अमेरिकी राजनीति में नस्लवाद और शालीनता की बहस फिर से गरम हो गई है। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सोशल मीडिया पर शेयर किए गए उस विवादास्पद वीडियो पर अपनी पहली सार्वजनिक टिप्पणी की, जिसमें उन्हें और उनकी पत्नी मिशेल ओबामा को वानर (एप) के रूप में दिखाया गया था। यह घटना फरवरी 2026 की शुरुआत में हुई, जब ट्रंप के ट्रुथ सोशल अकाउंट पर यह वीडियो पोस्ट किया गया और बाद में हटा दिया गया।
घटना का पूरा विवरण 5 फरवरी 2026 को ट्रंप के ट्रुथ सोशल अकाउंट पर एक लगभग 60 सेकंड का वीडियो शेयर किया गया। इस वीडियो का मुख्य हिस्सा 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में कथित वोटर फ्रॉड के बेबुनियाद दावों पर आधारित था। वीडियो के अंत में एक सेकंड के लिए बराक और मिशेल ओबामा के चेहरे को हंसते हुए वानरों के शरीर पर सुपरइंपोज किया गया था। यह क्लिप 'द लायन स्लीप्स टुनाइट' गीत पर सेट थी और इसे कंजर्वेटिव मीम क्रिएटर ज़ेरियास के एक पुराने एक्स पोस्ट से लिया गया माना जा रहा है।
वीडियो पोस्ट होने के तुरंत बाद दोनों पार्टियों से तीखी आलोचना हुई। रिपब्लिकन सीनेटर टिम स्कॉट सहित कई प्रमुख रिपब्लिकन नेताओं ने इसे "सबसे नस्लभेदी" करार दिया। व्हाइट हाउस ने पहले इसे "नकली गुस्सा" (fake outrage) बताया, लेकिन बाद में एक स्टाफ सदस्य की "गलती" बताकर वीडियो डिलीट कर दिया गया। ट्रंप ने रिपोर्टर्स से कहा कि उन्होंने वीडियो का वह हिस्सा "नहीं देखा" जिसमें ओबामा दिख रहे थे और उन्होंने माफी मांगने से इनकार करते हुए कहा, "मैंने कोई गलती नहीं की है।"
ओबामा की पॉडकास्ट में प्रतिक्रिया 15 फरवरी 2026 को लिबरल पॉडकास्टर **ब्रायन टायलर कोहेन** के पॉडकास्ट "नो लाई" में ओबामा ने इस मुद्दे पर बात की। कोहेन ने सीधे वीडियो का जिक्र करते हुए राजनीतिक विमर्श की गिरावट पर सवाल किया। ओबामा ने ट्रंप का नाम लिए बिना, लेकिन स्पष्ट रूप से संदर्भित करते हुए कहा:
"सार्वजनिक विमर्श इतनी क्रूरता के स्तर पर पहुंच गया है, जो पहले कभी नहीं देखा गया... सोशल मीडिया और टेलीविजन पर एक तरह का 'क्लाउन शो' चल रहा है। पहले सरकारी अधिकारियों में शर्म (shame), तमीज़ (decorum), शालीनता, सम्मान और दया की भावना होती थी, लेकिन अब वह खो गई है।"
ओबामा ने जोर दिया कि अमेरिका में घूमते हुए वे ऐसे लाखों लोगों से मिलते हैं जो अभी भी "शालीनता, तहजीब, दया और सम्मान" में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश अमेरिकी इस तरह के व्यवहार को "गहराई से परेशान करने वाला" मानते हैं। उन्होंने इस घटना को राजनीतिक बहस से ध्यान भटकाने वाली चाल के रूप में भी देखा, लेकिन मुख्य फोकस राजनीतिक नेतृत्व में नैतिक पतन पर रहा।
नस्लवाद का ऐतिहासिक संदर्भ यह वीडियो अमेरिकी इतिहास में काले लोगों को वानरों से तुलना करने वाली पुरानी नस्लभेदी कार्टून और प्रचार की याद दिलाता है। ओबामा अमेरिका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति होने के नाते ऐसे हमलों का सामना पहले भी कर चुके हैं, लेकिन ट्रंप के पद पर रहते हुए यह घटना विशेष रूप से विवादास्पद बनी क्योंकि यह राष्ट्रपति के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से जुड़ी थी।
राजनीतिक प्रभाव और प्रतिक्रियाएं यह घटना ट्रंप प्रशासन की शुरुआत में ही विवादों का केंद्र बनी। डेमोक्रेट्स ने इसे नस्लवाद का सबूत बताया, जबकि कुछ रिपब्लिकन्स ने स्टाफ की गलती मानकर बचाव किया। ओबामा की टिप्पणी ने फिर से शालीनता और नैतिकता की बहस को जन्म दिया है, खासकर जब अमेरिका में राजनीतिक ध्रुवीकरण चरम पर है।
ओबामा ने स्पष्ट रूप से ट्रंप पर व्यक्तिगत हमला नहीं किया, बल्कि व्यापक सिस्टमिक समस्या पर प्रकाश डाला। उनकी यह प्रतिक्रिया शांत लेकिन प्रभावशाली रही, जो उनकी पुरानी स्टाइल से मेल खाती है – क्रोध के बजाय तर्क और नैतिकता पर जोर।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World 15th Feb 2026