आधुनिक युद्ध के इस युग में, जहां स्टील्थ टेक्नोलॉजी को अजेय माना जाता है, वहां ईरान ने एक ऐसा दावा किया है जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने घोषणा की है कि उन्होंने अमेरिका के सबसे एडवांस्ड और सबसे महंगे फाइटर जेट F-35 लाइटनिंग II पर सफल हमला किया है और इसे गंभीर नुकसान पहुंचाया है।
→ यह घटना 19 मार्च 2026 को मध्य ईरान के एयरस्पेस में हुई, जब अमेरिकी F-35 एक कॉम्बेट मिशन पर था। IRGC ने कहा कि उनकी एयर डिफेंस सिस्टम ने इस अदृश्य विमान को टारगेट किया और हिट किया, जिसके बाद अमेरिकी सेना में भारी खलबली मच गई है।
→ ईरान ने इस हमले का एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें FLIR (फॉरवर्ड लुकिंग इन्फ्रारेड) सिस्टम के जरिए मिसाइल लॉक होती हुई और विमान को हिट होते दिखाया गया है। IRGC के अनुसार, यह हमला 125 से ज्यादा अमेरिकी-इजरायली ड्रोन को रोकने के बाद किया गया और यह एक बड़ी सफलता है।
→ अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि F-35 को कॉम्बेट मिशन के दौरान इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा, "विमान मिडिल ईस्ट में अमेरिकी एयरबेस पर सुरक्षित लैंड हो गया है, पायलट की हालत स्थिर है और जांच चल रही है।"
→ अमेरिकी स्रोतों (जैसे CNN) के अनुसार, विमान को ईरानी ग्राउंड फायर से हिट होने का संदेह है, लेकिन पेंटागन ने हमले की सीधी पुष्टि नहीं की है। यह घटना फरवरी 2026 में शुरू हुए अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध में अमेरिकी विमान पर पहला बड़ा हमला मानी जा रही है।
→ ईरानी मीडिया और रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले में स्वदेशी 'बावर-373' एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल हुआ, जो रूसी S-300 के समकक्ष है। पैसिव सेंसर टेक्नोलॉजी की मदद से रडार सिग्नल के बिना ही स्टील्थ विमान को ढूंढकर टारगेट किया गया।
→ F-35 लाइटनिंग II लॉकहीड मार्टिन का 5th जेनरेशन स्टील्थ फाइटर है, जिसकी कीमत 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा है और इसे दुनिया का सबसे एडवांस्ड कॉम्बेट एयरक्राफ्ट माना जाता है।
→ स्टील्थ टेक्नोलॉजी: रडार से अदृश्य रहने की क्षमता।
→ मल्टी-रोल क्षमता: एयर-टू-एयर, एयर-टू-ग्राउंड और जासूसी कार्य एक साथ।
→ स्पीड: अधिकतम 1,931 किमी/घंटा (सुपरसोनिक)।
→ एडवांस्ड सेंसर्स: 360 डिग्री व्यू देने वाला DAS सिस्टम और एडवांस्ड रडार।
→ नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर: रीयल-टाइम डेटा शेयरिंग की क्षमता।
→ यह घटना इतनी बड़ी क्यों है? यह पहली बार है जब F-35 जैसे 5th जेनरेशन स्टील्थ जेट पर युद्ध में हमला हुआ और नुकसान पहुंचा। अगर ईरान का दावा सही साबित होता है तो अमेरिका की एयर डोमिनेंस पर बड़ा सवाल खड़ा हो जाता है। ईरान की एयर डिफेंस सिस्टम की क्षमता पर नया प्रकाश पड़ता है और यह अन्य देशों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकती है।
→ इस घटना ने वैश्विक डिफेंस सेक्टर में हलचल मचा दी है। अमेरिकी ट्रंप प्रशासन ने ईरान की एयर डिफेंस को 'फ्लैटन' करने का दावा किया था, लेकिन यह घटना उसके विपरीत जाती है। वहीं ईरान इसे बड़ी जीत के रूप में प्रमोट कर रहा है।
→ आगे क्या? जांच पूरी होने तक सच्चाई सामने आएगी। लेकिन यह घटना एक बात साफ करती है – आधुनिक युद्ध में कोई भी टेक्नोलॉजी पूरी तरह अजेय नहीं है। ईरान की इस क्षमता ने दुनिया को नया संदेश दिया है: स्टील्थ भी अजेय नहीं!
Sajjadali Nayani ✍
Friday World 🌎 20 March 2026