अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपनी निर्णायक और आक्रामक विदेश नीति का जोरदार प्रदर्शन किया है। उत्तर कैरोलिना के फोर्ट ब्रैग (अब फोर्ट लिबर्टी) में अमेरिकी सेना के सबसे बड़े बेस पर पहुंचकर ट्रंप ने सैनिकों और उनके परिवारों को संबोधित करते हुए कहा कि अब विश्व भर के दुश्मन अमेरिका से डरते हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया कि ईरान ही एकमात्र ऐसा देश बचा है जो अभी भी अमेरिका को आंख दिखाने की हिम्मत करता है।
ट्रंप ने सैनिकों से कहा: “विश्व भर के दुश्मन अब हमसे डरते हैं। सिर्फ ईरान ही है जो हमें आंख दिखाने की कोशिश करता है। लेकिन समय आने पर उसे भी सबक सिखाया जाएगा। 3 जनवरी की कार्रवाई ने पूरी दुनिया को बता दिया है कि अमेरिका क्या कर सकता है।”
3 जनवरी 2026: वेनेजुएला पर अमेरिकी छापा ट्रंप ने अपनी स्पीच में 3 जनवरी 2026 को वेनेजुएला में की गई सैन्य कार्रवाई की जमकर प्रशंसा की। अमेरिकी विशेष बलों ने काराकास में घुसकर तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में लिया और उन्हें अमेरिका ले आए। मादुरो पर ड्रग तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद को फंडिंग के गंभीर आरोप हैं। ट्रंप ने इसे “लोकतंत्र की बड़ी जीत” करार दिया और कहा कि इस कार्रवाई ने वैश्विक स्तर पर अमेरिकी ताकत का संदेश दे दिया है।
रैली जैसा माहौल और राजनीतिक संदेश यह दौरा औपचारिक सैन्य कार्यक्रम से ज्यादा एक चुनावी रैली जैसा लग रहा था। ट्रंप ने मंच पर उत्तर कैरोलिना से सीनेट चुनाव लड़ रहे रिपब्लिकन उम्मीदवार माइकल व्हाटली को बुलाकर उनका खुला समर्थन जताया। प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप भी मौजूद थीं और उन्होंने सैन्य परिवारों से निजी मुलाकात की। ट्रंप का पूरा भाषण उनके चुनावी नारे “फाइट एंड विन” पर केंद्रित रहा, जिसे उन्होंने बार-बार दोहराया।
ईरान पर साफ निशाना ट्रंप का ईरान पर यह खास उल्लेख बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि **ईरान ही एकमात्र देश है जो अभी भी अमेरिका को आंख दिखाने की हिम्मत करता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान ने हाल ही में अपने यूरेनियम संवर्धन को 90% तक पहुंचाने की घोषणा की है और इजराइल-अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। ट्रंप की टिप्पणी से साफ संकेत मिलता है कि वेनेजुएला के बाद अब ईरान उनके निशाने पर है।
विश्व की प्रतिक्रियाएं*
- रूस और चीन ने वेनेजुएला कार्रवाई को “अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन” बताया।
- ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई ने कहा, “अमेरिका की यह ज्यादती उसके अंत की शुरुआत होगी।”
- यूरोपीय संघ ने चिंता जताई, लेकिन कोई सख्त कदम नहीं उठाया।
क्या ईरान अगला टारगेट? ट्रंप का फोर्ट ब्रैग भाषण न सिर्फ सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए था, बल्कि यह एक साफ संदेश भी था – अमेरिका अब किसी भी चुनौती से पीछे नहीं हटेगा। वेनेजुएला पर सफल छापे के बाद ट्रंप ने ईरान को खास तौर पर निशाना बनाया और कहा कि ईरान ही एकमात्र ऐसा देश है जो हमें आंख दिखाने की हिम्मत करता है। अब सवाल यह है कि क्या ट्रंप ईरान पर भी सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं? क्या मध्य पूर्व में नया युद्ध छिड़ेगा? या यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी है?
समय बताएगा कि “फाइट एंड विन” का नारा कितनी दूर तक जाएगा और ईरान जैसा “आंख दिखाने वाला” देश कितना लंबा टिक पाएगा।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World 14th Feb 2026