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Thursday, 5 February 2026

ट्रंप का तीखा तीर: जो बाइडन को करार दिया 'अमेरिकी इतिहास का सबसे खराब राष्ट्रपति'!

ट्रंप का तीखा तीर: जो बाइडन को करार दिया 'अमेरिकी इतिहास का सबसे खराब राष्ट्रपति'!
-Friday world 5/2/2026
वाशिंगटन डीसी की गलियों में एक बार फिर गूंजा डोनाल्ड ट्रंप का पुराना राग – पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन पर जमकर निशाना! ट्रंप ने हाल के बयानों में बाइडन को न सिर्फ "सबसे खराब राष्ट्रपति" बताया, बल्कि यह भी कहा कि उन्हें राष्ट्रपति बनने का मतलब ही समझ नहीं आया। ट्रंप की यह आलोचना अब लगभग रोजमर्रा की बात बन चुकी है, जहां वे बाइडन के कार्यकाल को "आर्थिक तबाही", "खुली सीमाओं" और "राष्ट्रीय कमजोरी" का प्रतीक बताते हैं, जबकि खुद की वापसी को "अमेरिका को बचाने" का मिशन करार देते हैं। 

ट्रंप ने एक संबोधन में साफ-साफ कहा, "जो बाइडन अमेरिकी इतिहास के सबसे खराब राष्ट्रपति रहे हैं। उन्हें पता ही नहीं था कि राष्ट्रपति होना क्या चीज है।" उन्होंने आगे जोड़ा, "मैं नहीं चाहता कि इसे कोई व्यक्तिगत रूप से लें, लेकिन सच यही है – वह हमारे सबसे खराब राष्ट्रपति थे।" ट्रंप ने यहां रुकने की बजाय पुराने प्रतिद्वंद्वी बाराक ओबामा को भी घसीटा और कहा, "हमारे पास कुछ और भी खराब रहे हैं, जैसे ओबामा, जो देश को बांटने वाले थे। लेकिन अब हम देश को एकजुट कर रहे हैं।" 

यह बयान ट्रंप की क्लासिक स्टाइल को बयां करता है – विरोधियों पर व्यक्तिगत हमले, अपनी उपलब्धियों को चमकाना और पुरानी राजनीतिक दुश्मनी को जिंदा रखना। ट्रंप ने दावा किया कि उनकी सरकार के आने के बाद अमेरिका में निवेश का सिलसिला ऐसा शुरू हुआ है, "जितना पहले कभी किसी ने नहीं देखा।" वे बार-बार बाइडन को मुद्रास्फीति, अवैध आप्रवासन और विदेश नीति की कमजोरियों के लिए जिम्मेदार ठहराते हैं। 

हाल के महीनों में ट्रंप के कई मौकों पर ऐसे बयान आए हैं। मार्च 2025 में कांग्रेस के संयुक्त सत्र में उन्होंने बाइडन को "worst president in American history" कहा, जहां उन्होंने बाइडन के कार्यकाल में "सैकड़ों हजारों अवैध घुसपैठ" और "अंडों की कीमतों में उछाल" जैसी बातों का जिक्र किया। दिसंबर 2025 में व्हाइट हाउस में "Presidential Walk of Fame" बनाया गया, जहां बाइडन की जगह सिर्फ उनके ऑटोपेन साइनेचर की तस्वीर लगाई गई और प्लाक पर लिखा – "Sleepy Joe Biden was, by far, the worst President in American History." ओबामा को "most divisive" बताया गया। 

ट्रंप की यह रणनीति साफ दिखती है: पुराने "दुश्मन" को निशाना बनाकर वर्तमान सफलताओं को हाईलाइट करना। वे कहते हैं, "बाइडन को पता ही नहीं चलता कि मैं क्या कह रहा हूं" – जो उनकी उम्र और मानसिक स्थिति पर तंज कसने का तरीका है। ट्रंप के समर्थक इसे "सच्चाई" मानते हैं, जबकि आलोचक इसे राजनीतिक बदले की भावना और विभाजनकारी भाषा कहते हैं।

 ट्रंप का संदेश एकदम स्पष्ट है – "बाइडन के समय देश बर्बादी की कगार पर था, लेकिन अब हम फिर से महान बन रहे हैं।" चाहे अर्थव्यवस्था हो, सीमा सुरक्षा हो या अंतरराष्ट्रीय छवि – हर मुद्दे पर बाइडन को दोषी ठहराकर ट्रंप खुद को "सुधारक" के रूप में पेश करते हैं।

 यह बयान अमेरिकी राजनीति की कड़वी हकीकत को उजागर करता है, जहां पूर्व और वर्तमान नेताओं के बीच दुश्मनी कभी खत्म नहीं होती। ट्रंप की जुबान से निकले ये शब्द अब वाशिंगटन की हवा में तैरते रहेंगे – "Sleepy Joe सबसे खराब था, और अब अमेरिका वापस ट्रैक पर है!" 

क्या यह सिर्फ पुरानी यादें ताजा करने का खेल है, या आने वाले चुनावों की तैयारी? वक्त ही बताएगा। फिलहाल, ट्रंप की यह आगामी बयानबाजी राजनीतिक बहस को और गरमाती रहेगी! 

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday world 5/2/2026