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Sunday, 5 July 2026

ट्रंप हैरान: "इतने लोग उनसे प्यार करते थे" - ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर के जनाज़े में उमड़ा जनसैलाब

ट्रंप हैरान: "इतने लोग उनसे प्यार करते थे" - ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर के जनाज़े में उमड़ा जनसैलाब
-Friday World 5 Jun 2026

ट्रंप हैरान: "इतने लोग उनसे प्यार करते थे" - ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर के जनाज़े में उमड़ा जनसैलाब

वॉशिंगटन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर के जनाज़े में शामिल भारी भीड़ को देखकर हैरानी जताई है। व्हाइट हाउस के एक बयान में ट्रंप ने कहा कि वह इस बात से हैरान हैं कि इतने सारे लोग दिवंगत लीडर से प्यार करते थे और उन्हें आखिरी विदाई देने आए।

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब तेहरान के ग्रैंड मुसल्ला में लाखों लोगों ने नमाज़-ए-जनाज़ा में हिस्सा लिया। सरकारी मीडिया द्वारा जारी हेलीकॉप्टर फुटेज में पूरे शहर में इंसानों का समंदर दिखाई दिया।

ट्रंप ने क्या कहा
ऑफिशियल बयान के अनुसार राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "मैं देख रहा था कि ईरान में कितनी बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। ईमानदारी से कहूं तो मैं हैरान हूं कि इतने सारे लोग उनसे प्यार करते थे। यह अपने आप में एक बड़ी बात है।"

उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका दुनिया भर में हो रही घटनाओं पर नजर रख रहा है और वह क्षेत्र में शांति चाहता है। ट्रंप ने यह भी दोहराया कि अमेरिका का ईरान के नेतृत्व को खत्म करने का कोई इरादा नहीं है।

तेहरान में कैसा था नज़ारा
ईरान के सरकारी मीडिया की फुटेज के मुताबिक ग्रैंड मुसल्ला और उसके आसपास के इलाके पूरी तरह भर गए थे। बुजुर्ग, महिलाएं, युवा और बच्चे सभी काले झंडे और बैनर लेकर पहुंचे थे। नमाज़ की इमामत आयतुल्लाह शैख़ जाफ़र सुब्हानी ने की।

रिपोर्ट्स के मुताबिक 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधिमंडल और 30 से ज्यादा देशों के हाई-लेवल डेलिगेशन्स भी इस मौके पर मौजूद थे। इस नज़ारे को कई विश्लेषकों ने "इस्लामी एकता की मिसाल" बताया।

विशेषज्ञों की राय
अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि ट्रंप का हैरानी जताना स्वाभाविक है। प्रो. अमित वर्मा कहते हैं, "पश्चिमी मीडिया में अक्सर ईरान के नेतृत्व को लेकर एकतरफा तस्वीर पेश की जाती है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि ईरान में सुप्रीम लीडर का एक बड़ा जनाधार है। लाखों लोगों का सड़कों पर आना उसी का सबूत है।"

विदेश नीति विशेषज्ञ डॉ. निधि शर्मा का मानना है, "ट्रंप का यह बयान कूटनीतिक भी है। वह यह संदेश देना चाहते हैं कि अमेरिका ईरानी जनता के खिलाफ नहीं है। उनका टकराव सिर्फ नीतियों से है, लोगों से नहीं।"

अमेरिका-ईरान संबंधों पर असर
ट्रंप के इस बयान को कई लोग तनाव कम करने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं। पिछले कुछ महीनों से अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी तेज थी। परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंध और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर दोनों देशों में तल्खी थी।

लेकिन अब ट्रंप का नरम रुख और "प्यार" शब्द का इस्तेमाल संकेत देता है कि वॉशिंगटन सीधे टकराव से बचना चाहता है। व्हाइट हाउस के सूत्रों का कहना है कि अमेरिका अब ईरान के साथ किसी नए समझौते के विकल्प तलाश रहा है।

दुनिया की प्रतिक्रिया
ट्रंप के बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कई लोगों ने कहा कि यह पहली बार है जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरानी लीडर के लिए जनसमर्थन को स्वीकार किया है।

यूरोपीय संघ ने कहा कि किसी भी नेता के प्रति लोगों की भावना का सम्मान किया जाना चाहिए। रूस ने भी कहा कि हर देश को अपने नेताओं को याद करने का अधिकार है।

वहीं ईरान में इस बयान को मिश्रित प्रतिक्रिया मिली। कुछ लोगों ने इसे सकारात्मक कदम बताया, तो कुछ ने कहा कि अमेरिका को पहले प्रतिबंध हटाने चाहिए।

आगे का रास्ता क्या

1. कूटनीति की संभावना: ट्रंप के इस बयान के बाद ईरान और अमेरिका के बीच बैकचैनल बातचीत शुरू होने की अटकलें तेज हो गई हैं। ओमान और कतर मध्यस्थता कर सकते हैं।
2. 
2. जनता की भूमिका: इतनी बड़ी भीड़ ने दिखा दिया कि ईरान में नेतृत्व को लेकर जनता का जुड़ाव गहरा है। अब कोई भी बाहरी फैसला ईरानी जनता की भावनाओं को नजरअंदाज नहीं कर सकता।
3. 
3. क्षेत्रीय स्थिरता: अगर अमेरिका और ईरान तनाव कम करते हैं तो इसका फायदा पूरे मध्य पूर्व को मिलेगा। इराक, सीरिया और यमन में भी हालात बेहतर हो सकते हैं।


डोनाल्ड ट्रंप का "हैरान हूं कि इतने लोग उनसे प्यार करते थे" वाला बयान सिर्फ एक टिप्पणी नहीं है। यह इस बात की तरफ इशारा है कि दुनिया को ईरान को सिर्फ प्रतिबंधों और टकराव के चश्मे से नहीं देखना चाहिए।

जनाज़े में उमड़ी भीड़ ने दुनिया को दिखा दिया कि नेतृत्व और जनता के बीच का रिश्ता कितना गहरा हो सकता है। अब गेंद अमेरिका और ईरान दोनों के पाले में है। क्या दोनों देश इस मौके का फायदा उठाकर बातचीत का रास्ता चुनेंगे, यह आने वाले दिन बताएंगे।

फिलहाल ट्रंप के शब्दों ने एक नई बहस जरूर शुरू कर दी है।

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World 5 Jun 2026


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