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Tuesday, 28 April 2026

ईरान पर युद्ध शुरू होने के बाद खाड़ी देशों की पहली आमने-सामने बैठक: जेद्दाह में GCC शिखर सम्मेलन शुरू

ईरान पर युद्ध शुरू होने के बाद खाड़ी देशों की पहली आमने-सामने बैठक: जेद्दाह में GCC शिखर सम्मेलन शुरू-Friday World-April 28,2026
जेद्दाह (सऊदी अरब), 28 अप्रैल 2026: अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर सैन्य कार्रवाई शुरू किए जाने के ठीक दो महीने बाद, खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के नेताओं की पहली आमने-सामने बैठक आज सऊदी अरब के बंदरगाह शहर जेद्दाह में हो रही है। यह असाधारण परामर्शी शिखर सम्मेलन क्षेत्रीय सुरक्षा, ईरानी हमलों की चुनौतियों और भविष्य की रणनीति पर केंद्रित है।

 पृष्ठभूमि: 28 फरवरी से शुरू हुआ संघर्ष
28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हवाई अभियान शुरू किया। इसके जवाब में ईरान ने न केवल इज़राइल बल्कि खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए मिसाइलों और ड्रोन हमलों की बौछार कर दी। 

ईरान के इन हमलों में हजारों मिसाइलें और ड्रोन शामिल थे, जिन्होंने यूएई, बहरीन, सऊदी अरब, ओमान, कतर और कुवैत को प्रभावित किया। कुछ हमलों में नागरिक क्षेत्रों, ऊर्जा सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा। खाड़ी देशों ने इन हमलों की कड़ी निंदा की और उन्हें अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला बताया।

8 अप्रैल को पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम (सीजफायर) हो गया, लेकिन क्षेत्रीय तनाव पूरी तरह कम नहीं हुआ है। खाड़ी देश अब एक समन्वित रणनीति बनाने पर जोर दे रहे हैं।

 जेद्दाह शिखर सम्मेलन: कौन शामिल?
सऊदी राज्य मीडिया के अनुसार, बैठक में उच्च स्तरीय प्रतिनिधि पहुंच चुके हैं:
- **कतर के अमीर** शेख तमीम बिन हमद अल थानी
- **कुवैत के क्राउन प्रिंस**
- **बहरीन के राजा** हमद बिन ईसा अल खलीफा
- **संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के विदेश मंत्री**

ओमान का प्रतिनिधित्व कौन करेगा, यह स्पष्ट नहीं है। सऊदी अरब खुद मेजबान के रूप में पूरी ताकत के साथ मौजूद है। यह बैठक खाड़ी नेताओं की ईरान युद्ध शुरू होने के बाद पहली **फिजिकल (आमने-सामने)** बैठक है। इससे पहले मार्च में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कुछ बैठकें हुई थीं।

 बैठक के मुख्य एजेंडे
एक खाड़ी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि बैठक का प्रमुख उद्देश्य **ईरानी हमलों के खिलाफ समन्वित प्रतिक्रिया** तैयार करना है। प्रमुख मुद्दे निम्नलिखित हैं:

1. सुरक्षा और रक्षा सहयोग: खाड़ी देशों पर हुए हमलों का विश्लेषण और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए संयुक्त रणनीति।

2. मसिर-ए-हरमुज (Strait of Hormuz) की सुरक्षा: ईरान के हमलों के बाद हरमुज जलडमरूमध्य की नौवहन सुरक्षा एक बड़ी चिंता है। यह जलडमरूमध्य विश्व के तेल निर्यात का महत्वपूर्ण रास्ता है। किसी भी व्यवधान से वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित होता है।

3. आर्थिक और मानवीय प्रभाव: हमलों से हुई क्षति, ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर असर और नागरिकों की सुरक्षा।
4. **पाकिस्तानी मध्यस्थता और आगे की दिशा**: युद्धविराम के बाद ईरान के साथ भविष्य के संबंधों पर चर्चा। खाड़ी नेताओं में ईरान पर विश्वास की कमी स्पष्ट दिख रही है।

5. संयुक्त बयान और अंतरराष्ट्रीय अपील: संयुक्त राष्ट्र और अन्य मंचों पर खाड़ी देशों की एकजुट आवाज।

GCC महासचिव जासेम मोहम्मद अल-बुदैवी पहले ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से ईरानी हमलों को रोकने की अपील कर चुके हैं।

क्षेत्रीय महत्व और चुनौतियां
यह बैठक खाड़ी देशों की एकता का प्रतीक है। पिछले वर्षों में GCC के अंदर कुछ मतभेद रहे थे (जैसे कतर संकट), लेकिन वर्तमान संकट ने उन्हें एक मंच पर ला खड़ा किया है। सऊदी अरब की मेजबानी इस बात को रेखांकित करती है कि रियाद क्षेत्रीय स्थिरता में अग्रणी भूमिका निभाने को तैयार है।

खाड़ी देश स्पष्ट रूप से कह चुके हैं कि वे ईरान के खिलाफ किसी सैन्य कार्रवाई में सीधे शामिल नहीं होंगे, लेकिन अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे।

विश्लेषकों का मानना है कि यह शिखर सम्मेलन न केवल तात्कालिक सुरक्षा मुद्दों पर बल्कि लंबे समय तक ईरान नीति को आकार देने में महत्वपूर्ण साबित होगा। खाड़ी देश अब विविधीकरण की दिशा में बढ़ रहे हैं—अमेरिका पर अंधाधुंध निर्भरता कम करते हुए चीन, भारत और अन्य शक्तियों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना चाहते हैं।

आगे क्या?
बैठक के बाद GCC की ओर से एक संयुक्त बयान जारी होने की उम्मीद है। इसमें ईरान से क्षेत्रीय अस्थिरता न फैलाने की अपील के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन की मांग की जा सकती है। 

जेद्दाह की यह बैठक सिर्फ एक डिप्लोमैटिक इवेंट नहीं, बल्कि खाड़ी देशों की नई वास्तविकता का दर्पण है—जहां वे खुद को क्षेत्रीय चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार कर रहे हैं।

: ईरान युद्ध ने पूरे मध्य पूर्व को हिला दिया है। जेद्दाह में हो रही GCC बैठक खाड़ी देशों की परिपक्वता और एकजुटता को दिखाती है। क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है, लेकिन सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि नेतागण कितनी दूरदर्शिता और व्यावहारिकता के साथ फैसले लेते हैं।

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World-April 28,2026