चंडीगढ़/लुधियाना, 18 अप्रैल 2026— पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और केंद्र की भाजपा सरकार के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार सुबह पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के आवास और संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “भाजपा द्वारा ED, CBI और इनकम टैक्स की कार्रवाई से साफ पता चलता है कि उनकी 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। हमें डराना-धमकाना भाजपा की एक कायराना हरकत है।”
ईडी की टीम ने सुबह करीब 7 बजे लुधियाना के गुरदेव नगर स्थित मंत्री संजीव अरोड़ा के आवास पर छापा मारा। छापेमारी उनके बेटे काव्या अरोड़ा, पत्नी संध्या अरोड़ा और उनके रियल एस्टेट कारोबार Hampton Sky Realty Ltd (पूर्व में Ritesh Properties) से जुड़े ठिकानों पर भी हुई। कुल 13 जगहों — लुधियाना, जालंधर, गुरुग्राम और चंडीगढ़ — पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। मंत्री इस समय विदेश (नीदरलैंड्स) दौरे पर हैं।
क्या है मामला?
ईडी की यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के उल्लंघन से जुड़ी है। जांच में अरोड़ा और उनके सहयोगियों पर विदेश से फंड्स के राउंड-ट्रिपिंग, इनसाइडर ट्रेडिंग और औद्योगिक भूमि के कथित दुरुपयोग के आरोप शामिल हैं। इससे पहले अक्टूबर 2024 में भी अरोड़ा के 17 ठिकानों पर ED ने छापा मारा था। इस बार की रेड में उनके रियल एस्टेट कारोबार और कुछ बिजनेस पार्टनर्स (हेमंत सूद और चंद्रशेखर अग्रवाल) के ठिकानों को भी शामिल किया गया।
मंत्री संजीव अरोड़ा ने X (पूर्व ट्विटर) पर पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “गुड मॉर्निंग! मेरे परिसर पर ED की कार्रवाई हुई है। एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में मैं एजेंसियों के साथ पूरी तरह सहयोग करूंगा और मुझे पूरा विश्वास है कि सत्य की जीत होगी।”
भगवंत मान का तीखा हमला
चंडीगढ़ में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा:
- “लोकतंत्र की हत्या हो रही है। गैर-भाजपा सरकारों, खासकर AAP सरकारों को निशाना बनाया जा रहा है।”
- “कुछ दिन पहले AAP के राज्यसभा सांसद और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक **अशोक कुमार मित्तल** के ठिकानों पर ED ने छापा मारा। अब संजीव अरोड़ा पर कार्रवाई। अरोड़ा ने लुधियाना वेस्ट उपचुनाव में भाजपा को हराया था, इसलिए अचानक वे ‘दागी’ हो गए।”
- “भाजपा 2027 के चुनाव की तैयारी कर रही है। उन्हें 117 उम्मीदवार भी नहीं मिल रहे, इसलिए ED-CBI का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने की कोशिश कर रही है।”
- “यह लोकतंत्र नहीं, तानाशाही है। वे ED, CBI या इनकम टैक्स भेजकर हमें धमकाएं, लेकिन हम उस मिट्टी के नहीं हैं जो डर जाए।”
मान ने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी चुनाव से पहले डीजीपी समेत कई अधिकारियों को बदला गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की “धमकी की राजनीति” पूरे देश में चल रही है।
राजनीतिक संदर्भ
संजीव अरोड़ा पंजाब सरकार में बिजली, स्थानीय निकाय और उद्योग जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभालते हैं। वे लुधियाना वेस्ट से AAP विधायक हैं और पंजाब की राजनीति में काफी प्रभावशाली माने जाते हैं। उनकी रियल एस्टेट कंपनी औद्योगिक प्लॉट आवंटन से जुड़े विवादों में पहले भी चर्चा में रही है।
यह रेड AAP के दो बड़े नेताओं पर लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले अशोक मित्तल पर ED की छापेमारी हुई थी। AAP का आरोप है कि केंद्र सरकार राजनीतिक प्रतिशोध ले रही है क्योंकि पंजाब में AAP सरकार मजबूती से काम कर रही है और भाजपा यहां अपनी पैठ नहीं बना पा रही।
भाजपा का पक्ष
भाजपा ने अभी तक औपचारिक रूप से इस रेड पर प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि ED स्वतंत्र एजेंसी है और वह कानून के अनुसार कार्रवाई कर रही है। भाजपा ने पहले भी आरोप लगाया है कि AAP शासन में पंजाब में भ्रष्टाचार बढ़ा है और केंद्रीय एजेंसियां उसी की जांच कर रही हैं।
विशेषज्ञों की राय
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों की यह सक्रियता राजनीतिक माहौल को गर्म कर रही है। पंजाब में AAP की सरकार के खिलाफ विपक्ष (कांग्रेस और भाजपा) पहले से ही भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहा है। वहीं AAP इसे “राजनीतिक प्रतिशोध” बता रही है।
यह घटना दिल्ली, पंजाब और अन्य गैर-भाजपा शासित राज्यों में ED-CBI की कार्रवाइयों की श्रृंखला का हिस्सा लग रही है। विपक्षी दलों का एक सुर है कि केंद्र इन एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।
आगे क्या?
ईडी की रेड अभी जारी है और कई घंटे से चल रही है। एजेंसी दस्तावेज, कंप्यूटर और अन्य सबूत जुटा रही है। संजीव अरोड़ा ने सहयोग का भरोसा जताया है, लेकिन AAP ने साफ कहा है कि वह किसी भी दबाव में नहीं आएगी।
भगवंत मान का यह बयान पंजाब की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। अगर रेड से कुछ ठोस सबूत मिलते हैं तो AAP के लिए मुश्किल हो सकती है, लेकिन फिलहाल पार्टी इसे “चुनावी हथियार” बता रही है।
पंजाब की जनता अब देख रही है कि 2027 के चुनाव से पहले यह “ED vs AAP” की जंग किस दिशा में जाती है। क्या केंद्र की एजेंसियां और कार्रवाई करेंगी या AAP मजबूती से मुकाबला करेगी? समय ही बताएगा।
Sajjadali Nayani ✍
Friday World-April 18,2026