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Friday, 29 May 2026

कनाडा में खालिस्तानी प्रदर्शनकारियों ने भारतीय उच्चायुक्त का काफिला रोका

कनाडा में खालिस्तानी प्रदर्शनकारियों ने भारतीय उच्चायुक्त का काफिला रोका
-Friday World 29 May2026
ब्रैम्पटन (कनाडा), 26 मई 2026: कनाडा के ब्रैम्पटन शहर में खालिस्तानी प्रदर्शनकारियों ने भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक का आधिकारिक काफिला रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने भारतीय तिरंगे का अपमान करने की कोशिश भी की।

 घटना क्या हुई?

भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल कनाडा की यात्रा पर थे। 26 मई को ब्रैम्पटन के पीयर्सन कन्वेंशन सेंटर में एक कार्यक्रम चल रहा था। कार्यक्रम के बाद जब उच्चायुक्त दिनेश पटनायक अपने काफिले के साथ बाहर निकले तो खालिस्तानी समर्थकों ने उनके काफिले को घेर लिया।

प्रदर्शनकारियों ने काफिले के आगे आकर नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने “Indian Terrorists Go Back” और “Justice for Nijjar” जैसे नारे लगाए। कुछ लोगों ने भारतीय झंडे को फाड़ने और अपमानित करने की कोशिश की।

Peel Regional Police ने तुरंत हस्तक्षेप किया और प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाया। किसी की गिरफ्तारी या चोट की खबर नहीं है।

कौन थे प्रदर्शनकारी?

इस प्रदर्शन का नेतृत्व **इंदरजीत सिंह गोसल** कर रहे थे, जो **Sikhs for Justice** संगठन से जुड़े हैं। यह संगठन कनाडा में खालिस्तान रेफरेंडम की मांग करता रहा है।

 भारतीय उच्चायुक्त का बयान

दिनेश पटनायक ने इस घटना पर कनाडा सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि कनाडा में खालिस्तानी तत्वों को लगातार भारत विरोधी गतिविधियां करने की छूट दी जा रही है।

 भारत-कनाडा संबंधों पर असर

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच व्यापार और संबंध सुधारने की कोशिश चल रही थी। पिछले कुछ सालों से खालिस्तानी मुद्दे के कारण दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। 

भारत सरकार ने कनाडा से अपने राजनयिकों और भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

क्या कहता है अंतरराष्ट्रीय कानून?

वियना संधि के अनुसार मेजबान देश को विदेशी राजनयिकों की पूरी सुरक्षा देनी होती है। काफिले को रोकना और झंडे का अपमान करना इस संधि का उल्लंघन माना जाता है।

अब तक क्या हुआ?

- भारत के विदेश मंत्रालय ने कनाडाई सरकार से इस मामले पर रिपोर्ट मांगी है।

- कनाडा की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

- सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

यह घटना दिखाती है कि कनाडा में खालिस्तानी गतिविधियां अभी भी जारी हैं और भारतीय राजनयिकों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने की कोशिशों के बावजूद खालिस्तानी मुद्दा संबंधों में रुकावट बना हुआ है।

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World 29 May2026