-Friday world 5/2/2026
लंदन: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने हाल ही में एक बड़े राजनीतिक विवाद के बीच जेफरी एप्स्टीन के यौन शोषण के शिकार लोगों से खुलकर माफी मांगी है। यह माफी पूर्व लेबर नेता और ब्रिटिश राजनेता **पीटर मैंडलसन** को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त करने के फैसले को लेकर है। स्टार्मर ने स्वीकार किया कि उन्होंने मैंडलसन के झूठ पर विश्वास कर लिया, जिससे ताकतवर लोगों के खिलाफ न्याय की प्रक्रिया प्रभावित हुई।
विवाद की जड़ क्या है? दिसंबर 2024 में कीर स्टार्मर ने पीटर मैंडलसन को वॉशिंगटन में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त किया था। मैंडलसन लंबे समय से लेबर पार्टी के प्रभावशाली नेता रहे हैं, लेकिन उनकी जेफरी एप्स्टीन से गहरी दोस्ती पहले से विवादास्पद थी। एप्स्टीन, जो एक अमेरिकी फाइनेंशियर थे, 2008 में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के लिए दोषी ठहराए गए थे। 2019 में जेल में उनकी मौत हो गई, लेकिन उनके मामले की जांच आज भी जारी है।
हाल ही में अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने एप्स्टीन से जुड़ी नई फाइलें जारी कीं, जिनमें मैंडलसन और एप्स्टीन के बीच ईमेल और अन्य सबूत शामिल थे। इनमें मैंडलसन द्वारा एप्स्टीन को "बेस्ट पाल" कहने जैसे संकेत मिले, जबकि नियुक्ति के दौरान मैंडलसन ने दावा किया था कि वे एप्स्टीन को "बमुश्किल जानते थे"। इस खुलासे के बाद सितंबर 2025 में मैंडलसन को राजदूत पद से हटा दिया गया, लेकिन अब यह मामला स्टार्मर की साख पर भारी पड़ रहा है।
स्टार्मर का भावुक बयान 5 फरवरी 2026 को ईस्ट ससेक्स में दिए गए एक भाषण में स्टार्मर ने पीड़ितों से सीधे संबोधित करते हुए कहा:
"मैं माफी मांगता हूं। आपके साथ जो हुआ, उसके लिए माफी। इस बात के लिए माफी कि ताकतवर लोगों ने आपको बार-बार निराश किया। मैं माफी मांगता हूं कि मैंने मैंडलसन के झूठ पर भरोसा किया और उन्हें नियुक्त किया। और माफी मांगता हूं कि आज भी आपको यह सब सार्वजनिक रूप से देखना पड़ रहा है।"
" स्टार्मर ने आगे कहा कि वे लोगों के गुस्से को महसूस कर रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि मैंडलसन ने वेटिंग प्रक्रिया में धोखा दिया और एप्स्टीन से अपने संबंधों की गहराई छिपाई। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि वे मैंडलसन की फाइलें जल्द जारी करना चाहते हैं, लेकिन पुलिस की सलाह के खिलाफ जाकर जांच या कानूनी प्रक्रिया को खतरे में नहीं डालेंगे।
राजनीतिक दबाव और आलोचना यह मामला स्टार्मर सरकार के लिए बड़ा संकट बन गया है। लेबर पार्टी के अंदरूनी सांसदों और विपक्षी नेताओं ने उनकी नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। कुछ ने तो इस्तीफे की मांग भी की। स्टार्मर ने इस्तीफे से इनकार करते हुए कहा कि वे झूठे कदम नहीं उठाएंगे, जो पीड़ितों के न्याय को प्रभावित कर सकता है।
यह घटना ब्रिटेन में ताकतवर लोगों के खिलाफ जवाबदेही की बहस को फिर से गरमा रही है। एप्स्टीन मामले में कई हाई-प्रोफाइल नाम पहले ही सामने आ चुके हैं, और अब मैंडलसन-स्टार्मर कनेक्शन ने इसे नया आयाम दिया है।
न्याय की राह में बाधा? कीर स्टार्मर का यह माफी बयान राजनीतिक मजबूरी से ज्यादा पीड़ितों के प्रति संवेदना दिखाने की कोशिश लगता है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह पर्याप्त होगा? ब्रिटेन की जनता और मीडिया इस मामले को लेकर सतर्क है। स्टार्मर ने वादा किया है कि सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
यह घटना याद दिलाती है कि राजनीति में व्यक्तिगत संबंध और फैसले कितने खतरनाक हो सकते हैं, खासकर जब वे किसी बड़े अपराध से जुड़े हों। एप्स्टीन के पीड़ितों के लिए न्याय अभी भी अधूरा है, और स्टार्मर की माफी शायद शुरुआत भर है।
Sajjadali Nayani ✍
Friday world 5/2/2026