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Monday, 11 May 2026

शुभेंदु के PA मर्डर केस में बड़ी कामयाबी: बलिया का शार्प शूटर राजसिंह अयोध्या से दबोचा गया, बक्सर में रची गई थी खूनी साजिश

शुभेंदु के PA मर्डर केस में बड़ी कामयाबी: बलिया का शार्प शूटर राजसिंह अयोध्या से दबोचा गया, बक्सर में रची गई थी खूनी साजिश
-Friday World-11 May 2026
         प्रतीकात्मक तस्वीर 
पश्चिम बंगाल की सियासत को हिला देने वाले हाई-प्रोफाइल चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में पुलिस के हाथ बड़ी सफलता लगी है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या का मुख्य आरोपी शार्प शूटर राज सिंह उत्तर प्रदेश के अयोध्या से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी मूल रूप से यूपी के बलिया जिले का रहने वाला है, लेकिन लंबे समय से बिहार के बक्सर में ठिकाना बनाकर रह रहा था। इस गिरफ्तारी के साथ ही मर्डर मिस्ट्री के तार यूपी, बिहार और बंगाल तीनों राज्यों से जुड़ते नजर आ रहे हैं। 

अयोध्या में साधु बनकर छिपा था शूटर
6 मई की रात वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी राज सिंह फरार हो गया था। पुलिस से बचने के लिए वह अयोध्या पहुंचा और वहां पहचान छिपाकर रह रहा था। कोलकाता पुलिस की एसटीएफ को सटीक इनपुट मिला। इसके बाद अयोध्या पुलिस के साथ साझा ऑपरेशन चलाकर घेराबंदी की गई और शूटर को धर दबोचा गया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता ले जाया गया, जहां एसआईटी और सीआईडी की टीमें उससे पूछताछ कर रही हैं। 

बक्सर में दो दिन डेरा डाले रही बंगाल एसटीएफ
जांच में सामने आया है कि हत्या की पूरी प्लानिंग बिहार के बक्सर में की गई थी। इसी कड़ी को जोड़ने के लिए बंगाल एसटीएफ की टीम पिछले दो दिनों से बक्सर में डेरा डाले हुए थी। पुलिस ने वहां से दो युवकों बीपी मौर्या और मयंक मिश्रा को हिरासत में लिया है। इसके अलावा क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले विशाल श्रीवास्तव से भी लंबी पूछताछ की गई, हालांकि बाद में उसे छोड़ दिया गया। सूत्र बताते हैं कि बक्सर के कुछ अपराधियों का सिलीगुड़ी में लगातार आना-जाना था, जिसने पुलिस का शक और पुख्ता कर दिया। 

ऐसे बिछाया गया जाल: UPI पेमेंट बना अहम सुराग
हत्याकांड की जांच में टोल प्लाजा पर किया गया एक UPI पेमेंट सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। हमले से ठीक पहले हमलावरों की सिल्वर रंग की कार बल्ली टोल प्लाजा से गुजरी थी। गाड़ी में सवार लोगों ने टोल का भुगतान यूपीआई से किया था। इसी पेमेंट से जांच एजेंसियों को एक संदिग्ध के मोबाइल नंबर की पहचान मिल गई। साथ ही टोल प्लाजा के सीसीटीवी में कार और उसमें बैठे लोगों की तस्वीरें भी रिकॉर्ड हो गईं। 

वारदात की रात क्या हुआ था?
6 मई की रात करीब 10:30 बजे चंद्रनाथ रथ कोलकाता से मध्यमग्राम स्थित अपने घर जा रहे थे। घर के पास ही उनकी एसयूवी को एक सिल्वर रंग की कार ने ओवरटेक कर रोका। तभी दोपहिया वाहनों पर सवार हथियारबंद बदमाशों ने उन पर पॉइंट ब्लैंक रेंज से 8 राउंड फायरिंग कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक चंद्रनाथ के सीने में दो और पेट में एक गोली लगी थी। अधिक रक्तस्राव से मौके पर ही उनकी मौत हो गई। 

