Breaking

यमन ने सऊदी अरब के सामने रखी अजीब शर्त, यमनियों की जाल में फंसा रियाज़...

Sunday, 16 August 2026

प्रशांत किशोर का बीजेपी को जवाब: बयानबाजी छोड़ सोनिया गांधी पर केस करें

प्रशांत किशोर का बीजेपी को जवाब: बयानबाजी छोड़ सोनिया गांधी पर केस करें
- Friday World 17 Aug 2026
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में हुए ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच नया विवाद छिड़ गया है। 15 अगस्त 2026 को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बीजेपी ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी समेत कांग्रेस नेतृत्व ने ‘वंदे मातरम्’ के गायन का अपमान किया। अब इस विवाद में जनसुराज पार्टी के संस्थापक और विधायक प्रशांत किशोर ने भी अपनी टिप्पणी दी है।

प्रशांत किशोर ने मीडिया से बातचीत में साफ कहा कि बीजेपी को सिर्फ बयानबाजी करने की बजाय ठोस कानूनी कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा, “बीजेपी खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी कहती है और कांग्रेस इस देश की सबसे पुरानी पार्टी है। अब बीजेपी ने आरोप लगाया है और कांग्रेस इसका जवाब देने में सक्षम है। हम लोगों ने जो वीडियो देखा है, उसमें वंदे मातरम् पूरा गाया गया है।”

किशोर ने आगे कहा कि बीच में किसने रोका या नहीं रोका, यह पता लगाना सरकार का काम है। अगर सच में कोई गलती हुई है तो अब कानून भी बन चुका है। राष्ट्रगीत या राष्ट्रगान का अपमान करने पर केस हो सकता है। इसलिए बीजेपी को बयानबाजी की जगह सोनिया गांधी पर केस दर्ज करना चाहिए।

कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने स्पष्ट किया कि सोनिया गांधी राष्ट्रगीत रोकने का इशारा नहीं कर रही थीं। बल्कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे काफी देर से खड़े थे, इसलिए सोनिया गांधी उनके लिए कुर्सी मंगवाने का इशारा कर रही थीं। रमेश ने कहा कि कार्यक्रम में नए नियमों के मुताबिक ‘वंदे मातरम्’ पूरा गाया गया।

बीजेपी नेताओं ने इस घटना को कांग्रेस की “तुष्टीकरण की राजनीति” का हिस्सा बताया है। कुछ बीजेपी नेताओं ने कर्नाटक और दिल्ली में सोनिया गांधी के खिलाफ पुलिस शिकायत भी दर्ज कराई है। गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने सोनिया गांधी से माफी मांगने की मांग की है।

यह विवाद स्वतंत्रता दिवस जैसे संवेदनशील मौके पर सामने आने के कारण राजनीतिक तापमान बढ़ा रहा है। ‘वंदे मातरम्’ को लेकर ऐतिहासिक रूप से भी बहस होती रही है। 1937 में कांग्रेस ने रबींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर इसके शुरुआती पदों को सार्वजनिक कार्यक्रमों में गाने का फैसला लिया था। हाल ही में नए कानून के तहत ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान के समान कानूनी संरक्षण मिला है।

प्रशांत किशोर की टिप्पणी ने विवाद को नया मोड़ दे दिया है। वे न तो बीजेपी के साथ खड़े दिखे और न ही पूरी तरह कांग्रेस का बचाव किया। उन्होंने कानूनी प्रक्रिया पर जोर देते हुए दोनों बड़ी पार्टियों को आईना दिखाने की कोशिश की। बिहार की राजनीति में सक्रिय जनसुराज पार्टी के नेता के रूप में उनकी यह प्रतिक्रिया राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

दोनों पक्ष अपने-अपने तर्क दे रहे हैं। बीजेपी इसे देशभक्ति का सवाल बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रचार और असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करार दे रही है। वीडियो की अलग-अलग व्याख्याएं हो रही हैं। आम लोगों के बीच भी इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है।

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि ऐसे विवाद चुनावी मौसम में दोनों पार्टियों के लिए अपनी-अपनी धार को तेज करने का मौका होते हैं। प्रशांत किशोर जैसे तीसरे मोर्चे के नेता ऐसे मौकों पर अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश करते हैं। फिलहाल मामला कानूनी शिकायतों और राजनीतिक बयानबाजी दोनों स्तर पर आगे बढ़ रहा है।

देश की आजादी की 80वीं वर्षगांठ पर यह विवाद याद दिलाता है कि राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर संवेदनशीलता कितनी गहरी है। साथ ही यह भी दिखाता है कि राजनीति में हर घटना को कैसे अपने पक्ष में इस्तेमाल किया जाता है। आगे क्या होता है, यह कानूनी कार्रवाई और दोनों पार्टियों की अगली चाल पर निर्भर करेगा।

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World 17 Aug 2026

#PrashantKishor  
#VandeMataramControversy  
#SoniaGandhi  
#BJPCongress  
#IndependenceDay2026  
#JanSuraaj  
#NationalSongRow  
#JairamRamesh  
#PoliticalDebate  
#IndiaPolitics