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Saturday, 31 October 2026

ट्रंप की खार्ग द्वीप पर कब्जे की धमकी से खाड़ी में भूचाल! ईरान बोला - अमेरिकी सैनिक आए तो आग में जलेंगे

ट्रंप की खार्ग द्वीप पर कब्जे की धमकी से खाड़ी में भूचाल! ईरान बोला - अमेरिकी सैनिक आए तो आग में जलेंगे
-Friday World Oct 31,2026 
वॉशिंगटन / तेहरान - दुनिया की नजरें एक बार फिर फारस की खाड़ी पर टिकी हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा छाया युद्ध अब सीधे टकराव की कगार पर पहुंच गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सबसे अहम तेल ठिकाने - खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर कब्जे और उसे पूरी तरह तबाह करने की चेतावनी दी है। इसके जवाब में ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बाकिर कालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची की तरफ से आया सख्त बयान ने हालात को और विस्फोटक बना दिया है।

क्या है खार्ग द्वीप और क्यों है इतना अहम?

खार्ग द्वीप ईरान के तट से करीब 24 किलोमीटर दूर फारस की खाड़ी के उत्तर में स्थित है। यह कोई आम द्वीप नहीं है, यह ईरान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।

- ईरान के कुल तेल निर्यात का लगभग 90% यहीं से होता है।
- यहाँ विशाल ऑयल टर्मिनल, स्टोरेज टैंक और पाइपलाइन नेटवर्क है
- यह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास है, जहाँ से दुनिया के 20% तेल की सप्लाई गुजरती है।

इसे उड़ाने या इस पर कब्जा करने का मतलब है ईरान की अर्थव्यवस्था को घुटनों पर ला देना और साथ ही पूरी दुनिया में तेल की कीमतों में आग लगा देना।

#ट्रंप ने क्या धमकी दी?

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social और Financial Times को दिए इंटरव्यू में कई बार यह बात दोहराई है।

पिछले हफ्ते ट्रंप ने लिखा, “हमने खार्ग द्वीप पर ईरान के सभी मिलिट्री टारगेट्स को पूरी तरह तबाह कर दिया है। मैंने अभी तेल के #इंफ्रास्ट्रक्चर को नहीं छुआ है। लेकिन अगर ईरान या कोई और होर्मुज #जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही में रुकावट डालेगा, तो मैं तुरंत अपना फैसला बदल दूंगा।”

एक और पोस्ट में उन्होंने और बड़ी धमकी दी, “अगर जल्द ही कोई डील नहीं हुई, तो हम अपनी इस प्यारी ‘यात्रा’ को खत्म करते हुए उनके सभी #पावर प्लांट्स, ऑयल वेल्स और #खार्ग द्वीप (और शायद सभी #वाटर डिसेलिनेशन प्लांट्स) को पूरी तरह उड़ा देंगे, जिन्हें हमने अभी तक जानबूझकर नहीं छुआ है।” 

ट्रंप ने यहां तक कहा, “Maybe we take Kharg Island, maybe we don't. We have a lot of options.” यानी शायद हम #खार्ग द्वीप ले लें, शायद नहीं। हमारे पास बहुत सारे विकल्प हैं। 

#पेंटागन के मुताबिक, अमेरिका ने पहले ही 2500 अतिरिक्त मरीन और एम्फीबियस असॉल्ट शिप USS Tripoli (LHA-7) को खाड़ी में भेजने का आदेश दिया है। कुल 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

#ईरान का जवाब - आए तो आग में जला देंगे!

