-Friday World 22 Jun 2026
लंदन से सोमवार, 22 जून 2026 को आई सबसे बड़ी खबर ने पूरी दुनिया को चौंका दिया। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीर स्टार्मर ने सिर्फ दो साल के कार्यकाल के बाद प्रधानमंत्री पद और सत्ताधारी लेबर पार्टी के नेता पद से इस्तीफा दे दिया है। 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर भावुक होते हुए उन्होंने कहा, "मैंने जो भी फैसला लिया, वह अपने प्यारे देश को पहले रखने के लिए लिया। इसलिए मैं लेबर पार्टी के नेता के तौर पर इस्तीफा दे रहा हूं"।
इस्तीफे की 5 बड़ी वजहें
- पार्टी में बगावत: पिछले कुछ महीनों से लेबर पार्टी में अंदरूनी कलह चरम पर थी। 100 से ज्यादा सांसदों ने खुलकर विरोध किया था। 4 मंत्रियों और 4 सहायक मंत्रियों ने भी इस्तीफा दे दिया।
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- स्थानीय चुनाव में करारी हार
- मई में हुए स्थानीय चुनावों में लेबर ने 1,500 से ज्यादा काउंसिल सीटें और 25 से अधिक काउंसिल गंवा दीं। नाइजेल फराज की रिफॉर्म UK ने लेबर के गढ़ में सेंध लगा दी।
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- डोनाल्ड ट्रंप से तनाव: ईरान संघर्ष में ब्रिटिश बेस के इस्तेमाल को लेकर स्टार्मर ने पहले अमेरिका का साथ देने से इनकार किया। ट्रंप ने Truth Social पर लिखा: "कीर स्टार्मर यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। वह दो बहुत अहम मुद्दों- इमिग्रेशन और एनर्जी पर बुरी तरह नाकाम रहे"।
- नीतिगत यू-टर्न: पेंशनरों के लिए विंटर फ्यूल बेनिफिट अचानक बंद करना, चुनावी वादे के बावजूद सबसे बड़े टैक्स बढ़ाना और दानदाता से मुफ्त कपड़े लेने के खुलासे ने छवि खराब की।
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- जनता का भरोसा टूटा
- YouGov सर्वे में मतदाताओं ने स्टार्मर को "कमजोर" और "अनिर्णायक" बताया। 2024 में लेबर को वोट देने वाले आधे लोग पार्टी छोड़ चुके हैं।
अब आगे क्या? सत्ता हस्तांतरण का शेड्यूल
स्टार्मर ने किंग चार्ल्स को अपने फैसले की जानकारी दे दी है। लेबर पार्टी के नए नेता के लिए 9 जुलाई से नामांकन शुरू होगा। अगर मुकाबला हुआ तो सितंबर तक नया नेता चुन लिया जाएगा। तब तक स्टार्मर कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहेंगे। यह 10 साल में ब्रिटेन का 7वां प्रधानमंत्री होगा।
नए PM की रेस: एंडी बर्नहैम सबसे आगे
ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहैम नए प्रधानमंत्री के सबसे मजबूत दावेदार हैं। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने भी बर्नहैम को समर्थन देकर खुद को रेस से हटा लिया है।
भावुक विदाई: "अब परिवार सबसे बड़ा काम"
भाषण के अंत में स्टार्मर की आवाज भर्रा गई। उन्होंने कहा, "देश की सबसे बड़ी नौकरी छोड़ने के बाद मैं सबसे अहम काम पर ध्यान दूंगा - अपनी शानदार पत्नी विक का सबसे अच्छा पति और अपने खूबसूरत बच्चों का सबसे अच्छा पिता बनना"। उन्होंने 10 डाउनिंग स्ट्रीट के स्टाफ और सिविल सर्विस का भी शुक्रिया अदा किया।
वैश्विक असर: शांतिपूर्ण सत्ता पलट
इस्तीफे की खबर के बाद FTSE 250 इंडेक्स 0.7% गिरा और पाउंड कमजोर हुआ। EU ने 22 जुलाई को होने वाली EU-UK समिट पर फिर से विचार शुरू कर दिया है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, "यूरोपीय और यूक्रेनी सुरक्षा आपकी वजह से मजबूत है"।
भारत पर क्या असर?
स्टार्मर सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि UK-India फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई से लागू होना है। नए नेतृत्व में भी इसके जारी रहने की उम्मीद है, लेकिन नए PM की प्राथमिकताओं पर नजर रहेगी।
लोकतंत्र की ताकत
ब्रिटेन ने फिर दिखा दिया कि लोकतंत्र में सत्ता पलट बुलेट से नहीं, बैलेट से होता है। जहां दुनिया भर में भ्रष्टाचार और सत्ता के लिए खूनी जंग होती है, वहां ब्रिटेन ने शांतिपूर्वक नेतृत्व बदलकर मिसाल पेश की है। स्टार्मर का पतन यह भी बताता है कि भारी बहुमत के बावजूद जनता का विश्वास टूटे तो कुर्सी नहीं टिकती।
अब सवाल यह है कि क्या एंडी बर्नहैम लेबर को 2029 का चुनाव जिता पाएंगे, या नाइजेल फराज की रिफॉर्म UK ब्रिटेन की दो-दलीय व्यवस्था को हमेशा के लिए तोड़ देगी? जवाब वक्त देगा।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World 22 Jun 2026