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Friday, 6 February 2026

मनोज बाजपेयी ने 'घूसखोर पंडत' विवाद पर तोड़ी चुप्पी: "लोगों की भावनाओं का सम्मान करता हूं, प्रमोशनल मटीरियल हटाने का फैसला सही!"

मनोज बाजपेयी ने 'घूसखोर पंडत' विवाद पर तोड़ी चुप्पी: "लोगों की भावनाओं का सम्मान करता हूं, प्रमोशनल मटीरियल हटाने का फैसला सही!"
-Friday world 6/2/2026
नई दिल्ली: नेटफ्लिक्स की बहुप्रतीक्षित फिल्म घूसखोर पंडत' रिलीज से पहले ही बड़े विवाद में घिर गई है। फिल्म के टाइटल को लेकर ब्राह्मण समाज और विभिन्न संगठनों से तीखी आपत्तियां उठीं, सोशल मीडिया पर बहिष्कार की मांगें हुईं, लीगल नोटिस भेजे गए और उत्तर प्रदेश में एफआईआर भी दर्ज की गई। इस बीच फिल्म के मुख्य अभिनेता मनोज बाजपेयी ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए स्पष्ट बयान जारी किया है। उन्होंने लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रमोशनल मटीरियल हटाने के फैसले का समर्थन किया है। 

मनोज बाजपेयी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, "एक एक्टर के तौर पर, मैं किसी फिल्म में अपने किरदार और कहानी के जरिए आता हूं। मेरे लिए, यह ('घूसखोर पंडत' का किरदार) एक कमजोर इंसान और उसकी आत्म-पहचान की यात्रा को दिखाने के बारे में था। इसका मकसद किसी भी समुदाय के बारे में कोई बयान देना नहीं था।" 

उन्होंने आगे कहा, "नीरज पांडे के साथ काम करने के मेरे अनुभव में, उन्होंने जिस तरह से अपनी फिल्मों पर काम किया है, उसमें लगातार गंभीरता और सावधानी रही है। लोगों की भावनाओं को देखते हुए, फिल्म बनाने वालों ने प्रमोशनल मटीरियल हटाने का फैसला किया है। यह दिखाता है कि चिंताओं को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है।"

विवाद की शुरुआत और बढ़ता बवाल फिल्म का टीजर हाल ही में मुंबई में नेटफ्लिक्स के 'नेक्स्ट ऑन नेटफ्लिक्स' इवेंट में रिलीज हुआ था। इसमें मनोज बाजपेयी एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी अजय दीक्षित (उपनाम 'पंडत') की भूमिका में नजर आए, जो घूसखोरी और अनैतिकता में लिप्त है। टाइटल 'घूसखोर पंडत' को लेकर ब्राह्मण समाज ने इसे अपमानजनक बताया। कई लोगों का कहना था कि 'पंडित' शब्द को भ्रष्टाचार से जोड़ना पूरे समुदाय की गरिमा पर हमला है। विरोध तेज होने पर: 

- सोशल मीडिया पर #BoycottNetflix और #ChangeTheTitle जैसे ट्रेंड चले। - लीगल नोटिस और दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल हुई, जिसमें रिलीज पर रोक की मांग की गई। 

- उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लखनऊ में एफआईआर दर्ज हुई, जिसमें फिल्म को सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगाया गया। 

- केंद्र सरकार ने भी नेटफ्लिक्स को प्रमोशनल कंटेंट हटाने का निर्देश दिया।

 फिल्म के प्रोड्यूसर और लेखक नीरज पांडे ने पहले ही बयान जारी कर सफाई दी थी कि फिल्म पूरी तरह फिक्शनल है, 'पंडत' सिर्फ एक काल्पनिक किरदार का उपनाम है और इसका किसी समुदाय से कोई लेना-देना नहीं। उन्होंने कहा, "हम जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सभी प्रमोशनल मटीरियल फिलहाल हटा रहे हैं, ताकि फिल्म को पूरी कहानी के संदर्भ में देखा और समझा जा सके, न कि अधूरे हिस्सों के आधार पर जज किया जाए।"

 मनोज बाजपेयी का रुख: संवेदनशीलता और जिम्मेदारी मनोज बाजपेयी का बयान फिल्ममेकर्स की जिम्मेदारी को दर्शाता है। उन्होंने साफ किया कि उनका किरदार एक व्यक्ति की कमजोरियों और आत्म-सुधार की कहानी है, न कि किसी समुदाय पर टिप्पणी। उनका यह बयान विवाद के बीच संतुलित और संवेदनशील लगता है, जहां वे लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए मेकर्स के फैसले का समर्थन कर रहे हैं। 

फिल्म में नुशरत भरुचा, दिव्या दत्ता, साकिब सलीम, अक्षय ओबेरॉय, श्रद्धा दास और किकू शारदा जैसे कलाकार भी हैं। निर्देशन ऋतेश शाह ने किया है। यह नीरज पांडे और मनोज बाजपेयी की जोड़ी की नई फिल्म है, जो पहले 'स्पेशल 26' जैसी हिट्स दे चुकी है। 

क्या होगा आगे? प्रमोशनल मटीरियल हटने से विवाद थम सकता है, लेकिन कई संगठन टाइटल बदलने या फिल्म पर रोक की मांग पर अड़े हैं। यह मामला सिनेमा की अभिव्यक्ति की आजादी और सामाजिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन का एक और उदाहरण बन गया है। मनोज बाजपेयी का बयान दर्शाता है कि क्रिएटर्स अब जनभावनाओं को गंभीरता से ले रहे हैं।

 फिल्म की रिलीज डेट अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन विवाद के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या टीम टाइटल में बदलाव करती है या कानूनी लड़ाई जारी रहती है। 
Sajjadali Nayani ✍ 
Friday world 6/2/2026