24-25 मई 2026 की वो भयावह रात, जब रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव और आसपास के इलाकों पर दूसरे विश्व युद्ध के बाद का सबसे भारी हमला बोल दिया। सैकड़ों ड्रोन, दर्जनों क्रूज मिसाइलें और सबसे खास – ओरेशनिक (Oreshnik) हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल। न्यूक्लियर हथियार ले जाने में सक्षम यह मिसाइल आसमान को चीरती हुई आई और धरती पर तबाही मचा गई।
यह 2022 में पूर्ण पैमाने के आक्रमण के बाद कीव पर अब तक का सबसे बड़ा हमला था। चार निर्दोष नागरिकों की जान चली गई, सैकड़ों घायल हुए, स्कूल, रिहायशी इमारतें, बाजार, पानी की सुविधाएं और बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने हमले से ठीक पहले नागरिकों को चेतावनी दी थी, फिर भी तबाही रोकी नहीं जा सकी। अब यूक्रेन ने बदला लेने की कसम खा ली है।
हमले की भयावह तस्वीर
रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह हमला यूक्रेन के हालिया ड्रोन हमलों का जवाब था। लेकिन हकीकत कुछ और ही बताती है। यूक्रेनी एयर फोर्स के मुताबिक, रूस ने लगभग 600 अटैक ड्रोन और 90 से ज्यादा मिसाइलें दागीं। इनमें Iskander, Kinzhal, Zircon जैसी उन्नत मिसाइलों के साथ Oreshnik का इस्तेमाल तीसरी बार किया गया।
Oreshnik मिसाइल इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है, जो हाइपरसोनिक स्पीड (मैक 10+) से उड़ान भरती है। रूस का दावा है कि इसे कोई एयर डिफेंस सिस्टम रोक नहीं सकता। यह परमाणु या पारंपरिक वॉरहेड दोनों ले जा सकती है। इस बार यह Bila Tserkva (कीव से करीब 80-90 किमी दक्षिण) में गिरी, जहां गैरेज, रिहायशी इलाकों और अन्य सुविधाओं में आग लग गई।
कीव के हर जिले में नुकसान पहुंचा। मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वार क्षतिग्रस्त हुए, जहां लोग आश्रय लेते हैं। शॉपिंग सेंटर, फार्मर्स मार्केट, पानी की सुविधाएं जलकर खाक हो गए। स्कूलों और अस्पतालों को भी नुकसान पहुंचा। कीव के मेयर Vitali Klitschko और स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि 40-50 जगहों पर क्षति हुई।
हताहत यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार कुल 4 लोगों की मौत हुई और करीब 80-100 लोग घायल हुए। कीव में दो मौतें हुईं, बाकी आसपास के इलाकों में। सैकड़ों लोग बेघर हो गए।
ज़ेलेंस्की की पूर्व चेतावनी – फिर भी हमला
हमले से एक दिन पहले, 23 मई को ज़ेलेंस्की ने सार्वजनिक रूप से चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी, अमेरिकी और यूरोपीय खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर रूस Oreshnik मिसाइल से बड़ा हमला कर सकता है। अमेरिकी दूतावास ने भी 24 घंटे के अंदर बड़े हमले की आशंका जताई थी।
ज़ेलेंस्की ने नागरिकों से अपील की कि वे आश्रय स्थलों पर रहें, लेकिन रूस की मिसाइल टेक्नोलॉजी के आगे यूक्रेन की एयर डिफेंस भी पूरी तरह सफल नहीं हो सकी। कई ड्रोन और मिसाइलें इंटरसेप्ट हुईं, लेकिन जो बच गईं, उन्होंने तबाही मचा दी।
Oreshnik – युद्ध का नया गेम चेंजर?
