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Saturday, 14 February 2026

एटा में बारात विवाद: डीजे डांस से शुरू हुई मारपीट, जाति का एंगल या आपसी रंजिश? इलाके में तनाव, पुलिस ने बताया 'भ्रामक' दावे

एटा में बारात विवाद: डीजे डांस से शुरू हुई मारपीट, जाति का एंगल या आपसी रंजिश? इलाके में तनाव, पुलिस ने बताया 'भ्रामक' दावे
-Friday World 14th Feb 2026
उत्तर प्रदेश के एटा जिले में एक बार फिर जातीय तनाव की खबरें सुर्खियों में हैं। सकीट थाना क्षेत्र के मोहल्ला पीपल टोला (या उरहना) में दलित समाज (मुख्यतः जाटव समुदाय) की एक बारात को लेकर विवाद हुआ, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामला "बारात रोकने" या "जातिगत हमले" का नहीं, बल्कि डीजे पर अनियंत्रित डांस और बदतमीजी से शुरू हुए आपसी झगड़े का है। लेकिन पीड़ित पक्ष की महिलाओं के वीडियो में लगे गंभीर आरोप—फायरिंग, पथराव, लाठी-डंडे और "शादी नहीं होने देंगे"—ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। क्या ये सिर्फ एक शादी का झगड़ा है या गहरी सामाजिक खाई का नया उदाहरण? 

क्या हुआ था रात में? घटना मंगलवार-बुधवार (10-11 फरवरी 2026) की रात की बताई जा रही है। शाक्य समाज (OBC समुदाय) के एक घर में तिलक/सगाई का समारोह चल रहा था—डीजे बज रहा था, लोग नाच-गाने में मस्त थे। उसी रास्ते से दलित समाज की बारात गुजर रही थी, जिसमें दूल्हा अपनी दुल्हन के घर जा रहा था। 

- बारात के कुछ युवकों ने शाक्य समाज के डीजे पर जाकर डांस शुरू कर दिया।

 - मेजबानों ने इसे बिन बुलाए दखलंदाजी माना और मना किया। 

- बात बढ़ी, कहासुनी हुई, फिर धक्का-मुक्की और मारपीट में बदल गई।

 - देर रात बारात वापसी के दौरान फिर विवाद हुआ—कुछ आरोपों में पथराव, लाठीचार्ज और 2-3 राउंड फायरिंग का जिक्र है।

 - वीडियो में एक महिला (दुल्हन की भाभी बताई जा रही है) रोते हुए कह रही है: "जान से मारने की धमकी दी... 3 राउंड फायरिंग... शादी नहीं होने देंगे... महिलाओं को उठवाने की धमकी..." 

सोशल मीडिया पर ये वीडियो "दलित बारात रोकी गई", "जातिवादी हमला", "दबंगों का अत्याचार" जैसे कैप्शन के साथ फैला। कई पोस्ट में शाक्य समाज पर सीधे जातिगत हिंसा का आरोप लगाया गया। 

पुलिस का पक्ष: 'भ्रामक और एकतरफा दावे'

एटा पुलिस ने वायरल वीडियो पर तुरंत सफाई दी: 

- बारात सुरक्षित पहुंच गई, कोई रोक-टोक नहीं हुई।

 - झगड़ा दलित पक्ष (जाटव) के कुछ लोगों द्वारा शाक्य परिवार के समारोह में घुसकर डीजे बंद करवाने की कोशिश और बदतमीजी से शुरू हुआ। 

- दोनों पक्षों में चोटें आईं—शाक्य पक्ष के दो युवक घायल बताए गए। 

- पुलिस ने दोनों तरफ से शिकायतें लीं, जांच शुरू की।

 - कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया, लेकिन "जातिगत हमला" या "बारात रोकने" का आरोप प्रथम दृष्टया गलत पाया गया। 

- पुलिस ने कहा: वीडियो घटना के बाद रिकॉर्ड किया गया, ताकि दोष शाक्य समाज पर डाला जा सके।

 एसपी और एएसपी स्तर पर जांच चल रही है। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस फोर्स तैनात है ताकि कोई और तनाव न फैले। 

दोनों पक्षों के दावे

- दलित पक्ष: बारात को रोका गया, जातिगत गालियां दी गईं, फायरिंग हुई, महिलाओं-बच्चों को डराया। "हम जैसे दलितों की शादी में भी दखल क्यों?"—ये सवाल कई वीडियो में सुनाई दे रहा है। 

- शाक्य पक्ष: बारातियों ने बिना इजाजत हमारे फंक्शन में घुसकर डीजे पर कब्जा करने की कोशिश की। बदतमीजी और मारपीट हमसे शुरू नहीं हुई। इसे जाति का रंग देकर उल्टा दोषी ठहराया जा रहा है। 

बड़ी तस्वीर: बारातें और जातीय संवेदनशीलता उत्तर प्रदेश में शादियों के दौरान बारात रोकने, घोड़ी चढ़ने पर आपत्ति, डीजे-बैंड-बाजे पर विवाद जैसी घटनाएं नई नहीं हैं। पिछले कुछ सालों में कई मामलों में दलित दूल्हों को घोड़ी से उतारा गया, बारातों पर पथराव हुआ। लेकिन इस मामले में पुलिस की सफाई से लगता है कि मूल कारण जाति से ज्यादा "स्थानीय रास्ते और शोर-शराबे" का था—जो बाद में जाति का रंग ले लेता है। 

- क्या डीजे पर डांस की आजादी हर किसी को है? 

- क्या बारात का रास्ता तय करने में पड़ोसियों की राय मायने रखती है?

 - या ये सब पुरानी जातीय श्रेष्ठता की लड़ाई है?

जांच जरूरी, अफवाहें रोकें** एटा का ये मामला सिर्फ एक गांव की शादी का झगड़ा नहीं—ये समाज में बनी असमानता, संवेदनशीलता और अफवाहों के तेज फैलने का उदाहरण है। पुलिस जांच पूरी होने तक दोनों पक्षों को संयम बरतना चाहिए। सोशल मीडिया पर "जातिवादी हमला" या "झूठे आरोप" जैसे टैग लगाकर तनाव बढ़ाना खतरनाक है। 

अगर सच में जातिगत हिंसा हुई, तो कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। अगर ये सिर्फ आपसी रंजिश थी, तो इसे जाति का नाम न दिया जाए। शादी खुशी का मौका है—उसे हिंसा का नहीं बनना चाहिए। 

इलाके में शांति बहाल हो, दोनों समुदाय मिल-जुलकर रहें—यही उम्मीद है। पुलिस की जांच रिपोर्ट आने पर सच्चाई सामने आएगी। तब तक अफवाहों पर यकीन न करें, तथ्यों का इंतजार करें।

जागरूक रहें, शांति बनाए रखें! 🇮🇳

Sajjadali Nayani ✍
 Friday World 14th Feb 2026