हमले के बाद शूटर कार छोड़कर लाल रंग की दूसरी कार और मोटरसाइकिलों से फरार हो गए। पुलिस ने बाद में दो मोटरसाइकिल बरामद कीं। एक घटनास्थल के पास और दूसरी बारासात इलाके से मिली। 

ग्लॉक 47 एक्स पिस्तौल और फर्जी नंबर प्लेट
जांच में खुलासा हुआ है कि हत्या में ऑस्ट्रिया निर्मित अत्याधुनिक ग्लॉक 47 एक्स पिस्तौल का इस्तेमाल किया गया था। हमलावरों ने जिस कार का इस्तेमाल किया उसकी नंबर प्लेट भी नकली थी। एक बाइक का रजिस्ट्रेशन सिलीगुड़ी के बिपाश दत्ता नाम के व्यक्ति के नाम पर मिला, लेकिन जब पुलिस इस्लामपुर वाले पते पर पहुंची तो वहां रहने वाले ई-रिक्शा चालक ने बताया कि वह इस नाम के किसी व्यक्ति को नहीं जानता। साफ है कि हमलावरों ने फर्जी पहचान और नकली दस्तावेजों का सहारा लिया था। 

40 लाख की सुपारी, बिहार कनेक्शन
हिरासत में लिए गए संदिग्धों ने पूछताछ में बताया है कि शुभेंदु अधिकारी के PA की हत्या के लिए बिहार से 2 शार्प शूटर बुलाए गए थे। इस काम के लिए 30 से 40 लाख रुपये की सुपारी दी गई हो सकती है। शक है कि एक स्थानीय अपराधी ने शूटर्स के ठहरने और गाड़ियों का इंतजाम कराया था। बंगाल पुलिस अब बिहार पुलिस के साथ समन्वय कर इन दावों को वेरिफाई कर रही है। 

अब तक 3 गिरफ्तार, बांग्लादेश एंगल भी जांच में
इस केस में पुलिस अब तक कुल तीन शूटर्स को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से दो आरोपी बिहार के बक्सर के रहने वाले हैं। तीनों को रात में ही कोलकाता लाया गया और 11 मई को बारासात कोर्ट में पेश किया गया। 

पुलिस दो एंगल पर काम कर रही है। पहला बिहार से बुलाए गए शूटर्स का एंगल और दूसरा बांग्लादेश कनेक्शन। बीएसएफ के डीजी ने खुद मौके पर जाकर जांच की थी। आशंका है कि हमलावर बांग्लादेश से आए थे और वारदात के बाद बॉर्डर पार कर वापस चले गए। राज्य और केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी अलर्ट पर हैं। 

SIT की जांच जारी, हर पहलू खंगाल रही पुलिस
इस सनसनीखेज हत्याकांड की जांच के लिए सीआईडी और एसटीएफ ने संयुक्त रूप से विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया है। फोरेंसिक एक्सपर्ट्स ने घटनास्थल से खून के नमूने, कारतूस और अन्य तकनीकी सबूत जुटाए हैं। फोन रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, लोकेशन डेटा और कॉल डिटेल्स को मिलाकर पुलिस पूरे षड्यंत्र की कड़ियां जोड़ रही है। 

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन शूटर्स के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है और सुपारी किसने दी थी। निजी दुश्मनी, राजनीतिक कारण और आपराधिक साजिश समेत हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है। पश्चिम बंगाल पुलिस जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा कर सकती है। 

पृष्ठभूमि: कौन थे चंद्रनाथ रथ
चंद्रनाथ रथ को सुवेंदु अधिकारी का बेहद करीबी माना जाता था। 6 मई को उनकी हत्या ने पूरे राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया था। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा की प्रचंड जीत के दो दिन बाद हुई इस हत्या ने राज्य में भारी आक्रोश पैदा कर दिया। 

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World-11 May 2026