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Saturday, 29 August 2026

जंग उनकी, जेब हमारी - कतर की सस्ती गैस बंद, अमेरिका की महंगी गैस से भारतीय की CNG 10 रुपये महंगी

जंग उनकी, जेब हमारी - कतर की सस्ती गैस बंद, अमेरिका की महंगी गैस से भारतीय की CNG 10 रुपये महंगी
- Friday World 30 Aug 2026
जंग लड़ी अमेरिका-इजरायल और ईरान ने, मिसाइलें दागीं फारस की खाड़ी में, और बिल भर रहा है अहमदाबाद में ऑटो चलाने वाला। यह कहानी है CNG की, जो गरीब की ईंधन मानी जाती थी और अब अमीरों की मजबूरी बनती जा रही है।

भारत अपनी कुल गैस का 50% से ज्यादा बाहर से मंगाता है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा कतर का था - 40%। कतर से गैस सिर्फ 1500 किमी दूर, गुजरात के दहेज टर्मिनल तक 5 दिन में आ जाती थी। कीमत का फॉर्मूला तय था - ब्रेंट क्रूड का 12.2% यानी $60 तेल पर सिर्फ $8.2 प्रति MMBtu। लाने का खर्च सिर्फ 70 पैसे।

इसे कहते हैं दोस्ती वाली डील। Petronet का कतर के साथ 20 साल का कॉन्ट्रैक्ट था।

दूसरी तरफ है हमारा नया दोस्त अमेरिका। वहां से गैस Henry Hub से आती है - $3.5 गैस + $3 लिक्विफेक्शन + $3 जहाज का भाड़ा। कुल $10.8। दूरी 16,000 किमी। हूती विद्रोहियों ने स्वेज नहर बंद करवा दी तो जहाज को अफ्रीका का चक्कर लगाना पड़ता है, 30 दिन लगता है। जहाज का चार्टर रेट $40,000 से बढ़ कर $1,20,000 प्रतिदिन हो गया है।

नतीजा? कतर की गैस अमेरिकी गैस से रोज $3 सस्ती थी।

फिर 28 फरवरी 2026 को जंग शुरू हुई। ईरान ने कतर के रास लाफान LNG प्लांट पर हमला किया, Strait of Hormuz बंद हो गया। कतर ने Force Majeure लगा दिया। भारत का आयात जो जनवरी में 2.57 मिलियन टन था, मार्च में 1.68 मिलियन टन रह गया। कतर का हिस्सा 40% से गिर कर 3.6% पर आ गया।

अब मजबूरी में हमें वही गैस Spot Market से $24.5 में लेनी पड़ रही है, जो जंग से पहले $10 में मिलती थी।

इसका सीधा असर आपकी CNG किट पर पड़ा।

जंग से पहले दिल्ली में CNG ₹77.09 /kg थी। मई में 4 बार बढ़ कर ₹83.09 हुई और 29 अगस्त 2026 को सीधे ₹86.98 हो गई। यानी 6 महीने में ₹9.89 की बढ़ोतरी। अहमदाबाद में आज ₹88.50 के आसपास है।

सिर्फ CNG से हिसाब लगाओ तो भारत रोज 32 MMSCMD गैस CNG में जलाता है।

- कतर से अमेरिका शिफ्ट होने पर रोज ₹26 करोड़ ज्यादा
- Spot पर जाने पर रोज ₹145 करोड़ ज्यादा
- कतर के सस्ते कॉन्ट्रैक्ट vs आज का Spot = रोज ₹163 करोड़ सिर्फ CNG पर

CNG+PNG मिलाओ तो यह आंकड़ा ₹264 करोड़ प्रतिदिन हो जाता है।

यही वजह है कि भारत का LNG बिल कम गैस आने के बावजूद 24% बढ़ गया।

सवाल यह नहीं कि अमेरिका हमारा दोस्त है या कतर। सवाल यह है कि जब दो देश जंग लड़ें तो तीसरे देश का गरीब ऑटो ड्राइवर क्यों महंगाई झेले? अमेरिका से आने वाली गैस में देशभक्ति ज्यादा है, पर कतर से आने वाली गैस में बचत ज्यादा है। आज भारतीय नागरिक उसी बचत को खो रहा है।

यह जंग की असली कीमत है, जो मिसाइलों से नहीं, CNG मीटर से नापी जा रही है।

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World 30 Aug 2026

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