-Friday World 24 January 2026
24 अप्रैल 1980 की वह काली रात अमेरिकी इतिहास में हमेशा के लिए काली स्याही से लिखी गई।
ऑपरेशन ईगल क्लॉ (Operation Eagle Claw) – ईरान में अमेरिकी दूतावास के 52 बंधकों को छुड़ाने का जटिल और साहसिक प्लान – पूरी तरह नाकाम रहा। 8 अमेरिकी सैनिक वासीले जहन्नुम हो गए, हेलीकॉप्टर और विमान जलकर राख हो गए, और दुनिया ने अमेरिकी सुपरपावर की कमजोरी देख ली।
यह सिर्फ एक मिशन की विफलता नहीं थी, बल्कि योजना, समन्वय, मौसम और तकनीकी खामियों से उपजी एक ऐतिहासिक त्रासदी थी।
ईरानी संकट की शुरुआत और पृष्ठभूमि 4 नवंबर 1979 को तेहरान में अमेरिकी दूतावास पर हजारों क्रांतिकारी छात्रों ने कब्जा कर लिया। ईरान की इस्लामी क्रांति के बाद आयतुल्लाह खुमैनी के समर्थकों ने इसे अमेरिका के खिलाफ "बड़ी जीत" माना। शुरू में 66 अमेरिकी नागरिक बंधक बनाए गए (बाद में 14 महिलाओं और अश्वेतों को रिहा किया गया, अंत में 52 बचे रहे)। राष्ट्रपति जिमी कार्टर पर भारी दबाव पड़ा – कूटनीति फेल हो रही थी, अमेरिकी जनता गुस्से में थी।
महीनों की प्लानिंग के बाद सैन्य रेस्क्यू का फैसला हुआ।
ऑपरेशन की जटिल योजना (डायग्राम और रूट के साथ)
कोड नेम: ईगल क्लॉ (या ऑपरेशन इवनिंग लाइट)। यह अमेरिका की नई एलीट यूनिट डेल्टा फोर्स (कर्नल चार्ल्स बेकविथ की कमांड में) का पहला बड़ा टेस्ट था। प्लान में चारों मुख्य सेनाओं (आर्मी, नेवी, एयर फोर्स, मरीन) की भागीदारी थी। मुख्य रूट और स्टेज:
1. स्टेज 1: USS Nimitz (अरब सागर में) से 8 RH-53D Sea Stallion हेलीकॉप्टर (कॉल साइन: ब्लूबीअर्ड 1-8) रात में उड़ान भरेंगे। ये हेलीकॉप्टर माइन-क्लियरिंग के लिए डिज़ाइन किए गए थे, लेकिन रेस्क्यू के लिए इस्तेमाल किए गए।
2. स्टेज 2 ईरान के रेगिस्तान में डेजर्ट वन (कोडनेम) नामक गुप्त जगह पर रिफ्यूलिंग। यह जगह तेहरान से दक्षिण-पूर्व में लगभग 200-265 मील दूर थी (नजदीकी शहर: तबास, साउथ खोरासान प्रांत)।
3. स्टेज 3: वहाँ 6 C-130 हर्क्यूलिस** ट्रांसपोर्ट विमान (MC-130 और EC-130) ईंधन और सैनिकों के साथ पहले से इंतजार करेंगे। फिर 90+ कमांडो (डेल्टा फोर्स, रेंजर्स) तेहरान पहुंचकर दूतावास पर छापा मारेंगे।
4. स्टेज 4: बंधकों को छुड़ाने के बाद निकटतम डेजर्ट टू (हाइडआउट) पर वापस, फिर C-130 से बाहर निकलना।
ऑपरेशन के दौरान डेजर्ट वन की लोकेशन (33°04′23″N 55°53′ ई) आज भी Google Maps पर "Desert One Operation Eagle Claw" सर्च करने पर मिल जाती है – एक सुनसान रेगिस्तानी इलाका जहां आज भी मेमोरियल मार्कर है।
रात की त्रासदी: क्या हुआ? (टाइमलाइन और डिटेल)
ऑपरेशन शुरू हुआ, ओर अमरीकन नालेशी की शुरूआत किस्मत ने साथ छोड़ दिया:
- 19:00-22:00: हेलीकॉप्टर उड़ान भरते हैं, लेकिन ईरान के रेगिस्तान में अचानक हबूब (रेत का तूफान) शुरू हो जाता है। विजिबिलिटी शून्य के करीब।
- हेलीकॉप्टर फेलियर:
- 2 हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी (हाइड्रॉलिक, ब्लेड इश्यू) से बाहर।
- 1 हेलीकॉप्टर तूफान में फंसकर छोड़ दिया गया (पायलट ने इसे अबैंडन किया)।
- न्यूनतम जरूरत 6 हेलीकॉप्टर की थी, लेकिन सिर्फ 5 बचे। कमांडर ने मिशन रद्द कर दिया।
- वापसी का हादसा (लगभग 02:00 बजे):
- एक RH-53 हेलीकॉप्टर और एक EC-130 विमान (टैंकर) आपस में टकराए।
- भयानक विस्फोट – दोनों जल गए।
- 8 सैनिक वासीले जहन्नुम हुए: 5 एयर फोर्स (एयरक्रू), 3 मरीन (हेलीकॉप्टर क्रू)।
- बाकी 5 हेलीकॉप्टर रेगिस्तान में छोड़ दिए गए – ईरान ने बाद में उन्हें कैप्चर कर प्रोपगैंडा के लिए इस्तेमाल किया।
परिणाम और सबक (अतिरिक्त डिटेल)
- कोई बंधक नहीं छूटा।
- अमेरिका को वैश्विक शर्मिंदगी – सोवियत यूनियन और दुनिया ने मजाक उड़ाया।
- कार्टर की छवि ध्वस्त – नवंबर 1980 चुनाव में रोनाल्ड रीगन ने भारी जीत हासिल की।
- बंधक *20 जनवरी 1981 को रिहा हुए – ठीक रीगन के शपथ ग्रहण के दिन (कुछ रिपोर्ट्स में अल्जीरिया की मध्यस्थता से डील हुई)।
- बड़े बदलाव:
- यूनाइटेड स्टेट्स स्पेशल ऑपरेशंस कमांड (USSOCOM) की स्थापना 1987 में।
- संयुक्त कमांड स्ट्रक्चर, बेहतर मौसम ट्रेनिंग, बैकअप प्लान और जॉइंट एक्सरसाइज पर जोर।
- होलोवे कमीशन ने जांच की और रिपोर्ट में "समन्वय की कमी" को मुख्य कारण बताया।
यह ऑपरेशन आज भी मिलिट्री अकादमियों में "क्या न करें" का क्लासिक केस स्टडी है। ईरान के लिए यह "अमेरिका को रेगिस्तान में हराने" की गौरवगाथा बन गई।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World 24 January 2026