उसी रात ट्रंप ने दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा कर दी।

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के लगभग 20% तेल परिवहन का रास्ता है। ईरान ने अमेरिका-इजरायल के हमलों के जवाब में इसे प्रभावित किया था, जिससे वैश्विक तेल कीमतें बढ़ गई थीं और अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ा था।

रूस-चीन वीटो का मतलब क्या है?

- ईरान को समर्थन: रूस और चीन का वीटो ईरान के प्रति उनकी रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है। दोनों देश ईरान के सबसे बड़े व्यापारिक और राजनीतिक साझेदार हैं।
- बहुपक्षीयता vs शक्ति संतुलन: यह घटना दिखाती है कि सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यों (P5) के वीटो पावर के कारण बड़े फैसले अक्सर अटक जाते हैं।
- क्षेत्रीय तनाव: खाड़ी देशों ने इसे “अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए खतरा” बताया, जबकि चीन-रूस ने इसे “ईरान के खिलाफ” करार दिया।
- पाकिस्तान की भूमिका: पाकिस्तान का abstention दिलचस्प है, क्योंकि वह ईरान के साथ अच्छे संबंध रखता है और हाल ही में युद्धविराम में मध्यस्थता की भूमिका निभा चुका है।

 आगे क्या?

वीटो के बावजूद युद्धविराम हो गया है और 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता होने वाली है। लेकिन संयुक्त राष्ट्र में यह घटना दिखाती है कि होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा अभी भी विवादास्पद मुद्दा बना हुआ है। अगर वार्ता नाकाम रही तो स्ट्रेट फिर से तनाव का केंद्र बन सकता है।

यह घटना सिखाती है कि आधुनिक भू-राजनीति में कूटनीति, वीटो पावर और आर्थिक हित कितने गहराई से जुड़े हुए हैं। रूस-चीन का डबल वीटो न सिर्फ बहरीन के प्रस्ताव को रोकता है, बल्कि मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया में नई जटिलताएं भी पैदा करता है।

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World-April 8,2026