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Friday, 23 January 2026

सीरियाई जेल मे से ISIS के 1500 सो से अधिक आंतकवादी फरार क्या अब कोई नया मोर्चा खुलेगा!!

सीरियाई जेल मे से ISIS के 1500 सो से अधिक आंतकवादी फरार क्या अब कोई नया मोर्चा खुलेगा!!
-फ्राइडे वर्ल्ड 24 जनवरी 2026
दमिश्क: सीरिया में एक बार फिर आतंकवाद का खौफनाक भूत जाग उठा है। सीरियन सरकारी सेना ने घोषणा की है कि उत्तर-पूर्वी सीरिया में स्थित ISIS की जेलों और कैंपों से 1500 से अधिक आतंकी भाग निकले हैं। यह घटना इतनी बड़ी है कि यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए नई चेतावनी बन गई है। कुर्दिश-नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस (SDF) पर इन जेलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, लेकिन उन्होंने अपने सैनिकों को हटा लिया और कैंप को छोड़ दिया, जिससे आतंकियों को भागने का मौका मिल गया। 

इस घटना का मुख्य कारण सीरिया में चल रहा आंतरिक संघर्ष है। सीरियन सरकारी बलों और कुर्दिश SDF के बीच हालिया टकराव के कारण SDF ने ISIS जेलों की सुरक्षा से अपने सैनिकों को हटा लिया। SDF ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि कैंप की जिम्मेदारी उनकी थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कोई मदद या ध्यान नहीं मिला। इसलिए उन्होंने सैनिकों को अन्य जोखिम भरे इलाकों में तैनात कर दिया। नतीजतन, आतंकियों ने इस मौके का फायदा उठाकर बड़े पैमाने पर भागना शुरू कर दिया। कुछ जेलों से 120 से लेकर 1500 तक के आतंकी भाग निकले हैं, जिनमें से कई अभी भी आजाद हैं। 

यह घटना सिर्फ सीरिया के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे मध्य पूर्व के लिए खतरे की घंटी है। ISIS जैसी संगठन पहले से ही कमजोर पड़ चुके थे, लेकिन ऐसे बड़े पैमाने पर भागने से वे फिर से संगठित हो सकते हैं। अतीत में भी ISIS ने सीरिया और इराक में भयानक आतंक मचाया था, और अब ये भागे हुए आतंकी नई कार्रवाइयों की योजना बना सकते हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भी तुरंत कदम उठाए हैं और कुछ ISIS कैदियों को इराक में स्थानांतरित किया है, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर भागना एक गंभीर मामला है। 

पूरी स्थिति पर कई सवाल खड़े होते हैं। क्या यह सिर्फ अचानक की घटना है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है? कई विश्लेषकों का मानना है कि ISIS जैसी संगठनों को विदेशी ताकतों से समर्थन मिला है। 2011 से सीरिया में चल रहे गृहयुद्ध में हथियार, चिकित्सा सुविधाएं और अन्य मदद विदेशी शक्तियों से मिली होने के आरोप हैं। जॉर्डन, मिस्र, इराक और सीरिया जैसे देशों में गृहयुद्ध और सत्ता पलट के घटनाक्रम इसकी ओर इशारा करते हैं। अब ईरान पर भी ऐसी ही रणनीति अपनाई जा रही है, लेकिन ईरान की मजबूत सेना, मिसाइल नेटवर्क और ड्रोन भंडार के कारण उसे सीधी सैन्य कार्रवाई में कड़ी टक्कर मिल सकती है। 

यह घटना अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक बार फिर याद दिलाती है कि आतंकवाद का खतरा कभी पूरी तरह खत्म नहीं होता। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो ये 1500+ भागे हुए आतंकी नई आतंकी कार्रवाइयां कर सकते हैं, जिससे मध्य पूर्व और पूरी दुनिया में अस्थिरता बढ़ सकती है। सीरिया की यह स्थिति एक चेतावनी है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। 

सज्जाद अली नयानी ✍ 
फ्राइडे वर्ल्ड 24 जनवरी 2026