-Friday World January 20,2026
तेहरान में हाल ही में हुए एक महत्वपूर्ण बैठक में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने इराक़ के विदेश मंत्री फुआद हुसैन के साथ वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ईरान और इराक़ की जनता के बीच गहरी भावनात्मक और हार्दिक बंधन इन संबंधों की नींव हैं। राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने स्पष्ट किया कि ईरान और इराक़ के स्थायी और ऐतिहासिक संबंध अब तक मजबूत रहे हैं और भविष्य में भी मजबूत रहेंगे। यह बयान न केवल दोनों देशों के बीच दोस्ती को रेखांकित करता है, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति और स्थिरता की दिशा में एक साझा प्रयास को भी दर्शाता है।
ईरान और इराक़ के बीच संबंध सदियों पुराने हैं। दोनों देश पड़ोसी हैं, साझा सीमाएं साझा करते हैं और सांस्कृतिक, धार्मिक तथा ऐतिहासिक रूप से गहराई से जुड़े हुए हैं। शिया संप्रदाय के प्रमुख तीर्थस्थल जैसे नजफ और करबला इराक़ में स्थित हैं, जहां ईरानी तीर्थयात्री बड़ी संख्या में जाते हैं। यह धार्मिक जुड़ाव दोनों देशों की जनता को भावनात्मक स्तर पर एक-दूसरे से जोड़ता है। राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने ठीक यही बात दोहराई कि इन गहरी भावनात्मक और हार्दिक जड़ों पर ही दोनों देशों के संबंध टिके हैं।
हाल के वर्षों में इन संबंधों को और मजबूत करने के प्रयास तेज हुए हैं। 2023 में दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित सुरक्षा समझौता दोनों देशों की स्थिरता की गारंटी बन गया है। यह समझौता सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा सहयोग, आतंकवाद विरोधी कार्रवाई और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने पर केंद्रित है। राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने इस समझौते को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह दोनों देशों की सुरक्षा को सुनिश्चित करता है और क्षेत्रीय अस्थिरता के प्रयासों को विफल करता है।
राजनीतिक स्तर पर दोनों देश नियमित उच्च-स्तरीय संपर्क बनाए रखते हैं। राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने अपने पहले विदेशी दौरे के रूप में इराक़ का दौरा किया था, जहां उन्होंने इराक़ी नेतृत्व के साथ कई समझौते किए। इनमें आर्थिक, व्यापारिक और बुनियादी ढांचे से जुड़े समझौते शामिल थे। जैसे कि बसरा-शालमचे रेलवे परियोजना, जो दोनों देशों को और करीब लाएगी। इराक़ ईरान का एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार है। ईरान से इराक़ को बिजली, गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति होती है, जबकि इराक़ से ईरान को तेल और अन्य संसाधन प्राप्त होते हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार की मात्रा लगातार बढ़ रही है, जो आर्थिक निर्भरता और सहयोग को मजबूत कर रही है।
विदेश मंत्री स्तर पर भी बातचीत सक्रिय है। इराक़ी विदेश मंत्री फुआद हुसैन ने हाल की बैठक में कहा कि ईरान और इराक़ के राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध व्यापक और विविध हैं। विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों के बीच नियमित विचार-विमर्श इन संबंधों को सक्रिय बनाए रखने की गारंटी है। उन्होंने जोर दिया कि दोनों देशों के बीच सहयोग क्षेत्रीय स्थिरता के लिए आवश्यक है।
क्षेत्रीय स्थिरता के संदर्भ में ईरान और इराक़ की भूमिका अहम है। दोनों देश पश्चिम एशिया में शांति के लिए प्रतिबद्ध हैं। राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने बाहरी हस्तक्षेप की निंदा की, खासकर अमेरिका और इज़राइल द्वारा क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने के प्रयासों की। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास मुस्लिम देशों में फूट डालने के लिए हैं, लेकिन ईरान और इराक़ जैसे देश एकजुट होकर इन चुनौतियों का सामना कर सकते हैं। इराक़ी पक्ष ने भी ईरान की सुरक्षा को अपनी और क्षेत्र की सुरक्षा से जोड़ा, यह कहते हुए कि किसी भी देश की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आर्थिक सहयोग के अलावा सांस्कृतिक और वैज्ञानिक आदान-प्रदान भी बढ़ रहे हैं। दोनों देशों के बीच सीमा प्रांतों के गवर्नरों की बैठकें हो रही हैं, जो स्थानीय स्तर पर सहयोग को बढ़ावा दे रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी संभव है। ईरान और इराक़ मिलकर क्षेत्र में विकास की नई परियोजनाएं शुरू कर सकते हैं, जैसे संयुक्त ऊर्जा परियोजनाएं, जल संसाधन प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण।
राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान की सरकार ने पड़ोसी देशों के साथ संबंध मजबूत करने को प्राथमिकता दी है। इराक़ के साथ संबंधों को गहरा करना न केवल द्विपक्षीय हित में है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए स्थिरता लाने वाला कदम है। दोनों देशों की जनता के बीच सद्भावना और ऐतिहासिक बंधन इस प्रक्रिया को मजबूती प्रदान करते हैं।
भविष्य में ईरान और इराक़ के बीच और मजबूत सहयोग से क्षेत्र में शांति स्थापित हो सकती है। आतंकवाद, बाहरी हस्तक्षेप और आर्थिक चुनौतियों के खिलाफ संयुक्त मोर्चा बनाना आवश्यक है। राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान का यह बयान एक संदेश है कि ईरान और इराक़ मिलकर क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में आगे बढ़ेंगे। यह साझा मार्ग न केवल दोनों देशों के लिए लाभदायक होगा, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया के लिए एक मिसाल बनेगा।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World January 20,2026