-Friday World 19 Aug 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की लोकप्रियता में एक बार फिर बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। हालिया सर्वेक्षण के अनुसार, सिर्फ 33 प्रतिशत अमेरिकी नागरिक उनके कामकाज को मंजूरी दे रहे हैं, जबकि 64 प्रतिशत लोग इसे नापसंद कर रहे हैं। यह आंकड़ा ट्रम्प के मौजूदा कार्यकाल का सबसे निचला स्तर है और उनके पहले कार्यकाल के सबसे निचले स्तर के बराबर है।
यह गिरावट ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक चल रहे युद्ध, बढ़ती तेल कीमतों और अनिश्चितता ने अमेरिकी जनता के मूड को प्रभावित किया है।
सर्वे क्या कहता है?
रॉयटर्स/इप्सोस के ताजा सर्वेक्षण में 33 प्रतिशत लोगों ने ट्रम्प के व्हाइट हाउस प्रदर्शन को मंजूरी दी, जबकि 64 प्रतिशत ने असहमति जताई। यह आंकड़ा कुछ हफ्ते पहले के 35 प्रतिशत से और गिरकर आया है। सर्वे में शामिल ज्यादातर लोगों का मानना है कि अमेरिका की ईरान में संलग्नता लंबे समय तक जारी रहेगी। लगभग 80 प्रतिशत अमेरिकी—जिनमें डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन्स दोनों शामिल हैं—मानते हैं कि यह संघर्ष जल्दी खत्म होने वाला नहीं है।
जनता की राय साफ संकेत दे रही है कि युद्ध की लागत और उसके आर्थिक प्रभाव अब महसूस किए जा रहे हैं। पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी और आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव ने आम परिवारों को प्रभावित किया है। कई अमेरिकी अब सवाल कर रहे हैं कि क्या यह संघर्ष वाकई इसके लायक था।
ईरान युद्ध का असर
ईरान के साथ संघर्ष कई महीनों से चल रहा है। शुरुआत में कुछ लोगों ने इसे मजबूत कार्रवाई के रूप में देखा, लेकिन समय के साथ समर्थन कम होता गया। सर्वे बताते हैं कि बहुत कम अमेरिकी अब मानते हैं कि युद्ध से अमेरिका की स्थिति मजबूत हुई है। ज्यादातर लोग लंबे समय तक सैन्य संलग्नता की आशंका जता रहे हैं।
युद्ध ने वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित किया है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर दबाव पड़ने से ऊर्जा कीमतें बढ़ीं। अमेरिकी उपभोक्ताओं को इसका सीधा असर महसूस हो रहा है। ट्रम्प प्रशासन ने बार-बार कहा है कि वे ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना चाहते हैं और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन जनता का धैर्य अब कम होता दिख रहा है।
जनता की राय क्या संकेत दे रही है?
अमेरिकी जनता की राय कई महत्वपूर्ण संदेश दे रही है:
1. युद्ध थकान: लंबे संघर्ष से लोग थक चुके हैं। ज्यादातर लोग जल्दी समाधान चाहते हैं, न कि अनिश्चितता भरे लंबे अभियान को।
2. आर्थिक चिंता: पेट्रोल और अन्य कीमतों में वृद्धि ने घरेलू बजट पर असर डाला है। आर्थिक मुद्दे हमेशा अमेरिकी राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
3. द्विदलीय चिंता: सिर्फ विपक्षी नहीं, बल्कि कुछ रिपब्लिकन समर्थक भी लंबे युद्ध को लेकर चिंतित हैं।
4. मध्यावधि चुनाव का दबाव: नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले यह गिरावट ट्रम्प और उनके दल के लिए चुनौती बन सकती है।
ट्रम्प ने पहले भी कहा है कि वे जनमत सर्वेक्षणों के आधार पर फैसले नहीं लेते। उन्होंने जोर दिया है कि सही फैसले लेने होंगे, भले ही अल्पकालिक लोकप्रियता प्रभावित हो। लेकिन राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि लगातार गिरती लोकप्रियता प्रशासन पर दबाव बढ़ा सकती है।
ऐतिहासिक संदर्भ
ट्रम्प की लोकप्रियता उनके दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में अपेक्षाकृत बेहतर थी। लेकिन ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद इसमें गिरावट का सिलसिला जारी रहा। पहले कार्यकाल में भी उन्होंने कम लोकप्रियता के दौर देखे थे, लेकिन मौजूदा स्थिति युद्ध और अर्थव्यवस्था दोनों के दबाव से जुड़ी हुई है।
अमेरिकी इतिहास में कई राष्ट्रपतियों को युद्ध के दौरान लोकप्रियता में गिरावट का सामना करना पड़ा है। जब संघर्ष लंबा खिंचता है और घरेलू लागत बढ़ती है, तो जनता का समर्थन कम होना स्वाभाविक है।
अभी देखना होगा कि ट्रम्प प्रशासन युद्ध को कैसे आगे बढ़ाता है या किसी तरह का समाधान तलाशता है। अगर संघर्ष जल्दी समाप्त होता है और आर्थिक दबाव कम होता है, तो लोकप्रियता में सुधार संभव है। लेकिन अगर अनिश्चितता बनी रही तो यह गिरावट और गहरी हो सकती है।
अमेरिकी जनता साफ संदेश दे रही है कि वे लंबे और महंगे युद्ध से थक चुके हैं। 33 प्रतिशत की मंजूरी दर और 64 प्रतिशत की नापसंदगी इस बात का प्रमाण है कि ईरान संघर्ष अब सिर्फ विदेश नीति का मुद्दा नहीं रह गया है—यह घरेलू राजनीति और जनभावना का केंद्र बन चुका है।
ट्रम्प की लोकप्रियता में यह गिरावट सिर्फ एक सर्वेक्षण का आंकड़ा नहीं, बल्कि अमेरिकी समाज की मौजूदा सोच का आईना है।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World 19 Aug 2026
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