Oreshnik रूस की नई पीढ़ी की हथियार प्रणाली है। 2024 के अंत में इसे पहली बार इस्तेमाल किया गया था। यह मिसाइल इतनी तेज है कि पारंपरिक डिफेंस सिस्टम जैसे Patriot भी इसे रोक पाने में मुश्किल महसूस करते हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इसे “अजेय” बताते हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि इसका इस्तेमाल न सिर्फ सैन्य, बल्कि मनोवैज्ञानिक हमला भी है। न्यूक्लियर कैपेबिलिटी का संदेश साफ है – “हम और आगे बढ़ सकते हैं।” हालांकि इस बार पारंपरिक वॉरहेड (कुछ रिपोर्ट्स में किनेटिक एनर्जी प्रोजेक्टाइल) इस्तेमाल किया गया, लेकिन भविष्य में इसका इस्तेमाल और खतरनाक हो सकता है।
यूक्रेन का गुस्सा और बदले की प्रतिज्ञा
हमले के बाद ज़ेलेंस्की ने इसे “पागलपन” बताया। उन्होंने कहा, “वे वाकई पागल हो गए हैं।” यूक्रेन ने यूरोपीय नेताओं से संपर्क किया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, EU के विदेश नीति प्रमुख और अन्य नेताओं ने हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे “अनुचित बढ़ोतरी” बताया।
यूक्रेन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की है। साथ ही, पश्चिमी देशों से और बेहतर एयर डिफेंस सिस्टम, खासकर Patriot और अन्य उन्नत हथियारों की मांग तेज कर दी है।
यूक्रेनी सेना ने वादा किया है कि वे इस हमले का मुंहतोड़ जवाब देंगे। रूसी कब्जे वाले इलाकों और रूस की अंदरूनी सैन्य सुविधाओं पर ड्रोन हमले बढ़ाने की तैयारी है।
युद्ध का व्यापक संदर्भ
यह हमला यूक्रेन-रूस युद्ध के चौथे साल में आया है। 2022 में शुरू हुए इस संघर्ष में अब तक लाखों लोग प्रभावित हो चुके हैं। लाखों शरणार्थी, हजारों मौतें और अरबों डॉलर का नुकसान।
रूस दावा करता है कि वह “नाटो विस्तार” और “यूक्रेन में नाजी तत्वों” के खिलाफ लड़ रहा है। वहीं यूक्रेन और उसके समर्थक देश इसे रूस की विस्तारवादी महत्वाकांक्षा मानते हैं।
हाल के महीनों में यूक्रेन ने रूस पर ड्रोन हमले बढ़ाए थे, जिसमें रूसी इलाकों में सिविलियन सुविधाओं को निशाना बनाया गया। रूस इसे जवाबी कार्रवाई बता रहा है। लेकिन सिविलियन इलाकों पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन माना जाता है।
वैश्विक प्रतिक्रियाएं
- यूरोप: कड़ी निंदा, और सहायता बढ़ाने का वादा।
- अमेरिका: खुफिया जानकारी साझा की, लेकिन नई सैन्य मदद पर अभी अनिश्चितता।
- NATO: सदस्य देश अलर्ट पर, लेकिन सीधे हस्तक्षेप से बच रहे हैं।
- भारत: शांति की अपील, दोनों पक्षों से संयम बरतने को कहा।
आगे क्या?
विश्लेषक चेताव रहे हैं कि यह युद्ध अब हाइपरसोनिक हथियारों के युग में प्रवेश कर चुका है। अगर दोनों तरफ से बढ़ोतरी हुई तो स्थिति और बिगड़ सकती है। Oreshnik जैसे हथियारों का इस्तेमाल परमाणु युद्ध की आशंका को भी बढ़ाता है, भले ही फिलहाल पारंपरिक वॉरहेड ही इस्तेमाल हो रहा हो।
यूक्रेन को और मजबूत एयर डिफेंस की जरूरत है। रूस को अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन फिलहाल युद्ध थमने के कोई संकेत नहीं दिख रहे।
मानवीय पहलू
इस हमले में मारे गए चार लोग किसी के माता-पिता, किसी के बच्चे या भाई-बहन थे। स्कूलों का नुकसान आने वाली पीढ़ी की शिक्षा प्रभावित करेगा। रिहायशी इलाकों में आग और मलबे के नीचे दबी जिंदगियां हमें याद दिलाती हैं कि युद्ध में सबसे ज्यादा कीमत आम नागरिक चुकाते हैं।
हजारों कीव निवासी अब फिर से आश्रय स्थलों में रात बिता रहे हैं। बच्चे डरे हुए हैं। मांएं अपने परिवार को बचाने की कोशिश में लगी हैं।
: शांति की तलाश
यह हमला सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि पूरे यूरोप और विश्व सुरक्षा के लिए चेतावनी है। हाइपरसोनिक हथियारों की दौड़ नई आर्म्स रेस शुरू कर सकती है।
दुनिया को अब संवाद और कूटनीति का रास्ता अपनाना चाहिए। यूक्रेन की संप्रभुता का सम्मान और रूस की सुरक्षा चिंताओं का समाधान – दोनों जरूरी हैं।
जब तक युद्ध चलेगा, तबाही होती रहेगी। चार मौतें छोटी संख्या लग सकती हैं, लेकिन हर मौत एक पूरी दुनिया खत्म होने जैसी है।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World – 26 May 2026