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Wednesday, 28 October 2026

सर्बिया में ऐतिहासिक बदलाव: छात्र आंदोलन ने वुचिच के 14 साल के शासन को उखाड़ फेंका

सर्बिया में ऐतिहासिक बदलाव: छात्र आंदोलन ने वुचिच के 14 साल के शासन को उखाड़ फेंका
-Friday World Oct 28,2026 
बेलग्रेड की सड़कों पर नृत्य, गीत और जश्न का माहौल छाया हुआ है। पुलिस बैरक में लौट चुकी है और आम लोग सड़कों पर अपनी जीत का उत्सव मना रहे हैं। सर्बिया की संसदीय चुनावों में छात्र समर्थित ‘स्टूडेंट लिस्ट’ (Student List – Students Win) ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है। लंबे समय से सत्ता पर काबिज रहे अलेक्जेंडर वुचिच की सर्बियन प्रोग्रेसिव पार्टी (SNS) ने हार स्वीकार कर ली है।

रविवार 25 अक्टूबर 2026 को हुए चुनाव के लगभग अंतिम नतीजों के अनुसार स्टूडेंट लिस्ट को करीब 52.7 प्रतिशत वोट मिले, जबकि वुचिच के गठबंधन ‘यूनाइटेड सर्बिया’ को 39.2 प्रतिशत वोट मिले। इससे स्टूडेंट लिस्ट को 250 सदस्यीय संसद में लगभग 139-141 सीटें मिलने का अनुमान है, जिससे वे बिना गठबंधन के सरकार बना सकते हैं। वोटिंग प्रतिशत लगभग 69 प्रतिशत रहा, जो पिछले तीन दशकों में सबसे अधिक है।

वुचिच ने खुद चुनाव परिणाम आने से पहले ही हार स्वीकार कर ली। उन्होंने टेलीविजन संबोधन में कहा कि स्टूडेंट लिस्ट ने जीत हासिल की है। उनके इस बयान के तुरंत बाद बेलग्रेड और अन्य शहरों की सड़कों पर लोग नाचने-गाने लगे। कारों के हॉर्न बज रहे थे, पटाखे फूट रहे थे और युवा ‘विजय’ और ‘अब खत्म’ के नारे लगा रहे थे। पहले जहां राष्ट्रपति महल, चुनाव आयोग और सरकारी इमारतों के आसपास विशेष पुलिस बल तैनात थे, वहां अब सिर्फ कुछ बख्तरबंद गाड़ियां दिख रही हैं। पुलिस बैरक में लौट गई है।

यह जीत अचानक नहीं आई। नवंबर 2024 में नोवी साद के रेलवे स्टेशन पर कैनोपी गिरने से 16 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना ने भ्रष्टाचार और सरकारी लापरवाही के खिलाफ बड़े आंदोलन को जन्म दिया। छात्रों ने विश्वविद्यालय बंद किए, शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए और धीरे-धीरे पूरे देश में व्यापक समर्थन हासिल किया। दो साल तक चले इस आंदोलन ने अंततः राजनीतिक रूप ले लिया। स्टूडेंट लिस्ट में ज्यादातर प्रोफेसर, डॉक्टर, अभिनेता और आम पेशेवर शामिल हैं। इसमें कोई एक प्रमुख नेता नहीं है, जो आंदोलन की विशेषता रही।

सर्बिया में वुचिच 2014 से या तो प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति के रूप में सत्ता में रहे। उन्होंने आर्थिक विकास का दावा किया, लेकिन आलोचक उन्हें सत्तावादी रुझान और मीडिया नियंत्रण का आरोप लगाते रहे। छात्र आंदोलन ने भ्रष्टाचार, जवाबदेही और लोकतंत्र की मांग को केंद्र में रखा। अब सवाल यह है कि अनुभवहीन उम्मीदवार कैसे शासन करेंगे। अभी प्रधानमंत्री समेत प्रमुख पदों पर किसे चुना जाएगा, यह स्पष्ट नहीं है।

बेलग्रेड की सड़कों पर अब जश्न का माहौल है। लोग एक-दूसरे को गले लगा रहे हैं, झंडे लहरा रहे हैं और भविष्य की उम्मीद जता रहे हैं। कई जगहों पर पहले तैनात पुलिस को भीड़ ने शांतिपूर्वक हटा दिया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें लोग खुशी से झूम रहे हैं। यह न सिर्फ सर्बिया बल्कि दुनिया भर के उन देशों के लिए भी संदेश है जहां लंबे समय से सत्ता पर एक ही व्यक्ति या दल का कब्जा रहता है।

छात्रों की इस जीत को कई यूरोपीय नेताओं ने भी सराहा है। यह दिखाता है कि शांतिपूर्ण आंदोलन, उच्च मतदान और जन-समर्थन से बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। अब सर्बिया नए अध्याय की ओर बढ़ रहा है। भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था, बेहतर शिक्षा और जवाबदेह सरकार की उम्मीदें जगी हैं। हालांकि शासन का अनुभव न होने से चुनौतियां भी कम नहीं होंगी।

इस ऐतिहासिक पल ने सर्बिया की युवा पीढ़ी को नई ताकत दी है। बेलग्रेड की रातें अब जश्न से रोशन हैं और देश एक नए राजनीतिक युग में प्रवेश कर चुका है।[

Sajjadali Nayani ✍
Friday World Oct 28,2026 

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