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Tuesday, 20 January 2026

ईरान के रक्षामंत्री का खुलासा: मोसाद एजेंट ईरान के भीतर नजदीकी हत्याओं की साजिश रच रहे थे – मीडिया में छाया बयान

ईरान के रक्षामंत्री का खुलासा: मोसाद एजेंट ईरान के भीतर नजदीकी हत्याओं की साजिश रच रहे थे – मीडिया में छाया बयान
-Friday World January 20,2026 
 तेहरान: ईरान के रक्षामंत्री के हालिया बयान ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान पूरी तरह खींच लिया है। उन्होंने दावा किया कि इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के एजेंट ईरान के अंदर गुप्त रूप से सक्रिय हैं और हत्याओं की योजनाएं बना रहे हैं। इन एजेंटों ने अपने लक्ष्यों को बहुत नजदीक से गोली मारकर हत्या करने की कोशिश की, जिसमें आम नागरिकों और सुरक्षा बलों के सदस्य भी शामिल थे। रक्षामंत्री ने कहा कि इसके पीछे एक अहम मकसद था – देश में अस्थिरता फैलाना, आंतरिक सुरक्षा को कमजोर करना और ईरान की संप्रभुता पर हमला करना। 

यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान में हाल के महीनों में विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा चुनौतियां बढ़ी हैं। रक्षामंत्री ने स्पष्ट किया कि मोसाद के ये एजेंट न केवल उच्च-स्तरीय लक्ष्यों जैसे परमाणु वैज्ञानिकों और सैन्य कमांडरों पर निशाना साध रहे थे, बल्कि आम लोगों और सुरक्षा बलों को भी निशाना बना रहे थे। उन्होंने कहा, "ये एजेंट इतने करीब आकर गोली चलाते थे कि लक्ष्य को बचने का मौका ही नहीं मिलता। यह एक सुनियोजित साजिश है, जिसका उद्देश्य ईरान की एकता और स्थिरता को तोड़ना है।"

 ईरान की सरकार लंबे समय से मोसाद पर आरोप लगाती रही है कि वह ईरान के भीतर घुसपैठ करके हत्याएं करवा रही है। पिछले कुछ वर्षों में कई परमाणु वैज्ञानिकों की हत्या हुई, जिनमें मोहसेन फखरजादेह जैसी प्रमुख हस्तियां शामिल हैं। इन हत्याओं में रिमोट कंट्रोल वाली मशीनगन और अन्य उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल होने का दावा किया गया। रक्षामंत्री के अनुसार, मोसाद अब अपनी रणनीति बदलकर अधिक प्रत्यक्ष और क्रूर तरीके अपना रहा है, जिसमें नजदीकी हमले शामिल हैं। 

इस बयान के पीछे का संदर्भ हाल के विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा है। ईरान में आर्थिक संकट, महंगाई और अन्य मुद्दों पर हुए प्रदर्शनों में हिंसा हुई, जिसमें कई मौतें हुईं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि ये हिंसा बाहरी ताकतों द्वारा प्रेरित थी। मोसाद एजेंटों ने कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों के बीच घुसकर पुलिस और सुरक्षा बलों पर हमले करवाए, जिससे आम लोगों की मौत हुई। रक्षामंत्री ने इसे "दाएश-शैली की आतंकी कार्रवाई" करार दिया, जिसमें लोगों को जिंदा जलाया गया, सिर काटे गए और नजदीकी गोलीबारी की गई। 

ईरान ने इन आरोपों को मजबूत करने के लिए कई सबूत पेश किए हैं। हाल के महीनों में सैकड़ों मोसाद से जुड़े संदिग्ध एजेंटों की पहचान की गई और कई को गिरफ्तार किया गया। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि ईरान ने 600 से अधिक मोसाद एजेंटों की सूची तैयार की है। इनमें से कुछ को फांसी दी गई, जबकि अन्य पर मुकदमे चल रहे हैं। रक्षामंत्री ने कहा कि ये एजेंट ईरान के भीतर वर्षों से सक्रिय थे और उन्होंने सुरक्षा तंत्र में घुसपैठ की थी। 

यह साजिश न केवल ईरान की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा है, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित कर सकती है। ईरान और इजरायल के बीच लंबे समय से छिपी जंग चल रही है, जिसमें साइबर हमले, ड्रोन हमले और हत्याएं शामिल हैं। जून 2025 में हुए 12-दिवसीय युद्ध में मोसाद ने ईरान के भीतर एजेंटों के जरिए महत्वपूर्ण जानकारी लीक की और हमलों में मदद की। रक्षामंत्री ने कहा कि अब मोसाद वही रणनीति दोहरा रहा है, लेकिन इस बार अधिक आक्रामक तरीके से।

 ईरानी अधिकारियों का मानना है कि इन हत्याओं का मुख्य मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना, सैन्य क्षमता को कमजोर करना और देश में अराजकता फैलाना है। आम लोगों को निशाना बनाकर मोसाद ईरान की सरकार पर दबाव बढ़ाना चाहता है। रक्षामंत्री ने चेतावनी दी कि ईरान ऐसी साजिशों का मुंहतोड़ जवाब देगा और अपनी सुरक्षा को मजबूत करेगा। 

इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है। कुछ विश्लेषकों का कहना है कि ईरान बाहरी दुश्मनों पर दोष डालकर आंतरिक समस्याओं से ध्यान हटा रहा है। वहीं, ईरान समर्थक इसे मोसाद की घुसपैठ का सबूत मानते हैं। हाल के वर्षों में मोसाद ने ईरान के भीतर कई उच्च-स्तरीय हत्याएं सफलतापूर्वक अंजाम दी हैं, जिसमें बॉडीगार्ड्स की कमजोरियों का फायदा उठाया गया। 

ईरान अब अपनी खुफिया एजेंसियों को और मजबूत कर रहा है। रक्षामंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, जनता से अपील की गई कि वे सतर्क रहें और किसी भी बाहरी प्रभाव से सावधान रहें। 

यह घटनाक्रम दिखाता है कि ईरान-इजरायल के बीच छिपी जंग अब और गहरी हो गई है। मोसाद के एजेंटों द्वारा नजदीकी हत्याओं की कोशिशें ईरान के लिए गंभीर चुनौती हैं। रक्षामंत्री का बयान न केवल मीडिया का केंद्र बना, बल्कि यह संदेश भी देता है कि ईरान अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। क्षेत्रीय स्थिरता के लिए दोनों पक्षों को संयम बरतने की जरूरत है, वरना यह जंग और विस्तारित हो सकती है।

 Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World January 20,2026