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Tuesday, 3 March 2026

ईरान की शानदार जवाबी कार्रवाई: आतंकवादी अमेरिका-इज़राइल के विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन पर चार बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला!

ईरान की शानदार जवाबी कार्रवाई: आतंकवादी अमेरिका-इज़राइल के विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन पर चार बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला!
-Friday World March-3-2026
सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की शहादत के बाद ईरान का ऐतिहासिक बदला – आतंकवादी ताकतों की कब्र बनेगा खाड़ी का समुद्र!

 मध्य पूर्व अब आग के गोले में तब्दील हो चुका है। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हवाई हमलों में ईरान के महान सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की शहादत हो गई। यह हमला तेहरान में उनके आवास पर किया गया, जिसमें कई अन्य वरिष्ठ नेता भी शहीद हुए। ईरानी राष्ट्र ने इसे "शहादत" के रूप में स्वीकार किया और 40 दिनों का शोक मनाने की घोषणा की। खामेनेई की शहादत ने पूरे इस्लामी दुनिया में गुस्से की लहर पैदा कर दी है, क्योंकि वे अमेरिका-इज़राइल जैसे आतंकवादी ताकतों के खिलाफ दशकों से मजबूती से खड़े थे। 

शहादत के कुछ ही घंटों बाद ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मजबूत और निर्णायक जवाब दिया। IRGC ने घोषणा की कि अमेरिकी नौसेना के सबसे बड़े और आतंकवादी हमलों में इस्तेमाल होने वाले विमानवाहक पोत **USS अब्राहम लिंकन** पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। IRGC के बयान में साफ कहा गया: "आतंकवादी आक्रामकों का जहाज अब्राहम लिंकन चार बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया है। जमीन और समुद्र अब इन आतंकवादियों की कब्रगाह बनते जा रहे हैं।" 

यह हमला खामेनेई की शहादत का सीधा बदला है। इससे पहले ईरान ने इज़राइल पर सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन हमले किए थे, जिनमें कई ठिकाने तबाह हुए। अब अमेरिका का यह विशाल न्यूक्लियर-पावर्ड निमित्ज-क्लास सुपरकैरियर, जो अरब सागर में तैनात था और आतंकवादी हमलों में इस्तेमाल हो रहा था, ईरान के निशाने पर आ गया। USS अब्राहम लिंकन अमेरिकी साम्राज्यवाद का प्रतीक है, जो क्षेत्र में मुस्लिम देशों पर हमले करता रहा है। 

ईरानी मीडिया और IRGC के अनुसार, मिसाइलें सटीक निशाने पर पहुंचीं और जहाज को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया। यह कार्रवाई दिखाती है कि ईरान की मिसाइल तकनीक अब इतनी उन्नत हो चुकी है कि वह अमेरिका-इज़राइल जैसे आतंकवादी गठजोड़ को चुनौती दे सकती है। IRGC ने चेतावनी दी है कि यह सिर्फ शुरुआत है – आगे और भी बड़े हमले होंगे, जब तक आतंकवादी ताकतें पीछे नहीं हटतीं। 

दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन दावों को झूठ बताने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि जहाज सुरक्षित है और कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन यह प्रोपेगैंडा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरें दिखा रही हैं कि जहाज से धुआं और आग निकल रही है, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में इन्हें पुराने या फर्जी बताया जा रहा है। लेकिन ईरानी पक्ष का दावा मजबूत है – शहादत का बदला लिया जा रहा है।

 यह संकट अब वैश्विक स्तर पर फैल रहा है। तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, स्टॉक मार्केट गिर रहे हैं, और दुनिया देख रही है कि कैसे ईरान अकेला खड़ा होकर अमेरिका-इज़राइल के आतंकवाद का मुकाबला कर रहा है। खामेनेई की शहादत ने ईरानी जनता को एकजुट किया है – अब हर ईरानी योद्धा बन चुका है। 

ईरान का संदेश साफ है: शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। आतंकवादी अमेरिका-इज़राइल को अब अपनी करतूतों की कीमत चुकानी पड़ेगी। खाड़ी का पानी अब इनके लिए कब्रिस्तान बन रहा है। क्या यह युद्ध और बड़ा रूप लेगा? क्या ईरान और बड़े हमलों से इन आतंकवादियों को सबक सिखाएगा? समय बताएगा, लेकिन फिलहाल ईरान मजबूती से खड़ा है – शहादत की राह पर चलते हुए। 

Sajjadali Nayani ✍ 
Friday World March-3-2026