#ट्रंप की धमकी के बाद #तेहरान में जबरदस्त गुस्सा है।

#ईरानी संसद के #स्पीकर मोहम्मद बाकिर कालिबाफ ने कहा, “हमारे सैनिक अमेरिकी सैनिकों के जमीन पर आने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि उन्हें आग में जला दें और उनके क्षेत्रीय साझेदारों को हमेशा के लिए सजा दें।” 6378

#विदेश मंत्री #अब्बास अराघची से जुड़े सूत्रों और सरकारी मीडिया में आए बयानों में कहा गया है कि पाकिस्तान में बातचीत की खबरें सिर्फ अमेरिका की सैन्य तैनाती को छुपाने का बहाना हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर खार्ग द्वीप पर हमला हुआ तो वह “सभी संयम छोड़ देगा” और फारस की खाड़ी में बारूदी सुरंगें बिछा देगा, खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमला करेगा।

#कालिबाफ ने कहा, “गलत रणनीति और आवेगी फैसले पूरे बोर्ड को बदतर बना देंगे, ऊर्जा ढांचे और बाजारों को विस्फोटित कर देंगे और एक अंतहीन दलदल बना देंगे जिसमें आप सालों तक फंसे रहेंगे। आप एक अलग ईरान देखेंगे।”

#क्या कब्जा करना इतना आसान है? एक्सपर्ट्स ने कहा - डिजास्टर होगा

अमेरिकी सैन्य विशेषज्ञ खुद ट्रंप की इस योजना को खतरनाक बता रहे हैं।

जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर वली नस्र ने कहा, “खार्ग को लेना मतलब उसे तबाह करना है और ईरान बड़े पैमाने पर जवाब देगा। ईरानी जमीन लेना और उसका तेल टर्मिनल तबाह करना ईरान में प्रतिरोध की जंग की शुरुआत होगी।”

एक पूर्व वरिष्ठ अमेरिकी सैन्य अधिकारी ने कहा, “यह एक आपदा का इंतजार है।”

कारण साफ है - खार्ग द्वीप के किनारे ईरान ने महीनों से एंटी-पर्सनल माइंस, एंटी-आर्मर माइंस और कंधे पर रखकर चलाए जाने वाले MANPADS मिसाइल बैटरियां बिछा रखी हैं। मेनलैंड ईरान की पहाड़ियों से सिर्फ 16 मील दूर से ही उस पर सीधी मिसाइलें दागी जा सकती हैं। अमेरिकी सेना कुछ घंटों में द्वीप पर कब्जा तो कर सकती है, लेकिन उसे होल्ड करना लगभग नामुमकिन होगा।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने खुद भी भारी अमेरिकी जवानों की मौत के डर से खार्ग पर कब्जे की योजना को पहले एक बार ठुकरा दिया था और कहा था “They'll be sitting ducks” - वे बैठे हुए निशाने बन जाएंगे। 42b8

#दुनिया पर असर क्या होगा?

तेल की कीमतें:* अगर खार्ग द्वीप का टर्मिनल बंद हुआ तो ब्रेंट क्रूड 150 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है।

होर्मुज बंद:* ईरान होर्मुज को बंद कर सकता है, जिससे भारत समेत पूरी दुनिया की एनर्जी सप्लाई पर असर पड़ेगा।

 तीसरा विश्व युद्ध का डर: ईरान ने खाड़ी में मौजूद अमेरिकी सहयोगी देशों - सऊदी अरब, यूएई, बहरीन पर हमले की धमकी दी है।

फिलहाल ट्रंप ने कहा है कि ईरान में एक “ज्यादा समझदार सरकार” के साथ गंभीर बातचीत चल रही है और 10 दिन तक एनर्जी प्लांट्स पर हमला रोकने की बात भी कही है। लेकिन साथ ही सैनिकों की तैनाती जारी है। यानी एक तरफ कूटनीति और दूसरी तरफ बंदूक - दोनों एक साथ चल रहे हैं।

आगे क्या होगा? क्या खार्ग द्वीप फारस की खाड़ी का नया क्यूबा बनेगा या फिर बातचीत से रास्ता निकलेगा? पूरी दुनिया की नजरें अब 6 अप्रैल तक घोषित सीजफायर डेडलाइन पर हैं।

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World Oct 31,2026 

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