-Friday World 14 Aug 2026
नई दिल्ली। भारत ने एक बार फिर वैश्विक आर्थिक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, भारत पर 2023 के अंत तक कुल 39.3 बिलियन डॉलर (लगभग 3.28 लाख करोड़ रुपये) का बकाया कर्ज है। यह आंकड़ा दुनिया में किसी भी अन्य देश से अधिक है। भारत ने इंडोनेशिया (22.2 बिलियन डॉलर) और पाकिस्तान (20 बिलियन डॉलर से कम) को पीछे छोड़ते हुए विश्व बैंक का सबसे बड़ा कर्जदार देश बनने का गौरव हासिल किया है।
यह खबर सुनकर कई लोग चिंतित हो सकते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि यह कर्ज भारत की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विश्व बैंक से लिया गया यह पैसा मुख्य रूप से बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, जल प्रबंधन, गरीबी उन्मूलन और जलवायु परिवर्तन से निपटने जैसे क्षेत्रों में निवेश किया जा रहा है। ये दीर्घकालिक ऋण हैं, जिनकी अवधि 15 से 40 वर्ष तक होती है। भारत इन ऋणों का उपयोग उत्पादक परियोजनाओं के लिए कर रहा है, जिससे अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है और रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं।
भारत लंबे समय से विश्व बैंक का प्रमुख उधारकर्ता रहा है। 1970 के दशक से लेकर अब तक देश ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए बैंक से सहयोग लिया है। हाल के वर्षों में कर्ज की राशि में वृद्धि हुई, लेकिन यह भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और विशाल जनसंख्या की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया। 2020 में यह आंकड़ा लगभग 39.6 बिलियन डॉलर के आसपास था, और 2023 के अंत में 39.3 बिलियन डॉलर पर पहुंचा। उल्लेखनीय है कि 2024 और 2026 तक यह राशि घटकर लगभग 34.3 से 34.35 बिलियन डॉलर रह गई है, फिर भी भारत दुनिया का सबसे बड़ा बकाया कर्जदार बना हुआ है।
पाकिस्तान की तुलना में भारत की स्थिति कहीं बेहतर है। पाकिस्तान का विश्व बैंक कर्ज 20 बिलियन डॉलर से कम है, जबकि भारत की अर्थव्यवस्था पाकिस्तान से कई गुना बड़ी है। भारत का कुल बाहरी कर्ज जीडीपी के मुकाबले नियंत्रित स्तर पर है। देश की मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार, निरंतर आर्थिक विकास और सुधार कार्यक्रम इस कर्ज को आसानी से संभालने की क्षमता रखते हैं। भारत ने आईएमएफ से कोई आपातकालीन कर्ज नहीं लिया है, जबकि कई अन्य देश ऐसे संकटों का सामना कर रहे हैं।
इस कर्ज का उपयोग कहां हो रहा है? भारत में विश्व बैंक की मदद से सड़कें, रेलवे, जल आपूर्ति परियोजनाएं, स्वच्छ ऊर्जा, स्वास्थ्य सुविधाएं और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहे हैं। कृषि क्षेत्र में सुधार, शहरी विकास और राज्य स्तरीय परियोजनाओं को भी समर्थन मिल रहा है। ये निवेश न केवल वर्तमान पीढ़ी बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी फायदेमंद साबित होंगे। विश्व बैंक के अनुसार, ये ऋण अनुदान नहीं बल्कि चुकाए जाने वाले ऋण हैं, और भारत समय पर अपनी जिम्मेदारियों को निभा रहा है।
आलोचक इसे नकारात्मक रूप में पेश कर सकते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े आकार की अर्थव्यवस्था वाले देश स्वाभाविक रूप से अधिक कर्ज लेते हैं। भारत की आबादी दुनिया की सबसे बड़ी है, और विकास की रफ्तार तेज रखने के लिए पूंजी की जरूरत पड़ती है। निजी क्षेत्र और घरेलू संसाधनों के साथ-साथ बहुपक्षीय संस्थानों से सहयोग लेना एक समझदारी भरा कदम है। भारत की विकास दर वैश्विक औसत से ऊपर बनी हुई है, और यह कर्ज उस विकास को गति देने वाला इंजन है।
इतिहास में भारत ने कई बार विश्व बैंक के साथ साझेदारी की है। हरियाली क्रांति से लेकर आधुनिक डिजिटल इंडिया तक, बैंक की मदद से कई सफलताएं हासिल की गईं। आज भी यह सहयोग जारी है। हाल ही में विश्व बैंक ने भारत के लिए और फंडिंग मंजूर की है, जो निजी क्षेत्र में रोजगार सृजन और संरचनात्मक सुधारों पर केंद्रित है।
भारत का यह स्थान सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है। यह देश की महत्वाकांक्षा, योजनाबद्ध विकास और वैश्विक साझेदारी का प्रतीक है। जहां कुछ देश कर्ज के बोझ तले दबे हैं, वहीं भारत इसे विकास का औजार बना रहा है। $39.3 बिलियन का यह आंकड़ा भारत की विशालता और उसकी जरूरतों को दर्शाता है। पाकिस्तान सहित कई देशों को पीछे छोड़कर शीर्ष पर पहुंचना आसान नहीं था, लेकिन भारत ने इसे संभव कर दिखाया।
भविष्य की ओर देखें तो भारत का लक्ष्य स्पष्ट है – आत्मनिर्भरता के साथ-साथ वैश्विक मंच पर मजबूत उपस्थिति। विश्व बैंक के साथ साझेदारी जारी रहेगी, लेकिन देश धीरे-धीरे घरेलू संसाधनों और निजी निवेश पर अधिक निर्भर हो रहा है। कर्ज की राशि में हालिया कमी इस बात का संकेत है कि भारत वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए आगे बढ़ रहा है।
यह उपलब्धि हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। विकास के रास्ते पर चलते हुए चुनौतियां आती रहेंगी, लेकिन सही दिशा और मजबूत इच्छाशक्ति से भारत हर मंजिल हासिल कर रहा है। विश्व बैंक का सबसे बड़ा कर्जदार बनना कोई शर्म की बात नहीं, बल्कि एक बड़े और महत्वाकांक्षी राष्ट्र की निशानी है। भारत ने सच में इतिहास रच दिया है!
Sajjadali Nayani ✍
Friday World 14 Aug 2026
#IndiaWorldBank
#LargestBorrower
#IndiaDebt
#WorldBankIndia
#IndiaHistory
#EconomicGrowth
#InfrastructureDevelopment
#IndiaFirst
#PakistanBehind
#DevelopmentLoans
#IndiaEconomy
#GlobalLeadership
#ProudIndia
#WorldBankDebt
#IndiaRising